17 – 18 मई 2026 करेंट अफेयर्स

यह 17 – 18 मई 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।

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1. भारत और यूएई के बीच ‘रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व’ समझौते के तहत 30 मिलियन बैरल तेल कहां स्‍टोर होगा?
Where will 30 million barrels of oil be stored under the ‘Strategic Petroleum Reserve’ agreement between India and the UAE?

a. फुजैरा, यूएई
b. मंगलुरु (कर्नाटक), विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश)
c. चंडीखोल, ओडिशा
d. उपरोक्‍त सभी

Answer: d. उपरोक्‍त सभी (फुजैरा {यूएई}, मंगलुरु {कर्नाटक}, विशाखापट्टनम {आंध्र प्रदेश}, चंडीखोल {ओडिशा})

– मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई (UAE) यात्रा के दौरान ‘रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (Strategic Petroleum Reserve – SPR) को लेकर हुआ एग्रीमेंट हुआ।
– यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है।

एग्रीमेंट क्या है?
– यह समझौता भारत की ISPRL (इंडियन स्‍ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व) और यूएई की राष्ट्रीय तेल कंपनी ADNOC (आबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी) के बीच हुआ है।
– इसके तहत यूएई, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों में 30 मिलियन बैरल (लगभग 3 करोड़ बैरल या 4 मिलियन टन) कच्चा तेल (Crude Oil) स्टोर करेगा।
– इस एग्रीमेंट की सबसे खास बात यही है कि यह तेल दोनों जगहों पर (भारत और यूएई दोनों में) रहेगा, जो भारत को एक डबल सुरक्षा कवच (Double Security) देता है।

क्षमता में भारी बढ़ोतरी
– वर्तमान में भारत के पास केवल 5.33 मिलियन टन (लगभग 38 मिलियन बैरल) की ही आपातकालीन भंडारण क्षमता है।
– यूएई के इस नए समझौते से भारत के तेल भंडार में लगभग 70% की बड़ी वृद्धि होगी।

कहां पर होगा भंडारण?
– यूएई, भारत के मेंगलुरु, कर्नाटक (जहां वह पहले से थोड़ा तेल रखता है) और विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश के मौजूदा भंडारों के अलावा, ओडिशा के चंडीखोल (Chandikhol) में बनने वाले नए रिजर्व प्रोजेक्ट में भी हिस्सेदारी करेगा।
– इस साझेदारी का एक रणनीतिक पहलू यह भी है कि इसका कुछ हिस्सा यूएई के फुजैरा कमर्शियल स्टोरेज में भी रखा जा सकता है या उससे लिंक रहेगा।

इस एग्रीमेंट से भारत को क्या रणनीतिक फायदे होंगे?
– बिना पैसे खर्च किए रिजर्व का भरना (Cost-Effective Security)
– इतनी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर रिजर्व में रखने में भारत सरकार के अरबों रुपये खर्च होते।
– इस एग्रीमेंट के तहत तेल यूएई का होगा और रखने का खर्च भी वही उठाएगा, लेकिन संकट के समय पहली प्राथमिकता के आधार पर यह तेल भारत को मिलेगा।
– इससे भारत का राजकोषीय बोझ कम होगा।

हॉर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) के भविष्‍य के संकट से राहत
– भारत का अधिकांश तेल खाड़ी देशों से हॉर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है, जो इस समय ईरान-पश्चिम एशिया तनाव के कारण बेहद संवेदनशील चोकपॉइंट बन चुका है।
– इस एग्रीमेंट के तहत, भारत यूएई के फुजैरा (Fujairah) टर्मिनल में भी अपना तेल स्टोर कर सकेगा।
– फुजैरा हॉर्मुज जलडमरू मध्य से बाहर स्थित है, जिससे युद्ध की स्थिति में भी भारत को सुरक्षित तेल मिल सकेगा।
– फायदा: अगर कभी ईरान और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरू मध्य (जो कि एक संकरा समुद्री रास्ता है) ब्लॉक भी हो जाता है, तो भी फुजैरा में मौजूद तेल बिना किसी रुकावट के समुद्र के रास्ते सीधे भारत पहुंच सकता है।

दोनों देशों के बीच समझौता
1) यूएई की राष्ट्रीय तेल कंपनी (ADNOC) भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व में अपनी भागीदारी बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल कच्चे तेल का भंडारण करेगी।
2) दोनों देशों ने भारत के वादीनार (गुजरात) में एक ‘शिप रिपेयर क्लस्टर’ स्थापित करने के लिए समझौता किया है।
3) भारत के राष्ट्रीय एआई मिशन (IndiaAI Mission) को गति देने के लिए भारत में 8-एक्साफ्लॉप सुपरकंप्यूटिंग सुविधा स्थापित करने पर सहमति बनी है।
4) LPG आपूर्ति: दीर्घकालिक एलपीजी ऑफटेक (LPG Offtake) आपूर्ति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

METRI वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर
– भारत और यूएई के बंदरगाहों के बीच METRI नामक वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर को क्रियाशील (Operationalize) किया गया है, जो समुद्री व्यापार में दक्षता और आपूर्ति शृंखला लचीलेपन (Supply Chain Resilience) को बढ़ाएगा।
– यह भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बंदरगाहों (Ports) को आपस में जोड़ने वाला एक वर्चुअल (डिजिटल) व्यापार गलियारा है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच होने वाले समुद्री व्यापार (Maritime Commerce) को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और तेज बनाना है।
– G20 शिखर सम्मेलन में घोषित किए गए भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) का पहला और सबसे महत्वपूर्ण समुद्री हिस्सा भारत और यूएई के बीच ही है।

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रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) क्या होता है?
– यह देश के भीतर बने विशाल भूमिगत चट्टानी गुफाएं (Underground Rock Caverns) होती हैं, जिनमें कच्चे तेल को आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित रखा जाता है।
– उद्देश्य: यदि भविष्य में युद्ध, महामारी या किसी अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई अचानक रुक जाए, तो देश में पेट्रोल-डीजल की कमी न हो और अर्थव्यवस्था चलती रहे। भारत के पास अभी आपात स्थिति में लगभग 9 से 10 दिनों का तेल बैकअप इन भंडारों में रहता है।

चरण-1 (Phase-I): पूरी तरह संचालित (Operational)
1) विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश): 1.33 MMT क्षमता।
2) मेंगलुरु (कर्नाटक): 1.50 MMT क्षमता
3) पादुर (कर्नाटक): 2.50 MMT क्षमता

चरण-2 (Phase-II): प्रस्तावित और निर्माणाधीन (PPP मॉडल के तहत)
1) चंडीखोल (ओडिशा): 4.0 MMT क्षमता
2) पादुर (कर्नाटक – विस्तार): 2.5 MMT क्षमता

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2. CBI डायरेक्टर का नाम बताएं, जिनका कार्यकाल केंद्र सरकार ने दूसरी बार एक साल के बाद बढ़ा दिया?
Name the CBI Director whose tenure the Central Government extended for a second time, by one year.

a. विनोद वर्मा
b. प्रवीण सूद
c. अजय खन्‍ना
d. राहुल वर्मा

Answer: b. प्रवीण सूद

– प्रवीण का कार्यकाल 24 मई को खत्म होना था।
– इससे पहले केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल 1 साल तक बढ़ा दिया।
– 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी को सीबीआई प्रमुख के रूप में अपना दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद मई 2025 में पहले ही एक वर्ष का विस्तार दिया गया था।

सेलेक्‍शन मीटिंग के दौरान हुए विवाद के बाद फैसला
– दरअसल, ऐसा फैसला नए CBI डायरेक्‍ट के सेलेक्‍शन मीटिंग के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया।
– दरअसल, पीएम आवास पर नए CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन पर बैठक हुई थी। इसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे।
– बैठक के बाद राहुल ने सिलेक्शन प्रक्रिया पर अपनी असहमति जताई। राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर कर आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई।
– राहुल गांधी ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। मैं इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं।

राहुल गांधी ने असहमति लेटर में सरकार से क्‍या कहा-
– आपकी सरकार ने बार-बार CBI का दुरुपयोग किया है। यह भारत की प्रमुख जांच एजेंसी हैं, लेकिन आपने इसे राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने में इस्तेमाल किया।
– संस्थाओं पर ऐसे कब्जे को रोकने के लिए ही चयन समिति में विपक्ष के नेता को शामिल किया जाता है। खेद की बात है कि आपने इस प्रक्रिया में मुझे कोई भी ऐसी भूमिका नहीं दी जो सलेक्शन प्रोसेस को सही बनाए।
– जिन उम्मीदवारों को लिस्ट किया गया है। उनकी सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट या 360-डिग्री रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मुझे ये रिपोर्ट देने से साफ मना कर दिया गया।
– बिना किसी कानूनी आधार के जानकारी देने से जान-बूझकर मना करना, चयन प्रक्रिया का मजाक उड़ाना है। इससे साफ जाहिर होता है कि सिर्फ आपका पहले से तय उम्मीदवार ही चुना जाए।
– पिछली दो मीटिंग (5 मई 2025, 21 अक्टूबर 2025) में पीएम को लेटर लिखा था जिसमें निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के लिए उपाय सुझाए थे। आज तक उस लेटर का जवाब नहीं मिला।

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3. अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस कब मनाया जाता है?
When is International Day of Families celebrated?

a. 13 मई
b. 14 मई
c. 15 मई
d. 16 मई

Answer: c. 15 मई

2026 की थीम :
– परिवार, असमानताएँ और बच्चों का कल्याण
– Families, Inequalities and Child Wellbeing

– यह दिवस संयुक्‍त राष्‍ट्र ने घोषित किया हुआ है।

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4. समाचारों में रहा ‘नागाटिटन चैयाफुमेंसिस’ (Nagatitan chaiyaphumensis) क्या है?
What is ‘Nagatitan chaiyaphumensis’, which has been in the news?

a. थाईलैंड में खोजी गई कछुए की एक नई लुप्तप्राय प्रजाति
b. दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया गया अब तक का सबसे बड़ा जीवाश्म डायनासोर
c. कंबोडिया के जंगलों में खोजी गई एक विषैली सर्प प्रजाति
d. इसरो (ISRO) द्वारा अंतरिक्ष मलबे की निगरानी के लिए लॉन्च किया गया एक रडार

Answer: b. दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया गया अब तक का सबसे बड़ा जीवाश्म डायनासोर।

– वैज्ञानिकों ने मई 2026 में थाईलैंड में दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े डायनासोर के जीवाश्म (Fossils) की खोज की है।
– डायनासोर का नाम: नागाटिटन चैयाफुमेंसिस (Nagatitan chaiyaphumensis)
– प्रजाति/वंश (Lineage): यह सॉरोपॉड (Sauropod) वंश का सदस्य था, जो अपनी लंबी गर्दन, लंबी पूंछ, छोटे सिर और चार खंभे जैसे पैरों के लिए जाने जाते हैं।
– खोज का स्थान: थाईलैंड का उत्तर-पूर्वी प्रांत चैयाफुम (Chaiyaphum)।
– समय काल: यह लगभग 113 मिलियन वर्ष पहले (क्रिटेशियस काल – Cretaceous Period) पाया जाता था।
– यह एक शाकाहारी (Herbivore) जीव था, जो मुख्य रूप से कोनिफर्स (शंकुधारी वृक्षों) और बीज फर्न की पत्तियों को बिना चबाए सीधे निगल जाता था।
– यह शोध 14 मई 2026 को प्रसिद्ध विज्ञान पत्रिका ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ (Scientific Reports) में प्रकाशित हुआ है। इसके मुख्य लेखक थितिऊत सेथापनिचसाकुल (यूसीएल) हैं।

शारीरिक विशेषताएं
– लंबाई लगभग 90 फीट (27 मीटर) और वजन लगभग 25 से 28 टन।
– इसकी अगले टांग की हड्डी (Humerus) 5.8 फीट (1.78 मीटर) लंबी पाई गई।

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5. अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस कब मनाया जाता है?
When is International Day of Light celebrated?

a. 13 मई
b. 14 मई
c. 15 मई
d. 16 मई

Answer: d. 16 मई

2026 की थीम
– एक टिकाऊ भविष्य के लिए प्रकाश
– Light for a Sustainable Future

क्‍यों मनाया जाता है यह दिवस
– भौतिक विज्ञानी और इंजीनियर, थियोडोर मैमन (Theodore Maiman) द्वारा 1960 में लेजर के पहले सफल संचालन की वर्षगांठ के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

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6. केंद्र सरकार ने कोयला गैसीकरण को गति देने के लिए ₹37,500 करोड़ के वित्तीय पैकेज को मंजूरी, इसके तहत वर्ष 2030 तक कितना गैसीकरण का लक्ष्‍य रखा गया है?
The Central Government has approved a financial package of ₹37,500 crore to accelerate coal gasification; under this initiative, what is the targeted volume of gasification set for the year 2030?

a. 50 मिलियन टन
b. 100 मिलियन टन
c. 200 मिलियन टन
d. 400 मिलियन टन

Answer: b. 100 मिलियन टन

– केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मई 2026 में सतत वैकल्पिक खनन विधियों (Sustainable Alternate Mining Methods) को बढ़ावा देने और कोयला गैसीकरण को गति देने के लिए ₹37,500 करोड़ के वित्तीय पैकेज को मंजूरी दी है।
– यह कदम ‘राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन’ (National Coal Gasification Mission) को सुदृढ़ करेगा। यह मिशन वर्ष 2020 में कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) द्वारा तैयार किया गया था।
– लक्ष्य: इस योजना के माध्यम से लगभग 75 मिलियन टन (MT) कोयला और लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य है, जो वर्ष 2030 तक निर्धारित 100 मिलियन टन (100 MT) के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

कोयला गैसीकरण क्या है?
– आमतौर पर हम बिजली बनाने के लिए कोयले को सीधे जलाते हैं, जिससे बहुत प्रदूषण होता है।
– लेकिन इस योजना में कोयले को जलाया नहीं जाएगा, बल्कि एक आधुनिक तकनीक से कोयले को गैस (जिसे ‘सिनगैस’ या Syngas कहते हैं) में बदला जाएगा। यह एक तरह का ‘साफ ईंधन’ होता है।
– यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोयले को पूरी तरह से जलाने के बजाय, हवा, ऑक्सीजन, भाप या कार्बन डाइऑक्साइड की नियंत्रित मात्रा के साथ उच्च दबाव और तापमान पर प्रतिक्रिया कराई जाती है।
– इससे सिनगैस (Syngas – Synthetic Gas) उत्पन्न होती है, जो मुख्य रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, प्राकृतिक गैस और जल वाष्प का मिश्रण है।

इसका फायदा क्या होगा?
– इस गैस (सिनगैस) का इस्तेमाल करके देश में ऐसी चीजें बनाई जाएंगी, जिन्हें हमें दूसरे देशों से बहुत महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है।
– जैसे: यूरिया और उर्वरक (Fertilizers): खेती के लिए जरूरी खाद।
– मेथनॉल और अमोनिया: फैक्ट्रियों और उद्योगों में काम आने वाले रसायन (Chemicals)।

बड़ा फायदा
– अभी भारत हर साल लगभग ₹2.77 लाख करोड़ का सामान (खाद और केमिकल्स) विदेशों से आयात (Import) करता है।
– पश्चिम एशिया (Mid East) में चल रहे तनाव के कारण ये चीजें और महंगी हो सकती हैं। इस योजना से भारत आत्मनिर्भर बनेगा और देश का पैसा बचेगा।

भारत में गैसीकरण (Gasification) का इतिहास
– यह तकनीक 1970-80 के दशक से भारत में थी, लेकिन 2002 के आसपास तकनीकी समस्याओं और महंगे खर्च के कारण यह लगभग ठप (बंद) हो गई थी। अब 2024-2026 में सरकार इसे आधुनिक तकनीक और भारी वित्तीय मदद (Subsidy) के साथ नए सिरे से वापस ला रही है। इसकी वजह थी – भारतीय कोयले की ख़राब गुणवत्ता और सस्ता आयात
– अब क्‍यों दोबारा शुरू किया – अब ऐसी नई तकनीकें (जैसे Fluidized Bed Gasification) आ चुकी हैं, जो भारत के उच्च राख (High Ash) वाले कोयले को भी आसानी से और कुशलता से गैस में बदल सकती हैं। इसके साथ ही पश्चिम एशिया के तनाव और वैश्विक अस्थिरता के कारण आयात पर निर्भर रहना अब सुरक्षित नहीं है।

योजना की मुख्य विशेषताएं और वित्तीय प्रोत्साहन संरचना
– योजना के तहत संयंत्र और मशीनरी (Plant and Machinery) की लागत का 20% (एक-पांचवां हिस्सा) वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा।
– एकल परियोजना (Single Project) के लिए अधिकतम प्रोत्साहन: ₹5,000 करोड़।
– एकल उत्पाद-केंद्रित परियोजना (Single Product-centred Project – SNG और यूरिया को छोड़कर) के लिए: अधिकतम ₹9,000 करोड़।
– किसी एक इकाई (Single Entity) के लिए सभी श्रेणियों को मिलाकर अधिकतम सीमा: ₹12,000 करोड़।
– नीतिगत स्थिरता: दीर्घकालिक निवेश सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कोयला लिंकेज (Coal Linkage) की अवधि को बढ़ाकर 30 वर्ष कर दिया है।

डाउनस्ट्रीम उत्पाद (Downstream Products) और आयात निर्भरता:
– यूरिया: भारत अपनी आवश्यकता का लगभग 20% आयात करता है।
– मेथनॉल: भारत की लगभग 80-90% आवश्यकता आयात से पूरी होती है।
– अमोनिया: इस पर भारत की पूर्ण (100%) आयात निर्भरता है।
– अन्य उत्पाद: सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (SNG), उर्वरक और अमोनियम नाइट्रेट।

आर्थिक और रणनीतिक महत्व
1. आयात बिल में कटौती (राजकोषीय घाटे में कमी): वित्त वर्ष 2025 में एलएनजी, यूरिया, अमोनिया, कोकिंग कोल और मेथनॉल जैसे प्रतिस्थापनीय उत्पादों का भारत का आयात बिल लगभग ₹2.77 लाख करोड़ था। इस योजना से देश की विदेशी मुद्रा बचेगी।
2. भू-राजनीतिक जोखिमों से सुरक्षा: पश्चिम एशिया (Mid East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला की संवेदनशीलता को उजागर किया है। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा।
3. पर्यावरणीय लाभ: पारंपरिक कोयला दहन की तुलना में सतह कोयला गैसीकरण (Surface Coal Gasification) को अधिक स्वच्छ और सतत विकल्प माना जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
4. पिछले प्रयासों का विस्तार: यह योजना जनवरी 2024 में स्वीकृत ₹8,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को आगे बढ़ाती है, जिसके तहत वर्तमान में ₹6,233 करोड़ की 8 परियोजनाएं लागू की जा रही हैं।

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7. विश्व प्रवासी पक्षी दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Migratory Bird Day celebrated?

a. मई के दूसरे शनिवार
b. अक्‍टूबर के दूसरे शनिवार
c. जून के दूसरे शनिवार
d. a और b

Answer: d. a और b (मई और अक्‍टूबर के दूसरे शनिवार) {2026 में 9 मई और 10 अक्‍टूबर}

2026 की थीम
– हर पक्षी मायने रखता है – आपके अवलोकन महत्वपूर्ण हैं!
– Every Bird Counts – Your Observations Matter!

– कृत्रिम प्रकाश विश्व स्तर पर प्रति वर्ष कम से कम 2 प्रतिशत बढ़ रहा है और यह कई पक्षी प्रजातियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
– प्रकाश प्रदूषण प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है, जो रात में उड़ने पर भटकाव पैदा करता है, जिससे इमारतों से टकराव होता है।
– उनकी बायोलॉजिक क्‍लॉक में गड़बड़ी होती है, या लंबी दूरी के प्रवास करने की उनकी क्षमता में हस्तक्षेप होता है।

– दुनिया में कुल फ्लाइवे – 9. (फ्लाइवे का मतलब कि प्रवासी पक्षियों के उड़ने का रूट। भारत मध्‍य एशिया फ्लाइवे में आता है।)

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8. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने किस देश में इबोला वायरस के प्रकोप को मई 2026 में ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ (PHEIC) घोषित किया?
In which country did the World Health Organization (WHO) declare the Ebola virus outbreak a ‘Global Health Emergency’ (PHEIC) in May 2026?

a. कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य
b. युगांडा
c. स्‍पेन
d. a और b

Answer: d. a और b (कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा)

– 17 मई 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और पड़ोसी देश युगांडा में फैले इबोला वायरस के प्रकोप को देखते हुए इसे ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ (PHEIC) घोषित कर दिया है।
– यह कदम तब उठाया गया जब इस वायरस के प्रसार की पुष्टि कांगो की राजधानी किंशासा और युगांडा की राजधानी कम्पाला जैसे बड़े शहरी केंद्रों में भी हो गई।
– महामारी (Pandemic) नहीं है: WHO ने स्पष्ट किया है कि यह स्थिति गंभीर जरूर है, लेकिन यह कोविड-19 की तरह ‘महामारी’ (Pandemic) के मानदंडों को पूरा नहीं करती है। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय यात्रा या व्यापार पर किसी भी

प्रकार के प्रतिबंध की सिफारिश नहीं की गई है।

– बुंदीबुग्यो स्ट्रेन (Bundibugyo Strain): वर्तमान में फैला यह प्रकोप इबोला के बेहद दुर्लभ ‘बुंदीबुग्यो वायरस’ (BVD) स्ट्रेन के कारण हुआ है। इतिहास में यह केवल तीसरी बार है जब इस स्ट्रेन का पता चला है।
– कोई टीका या इलाज नहीं (No Approved Vaccines): इबोला के ‘जायरे स्ट्रेन’ (Zaire strain) के लिए तो वैश्विक स्तर पर टीके (जैसे Merck और J&J के टीके) उपलब्ध हैं, लेकिन बुंदीबुग्यो स्ट्रेन के लिए वर्तमान में कोई भी स्वीकृत (Approved) टीका या विशिष्ट दवा (Therapeutics) मौजूद नहीं है।
– उच्च मृत्यु दर (High Fatality Rate): इस बीमारी में मृत्यु दर 30% से लेकर 90% तक हो सकती है। वर्तमान में 300 से अधिक संदिग्ध मामले और 88 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं।

इबोला वायरस रोग (EVD) क्या है?


– प्रकृति: यह एक अत्यधिक संक्रामक और घातक वायरल रक्तस्रावी बुखार (Viral Haemorrhagic Fever) है।
– उत्पत्ति: इबोला वायरस की पहचान पहली बार 1976 में कांगो (तत्कालीन ज़ैरे) में इबोला नदी के पास हुई थी, जिसके नाम पर इसका नाम रखा गया।
– प्राकृतिक होस्ट (Natural Host): फल खाने वाले चमगादड़ (Fruit Bats) को इबोला वायरस का प्राकृतिक होस्ट माना जाता है।
– प्रसार (Transmission): यह मनुष्यों में संक्रमित जानवरों (जैसे चमगादड़, चिंपैंजी, गोरिल्ला) के सीधे संपर्क से आता है। मनुष्यों के बीच यह शारीरिक तरल पदार्थों (Bodily Fluids) जैसे रक्त, उल्टी, लार, पसीना या वीर्य के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। यह हवा से (Airborne) नहीं फैलता।
– लक्षण: अचानक बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश और इसके बाद उल्टी, डायरिया, रैश, और आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव (Bleeding)

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9. विश्व दूरसंचार दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Telecommunication Day celebrated?

a. 15 May
b. 16 May
c. 17 May
d. 18 May

Answer: c. 17 May

2026 की थीम (इंटरनेशनल टेलिकम्‍युनिकेशन यूनियन (ITU) द्वारा जारी)
– डिजिटल जीवन-रेखाएँ: एक जुड़े हुए संसार में लचीलेपन को सुदृढ़ बनाना
– Digital lifelines: Strengthening resilience in a connected world

– यह दिवस 17 मई 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (इंटरनेशनल टेलिकॉम यूनियन) की स्थापना की याद में विश्व दूरसंचार दिवस के रूप में जाना जाता था।

भारत में टेलिफोन व इंटरनेट
– टेलिफोन कनेकशन (अक्‍टूबर 2024 तक) : 118.87 करोड़
– इंटरनेट कनेक्‍शन (जून 2024 तक) : 96.96 करोड़

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10. PM मोदी को किस देश ने ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ सम्‍मान दिया?
Which country conferred the ‘Royal Order of the Polar Star, Degree Commander Grand Cross’ honor upon PM Modi?

a. फ्रांस
b. जापान
c. स्‍वीडन
d. स्‍पेन

Answer: c. स्‍वीडन

– 17 मई 2026 को स्वीडन यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ (Royal Order of the Polar Star, Degree Commander Grand Cross) से सम्मानित किया गया है।
– यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 31वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है।
– यह पुरस्कार स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया (Crown Princess Victoria) द्वारा प्रदान किया गया।

रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ पुरस्कार के बारे में
– स्थापना: इस सम्मान की शुरुआत वर्ष 1748 में की गई थी।
– उद्देश्य: यह पुरस्कार स्वीडन या स्वीडिश हितों के लिए किए गए व्यक्तिगत प्रयासों, विशेष रूप से सार्वजनिक गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान और कर्तव्यों के सफल निर्वहन के लिए दिया जाता है।


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