3 Feb 2022 Current Affairs, 3rd February 2022 Current Affairs, Current Affairs 3rd February 2022, 4th February 2022 Current Affairs, economic survey 2022, Current Affairs 4th February 2022, Beijing Winter Olympic 2022

यह 3rd & 4th February 2022 का करेंट अफेयर्स है, जो आपके कांपटीटिव एग्‍जाम्‍स में मदद करेगा। इसका PDF Download Link इस पेज के लास्‍ट में मौजूद है। Current Affairs PDF आप इस पेज के आखिरी हिस्‍से से Free में डाउनलोड करें।

1. भारत ने ‘बीजिंग विंटर ओलंपिक’ के डिप्लोमैटिक बहिष्‍कार का ऐलान चीन के किस कदम के बाद किया?

a. अरुणाचल में घुसपैठ
b. पैंगोंग त्‍से लेक में ब्रिज निर्माण
c. यूक्रेन सीमा पर रूसी सैनिक का जमावड़ा
d. गलवान घटना के चीनी सैनिक को मशाल देना

Answer: d. गलवान घटना के चीनी सैनिक को मशाल देना

– Beijing Winter Olympics बीजिंग विंटर ओलंपिक्‍स Date: 4 – 22 फरवरी 2022.
– भारत ने डिप्लोमैटिक बहिष्‍कार का ऐलान विंटर ओलंपिक के उद्घाटन के एक दिन पहले तीन फरवरी 2022 को लिया।
– वजह है गलवान घाटी में शामिल सैनिक को ओलंपिक की मशालवाहक (टॉर्च्बेररर) बनाकर राजनीति करना।
– वह उन 1200 मशालवाहकों में से एक है, जिसे चीन में ओलंपिक टॉर्च लेकर दौड़ने का मौका दिया गया।

कैसा होगा राजनयिक बहिष्‍कार (diplomatic boycott)
– पहले की तरह ही भारत के खिलाड़ी बीजिंग विंटर ओलंपिक्‍स में हिस्‍सा लेंगे।
– लेकिन डिप्लोमैटिक तौर पर कोई कोई भारतीय इसमें हिस्‍सा नहीं लेगा।
– दरअसल, प्रत्येक ओलंपिक के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों (high-level delegations) को भेजना भारत और अन्‍य देशों के बीच लंबे समय से एक परंपरा रही है।
– ऐसे में कोई भी डिप्लोमैटिक डेलीगेशन खासतौर पर बीजिंग विटर ओलंपिक्‍स के लिए अमेरिका से चीन में नहीं आएगा।
– इसी तरह का डिप्लोमैटिक बहिष्‍कार अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, लातविया, लिथुआनिया, डेनमार्क, नीदरलैंड, स्वीडन और चेक गणराज्य सहित कई देशों ने राजनयिक बहिष्कार किया हुआ है। हालांकि उनकी वजह चीन के “शिनजियांग में मानवाधिकारों के हनन और अत्याचार” है।

क्‍या हुआ था गलवान घाटी में
– दरअसल, 15/16 जून 2020 की रात को लद्दाख के गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच संघर्ष हुआ था।
– उस दौरान भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों के अवैध कब्‍जे का विरोध किया था और हालात हिंसक हो गए थे।
– इस दौरान कर्नल संतोष बाबू सहित 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।
– चीन के 40 से ज्‍यादा सैनिकों के मारे जाने की खबर थी। लेकिन उसने यह संख्‍या कम बताई।

अब चीन ने क्‍या किया और भारत का विरोध
– चीन ने इसी घटना में शामिल पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (PLA) के रेजिमेंट कमांडर क्यूई फाबाओ को बीजिंग विंटर ओलंपिक से दो दिन पहले (फरवरी 2022 में) मशालवाहक बना दिया।
– भारतीय विदेश मत्रालय ने इसे अफसोसजनक (regrettable) बताते हुए उद्घाटन समारोह से ठीक पहले खेलों के राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की।
– विदेश मंत्रालय ने कहा – चीनी पक्ष ने ओलंपिक जैसे आयोजन का राजनीतिकरण के लिए गलवान घटना में शामिल सैनिक का इस्‍तेमाल किया है।
– विदेश मंत्रालय की घोषणा के बाद, प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने कहा कि दूरदर्शन बेजिंग शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह का प्रसारण नहीं करेगा।

चीन में भारतीय राजनयिक
– भारतीय प्रभारी डी अफेयर्स एक्विनो विमल अभी बीजिंग में सबसे वरिष्ठ राजनयिक हैं। अगले राजदूत, प्रदीप रावत को अभी इस पद पर आना बाकी है। इससे पहले विक्रम मिश्री चीन में भारतीय राजदूत थे।

भारत ने अरुणाचल के युवक का भी मुद्दा उठाया
– भारत ने चीनी पक्ष के सामने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के द्वारा एक युवा को हिरासत में लेने का भी मामला उठाया।
– उसे कई दिनों के बाद चीनी सेना ने भारत को सौंपा था।
– उसके पिता ओपंग टैरोन ने कहा था, “मेरे बेटे को कई बार लात मारी गई थी। चीनी सैनिक । उन्होंने उसे दो बार बिजली का झटका भी दिया।”

—————–
2. भारतीय सेना के नए उप प्रमुख कौन हैं?

a. लेफ्टिनेंट जनरल सीपी मोहंती
b. लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता
c. लेफ्टिनेंट जनरल पीके सहगल
d. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे

Answer: d. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे

– उन्‍होंने एक फरवरी 2022 को इस पद को ज्‍वाइन किया। इससे पहले वह सेना के पूर्वी कमान के कमांडर थे।
– उन्‍होंने लेफ्टिनेंट जनरल मोहंती की जगह ली, जो 31 जनवरी को रिटायर हो गए।
– लेफ्टिनेंट जनरल पांडे अब सेना में थलसेना प्रमुख, जनरल एम एम नरवणे के बाद सबसे सीनियर अधिकारी हो गए हैं। जनरल नरवणे इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं।

– इसके साथ ही तीन बड़े सैन्य अफसरों के रिटायरमेंट से थलसेना में बड़ा फेरबदल हुआ है।
– अब सेना के पूर्वी कमान के कमांडर की जगह लेफ्टिनेंट जनरल आर पी कलीता ने ली है।
– लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को उत्तरी कमान का कमांडर बनाया गया है।

—————–
3. चुनावी शुभंकर “शेरा” का अनावरण किस राज्‍य में मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया?

a. उत्‍तर प्रदेश
b. पंजाब
c. बिहार
d. मध्‍य प्रदेश

Answer: b. पंजाब

– पंजाब में 20 फरवरी 2022 को विधानसभा चुनाव है।
– इसके चलते मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस करुणा राजू ने 30 जनवरी को चुनावी शुभंकर “शेरा” का अनावरण आनलाइन किया।
– उन्‍होंने बताया कि पारंपरिक पंजाबी पोशाक में शेर ‘शेरा’ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।

—————–

4. मशहूर एक्‍टर रमेश देव का निधन 2 फरवरी 2022 को हो गया, उन्‍होंने अभिनय की शुरुआत किस भाषा की फिल्‍मों से की थी?

a. बांग्‍ला
b. कन्‍नड़
c. भोजपुरी
d. मराठी

Answer: d. मराठी

– हार्ट अटैक की वजह से रमेश देव का निधन 93 वर्ष की उम्र में हुआ।
– उन्‍होंने फेमस मूवी ‘आनंद’ में डॉक्‍टर की भूमिका निभाई थी। इस फिल्‍म में मुख्‍य भूमिका में राजेश खन्‍ना और अमिताभ बच्‍चन थे।
– बतौर एक्टर फिल्म इंडस्ट्री में जब रमेश देव ने कदम रखा था तो इन्होंने मराठी ही फिल्म में काम किया था, जिसका नाम ‘पातलाची पोर’ था।
– रमेश देव की पहली हिन्‍दी फिल्म राजश्री प्रॉडक्शन्स की ‘आरती’ थी।
– रमेश देव ने 285 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया था।
– इसके अलावा उन्होंने 190 से अधिक मराठी फिल्मों में काम किया।
– उन्‍होंने 2013 में लांच हुई फिल्‍म जॉली LLB में भी काम किया था।
– उनकी पत्नी सीमा देवी एक्ट्रेस रही हैं। उन्होंने उनके साथ कई फिल्मों में काम किया है।
– उनके बेटे अजिंक्य देव और अभिनय देव भी बॉलीवुड से जुड़े हैं और जाने माने अभिनेता और फ़िल्म निर्देशक हैं।

——————-
5. काबुल में ब्‍लास्‍ट कर US कमांडो को मारने वाला आतंकी दिल्‍ली में सुसाइड मिशन पर कब आया था, जिसका खुलासा अब हुआ है?

a. वर्ष 2015
b. वर्ष 2017
c. वर्ष 2019
d. वर्ष 2021

Answer: b. वर्ष 2017

– इस आतंकी की पहचान अब्दुर रहमान अल-लोगारी (25) के रूप में हुई है।
– वर्ष 2017 में वह दिल्‍ली में सुसाइड बॉम्‍बिंग करता, उसके एक सप्‍ताह पहले ही भारतीय खूफिया एजेंसी ने उसे पकड़ लिया था।
– बाद में उसे अमेरिकी खूफिया एजेंसी CIA को सौंप दिया गया था।

क्‍या है मामला
– दरअसल, अगस्‍त 2021 में इस्‍लामिक स्‍टेट खुरासान के सुसाइड बॉम्‍बर ने अफगानिस्‍तान के काबुल एयरपोर्ट पर धमाका किया।
– इसमें लगभग 200 लोग मारे गए।
– मरने वालों में अमेरिकी सेना के 13 मरीन भी शामिल थे।
– इस घटना से अमेरिका इतना घबरा गया कि, तय वक्‍त से एक दिन पहले ही 30 अगस्‍त 2021 को उसकी सेना ने अफगानिस्‍तान को छोड़ दिया।
– उस वक्‍त तालिबान, अफगानिस्‍तान पर कब्‍जा कर रहा था।
– अब 2022 में इस्‍लामिक स्‍टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP) के मैगजीन (पत्रिका) ने चौंकाने वाला दावा किया है।
– इसके अनुसार सुसाइड बॉम्‍बर (आत्मघाती हमलावर) को 2017 में भारतीय खूफिया एजेंसी ‘रॉ’ ने पकड़कर अमेरिकी खूफिया एजेंसी ‘CIA’ को सौंपा था।
– उस वक्‍त वह दिल्‍ली में सुसाइड बॉम्बिंग करने आया था। CIA को इसकी भनक लग गई थी और उसने रॉ को जानकारी दी। तब वह पकड़ा गया था। सीआईए उसे लेकर अफगानिस्‍तान चला गया।
– उसे अब्दुर रहमान अल-लोगारी (25) के नाम से आइडेंटिफाई किया गया है।
– इसके बारे में द हिन्‍दू ने विस्‍तार से न्‍यूज प्रकाशित किया है।

– न्‍यूजपेपर ‘द हिन्‍दू’ ने अपने न्‍यूज में लिखा है कि वह इंडिपेंडेंटली वेरिफाई करता है कि अब्दुर रहमान अल-लोगारी को भारतीय एजेंसी ने अफगानिस्‍तान भेज दिया था।
– लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या सुरक्षा एजेंसियों को तब इस बात की भनक थी कि आईएसकेपी अब क्या दावा कर रहा है।
– सीनियर ऑफिसर ने भी इस मामले में कोई जानकारी द हिन्‍दू को साझा करने से इनकार कर दिया है।

सुसाइड बॉम्‍बर ने दिल्‍ली के यूनिवर्सिटी में एडमिशन ली थी.
– जनवरी 2022 में द न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने रिपोर्ट दी थी कि ‘अब्दुर रहमान अल-लोगारी’ अक्सर बिजनेस के सिलसिले में भारत और पाकिस्तान जाता था।
– वह वर्ष 2017 में दिल्ली के पास स्थित ‘मानव रचना यूनिवर्सिटी’ में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए भारत आया था।
– उसे दिल्‍ली में बम विस्‍फोट करने की जिम्‍मेदारी ISKP ने दी थी।
– बम विस्‍फोट से एक सप्‍ताह पहले “सीआईए ने भारतीय खुफिया एजेंटों को सूचना दी थी कि वह नई दिल्ली में एक आत्मघाती बम विस्फोट की साजिश रच रहा था।”
– इंडियन स्‍पाई एजेंसी ‘रॉ’ ने उसे पकड़कर हमले को नाकाम कर दिया।
– पकड़े जाने के बाद पूछताछ करके रॉ ने उसे सीआईए के हवाले कर दिया।
– अफगानिस्‍तान में अदालत ने पांच साल जेल की सजा सुनाई।
– इसके बाद CIA ने इस सुसाइड बॉम्‍बर को बगराम एयर बेस पर परवान जेल में समय बिताने के लिए अफगानिस्तान भेज दिया।
(बगराम एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना का अफगानिस्‍तान में सबसे बड़ा एयरबेस था)
– वह तब तक वहीं रहा जब तक कि काबुल पर तालिबान का कब्‍जा हो गया।
– इस दौरान बगराम एयरपोर्ट से अमेरिकी सेना चली गई और जेल के 2000 कैदी आजाद हो गए।
– इनमें कई ISKP के सदस्‍य भी थे।
– लोगारी ने काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती मिशन को अंजाम देने की पेशकश की।

क्या है IS-KP?
– यह नाम उत्तरपूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में आने वाले इलाकों के नाम पर रखा गया है।
– यह संगठन सबसे पहले 2014 में पूर्वी अफगानिस्तान में सक्रिय हुआ था।
– इसने पिछले कुछ सालों में पूर्वी अफगानिस्तान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
– खासतौर से अफगानिस्तान के नंगरहार और कुनार प्रांतों में इसकी अच्छी पहुंच है।
– इस संगठन ने काबुल में स्लीपर सेल तैनात किए हैं, जिन्होंने 2016 से बड़ी संख्या में काबुल और उसके बाहर आत्मघाती हमले किए हैं।
– न्‍यूजपेपर द हिन्‍दू ने अपने न्‍यूज में लिखा है कि ‘वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का कहना है कि आईएसकेपी पाकिस्तान की इंटर स्टेट इंटेलिजेंस (आईएसआई) द्वारा चलाया जाता है।’

तालिबान का विरोधी है ISIS का खुरासान ग्रुप
– IS और तालिबान दोनों ही कट्‌टर सुन्नी इस्लामिक आतंकी हैं, फिर भी दोनों एक दूसरे के विरोधी हैं।
– IS-K और तालिबान के बीच कई मुद्दों पर असहमति है।
– IS ने तालिबान पर आरोप लगाया है कि उसने जिहाद और युद्ध का मैदान छोड़कर दोहा और कतर के बड़े होटलों में बैठकर शांति के समझौते किए हैं।

रॉ : Research and Analysis Wing
चीफ – सामंत गोयल
हेडक्‍वार्टर – दिल्‍ली
स्‍थापना – 21 सितंबर 1968
Minister responsible – Prime Minister of India

—————–
6. बजट 2022-23 के अनुसार एअर इंडिया को बेचने के लिए सरकार ने इसका कर्ज चुकाने को वित्‍त वर्ष 2021-22 में कितनी रकम खर्च की?

a. 31,971 crore
b. 41,971 crore
c. 51,971 crore
d. 61,971 crore

Answer: c. 51,971 crore

– केंद्र सरकार ने टाटा ग्रुप की कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को एअर इंडिया बेचा है।
– एअर इंडिया को बेचने के लिए सरकार को अपनी जेब से पैसा देना पड़ा।
– जिसे भारत के विनिवेश की सफलता बताया गया, वो महाराजा कितना पैसा खर्च करके बिका, इसके बारे में सरकार के बजट के भीतर ‘बजट एट ए ग्‍लांस’ में नीचे पतली सी लाइन लिखी है।
– इसी लाइन में छिपा है एअर इंडिया की बिक्री पर खर्च किया गया पैसा – RE 2021-22 for Capital Expenditure includes capital infusion/loans to AIAHL/AI for settlement of past guaranteed and sundry liabilities, not
backed by assets amounting to `51971 crore.
– दरअसल, इस फाइनेंशियल ईयर (2021-22) का सरकार का पूंजीगत खर्च यानी कैपिटल एक्‍सपेंडिचर बढ़ गया। यह पिछले बजट अनुमान से ज्‍यादा है।
– वो करीब 34.83 लाख करोड़ से बढ़कर 37.7 लाख करोड़ बढ़ गया।
– बहुत सारे लोगों को ये महसूस हुआ होगा कि सरकार ने निवेश किया होगा या ज्‍यादा परियोजनाएं लगाई होंगी।
– लेकिन इसका एक बड़ा हिस्‍सा (51 हजार 971 करोड़ रुपए) एयर इंडिया के बकायदारी को चुकाने में खर्च किया गया।
– इसके कारण सरकार का खर्च बढ़ गया।

– दरअसल, एयर इंडिया, AIAHL का पार्ट था, जिसे टाटा को बेचा गया है।
– एयर इंडिया का कुल कर्ज 31 अगस्‍त 2021 तक 61,562 करोड़ रुपए था। इसके बाद भी कर्ज बढ़ता गया।
– एयर इंडिया को टाटा ग्रुप ने 18 हजार करोड़ में खरीदा। टाटा संस ने एयर इंडिया के 15,300 करोड़ रूपये के कर्ज को चुकाया है और 2700 करोड़ रूपये का नगद भुगतान किया है।
– टाटा से मिली रकम को जोड़कर सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट से एयर इंडिया के कर्ज को खत्‍म करने के लिए 51 हजार 971 करोड़ रुपए की भरपाई की।
– इससे बड़ा हिस्‍सा AIAHL में सरकार ने इक्‍विटी के तौर पर डाला। ताकि AIAHL इस रकम को बैंकों को कर्ज चुकाने में किया।
– इसके बाद लीज पर लिए गए जहाजों की रेंट और तेल कंपनियों के बकाए को चुकाने में खर्च हुआ।

– इस तरह से देश की शानदार एयरलाइंस, जिसका विनिवेश बड़ी सफलता बताया गया, वह दरअसल, बजट पर 51 हजार 971 करोड़ रुपए का बोझ छोड़ गया।

– अभी बात यहां खत्‍म नहीं होती है।
– अगले साल के लिए सरकार ने 9 हजार 200 करोड़ रुपए का और भी कर्ज एलोकेट किया है, जो एयर इंडिया होल्डिंग कंपनी को सेटपल करना है।

विनिवेश का नया नजरिया
– यह विनिवेश का एक नया नजरिया है, जिसमें सरकार खुद खर्च कर रही है।
– अभी तक विनिवेश के कई रास्‍ते देखते थे, जैसे शेयर मार्केट में लिस्‍ट कराया जाना।
– बड़ी कंपनी को छोटी कंपनी की हिस्‍सेदारी देना।
– कई बार सरकारी कंपनी से सरकारी कंपनी को खरीदवा देना।
– सरकारी कंपनी से सरकारी कंपनी में निवेश करना।

– और ऐसा पहली बार हुआ है कि जब बजट से 51 हजार करोड़ रुपए खर्च करके एक कंपनी से छुटकारा पाया गया।
– समझ सकते हैं कि एयर इंडिया कितनी भारी थी, सरकार के पीठ पर।

टाटा ग्रुप ने कितनी रकम सरकार को दिए
– यह डीट 18 हजार करोड़ रुपए में हुई है।
– टाटा संस ने एयर इंडिया के 15,300 करोड़ रूपये के कर्ज को चुकाया है और 2700 करोड़ रूपये का नगद भुगतान किया है।

——————–
7. विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day 2022) कब मनाया जाता है?

a. 4 फरवरी
b. 3 फरवरी
c. 2 फरवरी
d. 1 फरवरी

Answer: c. 2 फरवरी

– इसी दिन 2 फरवरी 1971 को ईरान के शहर रामसर में वेटलैंड्स के संरक्षण के लिए रामसर वेटलैंड्स कन्वेंशन एक अंतर-सरकारी संधि हुई थी।
– इसीलिये इस दिन विश्व वेटलैंड्स दिवस का आयोजन किया जाता है।

वर्ष 2022 की थीम- लोगों और प्रकृति के लिए आर्द्रभूमि कार्रवाई (Wetlands Action for People and Nature)’

क्या हैं वेटलैंड्स?
– वेटलैंड्स नमी या दलदल वाली जगह को कहते हैं, एक ऐसा स्थान है जहां पौधे और पशु प्रजातियों की विविधता होती है।

—————–
8. स्पितुक गस्टर फेस्टिवल किस केंद्र शासित प्रदेश (UT) में मनाया जाता है?

a. जम्‍मू कश्‍मीर
b. चंडीगढ़
c. पुदुचेरी
d. लद्दाख

Answer: d. लद्दाख

– स्पितुक गस्टर फेस्टिवल, लद्दाख की संस्कृति और पारंपरिक विरासत का त्‍योहार होता है।
– ये दो दिवसीय वार्षिक उत्सव 30 और 31 जनवरी 2022 को लेह और लद्दाख में मनाया गया।
– लोग हर साल स्पितुक मठ में आते हैं और रंगीन मुखौटा नृत्य में भाग लेते हैं जिसे “चम्स” (Chams) कहा जाता है।
– स्पितुक मठ लेह से 8 किमी दूर है।
– मुखौटा नृत्य में मठ के भिक्षु महाकाल (गोंबो), पलदान ल्हामो (श्रीदेवी), सफेद महाकाल, रक्षक देवता जैसे विभिन्न देवताओं को दर्शाते हुए उनके सर्वश्रेष्ठ वस्त्रों में प्रदर्शन करते हैं।

—————–
9. पुर्तगाल में फिर से प्रधानमंत्री कौन चुने गए, जिनका नाता भारत से रहा है?

a. एंटोनियो कोस्टा
b. मार्सेलो रेबेलो डी सोसा
c. मारियो गोल्‍फ
d. एंटोनियो कोस्‍टा

Answer: a. एंटोनियो कोस्टा

– एंटोनियो कोस्टा 26 नवंबर 2015 से पुर्तगाल के 119वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
– अब वह फिर से प्रधानमंत्री चुने गए हैं।
– एंटोनियो कोस्टा के पिताजी का जन्म मोजांबिक में हुआ था, वे गोवा से सम्बंधित थे। उनके दादा का जन्म पूर्व पुर्तगाली उपनिवेश गोवा में हुआ था, और उन्होंने अपना अधिकांश जीवन वहीं बिताया।

पुर्तगाल के राष्ट्रपति: मार्सेलो रेबेलो डी सोसा
पुर्तगाल राजधानी: लिस्बन
पुर्तगाल मुद्रा: यूरो

—————–
10. एडवोकेट रुपिंदर सिंह सूरी का निधन 31 जनवरी 2022 को हो गया, वह किस पद पर तैनात थे?

a. सॉलिसिटर जनरल
b. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल
c. अटॉर्नी जनरल
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: b. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल

– उन्हें केंद्र सरकार ने जून 2020 में ASG नियुक्त किया गया था।
– उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक पंजाब के लिए सुप्रीम कोर्ट में स्थायी वकील के रूप में कार्य किया।

क्‍या होता एडिशन सॉलिसिटर जनरल पद
– केंद्र सरकार के लॉ ऑफिसर में यह तीसरा रैंक होता है।
– इसमें सबसे ऊपर का स्‍थान अटॉर्नी जनरल का होता है। इस वक्‍त इस पद पर केके वेणुगोपाल हैं।
– दूसरा स्‍थान सॉलिसिटर जनरल पद का होता है। इस पद पर तुषार मेहता हैं।
– जबकि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तीसरी रैंक है। इसपर कई अधिवक्‍त नियुक्‍त होते हैं।


Free Download Notes PDF of Toady’s Current Affairs : – Click Here

 

Buy eBooks & PDF

About Us | Help Desk | Privacy Policy | Disclaimer | Terms and Conditions | Contact Us

©2022 Sarkari Job News powered by Alert Info Media Pvt Ltd.

Log in with your credentials

or    

Forgot your details?

Create Account