यह 13 से 16 जुलाई 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. 22वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप के शुभंकर क्या है?
What is the mascot of the 22nd Commonwealth Table Tennis Championships?
a. वटवृक्ष
b. मंजूषा
c. कमल
d. मयूर
Answer: d. मयूर
– दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 14 जुलाई 2026 को 22वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप के आधिकारिक शुभंकर ‘मयूर’ का अनावरण किया।
– इसका शुभंकर ‘मयूर’, भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है।
– यह ऊर्जा, उत्साह, आतिथ्य और सकारात्मकता का प्रतीक है।
– ‘मयूर’ के पंखों में इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी राष्ट्रमंडल देशों के राष्ट्रीय ध्वजों को दर्शाया गया है, जो वैश्विक एकता और खेल भावना का संदेश देता है।
– कब से कब तक आयोजन : 27 जुलाई से 2 अगस्त तक नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में

राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप
– कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप कॉमनवेल्थ देशों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता है।
– इसमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, सिंगापुर, स्कॉटलैंड, वेल्स, नाइजीरिया, केन्या जैसे 25 से अधिक राष्ट्रमंडल देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
– इसका आयोजन दिल्ली सरकार और भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के संयुक्त सहयोग से दिल्ली में किया जा रहा है।
————–
2. भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) रोडमैप 2030 के तहत दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार कितना करने का लक्ष्य रखा है?
What is the target set by both countries for bilateral trade under the India-New Zealand Strategic Partnership Roadmap 2030?
a. NZ$3.5 billion (₹17,500 crore)
b. NZ$7 billion (₹35,000 crore)
c. NZ$14 billion (₹70,000 crore)
d. NZ$10.5 billion (₹52,500 crore)
Answer: b. NZ$7 billion (₹35,000 crore)
– PM नरेंद्र मोदी की जुलाई 2026 में न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच के संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) में बदलने और ‘रोडमैप 2030’ की घोषणा हुई।
– प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ऑकलैंड हवाई अड्डे पर मौजूद थे।
– द्विपक्षीय व्यापार: वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को दोगुना कर NZ$ 7 बिलियन (₹35,000 करोड़) करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य।

भारत-न्यूजीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप 2030
– यह रोडमैप भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में उसकी रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करता है, जो दोनों देशों को साझा आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करता है।
– यह एक गैर-बाध्यकारी ढांचा है, जिसे 6 प्रमुख स्तंभों (Pillars) में विभाजित किया गया है:
1. राजनीतिक और राजनयिक जुड़ाव
2. रक्षा और सुरक्षा सहयोग
3. व्यापार और आर्थिक सहयोग
4. जन-दर-जन संपर्क, संस्कृति और खेल
5. शिक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन
6. क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग
न्यूजीलैंड के बारे में
– राजधानी : वेलिंगटन
– प्रधानमंत्री : क्रिस्टोफर लक्सन
– मुद्रा : न्यूजीलैंड डॉलर
– न्यूजीलैंड, दक्षिण-पश्चिमी (South-Western) प्रशांत महासागर में स्थित है
– यह एक द्वीपीय देश है।
– दो मुख्य भूभाग हैं : उत्तरी द्वीप (ते इका-ए-माउई) और दक्षिणी द्वीप ( ते वाइपौनामु ) और 700 से अधिक छोटे द्वीप हैं।
– माओरी, न्यूजीलैंड के मूल पोलिनेशियन निवासी हैं। वे करीब 13वीं शताब्दी में यहाँ आकर बसे थे और इनकी संस्कृति व भाषा (ते रेओ) देश की मुख्य पहचान है। माओरी अपने पारंपरिक स्वागत (पोविरी) और ‘हाका’ नामक ऊर्जावान युद्ध नृत्य के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।
————–
3. PM मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कितने समझौतों पर हस्ताक्षर हुए?
How many agreements were signed between the two countries during PM Modi’s visit to New Zealand?
a. 5
b. 7
c. 10
d. 15
Answer: c. 10
भारत-न्यूजीलैंड के बीच समझौते (MoU)
रक्षा और रणनीतिक सहयोग (Defense & Strategic Ties)
1) समुद्री सहयोग पर व्यवस्था : भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच। हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में डायलॉग, सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त गतिविधियों को बढ़ावा देना।
2) लॉजिस्टिक्स सपोर्ट समझौता : भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच। इसके तहत दोनों सेनाएं स्वीकृत अभियानों और अभ्यासों के दौरान एक-दूसरे के लॉजिस्टिक्स (जैसे ईंधन, राशन, मरम्मत सहायता) का उपयोग कर सकेंगी।
3) हाइड्रोग्राफी और नौवहन सहयोग (Hydrography & Nautical Cartography): नौवहन चार्ट (Navigational charts) के संयुक्त उत्पादन और हाइड्रोग्राफी डेटा साझा करने के लिए व्यावहारिक कार्यान्वयन व्यवस्था।

सुरक्षा और आपदा प्रबंधन (Security & Disaster Management)
4) काउंटर-टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप (JWG): आतंकवाद से निपटने, खुफिया इनपुट साझा करने और वैश्विक मंचों पर समन्वय के लिए एक समर्पित संयुक्त कार्य समूह की स्थापना।
5) आपदा जोखिम प्रबंधन (NDMA और NEMA के बीच): भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी के बीच समझौता। मुख्य फोकस: भूकंप रोधी क्षमता (Earthquake resilience), सुनामी की तैयारी और तटीय खतरों को कम करना।
आर्थिक और संसाधन सहयोग
6) पशुपालन और डेयरी (Animal Husbandry & Dairying): भारत के मत्स्य पालन, पशुपालन मंत्रालय और न्यूजीलैंड के प्राथमिक उद्योग मंत्रालय के बीच। न्यूजीलैंड की उन्नत डेयरी तकनीकों का लाभ भारत को मिलेगा।
7) पर्यटन में सहयोग : दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों और लोगों के बीच जुड़ाव (People-to-People ties) को मजबूत करने के लिए पर्यटन प्रवाह बढ़ाना।
संस्कृति, विरासत और खेल (Culture, Heritage & Sport)
8) लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC – नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स) विकास: गुजरात के लोथल में बन रहे NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजियम के बीच सहयोग।
9) खेलों पर संयुक्त कार्य योजना (Joint Action Plan on Sport): हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स, खेल विज्ञान (Sports Science), स्पोर्ट्स मेडिसिन और एथलीटों के विकास पर ध्यान।
10) सांस्कृतिक सहयोग व्यवस्था: कला, विरासत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के संस्कृति मंत्रालयों के बीच समझौता।
—————
4. PM मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान प्रमुख घोषणाएं और रणनीतिक निर्णय
Key announcements and strategic decisions during PM Modi’s visit to New Zealand
1) रणनीतिक साझेदारी और रोडमैप 2030
– संबधों का उन्नयन (Upgrade to Strategic Partnership): दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर पहुंचा दिया है।
– रोडमैप 2030: अगले चार वर्षों के लिए व्यापार, रक्षा, कृषि-तकनीक और बहुपक्षीय मुद्दों पर मंत्रालयों के बीच व्यवस्थित काम करने के लिए एक समयबद्ध रूपरेखा तैयार की गई है।
2) आर्थिक और व्यापारिक लक्ष्य (Economic Target)
– द्विपक्षीय व्यापार का दोगुना होना: दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर NZ$7 बिलियन (लगभग ₹35,000 करोड़) करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह मौजूदा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं को गति देगा।
3) हिंद-प्रशांत और वैश्विक मंच (Indo-Pacific & Global Alignments)
– मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग: समुद्री सुरक्षा पर नियमित और उच्च स्तरीय वार्ता तंत्र की शुरुआत।
– IPOI में न्यूजीलैंड की भागीदारी: भारत की पहल ‘इन्डो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ (IPOI) के सात स्तंभों में से न्यूजीलैंड ने ‘समुद्री सुरक्षा स्तंभ’ (Maritime Security Pillar) को चुना है। इसका मुख्य फोकस अवैध, असूचित और अनियंत्रित (IUU) मछली पकड़ने की गतिविधियों को रोकना है।
– ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (GBA): न्यूजीलैंड आधिकारिक तौर पर भारत के नेतृत्व वाले ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हो गया है, जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) के लिए महत्वपूर्ण है।
4) कृषि-तकनीक और शैक्षणिक घोषणाएं (Agri-tech & Academics)
– कीवी फ्रूट एक्शन प्लान (Kiwifruit Action Plan): इसके तहत नागालैंड और उत्तराखंड में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centres of Excellence) स्थापित किए जाएंगे ताकि भारत में कीवी उत्पादन और कृषि नवाचार को बढ़ाया जा सके।
– अंटार्कटिक अनुसंधान (Antarctic Research): भारत के राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR), गोवा और न्यूजीलैंड की कैंटरबरी यूनिवर्सिटी के बीच ध्रुवीय विज्ञान में संयुक्त अनुसंधान के लिए समझौता ज्ञापन (MoU)।
– खाद्य प्रौद्योगिकी सहयोग: भारत के NIFTEM (कुंडली) और न्यूजीलैंड की मैसी यूनिवर्सिटी के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग।
उपहारों का आदान-प्रदान: सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन
– प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के नेतृत्व को भारत की समृद्ध विरासत से जुड़े कुछ ऐतिहासिक और कलात्मक उपहार भेंट किए:
– बस्तर की ‘डोकरा कला’ (Dhokra Metal Craft):
– पारंपरिक पहाड़ी टोपी (उत्तराखंड)
– महिला हॉकी टीम द्वारा हस्ताक्षरित हॉकी स्टिक
—————
5. माओरी संस्कृति का एक पवित्र अनुष्ठान ‘पोहिरि’ किस देश में होता है, जो PM मोदी के लिए जुलाई 2026 में आयोजित किया गया?
In which country is ‘powhiri ‘—a sacred ritual of Maori culture—performed, which was organized for PM Modi in July 2026?
a. ऑस्ट्रेलिया
b. जापान
c. न्यूजीलैंड
d. लाओस
Answer: c. न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड में पारंपरिक स्वागत
– PM नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2026 में न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा की।
– प्रधानमंत्री मोदी के ऑकलैंड पहुंचने पर उन्हें गवर्नमेंट हाउस में न्यूजीलैंड का सबसे प्रतिष्ठित और पारंपरिक स्वदेशी स्वागत ‘पोहिरि’ के जरिए किया गया।
– पोहिरि, माओरी संस्कृति का एक अत्यंत पवित्र अनुष्ठान है जो केवल बेहद खास राजकीय मेहमानों के लिए आयोजित किया जाता है। यह शांति, सम्मान और दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक तालमेल को प्रदर्शित करता है।
————–
6. किस राज्य के उन्झा जीरा को GI टैग मिला?
Unjha Cumin from which state received the GI tag?
a. बिहार
b. गुजरात
c. उत्तर प्रदेश
d. राजस्थान
Answer: b. गुजरात
– गुजरात के मेहसाणा जिले के ऊंझा क्षेत्र में इस जीरे की खेती की जाती है।
– भारत में मसाला उद्योग में गुजरात सबसे आगे है।
– गुजरात भारत में जीरा का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।
————–
7. किस राज्य की उन्झा सौंफ को GI टैग मिला?
Unjha fennel from which state received the GI tag?
a. उत्तराखंड
b. बिहार
c. गुजरात
d. राजस्थान
Answer: c. गुजरात
– उंझा, गुजरात राज्य के महेसाणा ज़िले में स्थित एक नगर व नगरपालिका है।
– गुजरात भारत में सौंफ के शीर्ष उत्पादकों में से एक है।
– सौंफ का उत्पादन गुजरात के मेहसाणा, पाटन, बनासकांठा और गांधीनगर में होता है।
गुजरात के 6 GI उत्पाद
– गिर केसर आम
– भालिया गेहूं
– कच्ची खारेक
– अमलसादी चीकू
– उन्झा जीरा
– उन्झा सौंफ
————–
8. किस राज्य में पहली GI टैग गैलरी खुली?
In which state was the first GI Tag gallery opened?
a. उत्तराखंड
b. उत्तर प्रदेश
c. बिहार
d. हिमाचल प्रदेश
Answer: a. उत्तराखंड
– उत्तराखंड ने 13 जुलाई 2026 को हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड वन प्रशिक्षण अकादमी में अपनी पहली GI उत्पाद गैलरी का उद्घाटन किया।
– इस गैलरी में राज्य के 30 से अधिक GI टैग वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
– गैलरी में बेदू, रामनगर लीची, रामगढ़ आड़ू, तेजपत, मुनस्यारी सफेद राजमा, कुमाऊं च्युरा तेल और अल्मोड़ा लखोरी मिर्च जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
– इसमें ऐपन कला, चमोली लकड़ी के राममन मुखौटे और उत्तराखंड तामता तांबे के बर्तन भी प्रदर्शित हैं, जो राज्य की हस्तकला परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
– इस गैलरी का उद्देश्य आगंतुकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और प्रशिक्षुओं को GI टैग वाले उत्पादों से परिचित कराना है।
—————
9. केंद्र सरकार ने सेंट्रल विस्टा को नया नाम क्या दिया?
What new name did the Central Government give to the Central Vista?
a. ‘देश सेवा पथ’
b. ‘राजपथ’
c. ‘तीर्थ क्षेत्र’
d. ‘कर्तव्य भवन क्षेत्र’
Answer: d. ‘कर्तव्य भवन क्षेत्र’

– केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के स्थापना दिवस समारोह 12 जुलाई, 2026 को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पुनर्विकास स्थल, जिसे पहले सेंट्रल विस्टा कहा जाता था, अब कर्तव्य भवन क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा।
– उन्होंने कहा कि आधिकारिक दस्तावेज में “सेंट्रल विस्टा” शब्द का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए
– नया नाम “कर्तव्य” के विचार को व्यक्त करता है, यानी सार्वजनिक संस्थानों और नागरिक सेवाओं की नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी की अवधारणा के साथ कर्तव्य।
– इस क्षेत्र में नए सरकारी भवन, कर्तव्य मार्ग (पूर्व में राजपथ) और भविष्य में बनने वाली सभी संरचनाएं शामिल हैं।
पहले भी बदले गए नाम
– वर्ष 2022 में सरकार द्वारा राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया गया।
– नवनिर्मित सरकारी कार्यालय परिसर को कर्तव्य भवन नाम दिया गया है।
– इसके अलावा, प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय वाले नए परिसर का नाम सेवा तीर्थ रखा गया है।
————–
10. यूक्रेन समेत 10 यूरोपियन देशों ने मिसाइल रक्षा गठबंधन बनाया, यह फैसला किस देश में लिया गया?
Ten European countries, including Ukraine, formed a missile defense alliance; in which country was this decision taken?
a. फ्रांस
b. जर्मनी
c. इटली
d. स्पेन
Answer: a. फ्रांस

– फ्रांस की राजधानी पेरिस में 13 जुलाई 2026 को हुई बैठक में ये फैसला लिया गया।
– इस गठबंधन का मकसद पूरे यूरोप के लिए साझा बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार करना है।
– संयुक्त बयान में कहा गया कि रूस की बैलिस्टिक मिसाइलें यूरोप की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं।
– इसलिए पूरे यूरोप के लिए एक इंटीग्रेटेड मिसाइल डिफेंस सिस्टम विकसित किया जाएगा।
– इसमें रूस के खिलाफ चार साल से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के अनुभव का भी इस्तेमाल होगा।
– गठबंधन ने साफ किया कि भविष्य में दूसरे यूरोपीय देश भी इसमें शामिल हो सकेंगे।
ये हैं गठबंधन के देश
1. यूक्रेन
2. फ्रांस
3. जर्मनी
4. ब्रिटेन
5. इटली
6. नीदरलैंड
7. डेनमार्क
8. नॉर्वे
9. स्पेन
10. स्वीडन
————–
11. लद्दाख प्रशासन द्वारा किस अरब देश के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के कुछ महीनों बाद प्रीमियम खुबानी एक्सपोर्ट शुरू किया?
With which Arab country did the Ladakh administration sign a Memorandum of Understanding a few months before commencing the export of premium apricots?
a. कजाकिस्तान
b. कुवैत
c. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
d. सउदी अरब
Answer: c. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
– लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से ताज़ी खुबानी के 5 मीट्रिक टन के पहले बैच को हरी झंडी दिखाई।
– लंबे समय से लद्दाख की खुबानी देश के 60 प्रतिशत खुबानी उत्पादन में हिस्सेदारी रखती आ रही है, लेकिन अब इसे ग्लोबल पहचान मिल रही है।
– यह पहल लद्दाख को वैश्विक बागवानी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
– इस सीजन में लुलु रिटेल के माध्यम से 1,000 मीट्रिक टन से अधिक ताज़ी खुबानी के निर्यात का लक्ष्य है, जिसके लिए लद्दाख प्रशासन ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
– पहली बार किसानों को अपनी फसल के कटाई, छंटाई और पैकेजिंग की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी।
– 2021 में लद्दाख से खुबानी का पहला वाणिज्यिक शिपमेंट दुबई को निर्यात किया गया था, लेकिन इस बार का पैमाना कहीं बड़ा है।
लद्दाख की खुबानी
– इसे स्थानीय भाषा में ‘चुली’ कहा जाता है।
– ये अपनी मिठास, कम खट्टापन और औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। – इसमें ऑर्गेनिक होने के साथ-साथ विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं।
————–
12. किस पूर्वोत्तर राज्य में मधुमक्खी की दो नई एकाकी प्रजातियों, एलाफ्रोपोडा ट्रायंगुलाटा और हैब्रोपोडा आदि की खोज की गई?
In which North Eastern state two new isolated species of honey bee, Elaphropoda triangulata and Habropoda etc. were discovered?
a. सिक्किम
b. मेघालय
c. असम
d. अरुणाचल प्रदेश
Answer: d. अरुणाचल प्रदेश

– 11 जुलाई 2026 को मधुमक्खी की दो नई एकाकी (अकेली रहने वाली मधुमक्खियाँ / Solitary bees) प्रजातियों, एलाफ्रोपोडा ट्रायंगुलाटा और हैब्रोपोडा की पहचान की गई।
– यह खोज बेंगलुरु स्थित अशोका ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एंड द एनवायरनमेंट (ATREE) के रिसर्चर्स ने सियांग अभियान के दौरान की।
– रिसर्चर्स फेमी एझुथुपल्लिकल बेनी और प्रियदर्शनन धर्म राजन हैं।
– इसके निष्कर्ष यूरोपियन जर्नल ऑफ टैक्सोनॉमी में प्रकाशित हुए थे।
– ये प्रजातियाँ एलाफ्रोपोडा और हैब्रोपोडा वंश से संबंधित हैं।
– इनके पेट पर त्रिकोणीय निशान होने के कारण इनका नाम एलाफ्रोपोडा ट्रायंगुलाटा रखा गया है।
– और हैब्रोपोडा आदि का नाम अरुणाचल प्रदेश के आदि आदिवासी समुदाय के नाम पर रखा गया है, जो उस क्षेत्र में निवास करता है जहाँ से इन मधुमक्खियों को एकत्र किया गया था।
– एकल मधुमक्खियाँ वे मधुमक्खियाँ होती हैं जो रानी, श्रमिक और नर मधुमक्खियों के साथ बड़े छत्ते नहीं बनाती हैं।
– रिसर्चर्स के अनुसार, ये प्रजातियाँ मधुमक्खी उपपरिवार एंथोफोरिनाई से संबंधित हैं, जिसमें मुख्य रूप से जमीन पर घोंसला बनाने वाली एकाकी मधुमक्खियाँ शामिल हैं।
————–
13. लद्दाख प्रशासन ने दो जिलों से बढ़ाकर कुल कितने जिलों में उसकी अपनी स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (AHDC) स्थापित करने की घोषणा की?
The Ladakh administration announced the establishment of its own Autonomous Hill Development Council (AHDC) in a total of how many districts, up from the initial two?
a. 2
b. 4
c. 6
d. 7
Answer: d. 7
– लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने 13 जुलाई 2026 को इसकी जानकारी दी।
– केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सभी सात जिलों को लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद अधिनियम के लाभ मिलेंगे।
– पहले यह सुविधा सिर्फ दो जिलों कारगिल और लेह तक ही सीमित थीं।
– अब इसका दायरा बढ़ाकर सात जिलों के लिए कर दिया गया है।
– 2025 में लद्दाख में पांच और जिले बनाए गए थे।
इनमें शाम, नुब्रा, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल हैं।
– लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल एक्ट की धारा 3(1) में पहले से ही हर जिले में एक काउंसिल का प्रावधान है और कानून में सिर्फ मामूली बदलाव की जरूरत होगी।
LAHDC के अंतर्गत शक्तियां क्या हैं?
– लद्दाख के विकास के लिए लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद अधिनियम, 1995 बनाया गया था।
– इसके अंतर्गत अगस्त, 1995 में चुनाव हुए और 3 सितंबर, 1995 को लेह में इस काउंसिल की पहली बैठक हुई।
ये मिलेंगे लाभ
– स्थानीय लोगों को अपनी प्राथमिकताओं के मुताबिक, नीतियां बनाने, योजनाएं लागू करने और निर्णय लेने का अधिकार।
– दुर्गम रास्तों का विकास, पानी बिजली जैसी मूल सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना।
– स्थानीय लोगों को उनके अनुसार रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराना।
– पर्वतीय क्षेत्रों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना ताकि लोगों को कठिनाई से छुटकारा मिले।
– क्षेत्र के विकास के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी आवश्यक होगी।
अनुच्छेद 371
– भारतीय संविधान का एक विशेष प्रावधान है, जो देश के कुछ विशिष्ट राज्यों की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों की रक्षा के लिए उन्हें विशेष स्वायत्तता (Special Status) और प्रशासनिक सुरक्षा प्रदान करता है।
– इन प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य देश के पिछड़े इलाकों का विकास करना, जनजातीय आबादी की संस्कृति को बाहरी हस्तक्षेप से बचाना, और स्थानीय लोगों के लिए भूमि व रोजगार के अधिकारों को सुरक्षित रखना है।
—————
14. विश्व युवा कौशल दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Youth Skills Day celebrated?
a. 13 July
b. 14 July
c. 15 July
d. 16 July
Answer: c. 15 July
वर्ष 2026 की थीम
– साझा भविष्य के लिए कौशल
– Skills for a Shared Future
– यह संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित दिवस है।
– विश्व युवा कौशल दिवस पहली बार 15 जुलाई 2015 को विश्व स्तर पर मनाया गया था।
– वर्ष 2022 की थीम ‘भविष्य के लिए युवा कौशल में बदलाव’ है।
—————
15. विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Plastic Surgery Day celebrated?
a. 15 जुलाई
b. 16 जुलाई
c. 17 जुलाई
d. 18 जुलाई
Answer: a. 15 जुलाई
– एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन इन इंडिया (APSI) ने इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी।
– प्लास्टिक सर्जरी के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ये दिवस मनाया जाता है।
– 15 जुलाई 2021 में पहली बार इस दिवस को मनाया गया है।
—————
16. भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच 15 जुलाई 2026 को किस तरह का ट्रेड एग्रीमेंट लागू?
What kind of trade agreement between India and the United Kingdom is set to come into effect on July 15, 2026?
a. CETA
b. CECA
c. PTA
d. CEPA
Answer: a. CETA (कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट)

क्या होता है ट्रेड एग्रीमेंट
– यह ऐसा समझौता होता है जो दो या अधिक देशों के बीच होता है, ताकि वे आपस में सामान और सेवाओं का व्यापार आसानी से कर सकें और उस पर कम टैक्स (ड्यूटी) लगाएं या बिल्कुल टैक्स न लगाएं।
– इससे दोनों देशों की कंपनियों को फायदा होता है, क्योंकि उनका सामान सस्ता हो जाता है जिससे लोग ज्यादा खरीदारी करते हैं।
– व्यापार समझौतों को आमतौर पर FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) कह दिया जाता है। हालांकि FTA का मतलब पूरी तरह से टैरिफ (आयात शुल्क) पर छूट है। चूकि इसके लिए देशों की अपनी प्राथमिकता होती है, ऐसे में वे सीमित क्षेत्रों में टैरिफ कम करने का एग्रीमेंट करते हैं। इसलिए अलग-अलग नाम से एग्रीमेंट होते हैं। पूरी तरह से FTA एग्रीमेंट सिर्फ श्रीलंका के साथ हुआ था।
भारत – यूके ट्रेड एग्रीमेंट : CETA
– भारत और ब्रिटेन के बीच 24 जुलाई 2025 को CETA (कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) को हुआ था।
– केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार एवं वाणिज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने 24 जुलाई, 2025 को हस्ताक्षर किए थे।
– यह एग्रीमेंट PM मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में लंदन में हुआ था।
– एग्रीमेंट के एक वर्ष बाद 15 जुलाई 2026 को यह लागू हुआ।
ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन का यह सबसे बड़ा व्यापार समझौता
– यूरोपियन यूनियन से अलग होने (ब्रेक्जिट) के बाद ब्रिटेन का यह सबसे बड़ा व्यापार समझौता है।
– इस समझौते से दोनों देशों के बीच ट्रेड में 34 बिलियन डॉलर की वृद्धि होने का अनुमान है।
– भारत सरकार के अनुमानों के अनुसार 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 100 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।
यह समझौता दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?
– ब्रिटेन भारत का 16वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत ब्रिटेन का 11वाँ सबसे बड़ा साझेदार है।
– उनका द्विपक्षीय व्यापार लगभग 60 अरब डॉलर का है और भारत का व्यापार संतुलन सकारात्मक है।
– भारत सरकार के अनुमानों के अनुसार 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 100 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।
– ब्रिटिश सरकार के आकलन के अनुसार, इस नए व्यापार समझौते से द्विपक्षीय व्यापार में 34 अरब डॉलर की और वृद्धि होगी।
– यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ व्यवस्था के कारण वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता का माहौल है।
भारत और यूके के बीच द्विपक्षीय व्यापार
– भारत का UK को निर्यात : 2.75 लाख करोड़ रुपए
– UK का भारत को निर्यात : 1.85 लाख करोड़ रुपए
– UK का व्यापार घटा 90,700 करोड़ रुपए रहा।
– भारत के कुल व्यापार में UK की हिस्सेदारी 2% है।

भारत से निर्यात
– केमिकल्स
– रेडीमेड कपड़े
– ऑटो पार्ट्स
– खिलौने
– समुद्री उत्पाद
– रत्न आभूषण
यूके से निर्यात
– व्हिस्की
– जिन
– मेडिकल डिवाइजेस
– कॉस्मेटिक्स
– मटन
– सैल्मन
– बिस्किट
भारत को फायदा
– भारत से ब्रिटेन को होने वाले 99% निर्यात पर टैरिफ यानी आयात शुल्क में राहत मिलेगी।
– भारत ने कपड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण तथा समुद्री उत्पादों जैसे प्रमुख रोजगार सृजन क्षेत्रों के लिए बाजार पहुंच सुनिश्चित कर ली है। ब्रिटेन 20 प्रतिशत तक के शुल्क समाप्त करने वाला है।
– भारत के खाद्य क्षेत्र में लगभग 99.7% टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त हुआ। अधिकांश खाद्य पदार्थों पर, शुल्क 70 प्रतिशत तक था।
– समुद्री और पशु उत्पादों, जैसे समुद्री खाद्य, डेयरी और मांस उत्पादों, जैसे निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों में बाज़ार पहुँच बढ़ाने में सफलता प्राप्त की, जहाँ शुल्क 20 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया।
– इसका मतलब है कि भारत से जो सामान ब्रिटेन भेजा जाएगा, उस पर लगने वाला टैक्स या तो बहुत कम हो जाएगा या पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
– ऑटोमोबाइल निर्यात पर शुल्क भी 100% से घटाकर 10% कर दिया गया है।
– भारत ने दोहरे अंशदान समझौते के तहत ब्रिटेन में अस्थायी रूप से रह रहे भारतीय कामगारों और उनके नियोक्ताओं को तीन वर्षों तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान से छूट प्राप्त कर ली है।
– भारतीय उद्योग CETA से उत्साहित है और निर्यात में तेज़ी की उम्मीद कर रहा है। कपड़ा ब्रिटेन को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में से एक है।
– रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अनुमान लगाया कि इस क्षेत्र में अगले दो वर्षों में निर्यात में 2.5 बिलियन डॉलर की वृद्धि होगी, जिससे द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 7 बिलियन डॉलर हो जाएगा।
ब्रिटेन को फायदा?
– वहीं, ब्रिटेन की कंपनियों के लिए भी यह समझौता फायदेमंद होगा। अब उन्हें भारत में व्हिस्की, कार और दूसरे उत्पाद बेचने में पहले से ज्यादा आसानी होगी।
– भारत इन प्रोडक्ट्स पर टैरिफ को घटाकर 15% से 3% करेगा। समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार हर साल करीब 3 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ सकता है।
– पहली बार, भारत ने व्हिस्की, ब्रांडी, रम, वोदका, लिकर, मीड, साइडर और टकीला सहित ब्रिटेन में निर्मित अल्कोहल पर शुल्क में कटौती की अनुमति दी है। इन उत्पादों पर, जिन पर वर्तमान में 150 प्रतिशत का आधार सीमा शुल्क लगता है, भारी कटौती की जाएगी। शुल्क को वर्ष 1 में 110 प्रतिशत से धीरे-धीरे घटाकर वर्ष 10 तक 75 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
आर्थिक फायदा क्या होगा?
– इस डील से इंडियन एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलेगा और जॉब भी क्रिएट होंगे।
– वित्त वर्ष 24 में 12.9 बिलियन डॉलर यानी 1.12 लाख करोड़ रुपए की वैल्यू का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट भारत ने यूके को किया था।
– इस डील से भारत को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
– डेवलप्ड मार्केट तक पहुंच भी बढ़ेगी।
क्या कोई चिंताएं हैं?
– मुख्य रूप से दो क्षेत्रों, कृषि और एमएसएमई, में चिंताएं हैं।
– अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव विजू कृष्णन, श्रीलंका के साथ पिछले एफटीए की ओर इशारा करते हैं, जिससे भारतीय किसानों द्वारा उत्पादित समान उत्पादों जैसे मसाले और चाय आदि की कीमतों में भारी गिरावट आई है। वह रबर पर आसियान एफटीए के स्थायी प्रभाव का भी हवाला देते हैं, जो 2011 में ₹230/किग्रा था, जबकि 2025 में यह ₹170/किग्रा हो जाएगा।
– उनका मानना है कि एफटीए ने भारतीय किसानों और एमएसएमई के लिए “असमान” प्रतिमान तैयार किए हैं। उन्होंने कहा, “भारतीय किसानों के पास छोटी जमीनें हैं, जिनमें से काफी संख्या में पांच एकड़ से भी कम जमीन है। उन्नत देशों के साथ ऐसा नहीं है।”
—–
व्यापार समझौता कितने प्रकार होते हैं?
– FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) : सभी तरह के सामानों व सेवाओं पर सीमा शुल्क नहीं लगाया जाता है। जैसे – श्रीलंका
– CETA (कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) : नई पीढ़ी का व्यापक व्यापार समझौता, जैसे UK के साथ। इसमें वस्तु + सेवा + निवेश सहयोग का एग्रीमेंट होता है।
– CECA (कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट): इसमें इकोनॉमिक और इन्वेस्टमेंट कोऑपरेशन भी होता है। जैसे – ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के साथ अलग-अलग।
– CECPA (कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड पार्टनरशिप एग्रीमेंट) : “पार्टनरशिप” शब्द द्विपक्षीय सहयोग की गहराई दिखाता है। जैसे भारत – मॉरीशस के बीच
– CEPA (कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट : जैसे भारत, कोरिया और जापान के बीच।
– PTA (प्रेफेरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट): कुछ खास वस्तुओं पर शुल्क हटा दिया जाता है (जैसे भारत-थाईलैंड समझौता)
– RTA (रीजनल ट्रेड एग्रीमेंट): यह एक क्षेत्र के कई देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट होता है।
– TEPA (ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट) : वस्तु, सेवा, निवेश का विस्तारित संस्करण
UK
– राजधानी: लंदन
– मुद्रा: पाउंड
– सम्राट: राजा चार्ल्स तृतीय
– पड़ोसी देश: आयरलैंड



