यह 1 to 4 नवंबर 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में पुरुष वर्ग का खिताब किस देश ने जीता?
Which country won the men’s title at the first Commonwealth Kabaddi Championship in 2026?
a. भारत
b. श्रीलंका
c. कनाडा
d. ऑस्ट्रेलिया
Answer: a. भारत
– भारत ने 31 अक्टूबर 2026 अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ये खिताब जीता।
– फाइनल में श्रीलंका को 54-20 से हराया।
गेम्स के बारे में
– आयोजक : इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (IKF) की मंज़ूरी से, एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (AKFI) द्वारा
– कब से कब : 23 से 31 अक्टूबर 2026
– कहां : अहमदाबाद स्थित वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
– कितने देश : 13 देश के 400 से ज़्यादा खिलाड़ी
– इसे आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में कबड्डी को आधिकारिक तौर पर शामिल कराने के प्रयास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
हिस्सा लेने वाले देश
– भारत
– श्रीलंका
– बांग्लादेश
– नाइजीरिया
– केन्या
– तंजानिया
– कनाडा
– सिंगापुर
– मलेशिया
– युगांडा
– इंग्लैंड
– स्कॉटलैंड
– ऑस्ट्रेलिया
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2. पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में महिला वर्ग का खिताब किस देश ने जीता?
Which country won the women’s title at the first Commonwealth Kabaddi Championship in 2026?
a. बांग्लादेश
b. भारत
c. युगांडा
d. मलेशिया
Answer: b. भारत
– महिला टीम ने फाइनल में युगांडा को 35-15 से शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
– महिला टीम ने सभी 6 मैच अपने नाम किए।
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3. हाइलो ओपन 2026 (बैडमिंटन) महिला एकल का खिताब किस भारतीय खिलाड़ी ने जीता?
Which Indian player won the women’s singles title at the Hylo Open 2026?
a. पीवी सिंधु
b. अनमोल खरब
c. पोनपावी चोचुवोंग
d. लाइन कजर्सफेल्ट
Answer: a. पीवी सिंधु
– टूर्नामेंट जर्मनी में खेला गया।
– भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने 1 नवंबर को हुए फाइनल में डेनमार्क की लाइन कजर्सफेल्ट को हराया।
– यह इस सीजन सिंधु का दूसरा BWF टूर खिताब है।
BWF क्या है?
– BWF वर्ल्ड टूर बैडमिंटन का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट सर्किट है, जिसे बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) आयोजित करता है।
– इसमें सालभर दुनिया के अलग-अलग देशों में टूर्नामेंट खेले जाते हैं।
– खिलाड़ियों को इन टूर्नामेंट में प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग पॉइंट्स और इनामी राशि मिलती है।
– इस टूर में सुपर 100 से लेकर सुपर 1000 तक के टूर्नामेंट शामिल हैं। – सुपर 1000 सबसे ऊंचे स्तर के टूर्नामेंट होते हैं।
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4. हाइलो ओपन 2026 (बैडमिंटन) पुरुष एकल का खिताब दूसरी बार किस भारतीय ने जीता?
Which Indian player won the Hylo Open 2026 men’s singles title for the second time?
a. टोमा जूनियर पोपोव
b. लक्ष्य सेन
c. आंद्रेज एंटोनसेन
d. लाइन जोनाथन क्रिस्टी
Answer: b. लक्ष्य सेन
– भारत के लक्ष्य सेन ने 1 नवंबर को हुए फाइनल में इंडोनेशिया के लाइन जोनाथन क्रिस्टी को हराया।
– मुकाबला जर्मनी के सारब्रुकन शहर में स्थित सारलैंडहैल एरिना में हुआ था।
– 25 वर्ष के लक्ष्य सेन ने इससे पहले वर्ष 2021 में हाइलो ओपन का खिताब जीता था।
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5. फॉर्मूला वन (F1) रेस के सबसे युवा चैंपियन कौन बने, जिन्होंने फॉर्मूला वन मेक्सिको ग्रैंड प्रिक्स ऑटो रेस में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीता?
Who became the youngest Formula One (F1) champion by winning the world championship at the Formula One Mexico Grand Prix auto race?
a. जॉर्ज रसेल
b. लुईस हैमिल्टन
c. मैक्स वेरस्टैपेन
d. किमी एंटोनेली
Answer: d. किमी एंटोनेली (इटली)
– इटली के एंटोनेली को 1 नवंबर 2026 को ताज पहनाया गया।
– मर्सिडीज के ड्राइवर एंड्रिया किमी ने मैक्सिको सिटी ग्रांड प्रिक्स में तीसरा स्थान हासिल कर मात्र 20 साल और 68 दिन की उम्र में F1 वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
– उन्होंने जर्मनी के सेबेस्टियन वेटेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2010 में 23 साल और 134 दिन की उम्र में पहली बार फॉर्मूला-1 विश्व चैंपियनशिप जीती थी।
– मेक्सिको के ऑटोड्रोमो हर्मानोस रोड्रिगेज सर्किट में आयोजित 71 लैप की रेस में एंटोनेली ने चौथे स्थान से शुरुआत की और तीसरे स्थान पर रेस समाप्त की।
– एंटोनेली 1953 में अल्बर्टो अस्करी के बाद फॉर्मूला-1 ड्राइवर्स वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाले पहले इतालवी ड्राइवर बने हैं।
– उन्होंने 2025 में मर्सिडीज के साथ फॉर्मूला-1 में डेब्यू किया था।
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6. एक नवंबर को किन राज्यों का स्थापना दिवस मनाया जाता है?
Which states celebrate their foundation day on November 1st?
a. कर्नाटक, केरल
b. मध्य प्रदेश, तमिलनाडु
c. हरियाणा, छत्तीसगढ़
d. उपरोक्त सभी
Answer: d. उपरोक्त सभी (कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा)
– देश में 1 नवंबर का दिन भारत के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बेहद खास है, क्योंकि इस दिन भाषाई और प्रशासनिक आधार पर कई राज्यों का गठन या पुनर्गठन हुआ था।
– सभी राज्यों के गठन का वर्ष भले अलग था लेकिन सभी के लिए एक नवंबर की तारीख ऐतिहासिक रूप में दर्ज है।
6 राज्यों का स्थापना दिवस
– मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश का पुनर्गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। इस दिन ‘मध्य प्रदेश स्थापना दिवस’ के रूप में मनाता जाता है, जिसमें कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
– छत्तीसगढ़: यह भारत में बनने वाला 26वां राज्य था, जो 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से कटकर अस्तित्व में आया था और इस दिन राज्य अपना स्थापना दिवस मनाता है।
– हरियाणा: भाषाके आधार पर पंजाब से अलग करके 1 नवंबर 1966 को हरियाणा राज्य का गठन किया गया था। इस दिन राज्य में सरकार की तरफ से कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
– कर्नाटक: कर्नाटक राज्य 1 नवंबर 1956 को ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम’ के तहत कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को मिलाकर पुनर्गठित किया गया था।
– केरल: दक्षिण भारत के इस राज्य का गठन भी 1 नवंबर 1956 को मालाबार, कोचीन और त्रावणकोर क्षेत्रों को मिलाकर किया गया था।
– तमिलनाडु: 1 नवंबर 1956 को ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम’ के अंतर्गत तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी का भाषाई आधार पर विभाजन किया गया था। हालांकि, 1969 में मद्रास का नाम बदलकर तमिलनाडु रखा गया।
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7. एक नवंबर को किन केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया जाता है?
Which union territories celebrate their foundation day on November 1st?
a. लक्षद्वीप, पुडुचेरी
b. चंडीगढ़, दिल्ली
c. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
d. उपरोक्त सभी
Answer: d. उपरोक्त सभी
– दिल्ली:1 नवंबर 1956 को राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम के तहत दिल्ली को ‘पार्ट-सी’ राज्य से बदलकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
– चंडीगढ़: इस केंद्रशासित प्रदेश की आधारशिला 1952 में रखी गई थी लेकिन एक नवंबर 1966 को राज्य के पुनर्गठन के समय, जब पंजाब और हरियाणा राज्य बने, तो इस शहर को पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी बनाया गया।
– अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत इसी दिन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को भी ‘पार्ट-सी’ राज्य से बदलकर एक केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया था।
– लक्षद्वीप: लक्षद्वीप को 1 नवंबर 1956 को भारत के एक अलग केंद्रशासित प्रदेश के रूप में गठित किया गया था और 1 नवंबर 1973 को इस द्वीप समूह को आधिकारिक तौर पर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
– पुडुचेरी: 1947 में अंग्रेज तो चले गए लेकिन फ्रांसीसियों का शासन 1954 तक बना रहा। 1 नवंबर 1954 को भारत में फ्रांसीसी कब्जे वाले क्षेत्रों को भारतीय संघ को सौंप दिया गया था, जिसके बाद यह एक केंद्रशासित प्रदेश बना।
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8. डिक्शनरी डॉट कॉम ने ‘वर्ड ऑफ द ईयर 2026’ क्या चुना?
What did Dictionary.com choose as the ‘Word of the Year 2026’?
a. जेन अल्फा
b. अफोर्डेबिलिटी
c. डेटा सेंटर
d. मैक्सिंग
Answer: d. मैक्सिंग
– यह शब्द ‘Maximum’ और ‘Max’ से निकला है और Gen Z तथा Gen Alpha की इंटरनेट संस्कृति से लोकप्रिय हुआ है।
– इसे अक्सर अन्य शब्दों के साथ जोड़कर इस्तेमाल किया जाता है।
– मैक्सिंग के पीछे का आइडिया यह है कि आप जो भी कर रहे हैं, उसे मैक्स करें।
– ये शब्द रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़्यादा से ज़्यादा नतीजे पाने पर फोकस करने वाले ऑनलाइन ट्रेंड्स की बढ़ती पॉपुलैरिटी को दिखाता है।
– शब्द का अनाउंसमेंट 26 अक्टूबर को ऑनलाइन सर्च, सोशल मीडिया पर बातचीत और न्यूज़ कवरेज के असेसमेंट के बाद किया।
– अफोर्डेबिलिटी, ओडिसी, डेटा सेंटर शब्द हैं, जिन्हें Dictionary.com ने रेस में माना है।
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9. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के 55वें महानिदेशक (DG) कौन बने?
Who became the 55th Director General (DG) of the Geological Survey of India (GSI)?
a. वर्षा अशोक अगलावे
b. एस. राजू
c. दिनेश विट्ठलराव गणवीर
d. जनार्दन प्रसाद
Answer: c. दिनेश विट्ठलराव गणवीर
– दिनेश वी. गणवीर ने 1 नवंबर, 2026 को चार्ज लिया।
– उन्होंने वर्षा अशोक अगलावे की जगह ली जो 31 अक्टूबर को रिटायर हुईं!
– वे 176 साल के इतिहास में पहली महिला महानिदेशक थीं।
– दिनेश वी. गणवीर, GSI के सेंट्रल रीजन (नागपुर) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल और हेड के तौर पर काम कर रहे थे।
– वह नेशनल मिशन हेड-II का पद भी संभाल रहे थे।
– उन्हें 1 जुलाई 1994 को GSI में नियुक्त किया गया था।
– नागपुर के रहने वाले 56 वर्षीय दिनेश वी. गणवीर ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी (RTMNU) से जियोलॉजी में मास्टर डिग्री ली।
– उन्हें जियोलॉजिकल मैपिंग, मिनरल एक्सप्लोरेशन, इंजीनियरिंग जियोलॉजी और मल्टी-डिसिप्लिनरी जियोसाइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन का अनुभव है।
GSI
– यह भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक प्रमुख वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक अनुसंधान संगठन है।
– मुख्यालय: कोलकाता, पश्चिम बंगाल
– स्थापना: 4 मार्च 1851
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10. किस पड़ोसी देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पवित्र बौद्ध स्तूप नंबर 76 समर्पित किया?
Which neighboring country presented the sacred Buddhist Stupa No. 76 to Prime Minister Narendra Modi?
a. भूटान
b. बांग्लादेश
c. श्रीलंका
d. म्यांमार
Answer: a. भूटान
– भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने 1 नवंबर 2026 को भूटान की गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में इन 108 बौद्ध स्तूपों की प्राण-प्रतिष्ठा की।
– ये स्तूप नौ घंटे में बनाए गए।
– इसके बाद नरेंद्र मोदी को पवित्र बौद्ध स्तूप नंबर 76 समर्पित किया।
– इन स्तूपों का स्थानीय नाम जांगचुब चोर्टेन्स है।
– केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ल्हाबाब दुचेन में हुए समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
– यह अभिषेक बौद्ध त्योहार ल्हाबाब ड्यूचेन के दौरान मनाया गया, जो गौतम बुद्ध के स्वर्ग से उतरने की याद में मनाया जाता है।
स्तूप किस परियोजना का हिस्सा हैं?
– स्तूप नंबर 76, 108 बौद्ध स्तूप परियोजना का हिस्सा है।
– इसका उददेश्य गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को वज्रयान बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
– प्रत्येक स्तूप की ऊंचाई 15 मीटर है।
– स्तूपों के बीच 108 मीटर की दूरी रखी गई है।
– ये स्तूप आइ (माउ) नदी के किनारे 11.7 किलोमीटर के क्षेत्र में बनाए गए हैं।
– यह समर्पण भारत और भूटान के बीच मजबूत आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।
भूटान
– राजधानी: थिम्फू
– प्रधानमंत्री: शेरिंग तोबगे
– आबादी: 8 लाख (2026)
– भाषा: जोंगखा
– मुद्रा: भूटानी न्गुल्ट्रम
– पड़ोसी देश: भारत और चीन।
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11. विश्व शाकाहारी दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Vegetarian Day celebrated?
a. एक नवंबर
b. दो नवंबर
c. तीन नवंबर
d. चार नवंबर
Answer: a. एक नवंबर
– विश्व शाकाहारी दिवस की स्थापना 1977 में उत्तरी अमेरिकी शाकाहारी सोसायटी द्वारा की गई थी।
– इसके बाद पूरी दुनिया में यह दिवस आयोजित किया जाने लगा।
– वैश्विक आबादी का लगभग 22% शाकाहारी है और यह संख्या बढ़ सकती है।
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12. किस श्रेणी का तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) INS मंगरोल को इंडियन नेवी में शामिल किया गया?
To which class does the third Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW-SWC), INS Mangrol—which has been inducted into the Indian Navy—belong?
a. अर्नाला श्रेणी
b. माहे श्रेणी
c. कलवरी श्रेणी
d. नीलगिरि श्रेणी
Answer: b. माहे श्रेणी
माहे-क्लास सीरीज का तीसरा पोत
– INS मंगरोल, एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) सीरीज के माहे-क्लास (Mahe-Class) का तीसरा पोत है।
– इसे मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया।
– मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित इस युद्धपोत में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
तटीय सुरक्षा और अचूक मार क्षमता
– इसे विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों, बंदरगाहों और उथले पानी (Shallow Waters) में अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जहाँ बड़े जहाजों की आवाजाही सीमित होती है।
– वॉटरजेट प्रोपल्शन तकनीक से लैस यह पोत एंटी-सबमरीन ऑपरेशन्स के साथ-साथ माइन्स बिछाने (Mine Warfare), तटीय निगरानी और कम-तीव्रता वाले समुद्री अभियानों (LIMO) को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकता है।
समृद्ध समुद्री विरासत:
– इसका नाम गुजरात के जूनागढ़ ज़िले के ऐतिहासिक तटीय शहर और प्रमुख मछली पकड़ने वाले बंदरगाह ‘मंगरोल’ के नाम पर रखा गया है।
– नया INS मंगरोल नौसेना के पुराने माइनस्वीपर पोत INS मंगरोल (M85) की विरासत को आगे बढ़ाता है, जिसने 1983 से 2004 तक भारतीय नौसेना में अपनी सेवाएं दी थीं।
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13. कर्नाटक के कारवार में कमीशन किया गया ‘आईएनएस समर्थक’ किस प्रकार का पोत है?
What type of vessel is ‘INS Samarthak’, which was commissioned in Karwar, Karnataka?
a. एंटी-सबमरीन शैलो वॉटर क्राफ्ट
b. पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत
c. गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर
d. परमाणु संचालित पनडुब्बी
Answer: b. पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत
नौसेना में औपचारिक कमीशनिंग:
– भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी बहुउद्देश्यीय पोत (Multi-Purpose Vessel – MPV), INS समर्थक, 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के कारवार स्थित नेवल बेस पर औपचारिक रूप से नौसेना में कमीशन किया गया।
– इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा कटटुपल्ली (चेन्नई) शिपयार्ड में किया गया है।
स्वदेशी जहाज निर्माण की मिसाल
– 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ निर्मित, INS समर्थक भारत की मजबूत होती रक्षा औद्योगिक क्षमता, उन्नत तकनीकी दक्षता और घरेलू जहाज निर्माण शक्ति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
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14. केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में क्या बदलाव किया?
What changes did the central government make to the Agnipath scheme?
a. 75% अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 साल से बढ़ाकर 6 साल की गई
b. अतिरिक्त 2 साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनने का एक और मौका दिया गया
c. अतिरिक्त 2 साल की सेवा के दौरान अधिक वेतन देने का प्रावधान किया गया
d. उपरोक्त सभी
Answer: d. उपरोक्त सभी
– अग्निवीर अब 4 नहीं, 6 साल तक नौकरी कर सकेंगे। इसके बाद वे सेना में बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। पास हुए, तो परमानेंट कमीशन भी मिलेगा।
– चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 4 नवंबर 2026 को यह ऐलान किया।
– इससे तीनों सेनाओं में तैनात करीब 3.18 लाख अग्निवीरों को फायदा होगा।
– इससे पहले हर बैच के 25% को मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक बनाने और बाकी 75% को चार साल की सर्विस के बाद फोर्स छोड़ने का प्रावधान था।
नए अग्निवीर नियमों में 5 बड़े बदलाव
– सेवा अवधि 6 साल तक: शुरूआती 4 साल की सेवा के बाद 75% अग्निवीर को 2 साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा।
– नियमित सैनिक बनने का दूसरा मौका: अतिरिक्त 2 साल पूरे होने पर अग्निवीरों को परमानेंट सैनिक बनने का एक और अवसर दिया जाएगा।
– 25% का पुराना प्रावधान बरकरार: शुरूआती 4 साल पूरे होने पर 25% अग्निवीर का मेरिट के आधार पर परमानेंट सर्विस में चयन पहले की तरह होगा।
– अतिरिक्त सेवा में ज्यादा वेतन: दूसरे 2 साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को पहले से अधिक वेतन दिया जाएगा।
– सेवा निधि और वरिष्ठता में बदलाव: छह साल बाद परमानेंट किए गए अग्निवीरों की वरिष्ठता, चार साल बाद चुने गए 25 अग्निवीरों से नीचे होगी।
दिसंबर तक 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल पूरा होना था
– 31 दिसंबर 2026 तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है।
– ये पहले बैच में भर्ती हुए 24,400 अग्निवीरों का करीब 75% हैं।
– पहले तय योजना के मुताबिक नवंबर के मध्य से 75% अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से बाहर किया जाना था।
– नई व्यवस्था के तहत अब इन्हें दो साल का अतिरिक्त समय मिलेगा। यह सेवा विस्तार अग्निवीरों की सहमति से होगा।
क्या है अग्निपथ योजना
– यह योजना 4 जून 2022 को शुरू हुई थी, जिसका आधिकारिक नाम ‘अग्निपथ योजना’ है और इसमें भर्ती युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहते हैं।
– 4 साल तक हर महीने सैलरी मिलती है और सेवा खत्म होने पर करीब 11.71 लाख रुपये एकमुश्त मिलते हैं, लेकिन इसमें पेंशन नहीं होती।
– 4 साल बाद सिर्फ 25% अग्निवीरों को ही सेना में परमानेंट रखने का प्रावधान है।
– शुरुआती नियमों के तहत बाकी 75% युवाओं को सेवा निधि देकर विदा करने का प्रावधान था, जिन्हें पुलिस और सुरक्षा बलों की भर्तियों में छूट मिलती है।
इस बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
– अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 2026 में पूरा हो रहा है। करीब 18 हजार अग्निवीरों को दिसंबर 2026 तक सेवा से बाहर होना था।
– ऐसे में सेना में प्रशिक्षित जवानों के अनुभव का इस्तेमाल जारी रखने और उन्हें आगे सेवा का अवसर देने के लिए यह बदलाव किया गया है।
क्या अग्निपथ योजना पूरी तरह बदल गई है?
– नहीं। योजना की चार साल की शुरुआती सेवा अवधि बरकरार है। बदलाव मुख्य रूप से शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर और उसके बाद नियमित सेवा में चयन का एक और रास्ता देने से जुड़ा है।
अग्निवीर भर्ती: उम्र, योग्यता और चयन प्रक्रिया
– उम्र कितनी होनी चाहिए : न्यूनतम उम्र 17 साल 6 महीने है। अधिकतम उम्र सामान्यतः थल सेना में 22 साल और नौसेना-वायुसेना में 21 साल होती है। अंतिम उम्र सीमा संबंधित भर्ती के नोटिफिकेशन से तय होती है।
– योग्यता: पद के अनुसार 8वीं, 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है। जनरल ड्यूटी और नौसेना मैट्रिक रिक्रूट (मैट्रिक रिक्रूट) के लिए सामान्यतः 10वीं, जबकि टेक्निकल, क्लर्क, SSR और वायुसेना के कई पदों के लिए योग्यता 12वीं चाहिए।



