यह 14 और 15 सितम्बर 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 किस जगह आयोजित हुआ?
Where was the BRICS Summit 2026 held?
a. यशोभूमि, दिल्ली
b. भारत मंडपम, नई दिल्ली
c. विज्ञान भवन, नई दिल्ली
d. हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली
Answer: b. भारत मंडपम, नई दिल्ली

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
– कौन सा वां समिट : 18वां
– कब : 12-13 सितंबर 2026
– कहां आयोजन : भारत मंडपम, नई दिल्ली
– अध्यक्षता / मेजबानी: भारत (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में)
– थीम : लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता का निर्माण
– घोषणापत्र: सम्मेलन के समापन पर सभी सदस्य देशों की सहमति से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration) जारी किया गया।
ब्रिक्स क्या है?
– समूह की बुनियाद 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन (BRIC) द्वारा की गई थी।
– चार साल बाद वर्ष 2009 में इसकी स्थापना हुई, जब दक्षिण अफ्रीका भी इसमें शामिल हुआ, तो इसे इसका वर्तमान नाम BRICS मिला।
– इसलिए इसका स्थापना वर्ष 2009 माना जाता है।
– तब से इस समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया भी शामिल हो गए हैं।
– ब्रिक्स देशों में विश्व की लगभग आधी आबादी रहती है और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इनका योगदान लगभग 40 प्रतिशत है।
– यह 10 महत्वपूर्ण इमर्जिंग इकोनॉमी का संगठन है।
– यह समूह दुनिया की 41 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
– दुनिया की GDP का लगभग 26 प्रतिशत ब्रिक्स देशों का है।
– भारत को चौथी बार 2026 में अध्यक्षता मिली। इससे पहले तीन बार 2012, 2016 और 2021 समिट की अध्यक्षता कर चुका है।
ब्रिक्स के कुल सदस्य और शामिल होने का वर्ष
– Brazil : 2006
– Russia : 2006
– India : 2006
– China : 2006
– South Africa : 2011
– Iran : 2024
– Egypt : 2024
– Ethiopia : 2024
– United Arab Emirates : 2024
– Indonesia : 2025
किन ब्रिक्स सदस्य नेताओं ने हिस्सेदारी की?
– भारत (मेजबान): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
– चीन: राष्ट्रपति शी जिनपिंग
– रूस: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
– दक्षिण अफ्रीका: राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा
– ईरान: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान
– इथियोपिया: प्रधानमंत्री अबी अहमद
– इंडोनेशिया: राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
– मिस्र (Egypt): राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी
– ब्राजील: विदेश मंत्री माउरो विएरा
– संयुक्त अरब अमीरात (UAE): क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नहयान
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आउटरीच एवं सहभागी देशों के प्रमुख व प्रतिनिधि
एशिया एवं दक्षिण-पूर्व एशिया
– फिलीपींस: राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर (आसियान 2026 के अध्यक्ष के रूप में विशिष्ट आमंत्रित)
– मलेशिया: प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम
– वियतनाम: प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग
– थाईलैंड: उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री सिहासाक फुआंगकेटकेओ
– कजाकिस्तान: राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव
– उज्बेकिस्तान: उप-प्रधानमंत्री जमशेद कुचकारोव
अफ्रीका
– नाइजीरिया: उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा
– युगांडा: उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो
– बुरुंडी: राष्ट्रपति एव्रिस्टे नदायिशिमिये
यूरोप एवं लैटिन अमेरिका
– बेलारूस: विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेनकोव
– क्यूबा: विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिला
– उरुग्वे: विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख
– संयुक्त राष्ट्र (UN): महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
– विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडहानॉम गेब्रेयेसस
– विश्व व्यापार संगठन (WTO): महानिदेशक डॉ. न्गोजी ओकोन्जो-इवेला
– न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ
– एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB): अध्यक्ष ज़ोउ जियाई
PM मोदी द्वारा आयोजित 15 द्विपक्षीय बैठकें
– ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें की हैं।
– यह विभिन्न विश्व नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के नेताओं के साथ होने वाली गुप्त बैठकों के अतिरिक्त है।
भारत मंडपम में अब तक महत्वपूर्ण आयोजन
– 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन : 12-13 सितंबर 2026
– भारत टेक्स : फरवरी 2024 / मई 2026 (global textile उद्योग का भारत में अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शनी आयोजन।)
– G20 शिखर सम्मेलन : 9-10 सितंबर 2023
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2. भारत ने कौन सी वीं बार वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता की?
For the how-many-th time did India hold the BRICS presidency in 2026?
a. पहली बार
b. दूसरी बार
c. चौथी बार
d. पांचवीं बार
Answer: c. चौथी बार
चार बार भारत BRICS अध्यक्ष रहा:
– 2012: भारत पहली बार BRICS का अध्यक्ष (4वां शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में)
– 2016: दूसरी बार भारत BRICS का अध्यक्ष (8वां शिखर सम्मेलन गोवा में)
– 2021: तीसरी बार भारत BRICS का अध्यक्ष (13वां शिखर सम्मेलन वर्चुअल)
– 2026: चौथी बार भारत BRICS का अध्यक्ष (18वां शिखर सम्मेलन दिल्ली में)
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3. भारतीय अध्यक्षता के दौरान वर्ष 2026 में ब्रिक्स की थीम बताइए?
What is the theme of BRICS for the year 2026 under India’s presidency?
a. आजाद भारत, आजाद दुनिया, आजाद इंसानियत
b. वसुधैव कुटुंबकम
c. एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य
d. लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण
Answer: d. लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability)
‘कमल’ है ब्रिक्स लोगो (प्रतीक चिन्ह)
– भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान समिट का लोगो भारत का राष्ट्रीय फूल- कमल है।
– प्रतीक चिन्ह (Logo) के बीच का हिस्सा ‘नमस्ते’ अभिवादन पर केंद्रित है।
– इसे विदेश मंत्रालय द्वारा सरकार के सिटीजन एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म पर शुरू किए गए एक ओपन कॉन्टेस्ट के जरिए चुना गया था।
– सुदीप सुभाष गांधी के लोगो (प्रतीक चिन्ह) को चुना गया।
– उन्होंने कहा, चूंकि भारत 18वें ब्रिक्स का मेजबान है, इसलिए हमने बीच में भारतीय अभिवादन ‘नमस्ते’ को शामिल किया है।
थीम
– लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण
– इस बात पर जोर दिया गया कि देश की अध्यक्षता “मानवता को प्राथमिकता” और “जन-केंद्रित” दृष्टिकोण अपनाएगी।
– भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” विषय द्वारा निर्देशित है, जो प्रधानमंत्री द्वारा 2025 रियो शिखर सम्मेलन (ब्राजील) में व्यक्त किए गए जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण को दर्शाता है।
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4. 18वें ब्रिक्स समिट में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करने के लिए भारत मंडपम में किस प्रसिद्ध मंदिर के गलियारे का डिजिटल बैकड्रॉप इस्तेमाल किया गया?
Which famous temple’s corridor was used as a digital backdrop at Bharat Mandapam to welcome foreign heads of state during the 18th BRICS Summit?
a. मीनाक्षी मंदिर, मदुरै
b. रामनाथस्वामी मंदिर, रामेश्वरम
c. बृहदेश्वर मंदिर, तंजावुर
d. जगन्नाथ मंदिर, पूरी
Answer: b. रामनाथस्वामी मंदिर, रामेश्वरम

– ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व नेताओं (जैसे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आदि) का स्वागत करते हुए पृष्ठभूमि (Backdrop) में रामनाथस्वामी मंदिर (रामेश्वरम) के प्रसिद्ध 1,212 स्तंभों वाले कॉरिडोर की डिजिटल तस्वीर/प्रोजेक्शन का उपयोग किया।
– संदेश: भारत वैश्विक मंच पर अपनी आधुनिक अर्थव्यवस्था और कूटनीतिक शक्ति के साथ-साथ अपनी समृद्ध सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को भी दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत कर रहा है।
रामनाथस्वामी मंदिर का धार्मिक और पौराणिक महत्व
– चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग: यह मंदिर दक्षिण भारत का अति पवित्र स्थान है। यह ‘चार धामों’ में से एक है (अन्य तीन: बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी) और शिव जी के 12 ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है।
– रामेश्वरम शैवों के साथ-साथ वैष्णवों के लिए भी एक महान तीर्थस्थल है।
– रामायण से जुड़ाव: मान्यता है कि श्रीलंका में लंकापति रावण का वध (विजय) करने के बाद, भगवान राम ने ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए रामेश्वरम में शिवलिंग (रामनाथस्वामी) की स्थापना कर पूजा की थी।
– रामेश्वरम भगवान रामेश्वर का पवित्र स्थान है, अर्थात् ईश्वर (शिव) जिसकी स्थापना भगवान राम ने की थी।
वास्तुकला की दृष्टि से महत्व
– यह मंदिर द्रविड़ स्थापत्य शैली (Dravidian Architecture) का एक अद्भुत नमूना है।
– इसका outer corridor (गलियारा) दुनिया का सबसे लंबा मंदिर कॉरिडोर माना जाता है, जिसमें तराशे गए 1,212 भव्य ग्रेनाइट स्तंभ हैं।
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5. वर्ष 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता किसके पास होगी?
Who will hold the presidency of BRICS in the year 2027?
a. भारत
b. चीन
c. रूस
d. मिस्र
Answer: b. चीन
– चीन 2027 में ब्रिक्स का अध्यक्ष होगा और 19वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन में ही होगा।
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6. नई दिल्ली घोषणापत्र 2026′ (New Delhi Declaration 2026)
– 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सभी सदस्य देशों की सर्वसम्मति से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ (New Delhi Declaration 2026) को अपनाया गया।
– ईरान और यूक्रेन में चल रहे युद्धों को लेकर सदस्यों के बीच मतभेदों के बावजूद, ब्रिक्स देशों के समूह के नेताओं ने नई दिल्ली में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पहले दिन सर्वसम्मति से एक संयुक्त घोषणापत्र अपनाया।
– 140 बिंदुओं वाले इस घोषणापत्र और शिखर सम्मेलन में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
वैश्विक शासन में सुधार और 10-सूत्रीय रोड मैप
– ग्लोबल साउथ की आवाज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संस्थाओं (जैसे संयुक्त राष्ट्र, IMF और वर्ल्ड बैंक) के पुनर्गठन के लिए 10-सूत्रीय रोडमैप प्रस्तुत किया।
– UNSC विस्तार: चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत और ब्राजील को अधिक महत्वपूर्ण भूमिका देने के समर्थन की बात दोहराई।
बहुध्रुवीय दुनिया
– ब्रिक्स ने “बहुपक्षवाद और बहुध्रुवीयता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता” को दोहराते हुए कहा कि एक बहुध्रुवीय दुनिया उभरते बाजारों और विकासशील देशों (ईएमडीसी) के लिए “रचनात्मक क्षमता विकसित करने और सार्वभौमिक रूप से लाभकारी, समावेशी, टिकाऊ और न्यायसंगत आर्थिक वैश्वीकरण और सहयोग का आनंद लेने” के अवसरों का विस्तार कर सकती है।
आतंकवाद पर सख्त रुख
– सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों (Safe havens) पर शून्य-सहिष्णुता (Zero-tolerance) अपनाने का संकल्प लिया गया।
व्यापार और संरक्षणवाद पर निर्णय
– एकतरफा शुल्कों का विरोध: ब्रिक्स देशों ने एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों पर गहरी चिंता व्यक्त की और WTO-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का समर्थन किया।
– कार्बन टैरिफ पर रुख: पर्यावरण नीतियों के नाम पर लगाए जा रहे एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों और कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म का विरोध किया गया।
बहुपक्षीय संस्थाओं का वित्तीय सुधार
– IMF और विश्व बैंक में उभरती अर्थव्यवस्थाओं (EMDEs) के कोटा शेयर, वोटिंग पावर और नेतृत्व में सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया।
समुद्री सुरक्षा और सेफ्स नेटवर्क
– पश्चिम एशिया और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘नाविक आपातकालीन सहायता नेटवर्क’ (Seafarers Emergency Support Network) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया।
जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा
– पेरिस समझौते के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, बायोएनर्जी, और हाइड्रोजन सहित संतुलित ऊर्जा मिश्रण (Energy Mix) पर सहमति बनी।
प्रौद्योगिकी और एआई (Artificial Intelligence)
– उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे एआई, साइबरस्पेस और बायोटेक्नोलॉजी के लिए सुरक्षित, मानव-केंद्रित और एथिकल (नैतिक) नियम बनाने पर सहमति बनी।
ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध
– नई दिल्ली घोषणा में मध्य पूर्व में संयम बरतने का आह्वान किया गया।
– हालांकि इस बयान में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों या ईरान द्वारा बाद में संयुक्त अरब अमीरात सहित अपने फारस की खाड़ी के पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों का प्रत्यक्ष रूप से उल्लेख नहीं किया गया था, लेकिन इसमें युद्ध में “अधिकतम संयम” बरतने का आह्वान किया गया था।
– मतलब कि अमेरिका-इजरायल के हमलों या ईरान द्वारा क्षेत्र के खाड़ी देशों को निशाना बनाने की निंदा नहीं की गई। इसमें अमेरिका का नाम लिए बिना वैश्विक व्यापार युद्ध की भी आलोचना की गई।
रूस-यूक्रेन युद्ध
– इस घोषणापत्र में यूक्रेन का उल्लेख किए बिना, अंतरराष्ट्रीय विवादों को “संवाद, परामर्श और कूटनीति” के माध्यम से हल करने का एक सामान्य आह्वान किया गया।
– ब्रिक्स नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अधिकृत न किए गए एकतरफा प्रतिबंधों की आलोचना की।
– घोषणा में यूक्रेन में रूसी युद्ध का अलग से कोई जिक्र नहीं किया गया था।
फ़िलिस्तीनी देश के गठन के लिए समर्थन
– ब्रिक्स ने फिलिस्तीन पर कहीं अधिक स्पष्ट भाषा अपनाई। इस घोषणा में फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र के भूगोल या जनसांख्यिकी को बदलने के प्रयासों के प्रति “कठोर विरोध” व्यक्त किया गया।
– इसमें इजरायल द्वारा गाजा पर किए जा रहे नरसंहार युद्ध को समाप्त करने, मानवीय सहायता तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने, फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए को समर्थन देने और फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता देने का आह्वान किया गया।
– ब्रिक्स ने दो-राज्य समाधान और 1967 की सीमाओं के आधार पर एक संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए अपने समर्थन को दोहराया, जिसमें कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाया जाएगा।
नाभिकीय स्थलों की सुरक्षा:
– IAEA के तहत सुरक्षित परमाणु सुविधाओं और असैन्य बुनियादी ढांचों पर हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
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7. ब्रिक्स साझा मुद्रा का क्या हुआ?
What happened to the BRICS common currency?
– 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में साझा ब्रिक्स मुद्रा (Common BRICS Currency) के प्रस्ताव को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
– विदेश मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस ब्रीफिंग और ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ में स्पष्ट कर दिया गया है कि ब्रिक्स के पास अपनी कोई एकल साझा मुद्रा लाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचारणाधीन नहीं है।
साझा मुद्रा क्यों नहीं बन पाई?
– भारत (और ब्राजील) नहीं चाहते कि ब्रिक्स को एक अमेरिका-विरोधी या डॉलर-विरोधी (Anti-Dollar Block) संगठन के रूप में देखा जाए। भारत की विदेश नीति डॉलर को खत्म करने की नहीं, बल्कि अपनी राष्ट्रीय मुद्रा (रुपया) को मजबूत करने की है।
– आर्थिक असमानताएँ: यूरोपीय संघ की तरह ‘यूरो’ जैसी एकल मुद्रा चलाने के लिए सभी सदस्य देशों की राजकोषीय नीतियों और महंगाई दरों में समानता होनी चाहिए, जो ब्रिक्स देशों (चीन, भारत, रूस, इथियोपिया आदि) के बीच संभव नहीं है।
साझा मुद्रा की जगह किस विकल्प पर सहमति बनी?
– साझा मुद्रा के बजाय ब्रिक्स नेताओं ने स्थानिक/स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) में आपसी व्यापार करने पर सहमति बनाई है:
– स्थानीय मुद्राओं में भुगतान (Local Currency Settlement): सदस्य देश आपस में व्यापार के लिए अपनी-अपनी मुद्राओं (जैसे रुपया, युआन, रियाल) का सीधा उपयोग करेंगे।
– डिजिटल पेमेंट सिस्टम (Interlinking Payment Systems): भारत ने अपने UPI और डिजिटल रुपया (CBDC) को अन्य ब्रिक्स देशों की भुगतान प्रणालियों के साथ जोड़ने का प्रस्ताव रखा है।
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8. ब्रिक्स समिट के दौरान किस देश के राष्ट्राध्यक्ष ने स्वतंत्र ब्रिक्स बीमा तंत्र और ब्रिक्स ग्रेन (अनाज) एक्सचेंज बनाने का प्रस्ताव दिया, ताकि पश्चिमी डॉलर प्रणाली या पश्चिमी कमोडिटी एक्सचेंजों पर निर्भर न रहना पड़े?
During the BRICS Summit, the head of state of which country proposed establishing an independent BRICS insurance mechanism and a BRICS grain exchange to avoid reliance on the Western dollar system or Western commodity exchanges?
a. भारत
b. चीन
c. रूस
d. मलेशिया
Answer: c. रूस
– रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने नई बीमा व्यवस्था का प्रस्ताव रखा।
– उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच अनाज बाजार के लिए एक नए बीमा तंत्र और एक सहयोगात्मक पहल का प्रस्ताव रखा और समूह से वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
पुतिन को इस प्रस्ताव की आवश्यकता क्यों पड़ी?
– दरअसल, दुनिया की 90% से अधिक समुद्री बीमा कंपनियां पश्चिम (G-7/यूरोप) के नियंत्रण में हैं।
– जी-7 देशों, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने पश्चिमी कंपनियों को रूसी कच्चे तेल या अनाज का ट्रांसपोर्टेशन करने वाले किसी भी जहाज का बीमा करने से प्रतिबंधित कर दिया, जब तक कि खासतौर पर तेल एक निर्धारित मूल्य सीमा पर या उससे कम कीमत पर न खरीदा गया हो।
– बीमा न मिलने से रूस के लिए तेल और गेहूं/अनाज का निर्यात करना मुश्किल और जोखिम भरा हो गया था।
पुतिन के दो मुख्य प्रस्ताव
– ब्रिक्स अनाज बाजार (BRICS Grain Exchange): रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है। पुतिन चाहते हैं कि ब्रिक्स देश आपस में अनाज की खरीद-बिक्री के लिए अपना खुद का एक्सचेंज और सिस्टम बनाएं, ताकि पश्चिमी डॉलर प्रणाली या पश्चिमी कमोडिटी एक्सचेंजों पर निर्भर न रहना पड़े।
– स्वतंत्र ब्रिक्स बीमा तंत्र (Independent Insurance Mechanism): एक ऐसा नया इंश्योरेंस सिस्टम बनाना जो ब्रिक्स और ‘ग्लोबल साउथ’ के सदस्य देशों के जहाजों और माल का बीमा करे। इस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों (Sanctions) का कोई असर नहीं होगा।
रणनीतिक और कूटनीतिक संदेश
– ‘सैंक्शन-प्रूफ’ अर्थव्यवस्था (Sanction-proof Economy): पुतिन का कहना है कि ब्रिक्स के पास अपनी पूंजी, श्रम और तकनीक है। इसलिए ब्रिक्स देश पश्चिमी दबाव या प्रतिबंधों की परवाह किए बिना स्वतंत्र व्यापार कर सकते हैं।
– न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) का समर्थन: पुतिन ने एनडीबी (ब्रिक्स बैंक) की 140 अरब डॉलर की परियोजनाओं की तारीफ की और इसे पश्चिमी वर्चस्व वाले विश्व बैंक (World Bank) के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।
इस प्रस्ताव पर ब्रिक्स समिट ने कया फैसला लिया?
– इन दोनों प्रस्तावों पर अंतिम फैसला (यानी लागू करने की घोषणा) नहीं हुआ है।
– हालांकि, ब्रिक्स अनाज बाजार (BRICS Grain Exchange घोषणापत्र में सदस्य देशों ने इस विचार और इसके दायरे को बढ़ाने का समर्थन किया है।
– घोषणापत्र में स्वतंत्र बीमा व्यवस्था (Insurance Mechanism) का जिक्र नहीं किया गया है। इसके पीछे मुख्य कारण है कि भारत, ब्राजील और यूएई जैसे देश नहीं चाहते कि ब्रिक्स का इस्तेमाल सीधे तौर पर पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने या अमेरिका/पश्चिम विरोधी ब्लॉक (Anti-West Bloc) के रूप में हो।
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9. 18वें ब्रिक्स समिट के दौरान किस देश ने सदस्य देशों के लिए “ओपन-सोर्स AI ज़ोन” बनाने का प्रस्ताव रखा?
Which country proposed creating an “Open-Source AI Zone” for member countries during the 18th BRICS Summit?
a. भारत
b. रूस
c. चीन
d. ब्राजील
Answer: c. चीन
चीन ने रखा ‘ओपन-सोर्स एआई ज़ोन’ का प्रस्ताव; जानिए क्या हैं इसके कूटनीतिक और रणनीतिक मायने
– 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सदस्य देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रस्ताव रखा है।
– शी जिनपिंग ने घोषणा की कि चीन ब्रिक्स और ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के लिए “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक ओपन-सोर्स ज़ोन” (Open-Source AI Zone) के निर्माण का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
शी जिनपिंग को यह प्रस्ताव क्यों लाना पड़ा?
– अमेरिका की पाबंदियां: अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) ने चीन को एडवांस्ड एआई चिप्स (जैसे Nvidia चिप्स) और बंद-प्रणाली वाले एआई मॉडल (Proprietary AI Models) की बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं।
– वैश्विक एआई विभाजन: एआई तकनीक वर्तमान में मुख्य रूप से अमेरिकी निजी कंपनियों (OpenAI, Google, Meta) के नियंत्रण में है। चीन ब्रिक्स देशों को अपने साथ जोड़कर एआई के क्षेत्र में एक नया ‘ग्लोबल साउथ ब्लॉक’ बनाना चाहता है।
‘ओपन-सोर्स एआई ज़ोन’
– ओपन-सोर्स और समावेशी एआई (Inclusive AI): चीन ऐसा एआई इकोसिस्टम तैयार करने का प्रस्ताव दे रहा है जिसके सोर्स कोड और एल्गोरिदम सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के लिए खुले और सुलभ होंगे, न कि अमेरिकी कंपनियों की तरह बंद और महंगे।
– लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) में सहयोग: ब्रिक्स देशों की स्थानीय भाषाओं और डेटाबेस पर आधारित बड़े भाषा मॉडल (LLMs) विकसित करने में चीन अपनी तकनीक साझा करेगा।
– वैश्विक एआई गवर्नेंस : शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की आगामी बैठक के संदर्भ में, चीन यह संदेश देना चाहता है कि एआई के नियम केवल अमेरिका या पश्चिमी देश तय नहीं कर सकते, बल्कि ब्रिक्स और विकासशील देशों को भी इसके नियम बनाने (Rule-Making) का अधिकार मिलना चाहिए।
भारत और ब्रिक्स देशों का दृष्टिकोण
– ओपन-सोर्स का लाभ: भारत, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देशों के लिए ओपन-सोर्स एआई कोड मिलना तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) की दृष्टि से फायदेमंद है।
– डेटा सुरक्षा और चीनी प्रभुत्व की चिंता: भारत हमेशा से ‘सुरक्षित, नैतिक और मानव-केंद्रित AI’ का समर्थक रहा है। चीन के इस प्रस्ताव पर भारत और अन्य सदस्य देश पूरी सावधानी बरतेंगे ताकि डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) और चीनी निगरानी (Surveillance) का जोखिम न हो।
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10. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान PM मोदी ने कितने स्मारक डाक टिकट जारी किए?
How many commemorative postage stamps did PM Modi release during the 18th BRICS Summit?
a. एक
b. दो
c. तीन
d. चार
Answer: b. दो (₹5 और ₹25 के स्मारक डाक टिकट)
– 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की 20 वर्षों की कूटनीतिक और आर्थिक यात्रा (2006–2026) को चिह्नित करने के लिए दो विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किए।
– भारतीय डाक विभाग (India Post) द्वारा तैयार किए गए इन डाक टिकटों का अंकित मूल्य क्रमश: ₹5 और ₹25 रखा गया है।
– स्मारक डाक टिकटों को सीमित संख्या (Limited Edition) में प्रिंट किया जाता है। इसलिए डाक सेवाओं में उपयोग के अलावा, टिकट संग्रहकर्ताओं (Philatelists) के लिए ये एक मूल्यवान ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह संग्रह करने का बेहतरीन जरिया बनते हैं।
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11. राष्ट्रीय हिन्दी दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Hindi Day celebrated?
a. 10 जनवरी
b. 14 सितंबर
c. 18 सितंबर
d. 21 सितंबर
Answer: b. 14 सितंबर
2026 की थीम
– हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक
– राष्ट्रीय हिन्दी दिवस हर साल भारत में 14 सितंबर को मनाया जाता है।
– इसके अलावा 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
– राष्ट्रीय हिन्दी दिवस की बात करें तो, इसी दिन साल 1949 में संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा (Official Language) होगी। यह हिन्दी भाषी राज्यों में कम्युनिकेशनल के लिए उपयोग किया जाएगा।
– अंग्रेजी सहयोगी आधिकारिक भाषा है और राज्यों के साथ संवाद करते समय इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है।



