यह 6 मई 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. केंद्र सरकार ने नया नेवी चीफ (Chief of the Naval Staff) किसे नियुक्त किया?
Whom has the Central Government appointed as the new Navy Chief (Chief of the Naval Staff)?
a. कृष्णा स्वामीनाथन
b. राधाकृष्ण त्रिपाठी
c. रत्नेश वर्मा
d. विजय जोसेफ स्टालिन
Answer: a. कृष्णा स्वामीनाथन

– भारत सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का नया प्रमुख (Chief of the Naval Staff) नियुक्त किया है।
– नेवी चीफ ज्वाइन करते ही उनकी रैंक एडमिरल की है।
– इससे पहले वह पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (FOC-in-C) के रूप में कार्यरत रहे।
– उन्हें एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की जगह नियुक्त किया गया, जिनकी रिटायरमेंट की तारीख 31 मई, 2026 थी।
– नए नेवी चीफ कृष्णा स्वामीनाथन पहले नौसेना मुख्यालय (NHQ) में वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ भी रह चुके हैं।
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2. केंद्र सरकार ने नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) किसे नियुक्त किया?
Whom has the Central Government appointed as the new Chief of Defence Staff (CDS)?
a. कृष्णा स्वामीनाथन
b. राधाकृष्ण त्रिपाठी
c. राजेंद्र विश्वकर्मा
d. एन.एस. राजा सुब्रमणि
Answer: d. एन.एस. राजा सुब्रमणि
– उन्हें जनरल अनिल चौहान की जगह नियुक्त किया गया, जिनकी रिटायरमेंट 30 मई 2026 थी।
– सीडीएस के रूप में एन.एस. राजा सुब्रमणि सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के सचिव की जिम्मेदारी भी होगी।
– वह भारत के तीसरी ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) हैं। तीनों ही थल सेना से ही थे। पहले CDS जनरल बिपिन रावत और दूसरे जनरल अनिल चौहान रहे। तीसरे CDS एन.एस. राजा सुब्रमणि हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि: करियर प्रोफाइल
– वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पूर्व छात्र हैं।
– उन्हें दिसंबर 1985 में 8 गढ़वाल राइफल्स (8 Garhwal Rifles) में कमीशन मिला था। उनका सैन्य करियर चार दशकों (40 वर्ष) से अधिक का है।
– वह फरवरी 2026 में भारतीय सेना से रिटायर हुए थे। उस समय वह ‘थल सेना के उप प्रमुख’ (Vice Chief of the Army Staff) के पद पर थे।
– रिटायर होने के तुरंत बाद, सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार (Military Adviser) के रूप में नियुक्त किया था।
क्या रिटायर्ड सैन्य अधिकारी CDS बन सकते हैं?
– सरकार ने 2022 में CDS की नियुक्ति के नियमों में बदलाव किया था, जिसके तहत रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल या जनरल रैंक के अधिकारी (जिनकी आयु 62 वर्ष से कम हो) को भी सीडीएस बनाया जा सकता है।
– एन.एस. राजा सुब्रमणि दूसरे ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें रिटायरमेंट के बाद इस शीर्ष पद पर वापस बुलाया गया है। उनसे पहले जनरल अनिल चौहान को भी रिटायरमेंट के बाद ही देश का दूसरा सीडीएस नियुक्त किया गया था।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद क्या है और जरूरत क्यों पड़ी
– चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ 4-स्टार रैंक है।
– चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है।
– दरअसल, सीडीएस पद का सुझाव करगिल युद्ध के बाद सुभ्रमण्यम कमेटी ने की थी।
– इस रिपोर्ट में कहा गया था कि करगिल युद्ध के दौरान तीनों सेनाओं में तालमेल में कमी पाई गई। इसलिए कोऑर्डिनेशन के लिए सीडीएस होना चाहिए।
– आखिरकार एक जनवरी 2020 को जनरल रावत पहले सीडीएस बनाए गए थे। इसके बाद 30 सितंबर 2022 में जनरल अनिल चौहान और 31 मई 2026 को जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि।
रैंक?
– सेना प्रमुखों की तरह सीडीएस का रैंक भी चार स्टार जनरल का है।
– CDS रिटायरमेंट के बाद कोई सरकारी पद नहीं ले सकते हैं।
– रिटायरमेंट के बाद पांच साल तक वह कोई प्राइवेट नौकरी भी नहीं कर सकते हैं।
– वेतन और अतिरिक्त सुविधाएँ सर्विस आर्मी चीफ के बराबर होंगी।
रक्षा मंत्री के प्रमुख सैन्य सलाहकार
– सीडीएस सरकार के प्रधान सैन्य सलाहकार हैं।
– वह सेना के तीनों अंगों के मामले में रक्षा मंत्री के प्रमुख सैन्य सलाहकार भी हैं। लेकिन इसके साथ ही तीनों सेनाओं के अध्यक्ष रक्षा मंत्री को अपनी सेनाओं के संबंध में सलाह देने का अधिकार है।
– चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ तीनों सेनाओं के प्रमुखों का कमान नहीं कर सकते हैं और न ही किसी अन्य सैन्य कमान के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते है, ताकि राजनीतिक नेतृत्व को सैन्य मामलों में निष्पक्ष सुझाव दे सके।
सीडीएस की भूमिकाएं क्या:
– वह तीनों सैन्य प्रमुखों की समिति के स्थायी अध्यक्ष हैं।
– तीनों सेनाओं के मामले में प्रधान सैन्य सलाहकार की भूमिका में वह रक्षा मंत्री को सलाह देते हैं।
– ऑपरेशंस, उपयोगी सामान, ट्रांसपोर्ट, ट्रेनिंग, सपोर्ट सेवाओं, कम्युनिकेशंस जैसे मामलों में तीनों सेनाओं में ज्वाइंटनेस लाने का जिम्मा संभालेंगे। यह काम तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा।
– युद्ध का रणनीति प्लान बनाना।
– रक्षा मंत्री के लिए वह वार्षिक योजना रिपोर्ट देने का काम।
चीफ ऑफ स्टॉफ कमेटी के अध्यक्ष हैं सीडीएस
– CDS, सैन्य मामलों के विभाग का प्रमुख होने के अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ चीफ ऑफ स्टॉफ कमेटी के अध्यक्ष भी होते हैं।
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3. विश्व अस्थमा दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Asthma Day observed?
a. मई के पहले सोमवार
b. मई के पहले मंगलवार
c. मई के पहले बुधवार
d. मई के पहले गुरुवार
Answer: b. मई के पहले मंगलवार (वर्ष 2026 में 5 मई)
2026 की थीम
– अस्थमा से पीड़ित सभी लोगों के लिए सूजनरोधी इनहेलर की उपलब्धता – अभी भी एक अत्यावश्यक आवश्यकता।
– Access to anti-inflammatory inhalers for everyone with asthma – still an urgent need.
– अस्थमा दिवस मनाने की शुरुआत 1993 में हुई थी, जब पहली बार ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से इस दिन को मनाया।
– अस्थमा फेफड़ों की एक पुरानी बीमारी है जो वायुमार्ग में सूजन और संकुचन का कारण बनती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। लक्षणों में शामिल हैं: खांसी, घरघराहट, सांस लेने में तकलीफ और सीने में जकड़न।
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4. किस अदालत ने ‘वन केस वन डेटा’ की शुरुआत की?
Which court launched ‘One Case, One Data’?
a. पटना हाईकोर्ट
b. मद्रास हाईकोर्ट
c. इलाहाबाद हाईकोर्ट
d. सुप्रीम कोर्ट
Answer: d. सुप्रीम कोर्ट
– भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने 11 मई 2026 को न्यायपालिका में तकनीक के एक नए युग की शुरुआत की।
– सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल पहल ‘One Case One Data’ का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया।

One Case One Data’: एकीकृत न्यायिक प्रणाली
– ‘One Case One Data’ का मतलब है कि किसी भी केस की फाइल या जानकारी अब बार-बार अलग-अलग जगहों पर दर्ज नहीं करनी होगी।
– यूनिक आईडी (Unique Identity): अभी क्या होता है कि जब कोई केस निचली अदालत (Taluka Court) से हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट जाता है, तो हर स्तर पर उसे नए सिरे से दर्ज किया जाता है। ‘One Case One Data’ के आने से एक केस को एक ही डिजिटल पहचान (Unique ID) मिलेगी। यानी वह शुरू से अंत तक एक ही डेटा फाइल के रूप में चलेगा।
– पूरा इतिहास एक क्लिक पर : इस सिस्टम के जरिए केस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी (जैसे निचली अदालत का फैसला, गवाहों के बयान, तारीखें और सबूत) एक ही जगह सेव होंगी।
– फायदा: अगर कोई केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचता है, तो जज को पुरानी फाइलों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा; वह तुरंत देख सकेंगे कि पिछली अदालतों में क्या-क्या हुआ था।
– अदालतों का आपस में जुड़ना: यह तालुका कोर्ट, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को एक नेटवर्क में जोड़ देगा। इससे डेटा का दोहराव (Repetition) खत्म होगा और कागजी कार्रवाई में होने वाली देरी कम हो जाएगी।
– इसे ‘सु-सहाय’ (Su Sahay) चैटबॉट के साथ भी जोड़ा जाएगा ताकि जानकारी आसानी से मिल सके।
उदाहरण के लिए:
– जैसे आपका आधार कार्ड है—नंबर एक ही रहता है, लेकिन आप उसे बैंक, सिम कार्ड या राशन के लिए कहीं भी इस्तेमाल करें, आपकी जानकारी (डेटा) वही रहती है। वैसे ही अब केस का डेटा भी एक ही रहेगा, चाहे वह किसी भी अदालत में हो।
– इसका बड़ा फायदा यह होगा कि केस मैनेजमेंट तेज होगा और मुकदमों के निपटारे में लगने वाला समय कम हो जाएगा।
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5. सुप्रीम कोर्ट ने ‘सु-सहाय’ (Su Sahay) की शुरुआत की, यह क्या है?
The Supreme Court has launched ‘Su Sahay’—what is it?
a. AI संचालित चैटबॉट
b. नया ई-कोर्ट पोर्टल
c. महिला सुरक्षा कानूनी हेल्पलाइन
d. वकीलों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी
Answer: a. AI संचालित चैटबॉट
– भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने 11 मई 2026 को डिजिटल पहल ‘सु-सहाय’ (Su Sahay) को लॉन्च किया।
– ‘सु-सहाय’ एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट है जिसे नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के सहयोग से बनाया गया है।
– इसका मुख्य उद्देश्य वादियों (Litigants) और आम जनता को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर केस स्टेटस, अदालती सेवाओं और अन्य जरूरी जानकारियों को आसानी से खोजने में मदद करना है।
‘One Case One Data’ और ‘Su Sahay’
– One Case One Data: यह पीछे की तरफ (Backend) काम करता है। इसका काम पूरे देश की अदालतों के डेटा को एक जगह सुरक्षित और व्यवस्थित रखना है। यह अदालतों के काम को आसान बनाता है ताकि जजों को केस का इतिहास ढूंढने में समय न लगे।
– Su Sahay: यह आगे की तरफ (Frontend) काम करता है। जब कोई नागरिक जानकारी मांगता है, तो यह एआई चैटबॉट ‘One Case One Data’ के विशाल डेटाबेस से सटीक जानकारी निकालकर उसे आसान भाषा में देता है। यह आम लोगों के लिए बनाया गया है ताकि उन्हें अदालतों के चक्कर न काटने पड़ें और वे घर बैठे एआई की मदद से अपने केस की स्थिति जान सकें।
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6. PM मोदी ने किस संकट का जिक्र करते हुए जनता से ईंधन की बचत, वर्क फ्रॉम होम, सोना खरीदने से बचने और विदेशी यात्रा में कमी की अपील की?
Referring to which crisis did PM Modi appeal to the public to conserve fuel, work from home, refrain from purchasing gold, and reduce foreign travel?
a. रूस-यूक्रेन युद्ध
b. पश्चिम एशिया संकट
c. वैश्विक व्यापार संकट
d. जलवायु संकट
Answer: b. पश्चिम एशिया संकट
– प्रधानमंत्री ने मई 2026 में जनता से ईंधन बचाने और सोने की खरीद कम करने की अपील दोहराई।
– PM मोदी ने कहा – पश्चिम एशिया का संकट इस दशक के सबसे बुरे संकटों में से एक है। जिस तरह हमने कोविड-19 महामारी पर विजय प्राप्त की थी, हम इस संकट से भी बाहर निकल आएंगे।
पीएम मोदी ने नागरिकों से सहयोग मांगा

– ईंधन की बचत (Fuel Conservation): कच्चे तेल और एलपीजी के लिए भारत की पश्चिम एशिया पर भारी निर्भरता को देखते हुए, पीएम ने व्यक्तिगत स्तर पर ईंधन खपत कम करने की अपील की।
– इलेक्ट्रिक वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट: उन्होंने नागरिकों से निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को प्राथमिकता देने को कहा।
– वर्क फ्रॉम होम (Work From Home): महामारी के दौर की इस पद्धति को फिर से अपनाने का सुझाव देते हुए पीएम ने कहा कि जहाँ भी संभव हो, लोग घर से काम करें ताकि सड़कों पर भीड़ और ईंधन की खपत कम हो सके।
– सोना खरीदने से बचें (Defer Gold Purchase): सोने के आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए उन्होंने लोगों से सोने की खरीदारी को एक वर्ष के लिए टालने का अनुरोध किया।
– विदेशी यात्रा में कमी: पीएम ने गैर-जरूरी विदेशी दौरों और विदेशी मुद्रा खर्च करने वाली व्यक्तिगत गतिविधियों से बचने की सलाह दी।
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भारत की ऊर्जा निर्भरता
– भारत अपनी जरूरत का बहुत बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम और गैस आयात करता है।
– 2014 के आसपास भारत की तेल आयात निर्भरता लगभग 70% थी, जो 2026 में बढ़कर लगभग 88% हो गई।
– ऊर्जा आयात बढ़ने से विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है।
– ईरान युद्ध केवल एक तात्कालिक कारण है, असली समस्या दीर्घकालिक ऊर्जा नीति की कमजोरी है।
आलोचना
– भारत सोलर और विंड एनर्जी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाया।
– चीन ने 25–30 वर्षों में सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में भारी निवेश कर अपनी निर्भरता घटाई।
– भारत अभी भी ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) में पीछे है।
समाधान
– सोलर और विंड ऊर्जा को बढ़ावा देना।
– इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) को बढ़ाना।
– हाइड्रोजन इकॉनमी की ओर बढ़ना।
– चीन की तकनीक और कंपनियों के साथ सहयोग करने पर विचार।
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विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) संकट
– भारत ज्यादा आयात करता है और कम निर्यात
– इससे Current Account Deficit बढ़ता है।
– पहले इस कमी को विदेशी निवेश (FDI/FPI) से पूरा किया जाता था।
– अब विदेशी पूंजी का प्रवाह कम हो रहा है।
FDI कम होने का कारण
– नई तकनीकों (EV, Solar, Battery, Semiconductor) में निवेश कम आ रहा
– चीन से निवेश पर प्रतिबंध जैसी नीतियों के कारण अवसर घटे, हालांकि अब 10 प्रतिशत तक निवेश खोला गया है।
FPI बाहर जाने का कारण
– रुपये की कीमत गिर रही है।
– भारतीय शेयर बाजार कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं।
– विदेशी निवेशकों को बेहतर रिटर्न नहीं मिल रहा।
ECB (External Commercial Borrowing) महंगा होना
– विदेशी कर्ज लेना महंगा हो गया।
– रुपये के अवमूल्यन से कर्ज का बोझ बढ़ता है।
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रुपये की गिरावट
– डॉलर की तुलना में रुपया लगातार कमजोर हो रहा है।
– यदि स्थिति नहीं सुधरी तो रुपया 100 प्रति डॉलर तक जा सकता है।
– इसका कारण: डॉलर का कम आना, डॉलर का अधिक बाहर जाना, विदेशी निवेश में कमी
– प्रभाव: आयात महंगे होंगे, पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ सकती है, महंगाई बढ़ सकती है।
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गोल्ड की समस्या
– भारत में सोने की भारी मांग है।
– आयात करने में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
– RBI भी बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहा है। भारत के पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग का कहना है कि RBI ने दो-ढाई साल में 200 टन सोना खरीदा है।
– एक तरफ प्रधानमंत्री लोगों से सोना कम खरीदने की अपील कर रहे हैं। दूसरी ओर RBI खुद भारी मात्रा में सोना खरीद रहा है।
– इससे सोने की कीमतें बढ़ रही हैं।
गोल्ड खरीदने के कारण
– चीन और रूस डॉलर पर निर्भरता कम कर रहे हैं।
– अमेरिका द्वारा रूस के डॉलर रिजर्व फ्रीज करने के बाद कई देशों ने गोल्ड खरीदना बढ़ाया।
– चीन के लिए यह रणनीति ठीक हो सकती है क्योंकि उसके पास विशाल विदेशी मुद्रा भंडार है।
– भारत के लिए यह नीति नुकसानदायक हो सकती है।
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चीन बनाम भारत
– चीन की उपलब्धियाँ: EV सेक्टर में दुनिया का लगभग 70% योगदान, सोलर और बैटरी तकनीक में प्रभुत्व, ऊर्जा निर्भरता में कमी
– भारत की स्थिति: EV अपनाने की गति धीमी, सोलर निर्माण क्षमता सीमित, तकनीकी निवेश कम।
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डेटा सेंटर और बिजली संकट
– भारत अभी भी बिजली की कमी से जूझ रहा है।
– इसके बावजूद बड़े डेटा सेंटरों को भारी रियायतें दी जा रही हैं।
– डेटा सेंटर “Electricity Guzzlers” यानी अत्यधिक बिजली खपत करने वाले हैं।
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क्या 1991 जैसा संकट आएगा?
– नहीं, 1991 जैसी स्थिति की संभावना नहीं है।
– भारत के पास लगभग 700 बिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार हैं।
Current Account Deficit अभी नियंत्रण में है।
– लेकिन यदि दीर्घकालिक सुधार नहीं किए गए तो आर्थिक दबाव बढ़ता रहेगा।
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भारत की तीन बड़ी आर्थिक कमजोरियाँ
– ऊर्जा आयात पर निर्भरता
– विदेशी मुद्रा की कमजोरी
– सोने का अत्यधिक आयात
प्रमुख समाधान
– सोलर और विंड ऊर्जा में बड़े निवेश
– EV और बैटरी निर्माण को बढ़ावा
– विदेशी निवेश आकर्षित करना
– सोने के आयात को कम करना
– SGB जैसी योजनाओं को मजबूत करना
– दीर्घकालिक आर्थिक नीति सुधार
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देश के पास तेल, गैस का कितना भंडार है
– विशाखापत्तनम, मंगलूरु और पादुर में भूमिगत भंडार में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है।
– अभी यहां लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो कि देश की 9.5 दिनों की जरूरतें पूरी कर सकता है।
– अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो देश इस समय 60 दिनों का कच्चा तेल, 45 दिनों का प्राकृतिक गैस और 45 दिनों का एलपीजी भंडारण में रख सकता है।
पर्याप्त स्टॉक कितना होता है
– अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों के पास कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए।
– भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है।
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7. विश्व थैलेसीमिया दिवस कब मनाया जाता है?
When is the World Thalassemia Day observed?
a. 7 May
b. 8 May
c. 9 May
d. 10 May
Answer: b. 8 May
2026 की थीम :
– Hidden No More: Finding the Undiagnosed. Supporting the Unseen
– अब और छिपा नहीं: निदानहीन लोगों की खोज। अनदेखे लोगों का समर्थन
– थैलेसीमिया एक आनुवंशिक (जेनेटिक) रक्त रोग है, जिसमें मरीज के भीतर हीमोग्लोबिन का ठीक से निर्माण नहीं हो पाता है। इसकी वजह से रोगी को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है।
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8. किस दक्षिणी राज्य में 2023 में भारी बारिश के बाद 12 हजार वर्ष पुराने जीवश्म (fossils) मिले, जिसे अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने होलोसीन काल का बताया?
In which southern state were 12,000-year-old fossils discovered following heavy rainfall in 2023—fossils that the Archaeological Survey of India (ASI) has now identified as belonging to the Holocene epoch?
a. तमिलनाडु
b. केरलम
c. आंध्र प्रदेश
d. कर्नाटक
Answer: a. तमिलनाडु
– जीवाश्म मुख्य रूप से थूथुकड़ी के पास पनाइयूर, पट्टिनमरुदुर और कायलपट्टिनम इलाके में पाए गए।
– ASI ने इसकी जांच करने के लिए कुल 104 सैंपल कलेक्ट किए थे।
– केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 29 अप्रैल 2026 को बताया कि यह जीवाश्म करीब 12 हजार साल पुराने हैं।
– रिपोर्ट के अनुसार, पहचाने गए जीवाश्म जीव मन्नार की खाड़ी और आसपास के जलक्षेत्रों में पाए जाने वाली जीवित प्रजातियाँ या वंश हैं।
– जीवाश्म और आधुनिक नमूनों के बीच रूपात्मक समानता, विलुप्त प्रजातियों की अनुपस्थिति के साथ मिलकर, पिछले कई हजार वर्षों में उल्लेखनीय पर्यावरणीय निरंतरता को दर्शाती है।

क्या बोले वैज्ञानिक?
– इस रिसर्च में शामिल वैज्ञानिकों का कहना है कि ये जीवाश्म इस क्षेत्र में कभी निवास करने वाली प्रजातियों के प्रकार और होलोसीन काल के दौरान पर्यावरणीय परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं।
– इस जीवाश्म का एनालिलिस करके, रिसर्चर्स यह निर्धारित कर सकते हैं कि क्या यह क्षेत्र कभी जंगलों, घास के मैदानों से भरा था या फिर समुद्री परिस्थितियों से प्रभावित था।
– वैज्ञानिकों के लिए यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दक्षिण भारत में इस काल के जीवाश्म रिकॉर्ड काफी कम खोजे गए हैं।
होलोसीन काल
– होलोसीन काल की शुरुआत लगभग 11,700 साल पहले हुई थी, जब पिछला हिमयुग (Ice Age) समाप्त हुआ था। तब से लेकर आज तक के समय को होलोसीन कहा जाता है।
– हिमयुग खत्म होने के बाद पृथ्वी का तापमान बढ़ने लगा और बर्फ की चादरें पीछे हटने लगीं।
– इस काल की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्थिर जलवायु रही है। न बहुत ज़्यादा ठंड, न बहुत ज़्यादा गर्मी। इसी स्थिरता ने इंसानी सभ्यता को पनपने का मौका दिया।
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9. BRO (सीमा सड़क संगठन) स्थापना दिवस कब मनाया जाता है?
When is BRO (Border Roads Organization) Raising Day celebrated?
a. 7 मई
b. 8 मई
c. 9 मई
d. 10 मई
Answer: a. 7 मई
– इसका उद्देश्य भारत की सीमाओं को सुरक्षित करना है। खासकर भारत के उत्तर और उत्तर पूर्वी राज्यों के दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास करना है।
BRO (Border Roads Organisation)
– सीमा सड़क संगठन भारत में एक सड़क निर्माण कार्यकारी बल है।
– यह भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए सड़क मार्गों एवं पुलों का निर्माण कार्य तथा व्यवस्थापन का कार्य करता है।
– यह रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के स्वामित्व में एक वैधानिक (statutory) निकाय है।
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10. दुनिया का पहला ‘OptoSAR’ सैटेलाइट ‘मिशन दृष्टि’ को किस भारतीय स्पेस स्टार्टअप कंपनी ने अंतरिक्ष में स्थापित किया?
Which Indian space startup company placed the world’s first ‘OptoSAR’ satellite, ‘Mission Drishti’, into space?
a. SpaceX
b. Skyroot
c. GalaxEye
d. Agnikul
Answer: c. GalaxEye
– बेंगलुरु स्थित स्पेस स्टार्टअप GalaxEye ने मई 2026 में अपने पहले उपग्रह, ‘मिशन दृष्टि’ (Mission Drishti) को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया।
– इस उपग्रह को एलन मस्क की कंपनी SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के जरिए कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग से लॉन्च किया गया।

क्यों खास है ‘मिशन दृष्टि’?
– 190 किलोग्राम वजनी ‘मिशन दृष्टि’ भारत का अब तक का सबसे बड़ा निजी तौर पर विकसित पृथ्वी अवलोकन (Earth Observation) उपग्रह है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी OptoSAR तकनीक है।
– दुनिया में पहली बार: यह वैश्विक स्तर पर पहला ऐसा सैटेलाइट है जो एक ही प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO) और सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) सेंसर को जोड़ता है।
– आमतौर पर सैटेलाइट्स में या तो Optical (EO) सेंसर होता है (जो कैमरे की तरह फोटो लेता है पर बादलों या रात में काम नहीं करता) या फिर SAR सेंसर होता है (जो बादलों के पार देख सकता है पर उसकी तस्वीरें समझना मुश्किल होता है)।
– नया क्या है: GalaxEye का ‘मिशन दृष्टि’ पहला ऐसा सैटेलाइट है जिसने इन दोनों सेंसर्स को एक ही सैटेलाइट पर लगाया है। यह दोनों डेटा को एक साथ मिलाकर (SyncFusion) ऐसी तस्वीर देता है जो साफ भी होती है और हर मौसम में काम भी करती है।
– हर मौसम में सक्षम: इस हाइब्रिड तकनीक की बदौलत यह उपग्रह दिन हो या रात और बादल होने पर भी उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें ले सकेगा। यह पारंपरिक सैटेलाइट्स की सीमाओं को खत्म करता है।
रक्षा और कृषि क्षेत्र में मदद मिलेगी
– GalaxEye के संस्थापक और CEO सुयश सिंह ने कहा, “यह मिशन पांच वर्षों के कड़े अनुसंधान (R&D) का परिणाम है। हमें पहले से ही इस डेटा के लिए वैश्विक स्तर पर काफी रुचि देखने को मिल रही है।” यह एक ‘डुअल-यूज़’ सैटेलाइट है, जिसका उपयोग-
– रक्षा (Defence): सीमाओं की निगरानी।
– कृषि (Agriculture): फसलों की सटीक जानकारी।
– आपदा प्रबंधन: बाढ़ या चक्रवात के दौरान तत्काल डेटा।
– समुद्री निगरानी और बुनियादी ढांचा योज
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11. ₹ 5600 करोड़ का कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन 2026-31 को किस मुख्य उद्देश्य से शुरू किया गया है?
With what primary objective has the ₹5,600 crore Cotton Productivity Mission 2026–31 been launched?
a. कपास के निर्यात पर टैक्स बढ़ाना
b. कपास की उत्पादका और गुणवत्ता बढ़ाना
c. कपड़ा उद्योग को बंद करना
d. केवल जैविक कपास खेती को बढ़ावा देना
Answer: b. कपास की उत्पादका और गुणवत्ता बढ़ाना
– केंद्र सरकार ने 6 मई 2026 को भारतीय किसानों की आय बढ़ाने और टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
– 5 मई 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ के लिए 5,659.22 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी।
– यह योजना अगले पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए लागू की जाएगी।
मिशन के मुख्य लक्ष्य (Key Takeaways)
– 5F विजन: यह योजना सरकार के 5F फॉर्मूले (Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign) पर आधारित है।
– उत्पादकता में भारी उछाल: सरकार का लक्ष्य कपास की उत्पादकता को 440 kg/ha से बढ़ाकर 755 kg/ha करना है।
– उत्पादन लक्ष्य: 2031 तक देश में 498 लाख गांठ (Bales) कपास उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
– बीज सुधार: ऐसे बीज विकसित करना जो जलवायु परिवर्तन और कीटों (Pests) का सामना कर सकें।
– कस्तूरी कॉटन भारत: भारतीय कपास की ब्रांडिंग वैश्विक स्तर पर ‘प्रीमियम’ उत्पाद के रूप में करना।
कपास की खेती
– कपास को ‘सफेद सोना’ कहा जाता है, लेकिन इसकी खेती के लिए कुछ विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियां जरूरी हैं:
– तापमान: 21°C से 27°C (अंकुरण के लिए कम से कम 15°C)।
– मिट्टी: उत्तर में जलोढ़ (Alluvial) और मध्य/दक्षिण भारत में काली मिट्टी (Black Soil)।
– प्रमुख उत्पादक राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और राजस्थान।
क्षेत्र के सामने चुनौतियां
– कीटों का हमला: पिंक बोलवर्म (Pink Bollworm) और व्हाइटफ्लाई जैसे कीट फसल को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।
– मानसून पर निर्भरता: भारत का लगभग 65% कपास क्षेत्र वर्षा पर आधारित (Rainfed) है।
– कीमतों में उतार-चढ़ाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार के कारण कीमतों में अस्थिरता बनी रहती है।
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश
– भारत दुनिया में कपास (Cotton) के उत्पादन, उपभोग और व्यापार में एक ग्लोबल लीडर है।
– 2025-26 के नवीनतम आंकड़ों और रुझानों के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है।
– पहले स्थान पर चीन, दूसरे पर भारत और तीसरे पर ब्राजील है।
– भारत दुनिया के कुल उत्पादन का लगभग 20-25% हिस्सा उत्पादित करता है।
– भारत के पास दुनिया में कपास की खेती के तहत सबसे बड़ा क्षेत्र (Acreage) है, लेकिन उत्पादकता (Yield per hectare) चीन और अमेरिका के मुकाबले कम है, जिसे सुधारने के लिए ही ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ लॉन्च किया गया है।
निर्यात (Export) में स्थान: प्रमुख खिलाड़ी
– भारत दुनिया के शीर्ष कपास निर्यातकों में शामिल है, लेकिन हाल के वर्षों में भारत की रणनीति बदली है:
– कच्चा कपास (Raw Cotton): भारत अब कच्चा कपास निर्यात करने के बजाय उसका उपयोग घरेलू कपड़ा उद्योगों में करके ‘वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स’ (जैसे धागा/Yarn और कपड़े) निर्यात करने पर ध्यान दे रहा है।
– मुख्य बाजार: बांग्लादेश, वियतनाम और चीन भारतीय कपास और धागे के सबसे बड़े खरीदार हैं।
– भारत अक्सर दुनिया का दूसरा या तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक रहता है (अमेरिका और ब्राजील के साथ मुकाबला रहता है)।
आयात (Import) में स्थिति
– हैरानी की बात लग सकती है कि दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक होने के बावजूद भारत कपास आयात भी करता है।
– क्यों? भारत मुख्य रूप से Extra Long Staple (ELS) कॉटन आयात करता है, जो बहुत महीन और प्रीमियम गुणवत्ता का होता है (जैसे मिस्र का कॉटन)। भारत में इसका उत्पादन कम होता है, इसलिए लग्जरी कपड़ों के लिए इसे अमेरिका और मिस्र से मंगाया जाता है।
उपभोग (Consumption) में स्थान: दूसरा
– भारत कपास का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है। भारत का विशाल टेक्सटाइल उद्योग (सूरत, लुधियाना, तिरुपुर) भारी मात्रा में कपास की खपत करता है।
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12. केंद्र सरकार ने ऑटोमैटिक रूट से बीमा कंपनियों में कितने प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति दी?
What percentage of Foreign Direct Investment (FDI) has the Central Government permitted in insurance companies through the automatic route?
a. 49%
b. 74%
c. 100%
d. 20%
Answer: c. 100%
– केंद्र सरकार ने मई 2026 में बीमा कंपनियों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को ‘ऑटोमैटिक रूट’ के तहत अधिसूचित (Notify) कर दिया।
– इस फैसले से अब विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बीमा बाजार के दरवाजे पूरी तरह खुल गए हैं।
– यह अधिसूचना ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025’ के पारित होने के बाद आई है, जिसे दिसंबर 2025 में संसद की मंजूरी मिली थी। इससे पहले फरवरी में DPIIT ने भी इस क्षेत्र में 100% FDI के लिए अधिसूचना जारी की थी।

मुख्य बातें और शर्तें
– लाइसेंस अनिवार्य: FDI प्राप्त करने वाली कंपनियों को IRDAI (भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण) से आवश्यक लाइसेंस या अनुमोदन प्राप्त करना होगा।
– भारतीय नेतृत्व: विदेशी निवेश वाली भारतीय बीमा कंपनियों में यह अनिवार्य होगा कि चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) या CEO में से कम से कम एक व्यक्ति भारतीय निवासी नागरिक हो।
– कानूनी अनुपालन: सभी निवेश बीमा अधिनियम, 1938 के प्रावधानों के अनुरूप होने चाहिए।
LIC के लिए अलग नियम
– भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के लिए निवेश की सीमा को अलग रखा गया है।
– LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20 प्रतिशत पर सीमित (Cap) की गई है, जो कि ऑटोमैटिक रूट के माध्यम से होगा।
– यह निवेश ‘LIC अधिनियम, 1956’ के प्रावधानों के तहत विनियमित होगा।
इन क्षेत्रों में भी 100% FDI की अनुमति
– बीमा कंपनियों के साथ-साथ बीमा मध्यवर्तियों (Intermediaries) को भी बड़ी राहत दी गई है। इनमें शामिल हैं:
– बीमा ब्रोकर्स और री-इंश्योरेंस ब्रोकर्स।
– बीमा सलाहकार और कॉर्पोरेट एजेंट।
– थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA)।
– सर्वेयर और लॉस असेसर्स।
नोट – सरल शब्दों में इसका मतलब यह है कि अब केवल मुख्य बीमा कंपनियाँ (जैसे LIC या ICICI Prudential) ही नहीं, बल्कि बीमा बेचने और दावों (Claims) को निपटाने में मदद करने वाली सपोर्टिंग कंपनियों में भी विदेशी निवेशक अपना पूरा (100%) पैसा लगा सकते हैं।
ऑटोमैटिक रूट क्या है और कितने तरह के निवेश रूट
– भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मुख्य रूप से दो रास्तों या ‘रूट्स’ (ऑटोमैटिक रूट और सरकारी रूट) से आता है।
– इनका मुख्य अंतर सरकार की अनुमति की जरूरत पर आधारित है।
– ऑटोमैटिक रूट : इसे ‘स्वचालित मार्ग’ भी कहते हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है, इसमें प्रक्रिया काफी सरल और तेज होती है। इसमें किसी विदेशी कंपनी या निवेशक को निवेश करने से पहले भारत सरकार या RBI से किसी पूर्व अनुमति (Prior Approval) की आवश्यकता नहीं होती। निवेशक सीधे पैसा लगाता है और निवेश प्राप्त होने के बाद एक तय समय सीमा (अक्सर 30 दिन) के भीतर RBI को केवल इसकी सूचना देनी होती है।
– सरकारी रूट: इसे ‘अनुमोदन मार्ग’ कहा जाता है। यहाँ सरकार का नियंत्रण अधिक होता है। निवेश करने से पहले निवेशक को संबंधित मंत्रालय या विभाग से अनिवार्य अनुमति लेनी पड़ती है। निवेशक को ‘FDI कन्फर्मेशन पोर्टल’ पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। संबंधित मंत्रालय सुरक्षा और आर्थिक पहलुओं की जाँच करने के बाद ही इसे मंजूर या नामंजूर करता है। यह उन क्षेत्रों में लागू होता है जो देश की सुरक्षा, संप्रभुता या संवेदनशील उद्योगों से जुड़े होते हैं (जैसे कुछ रक्षा क्षेत्र, सैटेलाइट, या वे देश जिनकी सीमा भारत से लगती है)।
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13. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में विदेशी निवेश की सीमा (FDI Cap) कितनी रखी गई है?
What is the foreign investment limit (FDI cap) set for the Life Insurance Corporation of India (LIC)?
a. 100%
b. 20%
c. 50%
d. 74%
Answer: b. 20%
– केंद्र सरकार ने मई 2026 में बीमा कंपनियों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को ‘ऑटोमैटिक रूट’ के तहत अधिसूचित (Notify) कर दिया।
– हालांकि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के लिए निवेश की सीमा को अलग रखा गया है।
– LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20 प्रतिशत पर सीमित (Cap) की गई है, जो कि ऑटोमैटिक रूट के माध्यम से होगा।
– यह निवेश ‘LIC अधिनियम, 1956’ के प्रावधानों के तहत विनियमित होगा।
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14. बैडमिंटन के प्रतिष्ठित ‘थॉमस कप’ में भारतीय पुरुष टीम ने कौन सा पदक जीता?
Which medal did the Indian men’s team win in the prestigious ‘Thomas Cup’ badminton tournament?
a. गोल्ड
b. सिल्वर
c. ब्रॉन्ज
d. इनमें से कोई नहीं
Answer: c. ब्रॉन्ज
– मई 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने ‘थॉमस कप’ में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता।
– थॉमस कप दुनिया की सबसे बड़ी बैडमिंटन टीम प्रतियोगिता है।
– सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला फ्रांस से था।
– भारत, फ्रांस से 0-3 से हार गया।
– इससे पहले भारत ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे को 3-0 से हराकर पदक पक्का किया था।
– यह थॉमस कप के 78 साल के इतिहास में भारत का केवल दूसरा पदक है (इससे पहले 2022 में भारत ने गोल्ड जीता था)।
सिंगल्स (Singles) खिलाड़ी:
– लक्ष्य सेन: टीम के मुख्य खिलाड़ी (हालांकि सेमीफाइनल में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे)।
– एच.एस. प्रणय: अनुभवी खिलाड़ी जिन्होंने टीम को मजबूती दी।
– किदांबी श्रीकांत: पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 और टीम के सीनियर सदस्य।
– आयुष शेट्टी: 2025 के यूएस ओपन चैंपियन, जिन्होंने पहली बार थॉमस कप टीम में जगह बनाई।
– किरण जॉर्ज: सिंगल्स में बैकअप और गहराई प्रदान करने के लिए शामिल थे।
डबल्स (Doubles) खिलाड़ी:
– सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी: दुनिया की बेहतरीन डबल्स जोड़ियाँ में से एक, जिन्होंने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के खिलाफ निर्णायक जीत दिलाई थी।
– ध्रुव कपिला और एम.आर. अर्जुन: डबल्स की दूसरी प्रमुख जोड़ी।
– हरिहारन अंसकारुनन: डबल्स में अतिरिक्त विकल्प के तौर पर टीम का हिस्सा थे।
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15. कुलदीप कुमार ने ‘इंडियन इंडोर ओपन प्रतियोगिता 2026’ में पोल वॉल्ट में कितनी ऊंचाई का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया?
What height did Kuldeep Kumar set as a new national record in the pole vault at the ‘Indian Indoor Open Competition 2026’?
a. 4.40 मीटर
b. 5.41 मीटर
c. 5.40 मीटर
d. 5.41 मीटर
Answer: d. 5.41 मीटर

– कुलदीप कुमार मध्य प्रदेश के 21 वर्षीय एथलीट हैं।
– उन्होंने पोल वॉल्ट (Pole Vault) में एक नया नेशनल रिकॉर्ड (NR) बनाया है।
– भुवनेश्वर में आयोजित ‘इंडियन इंडोर ओपन प्रतियोगिता’ में उन्होंने 5.41 मीटर की ऊँचाई पार की।
– उन्होंने देव कुमार मीणा के जुलाई 2025 के 5.40 मीटर के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा और भारत के सबसे ऊँचे पोल वॉल्टर बन गए हैं।
पोल वॉल्ट क्या होता है
– पोल वॉल्ट (Pole Vault) एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड) की एक बहुत ही रोमांचक और चुनौतीपूर्ण स्पर्धा है।
– सरल शब्दों में कहें तो, यह एक लंबी छड़ी (Pole) की मदद से एक ऊँची बाधा (Bar) के ऊपर से कूदने का खेल है।
– अभी जो कुलदीप कुमार ने नेशनल रिकॉर्ड बनाया है, उसका मतलब है कि उन्होंने जमीन से 5.41 मीटर की ऊँचाई पर लगी उस पट्टी को सफलतापूर्वक पार किया, जो अब तक किसी भी भारतीय द्वारा लगाई गई सबसे ऊँची छलांग है।
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16. विश्व रेडक्रास दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Red Cross Day celebrated?
a. 7 May
b. 8 May
c. 9 May
d. 10 May
Answer: b. 8 May
वर्ष 2026 की थीम
– मानवता में एकता
– United in Humanity
– यह दिन रेड क्रॉस (ICRC) की अंतर्राष्ट्रीय समिति के संस्थापक जीन हेनरी डुनेंट के जन्मदिन की सालगिरह के रूप में भी मनाया जाता है।
– हेनरी ड्यूनेंट का जन्म 8 मई, 1828 को हुआ था और वह नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता भी थे।
रेड क्रॉस
– रेड क्रॉस एक वैश्विक मानवतावादी नेटवर्क है जिसका उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के पीड़ित लोगों की मदद करना है। रेड क्रॉस का मिशन जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करना और मनुष्यों के लिए सम्मान सुनिश्चित करना है। वे प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं, संघर्ष और पुरानी गरीबी के जवाब में लोगों की मदद करते हैं।
– रेड क्रॉस तीन भागों से बना है : रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति (ICRC), रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटीज़ का अंतर्राष्ट्रीय संघ, 192 राष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसायटी
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17. किस भारतीय शिपबिल्डर कंपनी ने श्रीलंका के ‘कोलंबो डॉकयार्ड’ का अधिग्रहण किया?
Which Indian shipbuilding company acquired Sri Lanka’s ‘Colombo Dockyard’?
a. कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
b. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड
c. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स
d. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड
Answer: b. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड
– भारत की प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र इकाई (PSU), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने श्रीलंका के कोलंबो डॉकयार्ड PLC (CDPLC) में 51% की नियंत्रण हिस्सेदारी हासिल की।
– वर्ष 2026 में ₹452 करोड़ (लगभग 53 मिलियन डॉलर) का यह सौदा भारत के समुद्री इतिहास में किसी अंतरराष्ट्रीय शिपयार्ड का पहला अधिग्रहण है।
रणनीतिक और वाणिज्यिक मील का पत्थर
– यह अधिग्रहण केवल एक व्यावसायिक कदम नहीं है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
– MDL (मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, कैप्टन जगमोहन ने इस सौदे को दोनों देशों के लिए ‘परस्पर लाभकारी’ बताते हुए कहा, “यह अधिग्रहण द्विपक्षीय संबंधों के लिए दीर्घकालिक महत्व रखता है। हमें दोनों कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण तालमेल दिखाई देता है।”

कैसे हुआ यह सौदा?
– प्रक्रिया की शुरुआत: जनवरी 2025 में कोलंबो डॉकयार्ड की बहुसंख्यक हिस्सेदार, जापान की ओनोमिची डॉकयार्ड कंपनी ने बाहर निकलने का फैसला किया।
– मझगांव की एंट्री: MDL सफल बोलीदाता के रूप में उभरा। जून 2025 में MDL बोर्ड ने निवेश को मंजूरी दी।
– सरकारी अनुमति: भारत के रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय (DIPAM) से मंजूरी मिलने के बाद, अप्रैल 2026 में अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हुई।
– पूंजी निवेश: अधिग्रहण के बाद, MDL ने डॉकयार्ड की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 40 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त पूंजी डाली है।
श्रीलंका के लिए ‘संजीवनी’
– पिछले कुछ वर्षों से वित्तीय संकट और भारी कर्ज से जूझ रहे कोलंबो डॉकयार्ड के लिए यह निवेश एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ है।
– रोजगार सुरक्षा: इस सौदे से लगभग 3,000 कर्मचारियों की आजीविका सुरक्षित हुई है।
– राजस्व में वृद्धि: नए ऑर्डर और पूंजी के साथ, इस वित्तीय वर्ष में राजस्व में 20% की वृद्धि की उम्मीद है।
चीन को कड़ा संदेश और भविष्य की योजनाएं
– यह कदम रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि श्रीलंका का हंबनटोटा बंदरगाह पहले से ही 99 साल की लीज पर चीन के पास है। कोलंबो पोर्ट पर भारत की मौजूदगी इस संतुलन को बनाए रखने में मदद करेगी।
– MDL अब श्रीलंका के त्रिंकोमाली और हंबनटोटा बंदरगाहों पर भी संभावनाएं तलाश रहा है। साथ ही, शिप रिपेयर (जहाज मरम्मत) जैसे उच्च-मार्जिन वाले क्षेत्र में विस्तार करने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर सहायक उद्योगों और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
स्पष्टीकरण: केवल वाणिज्यिक उपयोग
– शुरुआती दौर में श्रीलंका में इस बात को लेकर चिंताएं थीं कि क्या इस यार्ड का उपयोग भारत की रक्षा विनिर्माण के लिए किया जाएगा।
– हालांकि, MDL ने स्पष्ट किया है कि कोलंबो डॉकयार्ड का संचालन पूरी तरह से वाणिज्यिक रहेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर विश्वास बहाली हुई है।
मुख्य आंकड़े:
– सौदा मूल्य: ₹452 करोड़ (51% हिस्सेदारी)
– MDL की मार्केट कैप: ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक
– CDPLC का लक्ष्य: अगले 3 वर्षों में पूर्ण लाभप्रदता और विकास।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL)
– स्थान: यह मुंबई के मझगांव (Mazagon) क्षेत्र में स्थित है।
– महत्व: यह भारत के सबसे प्रमुख और पुराने रक्षा शिपयार्डों में से एक है।
– काम: यहाँ मुख्य रूप से भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोत (Warships) और पनडुब्बियों (Submarines) का निर्माण और मरम्मत की जाती है।
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18. वर्ल्ड एथलेटिक्स दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Athletics Day celebrated?
a. 7 May
b. 8 May
c. 9 May
d. 10 May
Answer: a. 7 May
– विश्व एथलेटिक्स दिवस की शुरुआत साल 1996 से हुई थी।
– यह दिवस कई तरह की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा फिटनेस और स्वास्थ्य के महत्व को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।
– एथलेटिक्स में दौड़ना, कूदना, फेंकना और चलना जैसे विभिन्न खेल आयोजन शामिल हैं।
विश्व एथलेटिक्स
– मुख्यालय : मोनाको
– स्थापना: 17 जुलाई, 1912
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19. अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर 12 मई 2026 को कितने नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 मिला?
On the occasion of International Nurses Day on May 12, 2026, how many nursing professionals received the National Florence Nightingale Award 2026?
a. 5
b. 10
c. 15
d. 25
Answer: c. 15
– राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के 15 नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2026 के ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार’ से नवाजा।
– यह सम्मान स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके निस्वार्थ समर्पण और असाधारण सेवाओं का प्रतीक है।
पुरस्कार का स्वरूप और सम्मान
– प्रत्येक विजेता को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए एक आधिकारिक प्रशस्ति पत्र, सम्मान स्वरूप पदक, ₹1 लाख की नकद पुरस्कार राशि दी गई।
पुरस्कार का महत्व और उद्देश्य
– भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित यह पुरस्कार नर्सिंग जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है।
– विशिष्ट पहचान: यह पुरस्कार सहायक नर्स दाइयों (ANM), पंजीकृत नर्सों और नर्सिंग शिक्षकों के अमूल्य योगदान को वैश्विक मंच पर पहचान देता है।
– सेवा की सराहना: इसका मुख्य उद्देश्य दुर्गम परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले पेशेवरों को प्रोत्साहित करना है।
2026 के प्रमुख पुरस्कार विजेता
– लक्षद्वीप की आयशा बीबी के को एक दूरस्थ द्वीप पर आधी रात के समय गंभीर परिस्थितियों में सुरक्षित प्रसव कराने के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्य को ग्रामीण और कठिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में देखा गया।
– लद्दाख की सहायक नर्स दाई कुलविंदर परही को ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में लगभग 30 वर्षों तक सेवा देने के लिए सम्मान मिला। कठिन मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर जारी रखा।
– दिल्ली के डॉ. शरवन कुमार ढाका को कोविड-19 टीकाकरण अभियान और जनस्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
– वहीं सेना चिकित्सा सेवाओं की मेजर जनरल लिस्सामा पी.वी. को सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।
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20. किस महिला क्रिकेट खिलाड़ी को इंग्लैंड सीनियर पुरुष टेस्ट टीम का फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया?
Which female cricketer was appointed as the fielding coach of the England Senior Men’s Test Team?
a. सारा टेलर
b. स्मृति मंधाना
c. सिद्रा अमीन
d. एलीसे पेरी
Answer: a. सारा टेलर
– महिला क्रिकेट की महानतम खिलाड़ियों में से एक , इंग्लैंड की पूर्व विकेटकीपर सारा टेलर को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए सीनियर पुरुष टेस्ट टीम का फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है।
– ईसीबी के क्रिकेट निदेशक रॉब की ने बुधवार को यह घोषणा की।
– 37 वर्षीय टेलर, जिन्होंने सभी प्रारूपों में 226 मैच खेले हैं, ने एंड्रयू फ्लिंटॉफ के नेतृत्व में इंग्लैंड लायंस (इंग्लैंड ए) टीम के साथ भी काम किया है, और वहां उनके प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें वरिष्ठ टीम के सहायक स्टाफ में पदोन्नति दिलाई है।



