यह 6 मई 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र की अध्यक्ष का नाम बताएं, जो मई 2026 में भारत की यात्रा पर पहुंचीं?
Name the President of the 80th session of the United Nations General Assembly (UNGA) who arrived in India for a visit in May 2026.
a. राजेर रसेल
b. वोकार मन्नान
c. पीटर एनलेवा
d. एनालेना बेरबॉक
Answer: d. एनालेना बेरबॉक
– वह 27-28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली की यात्रा पर थी।
– इससे पहले वह जर्मनी की विदेश मंत्री (2021-2025) रह चुकी हैं।
– वह UNGA की अध्यक्षता करने वाली दुनिया की पांचवीं महिला हैं।

भारत यात्रा का एजेंडा
– एनालेना बेरबॉक ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान वैश्विक शासन (Global Governance), बहुपक्षवाद (Multilateralism) और संयुक्त राष्ट्र में सुधार (UN Reforms) जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
– उन्होंने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष सत्र में भाग लिया। इसका उद्देश्य AI के नियमन (Regulation) और शासन में नई तकनीक के उपयोग पर भारत के अनुभवों को साझा करना था।
– उन्होंने ‘UN80’ पहल (संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ) के संदर्भ में वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे वर्तमान चुनौतियों का सामना कर सकें।
– अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की, जो शांति और वैश्विक सहयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
– भारत की यात्रा समाप्त करने के बाद, वे 29-30 अप्रैल 2026 को चीन की यात्रा पर गईं, जहां उनका उद्देश्य वैश्विक व्यवस्था और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के महत्व पर चर्चा करना था।
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2. किस देश ने लिपुलेख को अपना हिस्सा बताते हुए इस रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भारत और चीन से आपत्ति जताई?
Which country raised objections with India and China regarding the Kailash Mansarovar Yatra via this route, claiming Lipulekh as its own territory?
a. बांग्लादेश
b. म्यांमार
c. श्रीलंका
d. नेपाल
Answer: d. नेपाल
लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा
– ये तीनों क्षेत्र भारतीय राज्य उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्से हैं।
– यह इलाका है और चीन की वजह से यह बेहद स्ट्रैटेजिक इलाका है।
– क्योंकि यहां पर हम ऊंचाई पर हैं और चीन नीचे। ऐसे में युद्ध होने पर इस जगह से इंडिया, चीन पर भारी पड़ सकता है।
– लिपुलेख के रास्ते चीन में कैलाश मानसरोवर तक यात्रा जुलाई में शुरू होगी।

कैलाश मानसरोवर के बारे में
– कैलाश-मानसरोवर हिन्दुओं के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है।
– कैलाश पर्वत को भगवान शिव और माता पार्वती का पवित्र निवास स्थान माना जाता है। इस पर्वत को 30 मिलियन साल पुराना माना जाता है।
– जैन, बौद्ध और तिब्बत के लोग भी इस पर्वत को अत्यधिक धार्मिक मान्यता देते हैं।
– कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए प्रत्येक भारतीय व्यक्ति को वीजा की जरूरत पड़ती है, क्योंकि कैलाश पर्वत तिब्बत में है और तिब्बत पर चीन का कब्जा है।
कैलाश मानसरोवर जाने के लिए तीन रास्ते हैं:
– उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा मार्ग से यात्रा में 24 दिन लगते हैं।
– सिक्किम का नाथू ला दर्रा मार्ग से यात्रा में 21 दिन लगते हैं।
– नेपाल के रास्ते तिब्बत का शिगात्से मार्ग से यात्रा में 13 रात और 14 दिन लगते हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दो समझौता
1. मई 2013 में भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रा मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहला समझौता हुआ।
2. सितंबर 2014 में भारत और चीन के बीच नाथुला दर्रा मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दूसरा समझौता हुआ।
नोट: आपको बता दें कि भारत-चीन समझौते ने वर्ष 1954 में इस यात्रा के लिए अनुमति दी थी। 1959 में तिब्बती विद्रोह और 1962 में भारत-चीन युद्ध के कारण यह यात्रा बंद कर दी गई। वर्ष 1981 में भारत-चीन के बीच एक समझौते के बाद ये यात्रा फिर शुरू हुई।
मानसरोवर यात्रा कब से बंद थी, जो शुरू हुई
– कैलाश मानसरोवर यात्रा वर्ष 2020 से बंद थी।
– जून 2020 में भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद हुआ था।
– और कोविड-19 की पहली लहर मार्च 2020 में आई थी।
– वर्ष 2025 में इसे फिर से चालू करने का फैसला हुआ
नेपाल ने आपत्ति जताई
– नेपाल सरकार ने मई 2026 में भारतीय तीर्थयात्रियों से लिपुलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा न करने की अपील की है।
– नेपाल के बालेन शाह की सरकार के विदेश मंत्रालय ने 4 मई 2026 को बयान जारी कर कहा कि 1816 की सुगौली संधि के मुताबिक लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्र नेपाल का हिस्सा है।
– नेपाल ने कहा कि लिपुलेख के रास्ते प्रस्तावित कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर उसने भारत और चीन दोनों को डिप्लोमैटिक तरीके से अपनी आपत्ति और चिंता से अवगत करा दिया है।
– नेपाल ने पिछले साल कुछ बैंक नोट जारी किए थे, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था, जबकि ये तीनों इलाके भारतीय सीमा में आते हैं।
नेपाल का मैप विवाद क्या है-
– अंग्रेज और नेपाल के राजा के साथ हुई सुगौली संधि, 1816 के अनुसार यहां पर महाकाली नदी इंडिया और नेपाल का इंटरनेशनल बॉर्डर है।
– लेकिन जैसे तमाम नदियों का होता है कि वह कई धाराओं से निकलकर नदी का रूप लेती है, वैसा ही महाकाली नदी का भी है।
– इंडिया मानता है कि लिपुलेख के पास महाकाली नदी की जो धारा बहती है, वो बॉर्डर है।
– लेकिन नेपाल का कहना है कि महाकाली नदी की एक धारा लिंफियाधुरा से निकलती है, वही असली बाउंड्री है इंडिया- नेपाल की।
– यह विवाद नवंबर 2019 में पुनर्जीवित हुआ था, जब भारत ने नवनिर्मित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख को एक संशोधित पॉलिटिकल मैप पब्लिश किया।
– इसके बाद 2020 में तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, जो चीन समर्थक माने जाते हैं, उन्होंने इसे मुद्दा बनाया। इसके बाद संसद ने नया मैप पास करवाया।
– मतलब कि 2020 से पहले के मैप में खुद ही नेपाल तीन क्षेत्रों (लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी) को भारत का हिस्सा बताता था।
– यह एरिया करीब 400 स्क्वायर किलोमीटर का है। इंडिया के पास तो इसका एक्चुअल कंट्रोल है।
नेपाल में राष्ट्रवाद की भावना
– जिस तरह से इंडिया में अखंड भारत की बात होती है। कुछ पॉलिटिकल पार्टी और संगठन के बारे में अक्सर बोलते हैं और यहां के युवा उत्साहित हो जाते हैं।
– उसी तरह से नेपाल में भी ग्रेटर नेपाल की बात वहां के पॉलिटिकल पार्टी करते हैं।
– वे मानते हैं कि पूरा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश का कुछ हिस्सा, इधर सिक्किम उन्हीं का है, जो भारत के पास है।
– इसी वजह से 2020 में संसद में नया मैप पास होने से वहां लोगों ने दीवाली मनाई थी। उन्हें लग रहा है कि जीत का पहला कदम पार कर लिया।
– इस पूरे मामले में चीन की भूमिका बेहद संदिग्ध है।
भारत की प्रतिक्रिया
– विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता श्री रणधीर जायसवाल ने कहा:
– भारत का रुख स्पष्ट है: इस संबंध में भारत का रुख हमेशा से स्थिर और स्पष्ट रहा है।
– लिपुलेख दर्रा (Lipulekh Pass): 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए लिपुलेख दर्रा एक पुराना और स्थापित मार्ग रहा है। इस मार्ग से यात्रा दशकों से चल रही है और यह कोई नया बदलाव नहीं है।
– क्षेत्रीय दावों पर प्रतिक्रिया: क्षेत्रीय दावों के संबंध में भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि ऐसे दावे न तो उचित हैं और न ही ऐतिहासिक तथ्यों या सबूतों पर आधारित हैं। क्षेत्रीय दावों का ऐसा एकतरफा और बनावटी विस्तार मान्य नहीं है।
– द्विपक्षीय संबंध और संवाद: भारत द्विपक्षीय संबंधों के सभी मुद्दों पर नेपाल के साथ रचनात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसमें आपसी सहमति से तय किए गए लंबित सीमा मुद्दों को बातचीत और कूटनीति (diplomacy) के माध्यम से सुलझाना भी शामिल है।
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3. IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स को किसने खरीदा?
Who bought the IPL franchise Rajasthan Royals?
a. लक्ष्मी निवास मित्तल
b. आदित्य मित्तल
c. अदार पूनावाला
d. उपरोक्त सभी
Answer: d. उपरोक्त सभी (लक्ष्मी निवास मित्तल और आदित्य मित्तल के पास 75% और अदार पूनावाला के पास 18%)
– IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स को दुनिया के नंबर वन स्टील कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल और आदित्य मित्तल ने खरीद लिया है।
– सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला भी इसमें पार्टनर हैं।
– इस डील की अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू करीब 1.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 15,660 करोड़ रुपए) बताई जा रही है।
– यह IPL इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी डील है।
– डील पूरी होने के बाद मित्तल परिवार के पास राजस्थान रॉयल्स की लगभग 75% हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला करीब 18% हिस्सेदारी के साथ साझेदार बने रहेंगे।
– वहीं, बाकी 7% हिस्सेदारी मनोज बडाले और अन्य मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी।
– हालांकि यह डील अभी नियामक मंजूरियों पर निर्भर है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), IPL गवर्निंग काउंसिल और अन्य संबंधित संस्थाओं की स्वीकृति के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
– अनुमान है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यह सौदा सितंबर 2026 तक पूरा हो सकता है।
लक्ष्मी मित्तल
– जन्म: राजगढ़, चूरू
– भारत: 72वें, दुनिया के 9वें सबसे अमीर शख्स
– नेटवर्थ: $24.98 (2.26 लाख करोड़)
– 2019: निप्पॉन स्टील के साथ ‘एस्सार स्टील को 59,000 करोड़ रुपए में खरीदा
– 2021: CEO पद बेटे आदित्य मित्तल को सौंपा
– कंपनी आरसेलर मित्तल के एण्जीक्यूटिव चेयरमैन
अदार पूनावाला
– सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक
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4. किस शहर और राज्य में स्थित बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 को पर्यटकों से भरे क्रूज के डूबने से कइयों की मौत हो गई?
In which city and state is the Bargi Dam located, where many people lost their lives on April 30, 2026, after a cruise ship filled with tourists sank?
a. भोपाल, मध्य प्रदेश
b. जबलपुर, मध्य प्रदेश
c. टिहरी, उत्तराखंड
d. अकोला, महाराष्ट्र
Answer: b. जबलपुर, मध्य प्रदेश

– मध्य प्रदेश के जबलपुर में 30 अप्रैल 2026 की शाम को बरगी डैम में यह हादसा हुआ।
– क्रूज में करीब 39 पर्यटक और दो चालक दल के सदस्य सवार थे।
– हादसा डैम किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। यहां करीब 20 फीट गहराई है।
– 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कुछ लोग तैरकर निकल आए थे।
– घटना की वजह आंधी को बताया जा रहा है।
– क्रूज में मौजूद पर्यटकों को लाइफ जैकेट नहीं पहनाया गया था, जब क्रूज डूबने लगा तो कर्मचारियों ने लाइफ बोट पहनाना शुरू किया।
– मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि लापरवाही के कारण क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

क्रूज का निर्माण 2006 में किया था
– इसका निर्माण 2006 में किया गया था।
– इसकी क्षमता 60 यात्रियों की है।
– वहीं दूसरा क्रूज खराब है।
लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला
– क्रूज पायलट महेश ने बताया कि वह 10 वर्ष से ये काम कर रहा है।
– सभी सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला।
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5. भारत में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का विकास किस संस्थान ने किया, जिसे ‘सचेत (SACHET) इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम’ कहा गया?
Which institution in India developed the Cell Broadcast Alert System, known as the ‘SACHET Emergency Alert System’?
a. इसरो (ISRO)
b. डीआरडीओ (DRDO)
c. सी-डॉट (C-DOT)
d. एनआईसी (NIC)
Answer: c. सी-डॉट (C-DOT)
‘सचेत (SACHET) इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम’
– सचेत (SACHET) इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम भारत सरकार का एक स्वदेशी, सेल ब्रॉडकास्ट-आधारित प्रणाली है।
– इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के साथ मिलकर विकसित किया है।
– भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने 2 मई 2026 को NDMA (नेशलन डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) के सहयोग से पूरे भारत में ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ का बड़े पैमाने पर परीक्षण किया।
– इस परीक्षण के दौरान स्मार्टफोन पर एक तेज बीपिंग ध्वनि और कंपन के साथ ‘अत्यंत गंभीर अलर्ट’ (Extremely Severe Alert) का पॉप-अप संदेश भेजा गया।
सेल ब्रॉडकास्ट (Cell Broadcast – CB) तकनीक क्या है?– सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से एक निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ छोटे संदेश भेजे जा सकते हैं।
– विकास: इसका विकास 1990 के दशक की शुरुआत में ‘यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान’ (ETSI) द्वारा किया गया था।
– भारत में विकास: भारत में इसका स्वदेशी रूप से विकास किया गया और परीक्षण मई 2026 में किया गया।
– प्रकृति: यह ‘वन-टू-मेनी’ (One-to-Many) तकनीक है, जो एक साथ लाखों उपकरणों तक पहुँचने में सक्षम है।
– सेंसरशिप और गोपनीयता: इसमें संदेश भेजने के लिए मोबाइल नंबर की आवश्यकता नहीं होती, जिससे उपयोगकर्ता की गोपनीयता बनी रहती है।
SMS बनाम सेल ब्रॉडकास्ट (तुलना)
– प्रसारण: SMS व्यक्तिगत (One-to-One) होता है, जबकि सेल ब्रॉडकास्ट सामूहिक (One-to-Many) होता है।
– नेटवर्क: भारी ट्रैफिक में SMS देरी से पहुँचता है, लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट नेटवर्क जाम होने पर भी तुरंत काम करता है।
– सटीकता: SMS को खास इलाके में भेजना कठिन है, जबकि सेल ब्रॉडकास्ट केवल प्रभावित क्षेत्र के टावरों से भेजा जा सकता है।
– प्रभाव: साइलेंट मोड पर SMS का पता नहीं चलता, जबकि सेल ब्रॉडकास्ट साइलेंट मोड में भी तेज ध्वनि और कंपन पैदा करता है।
– गोपनीयता: SMS के लिए मोबाइल नंबर जरूरी है, जबकि सेल ब्रॉडकास्ट बिना नंबर या व्यक्तिगत डेटा के काम करता है।
यह कैसे कार्य करता है?
– नेटवर्क कम्युनिकेशन: मोबाइल टावर अपने दायरे में आने वाले सभी फोन के साथ निरंतर संचार करते हैं।
– एकतरफा कम्युनिकेशन: सरकारी अधिकारी इस संचार प्रणाली का उपयोग करके टावरों को संदेश भेजते हैं, जो तत्काल उस क्षेत्र के सभी सक्रिय फोन पर फ्लैश हो जाता है।
– अनिवार्यता: यह संदेश तब तक स्क्रीन पर रहता है जब तक उपयोगकर्ता ‘OK’ बटन नहीं दबा देता।
– पुराने हैंडसेट: कुछ बहुत पुराने मोबाइल फोन इस तकनीक को सपोर्ट नहीं कर सकते हैं।
भारत के लिए इसका महत्व
– भारत जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील देश है, जहाँ चक्रवात, बाढ़, लू (Heatwaves) और भूस्खलन जैसी आपदाएँ अक्सर आती रहती हैं।
– समय पर सूचना: ‘अर्ली वार्निंग’ (पूर्व चेतावनी) के माध्यम से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
– समावेशिता: यह प्रणाली कई भाषाओं में संदेश भेजने में सक्षम है, जिससे भाषाई विविधता वाले भारत में सभी तक सूचना पहुँच सकती है।
– तकनीकी आत्मनिर्भरता: इसे दूरसंचार विभाग के अनुसंधान केंद्र C-DOT (Center for Development of Telematics) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
– वैश्विक मानकों के अनुरूप: यह प्रणाली UN की ‘अर्ली वार्निंग्स फॉर ऑल’ (Early Warnings for All) पहल का हिस्सा है, जिसे ITU (अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ) बढ़ावा देता है।
वैश्विक परिदृश्य
– विश्व के लगभग 30 से अधिक देश इस प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं:
– जापान: 2007 में ‘J-Alert’ प्रणाली लागू की (सुनामी और भूकंप के लिए)
– अमेरिका: 2012 में ‘वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट’ (WEA) शुरू किया।
– यूरोपीय संघ: ‘EU-Alert’ ढांचे के तहत सदस्य देशों के लिए इसे अनिवार्य किया गया है।
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6. विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का मेजबान कौन है?
Who is the host of the 2026 Women’s T20 World Cup?
a. ऑस्ट्रेलिया
b. इंग्लैंड और वेल्स
c. न्यूजीलैंड
d. भारत
Answer: b. इंग्लैंड और वेल्स
– कब से कब तक : 12 जून से 5 जुलाई 2026
– भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप कप्तान स्मृति मंधाना हैं।
– टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा लेंगी।
ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम
– विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है।
– ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रिकॉर्ड छह बार खिताब अपने नाम किया।
– इंग्लैंड ने 2009 में पहला एडिशन जीतकर इतिहास रचा।
– जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में खिताब जीता था।
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7. अंतर्राष्ट्रीय दाई दिवस कब मनाया जाता है?
When is the International Day of the Midwife celebrated?
a. 2 May
b. 3 May
c. 4 May
d. 5 May
Answer: d. 5 May
वर्ष 2026 की थीम
– दस लाख और दाइयाँ
– One Million More Midwives
– इंटरनेशनल कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ मिडवाइव्स (ICM) ने 1992 में इस दिन की स्थापना की थी।
– यह दिन दाइयों के काम और मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य में योगदान का जश्न मनाने का मौका है।
– दाइयां गर्भावस्था, प्रसव और जन्म के बाद महिलाओं और उनके परिवारों को देखभाल और सहायता प्रदान करती हैं। वे संकट के दौरान सामुदायिक नेता और आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ता भी हैं, और अक्सर संघर्ष और जलवायु घटनाओं जैसी आपदाओं के दौरान महिलाओं के लिए पहली प्रतिक्रियाकर्ता होती हैं।
– दाइयों को मानवाधिकारों का रक्षक और प्रजनन न्याय का चैंपियन भी माना जाता है।
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8. विश्व हाथ स्वच्छता दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Hand Hygiene Day celebrated?
a. 2 May
b. 3 May
c. 4 May
d. 5 May
Answer: d. 5 May
– विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स में सुरक्षित हाथ धोने की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 2008 में इस दिन की शुरुआत की थी।
– बीमारी और संक्रमण के प्रसार को रोकने में हाथ की स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 5 मई को विश्व हाथ स्वच्छता दिवस मनाया जाता है।
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9. किस देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कार्यकाल पूरा करने के बाद राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया?
The President of which country, Emmanuel Macron, announced his retirement from politics after completing his term?
a. जर्मनी
b. फ्रांस
c. पोलैंड
d. फिनलैंड
Answer: b. फ्रांस
– फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि वे साल 2027 में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने के बाद राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
– उन्होंने कहा – पद छोड़ने के बाद उनका सार्वजनिक जीवन में बने रहने का कोई इरादा नहीं है।
– 2017 में, मैक्रों 39 साल की उम्र में फ्रांस के सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति बने थे।
– 2022 में चुनाव के बाद उन्हें इस पद के लिए फिर से चुना गया।
– फ्रांसीसी संविधान के अनुसार, कोई भी नेता लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता है।
– फ्रांस में प्रेसिडेंट को पांच साल के टर्म के लिए चुना जाता है।
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10. ‘सार्क करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क 2024-27’ के तहत मई 2026 में किस देश को 30 अरब रुपये दिए गए?
Under the ‘SAARC Currency Swap Framework 2024-27’, which country was provided with ₹30 billion in May 2026?
a. ईरान
b. वियतनाम
c. नेपाल
d. मालदीव
Answer: d. मालदीव

– भारत ने 24 अप्रैल 2026 को सार्क मुद्रा अदला-बदली ढांचे (SAARC Currency Swap Framework) के तहत मालदीव को 30 अरब रुपये (₹3,000 करोड़) की पहली निकासी (withdrawal) को मंजूरी दी है।
– यह कदम मालदीव की वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने और उसके विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
– यह नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत किया गया है।
आसान शब्दों में करेंसी स्वैप
– मालदीव के पास विदेशी मुद्रा (जैसे डॉलर) की कमी हो रही थी।
– भारत ने उससे कहा कि “आप हमसे 30 अरब रुपये (₹3,000 करोड़) ले लीजिए और अपना काम चलाइए।”
– इसे तकनीकी भाषा में ‘करेंसी स्वैप’ कहते हैं।
‘करेंसी स्वैप’ क्यों?
– आर्थिक संकट से बचाना: मालदीव को विदेशों से सामान खरीदने (Import) के लिए पैसों की जरूरत है। भारत की इस मदद से वहां की अर्थव्यवस्था डूबेगी नहीं।
– पुराना कर्ज चुकाया: मालदीव ने भारत से पहले जो उधार लिया था, उसे समय पर चुका दिया। इससे भारत का भरोसा उस पर बढ़ा और भारत ने उसे तुरंत यह नई बड़ी राशि (30 अरब रुपये) उधार दे दी।
इसमें भारत का क्या फायदा है?
– रुपये की ताकत: मालदीव अब व्यापार के लिए भारतीय रुपये का इस्तेमाल कर पाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुपये की वैल्यू बढ़ती है।
– रिश्तों में सुधार: पिछले कुछ समय से भारत और मालदीव के रिश्तों में जो तनाव था, उसे कम करने के लिए यह एक बड़ा ‘डिप्लोमैटिक’ कदम है।
यह किस योजना के तहत हुआ?
– भारत ने ‘सार्क’ (SAARC) देशों के लिए एक फंड बना रखा है।
– आरबीआई (RBI) के ‘सार्क करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क 2024-27’ के तहत भारतीय रुपया (INR) विंडो के लिए कुल 250 अरब रुपये (25,000 करोड़) राशि का प्रावधान रखा गया है।
– इस फंड का मकसद ही यही है कि अगर किसी पड़ोसी देश (जैसे नेपाल, भूटान, मालदीव) को पैसों की अचानक जरूरत पड़े, तो भारत उनकी मदद करे।
– यह मालदीव के लिए “इमरजेंसी फंड” की तरह है, जो भारत ने उसे उसकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दिया है।



