यह 19 मई 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. केरलम के नए मुख्यमंत्री कौन बने, जिन्होंने पूरी कैबिनेट के साथ शपथ ली?
Who became the new Chief Minister of Kerala, and took the oath along with the entire cabinet?
a. वीडी सतीशन
b. रमेश चेन्निथला
c. पिनाराई विजयन
d. के. सी. वेणुगोपाल
Answer: a. वीडी सतीशन
– कांग्रेस नेता 61 वर्षीय वडास्सेरी दामोदरन (वीडी) सतीशन 18 मई 2026 को केरलम के 13वें मुख्यमंत्री बने।
– राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उनके अलावा पूरी कैबिनेट (20 मंत्रियों) को शपथ दिलाई।
– इससे पहले राज्य के तीसरे कांग्रेसी मुख्यमंत्री रहे आर शंकर ने 1962 में पूरी कैबिनेट के साथ शपथ ली थी, लेकिन 1964 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद उनकी सरकार गिर गई थी।
– कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) ने 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज की।
– दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नेतृत्व में कांग्रेस के आखिरी बार सत्ता में आने के 15 वर्ष बाद कांग्रेस नेतृत्व वाली UDF सत्ता में वापस आई।
– कैबिनेट में 14 विधायकों ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली।
– कांग्रेस ने स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद भी अपने पास रखे हैं।

वीडी सतीशन का राजनीतिक करियर
– उनका जन्म 12 अगस्त 1964 को केरलम के एर्नाकुलम में हुआ।
– उन्होंने LLM की डिग्री ली। हाईकोर्ट में वकालत की।
– केरलम स्टूडेंटस यूनियन से राजनीति की शुरुआत की।
– इंडियन यूथ कांग्रेस और बाद में NSUI से जुड़े।
– 1996 में केरलम के परवूर विधानसभा क्षेत्र से पहला चुनाव लड़ा और 1100 वोटों से हार गए।
– परवूर सीट से 2001 में पहली बार चुनाव जीता।
– इसी सीट से लगातार 6 बार चुनाव जीते।
– 2021 में केरलम विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।
चुनाव परिणाम 2026 (16वीं विधानसभा)
– कुल सीटें: 140
– यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF): 102
– कांग्रेस: 63
– LDF: 35
– BJP: 3
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2. किस देश ने भारत को चोल राजवंश के ऐतिहासिक ‘अनैमंगलम ताम्रपत्र’ सौंपा?
Which country handed over the historical ‘Anaimangalam Copper Plates’ of the Chola dynasty to India?
a. स्पेन
b. फ्रांस
c. नीदरलैंड
d. नॉर्वे
Answer: c. नीदरलैंड
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड यात्रा के दौरान वहां की सरकार ने चोल राजवंश के ऐतिहासिक ‘अनैमंगलम ताम्रपत्र’ सौंपने की घोषणा की।
– यह ताम्रपत्र 1862 से नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी (Leiden University) के पास थे।
– ये ताम्रपत्र चोल राजा राजाराम प्रथम (985-1014 ईस्वी) और उनके पुत्र राजेंद्र चोल प्रथम (1012-1044 ईस्वी) के काल से संबंधित हैं।
– इस चार्टर में कुल 21 तांबे की प्लेटें हैं, जिनका कुल वजन लगभग 30 किलोग्राम है।
– ये प्लेटें एक विशाल कांस्य (Bronze) की अंगूठी से जुड़ी हैं, जिस पर राजेंद्र चोल की शाही मुहर लगी है।
– इस चार्टर के दो भाग हैं — एक संस्कृत में और दूसरा तमिल भाषा में है। इसमें चोल राजवंश की वंशावली दी गई है।’

धार्मिक और भौगोलिक संदर्भ
– यह चार्टर रिकॉर्ड करता है कि कोरोमंडल तट पर स्थित बंदरगाह शहर नागापट्टिनम में चूड़ामणिवर्मविहार (Chulamanivarmavihara) नामक एक बौद्ध धर्मस्थल (विहार) के लिए अनैमंगलम के आसपास के 26 गांवों को दान में दिया गया था।
– इस बौद्ध विहार का निर्माण श्रीविजय (Srivijaya) साम्राज्य (मलय साम्राज्य) के राजा द्वारा करवाया गया था।
लूट का इतिहास (Provenance)
– ऐसा माना जाता है कि डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) ने 1687 और 1700 के बीच नागापट्टिनम में खुदाई के दौरान इन्हें अवैध रूप से निकाला था।
– इसके बाद 18वीं सदी की शुरुआत में फ्लोरेंटियस कैंपर (Florentius Camper) नामक डच मंत्री इसे नीदरलैंड ले गया था।
नोट – भारत में यह ताम्रपत्र भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), संस्कृति मंत्रालय को सौंपे जाएंगे।

11वीं शताब्दी की समुद्री कूटनीति और वैश्विक संबंध
– यह ताम्रपत्र केवल एक ऐतिहासिक कलाकृति नहीं है, बल्कि यह हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के समृद्ध इतिहास का एक महत्वपूर्ण दस्तावेजी प्रमाण है।
– यह चोल साम्राज्य और दक्षिण-पूर्व एशिया के श्रीविजय साम्राज्य के बीच मजबूत राजनयिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।
ताम्रपत्रों में लिपि (Script):
– इन ताम्रपत्रों को लिखने के लिए दो अलग-अलग लिपियों का इस्तेमाल हुआ है:
– संस्कृत वाले हिस्से को ग्रंथ लिपि (Grantha script) में लिखा गया है (जो उस समय दक्षिण भारत में संस्कृत लिखने के लिए इस्तेमाल होती थी)।
– तमिल वाले हिस्से को प्राचीन तमिल लिपि (Tamil script) में उकेरा गया है।
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3. ड्रोन हमले की वजह से बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र मई 2026 में खबरों में था। यह कहां स्थित है?
The Barakah Nuclear Power Plant was in the news in May 2026 due to a drone attack. Where is it located?
a. कजाकिस्तान
b. ईरान
c. यूएई
d. कतर
Answer: c. यूएई

– यूएई की राजधानी अबू धाबी के अल धाफरा क्षेत्र में बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आंतरिक परिधि के बाहर 16 मई 2026 को एक ड्रोन हमला हुआ।
– इसके कारण एक विद्युत जनरेटर में आग लग गई।
– हालांकि परमाणु सुरक्षा या संयंत्र संचालन पर कोई प्रभाव पड़ने की सूचना नहीं मिली है।
– संघीय परमाणु विनियमन प्राधिकरण (एफएएनआर) ने कहा कि इस घटना से “विद्युत संयंत्र की सुरक्षा या इसकी आवश्यक प्रणालियों की तत्परता” प्रभावित नहीं हुई और बयान के अनुसार, उसने पुष्टि की कि बरकाह सुविधा में सभी इकाइयां सामान्य रूप से काम कर रही थीं।
– किसने हमला किया – यूएई इसकी जांच कर रहा है।
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4. भोजशाला-कमल मौला परिसर किस शहर में स्थित है, जिसके मंदिर-मस्जिद विवाद के संबंध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इसे एक मंदिर घोषित किया था?
In which city is the Bhojshala-Kamal Maula complex situated, regarding whose temple-mosque dispute the Madhya Pradesh High Court declared it a temple?
a. लखनऊ
b. जबलपुर
c. धार
d. इंदौर
Answer: c. धार
– यह फैसला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर आधारित था।
– कोर्ट ने 15 मई 2026 को फैसला सुनाया।
– परिसर को देवी वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता दी है। जिससे हिंदू समुदाय को उस स्थल पर पूजा करने की अनुमति मिल गई।
– जबकि मुस्लिम समुदाय के दावे को खारिज कर दिया गया।
– अदालत ने कहा कि मुस्लिम प्रतिनिधि मध्य प्रदेश सरकार से धार जिले में वैकल्पिक भूमि का टुकड़ा मांग सकते हैं।
– कोर्ट ने ASI के 2003 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।
– जबकि हिंदुओं को मंगलवार और बसंत पंचमी को भोजशाला परिसर में पूजा करने के अधिकार पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
– कोर्ट ने अयोध्या विवाद से संबंधित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के फैसले से प्रेरणा लेते हुए 10 सिद्धांत निर्धारित किए।
– कोर्ट के आदेश में कहा गया है, “विवादित भोजशाला और कमल मौला मस्जिद का क्षेत्र प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष (एएमएएसआर) अधिनियम, 1958 के तहत 18 मार्च, 1904 से संरक्षित स्मारक माना जाता है।
– विवादित क्षेत्र का धार्मिक स्वरूप देवी वाग्देवी (सरस्वती) के मंदिर वाली भोजशाला है।”
– कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह लंदन संग्रहालय से देवी सरस्वती की मूर्ति को वापस लाने के प्रयास करे।
– क्योंकि इसे 1800 के दशक के अंत में यूनाइटेड किंगडम ले जाया गया था, और इसे भोजशाला परिसर में फिर से स्थापित करे।
– कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष के इस तर्क को खारिज कर दिया कि तत्कालीन धार रियासत द्वारा अगस्त 1935 में जारी की गई घोषणा (आधिकारिक उद्घोषणा) में भारत सरकार अधिनियम, 1935 के प्रावधानों के तहत इस स्थल को मस्जिद घोषित किया गया था।
– कोर्ट ने कहा कि अधिनियम अप्रैल 1937 में ही लागू हुआ था और घोषणा की वैधता को खारिज कर दिया ।
– यह स्थल ASI द्वारा संरक्षित 11वीं शताब्दी का स्मारक है।
– 2003 में ASI के साथ हुए एक समझौते के तहत, जिसे अब अदालत ने रद्द कर दिया है, हिंदुओं को परिसर में हर मंगलवार को पूजा करने की अनुमति थी, – जबकि मुसलमानों को हर शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति थी।

कौन थे कमाल मौला?
– कमालुद्दीन मालवी को कमाल मौला के नाम से जाना जाता था।
– 13वीं-14वीं सदी के दौरान वे चिश्ती संप्रदाय से जुड़े एक सूफी संत थे।
– रिकॉर्ड्स के मुताबिक वे प्रसिद्ध सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के शिष्य और समकालीन थे।
– माना जाता है कि कमालुद्दीन दिल्ली से मालवा क्षेत्र की यात्रा पर निकले और धार में बस गए।
– यहां उन्होंने लगभग चार दशकों तक इस्लामी शिक्षाओं और सूफी परंपराओं का प्रचार-प्रसार किया।
– वक्त के साथ इस क्षेत्र में उनकी मौजूदगी भोजशाला परिसर के साथ गहराई से जुड़ गई।
भोजशाला का कमाल मौला से जुड़ाव कैसे हुआ?
– कहा जाता है कि कमाल मौला कई सालों तक भोजशाला परिसर के पास ही रहे थे।
– उनकी मृत्यु के बाद इस परिसर के पास ही एक मजार या समाधि बनाई गई।
– धीरे-धीरे मुस्लिम समुदाय के कुछ हिस्सों ने इस संत के साथ क्षेत्र के जुड़ाव की वजह से इस जगह को कमाल मौला मस्जिद कहना शुरू कर दिया।
– बाद में यह दोहरी पहचान भारत के सबसे संवेदनशील ऐतिहासिक और धार्मिक विवादों में से एक का केंद्र बन गई।
– हिंदू इस जगह को एक प्राचीन सरस्वती मंदिर मानते हैं।
– वहीं मुस्लिम इस संरचना के कुछ हिस्सों को कमाल मौला से जुड़ी एक मस्जिद परिसर के रूप में पहचानते हैं।
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5. किस प्रदेश ने ‘मंडे मेट्रो’ अभियान शुरू किया?
Which state launched the ‘Monday Metro’ campaign?
a. नई दिल्ली
b. उत्तर प्रदेश
c. पश्चिम बंगाल
d. कर्नाटक
Answer: a. नई दिल्ली
– दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील के बाद 18 मई 2026 को ‘मेट्रो मंडे’ अभियान शुरू किया।

– यह अभियान दिल्ली सरकार की 90 दिवसीय ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ पहल से जुड़ा है।
– इसमें सोमवार को दिल्ली मेट्रो रेल निगम की अतिरिक्त सेवाएं शामिल हैं।
– इसे शुरू करने का उददेश्य ट्रैफिक, प्रदूषण और ईंधन की खपत कम करना है।
– 18 मई से हर सोमवार मेट्रो नेटवर्क पर 24 एक्स्ट्रा ट्रेन ट्रिप्स चलाई जाएंगी।
– इतना ही नहीं जरूरत बढ़ने पर सेवाओं को और भी बढ़ाया जा सकता है।
– दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कहा इससे लोगों को निजी वाहनों की बजाय मेट्रो की तरफ आकर्षित करना और दिल्ली-NCR में ट्रैफिक व ईंधन खपत कम करने में मदद मिलेगी।
– मेट्रो रेल के साथ DMRC ने एकस्ट्रा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, ज्यादा बैगेज स्कैनर, एक्स्ट्रा DFMD मशीनें, फ्रिस्किंग पॉइंट्स पर विशेष व्यवस्था भी की।
– साथ ही टिकटिंग काउंटर भी बढ़ाए हैं।
– 18 मई को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद भी मेट्रो से सफर किया।
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6. विश्व उच्च रक्तचाप दिवस कब आयोजित होता है?
When is the world hypertension day organized?
a. 16 मई
b. 17 मई
c. 18 मई
d. 19 मई
Answer: b. 17 मई
2026 की थीम :
– मिलकर हाइपरटेंशन पर नियंत्रण!
– Controlling Hypertension Together!
– उच्च रक्तचाप को “साइलेंट किलर” के रूप में जाना जाता है।
– भोजन में नमक का सेवन सीमित करने और फलों और सब्जियों का सेवन बढ़ाने जैसे जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से सामान्य आबादी में उचित रक्तचाप बनाए रखना बेहद फायदेमंद होगा।
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7. पश्चिम एशिया संकट की वजह से किस देश ने UAE को पीछे छोड़ते हुए भारत के दूसरे सबसे बड़े निर्यात गंतव्य का दर्जा हासिल किया?
Due to the crisis in West Asia, which country surpassed the UAE to secure the status of India’s second-largest export destination?
a. यूएसए
b. सउदी अरब
c. मलेशिया
d. सिंगापुर
Answer: d. सिंगापुर
– पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के व्यापार पर भी दिखने लगा है।
– खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद भारत के एक्सपोर्ट रूट्स में बड़ा बदलाव आया है।
– इसके चलते अप्रैल 2026 में सिंगापुर ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को पीछे छोड़ते हुए भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात मार्केट बनने का स्थान हासिल कर लिया।
– अमेरिका के बाद अब सिंगापुर भारत के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार बनकर उभरा है।
– यह बदलाव दिखाता है कि वैश्विक भू राजनीतिक संकट किस तरह कुछ ही महीनों में पूरी सप्लाई चेन और ट्रेड मैप बदल सकते हैं।

आंकड़े
– अप्रैल 2026 में भारत का सिंगापुर को एक्सपोर्ट 180 प्रतिशत बढ़कर 3.20 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया।
– जबकि वर्ष 2025 में यह 1.14 अरब डॉलर था।
– दूसरी तरफ UAE को एक्सपोर्ट 36 प्रतिशत गिरकर केवल 2.18 बिलियन डॉलर रह गया।
– जो वर्ष 2025 में 3.43 अरब डॉलर था।
– लंबे समय तक UAE भारत का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट था, लेकिन अब उसकी जगह सिंगापुर ने ले ली है।
– व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सीधे तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज होर्मुज संकट से जुड़ा है।
– मार्च 2026 से इस अहम समुद्री रास्ते के बाधित होने के बाद UAE के जरिए माल भेजना महंगा और जोखिम भरा हो गया।
– इसके बाद भारतीय एक्सपोटर्स ने वैकल्पिक रूट्स तलाशने शुरू किए।
खाड़ी देशों के साथ व्यापार में बड़ा बदलाव
– सिर्फ एक्सपोर्ट ही नहीं, इंपोर्ट के आंकड़ों में भी बड़ा बदलाव दिखा है।
– अप्रैल में ओमान से भारत का इंपोर्ट तीन गुना बढ़ गया।
– दूसरी तरफ कतर से 47 प्रतिशत घट गया।
– सऊदी अरब से इंपोर्ट में फिर से तेजी देखने को मिली है।
– यानि भारत अब केवल पारंपरिक खाड़ी रूट्स पर निर्भर नहीं रहना चाहता।
– कंपनियां ऐसे रास्तों और देशों को प्राथमिकता दे रही हैं जहां सप्लाई चेन ज्यादा सुरक्षित और स्थिर रह सके।
भारत के लिए मायने?
– इस बदलाव का सकारात्मक पहलू यह है कि भारत के निर्यात बाजार में विविधता बढ़ रही है।
– ASEAN देशों के साथ व्यापार मजबूत होने से भारतीय कंपनियों को नए अवसर मिल सकते हैं।
– हालांकि दूसरी तरफ नया समुद्री रूट पहले के मुकाबले ज्यादा महंगा पड़ सकता है, जिससे एक्सपोर्ट कॉस्ट बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
– विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो सिंगापुर भारत के लिए स्थायी तौर पर एक बड़ा निर्यात हब बन सकता है।
– यही कारण है कि अब भारत की नजर दक्षिण पूर्व एशिया और ASEAN क्षेत्र के साथ व्यापार बढ़ाने पर तेजी से केंद्रित हो रही है।
(सिंगापुर द्वीप देश)
– राजधानी: सिंगापुर (संप्रभु नगर-राज्य (शहर-राज्य) है)
– राष्ट्रपति: थर्मन शनमुगरत्नम
– प्रधानमंत्री: लॉरेंस वोंग
– मुद्रा: सिंगापुर डॉलर
– आबादी: 61.1 लाख
– भाषा: अंग्रेजी, मलय (माले), मंदारिन (चीनी) और तमिल
– पड़ोसी देश: मलेशिया, इंडोनेशिया (समुद्री सीमा)
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8. शांति से एक साथ रहने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस कब मनाया जाता है?
When is the International Day of Living Together in Peace celebrated?
a. 13 मई
b. 14 मई
c. 15 मई
d. 16 मई
Answer: d. 16 मई
– यह दिवस संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया हुआ है।
– दिवस की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी।
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9. विश्व एड्स वैक्सीन दिवस कब मनाया जाता है?
When is World AIDS Vaccine Day Observed
a. 17 May
b. 18 May
c. 19 May
d. 20 May
Answer: b. 18 May
– एचआईवी को रोकने या इलाज करने के लिए कोई टीका नहीं है, लेकिन ऐसे टीके हैं जो एचआईवी से पीड़ित लोगों की मदद कर सकते हैं।
– पहला विश्व एड्स वैक्सीन दिवस 1998 में मनाया गया था, जो 1997 में किए गए पहले अंतर्राष्ट्रीय एड्स वैक्सीन परीक्षण की वर्षगांठ थी।
– यह दिन एड्स के टीकों की तत्काल आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने और डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और समुदाय के सदस्यों सहित व्यक्तियों के प्रयासों को स्वीकार करने के लिए समर्पित है।
– एड्स, जिसका पूरा नाम एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम है, मानव इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) के कारण होता है।
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10. केरलम विधानसभा स्पीकर कौन बने?
Who became the Speaker of the Kerala Legislative Assembly?
a. के ए तुलसी
b. तिरुवनचूर राधाकृष्णन
c. के मुरलीधरन
d. सनी जोसेफ
Answer: b. तिरुवनचूर राधाकृष्णन
– कांग्रेस के तिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर बनाया गया।
– इसके अलावा शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया गया है।
– तिरुवनचूर राधाकृष्णन केरल के एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) नेता हैं।
– वह कोट्टायम क्षेत्र के अध्यक्ष हैं।
– ओमन चंडी सरकार में गृह, सड़क, वन और परिवहन मंत्री थे।
– उनका जन्म 26 दिसंबर 1949 कोट्टायम, केरल में हुआ।
– उन्होंने बी.ए., एलएल.बी. की डिग्री ली।
– राजनीतिक जीवन की शुरुआत केरल छात्र संघ (KSU) और युवा कांग्रेस से की थी।
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11. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर टैक्स और मैनेजमेंट के लिए ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) का गठन किया, यह स्ट्रेट किन समुद्रों को जोड़ता है?
Iran established the ‘Persian Gulf Strait Authority’ (PGSA) to oversee taxation and management of the Strait of Hormuz; which seas does this strait connect?
a. लाल सागर और अदन की खाड़ी
b. फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी
c. फारस की खाड़ी और अरब सागर
d. भूमध्य सागर और लाल सागर
Answer: b. फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी

– ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर टैक्स वसूलने और इसके मैनेजमेंट के लिए एक अथॉरिटी का गठन किया है।
– इसका गठन ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) ने किया है।
– निकाय का नाम: पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (Persian Gulf Strait Authority – PGSA).
– इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करते हुए ईरान ने इससे गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क (Tolls) और नियम लागू करने की शुरुआत की है।
– उद्देश्य: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता (Sovereignty) को लागू करना, जहाजों के लिए नए नियम जारी करना और रियल-टाइम ऑपरेशन्स की निगरानी करना।
– भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि: 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच भड़कने वाले युद्ध के बाद से ईरान ने इस जलमार्ग को लगभग अवरुद्ध कर रखा है। यद्यपि 8 अप्रैल, 2026 से एक अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) लागू है, लेकिन ईरान ने स्पष्ट किया है कि इस जलमार्ग का ट्रैफिक युद्ध-पूर्व की स्थिति में नहीं लौटेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य की भौगोलिक स्थिति
– यह ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को जोड़ता है।
– इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान व संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित हैं।
– आर्थिक महत्व: सामान्य दिनों में, यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन चोकपॉइंट है, जहाँ से वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की कुल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) गुजरता है। इसके अलावा यह उर्वरकों (Fertilisers) की आपूर्ति का भी मुख्य मार्ग है।
वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव
– होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से ईरान द्वारा जहाजों पर टोल टैक्स लगाने और कड़े नियम थोपने से वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) की कीमतें बढ़ सकती हैं।
– आपूर्ति श्रृंखला में आने वाला कोई भी व्यवधान वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति (Inflation) को बढ़ावा दे सकता है, जिससे भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाएं सीधे प्रभावित होंगी।
अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून और नौवहन की स्वतंत्रता
– ईरान का यह कदम संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के सिद्धांतों के विपरीत देखा जा सकता है, जो ‘इनोसेंट पैसेज’ (Innocent Passage) और अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों के माध्यम से ‘पारगमन मार्ग’ (Transit Passage) के अधिकार की वकालत करता है।
– ईरान का यह एकतरफा दावा वैश्विक समुद्री कूटनीति के लिए एक गंभीर चुनौती है।
कितना टैक्स लगेगा?
– अभी तक ईरान ने आधिकारिक तौर पर कोई फिक्स्ड सार्वजानिक रेट जारी नहीं किया है।
– हालांकि, कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ जहाजों से प्रति जहाज 1 मिलियन डॉलर से 2 मिलियन डॉलर (लगभग 8 करोड़ से 17 करोड़ रुपये) तक का टोल/ट्रांजिट शुल्क मांगा जा रहा है।
– बड़े ऑयल टैंकरों और LNG जहाजों पर ज्यादा शुल्क लगाया जा सकता है।
– “फ्रेंडली” देशों (जैसे चीन, रूस आदि) को छूट या विशेष अनुमति मिल सकती है।
– कुछ जहाजों को IRGC (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड) की निगरानी में “सुरक्षित कॉरिडोर” से गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
– ईरान की सेना का कहना है कि जलडमरूमध्य पर नियंत्रण तेल निर्यात से कहीं अधिक लाभदायक होगा।
भारत के हितों पर प्रभाव
– ऊर्जा संकट: भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों (सऊदी अरब, इराक, यूएई) से आयात करता है, जो इसी मार्ग से आता है।
– रणनीतिक व्यापार: भारत का व्यापारिक मार्ग और ईरान में विकसित किया जा रहा चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) भी इस क्षेत्र की स्थिरता से सीधे जुड़े हैं।
– प्रवासी सुरक्षा: खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं; इस क्षेत्र में सैन्य या आर्थिक तनाव उनकी सुरक्षा और प्रेषित धन (Remittances) को प्रभावित कर सकता है।
पश्चिम एशिया युद्ध के बाद हार्मुज की स्थित
– ईरान ने 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था।
– इसे विफल करने और नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) बहाल करने के लिए अमेरिका ने कई कदम उठाए, लेकिन वे सब असफल साबित हुए।
– ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और हवाई हमले: अमेरिका और इसराइल ने संयुक्त रूप से ईरान के मिसाइल ठिकानों, हवाई रक्षा प्रणालियों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नौसैनिक अड्डों पर करीब 900 हवाई हमले किए, ताकि ईरान की जहाजों पर हमला करने की क्षमता को कमजोर किया जा सके।
– ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade): जब पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता (इस्लामाबाद वार्ता) विफल हो गई, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर 13 अप्रैल 2026 को अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान की पूरी तटरेखा और बंदरगाहों की सख्त नौसैनिक नाकेबंदी कर दी।
– रणनीति: अमेरिकी नौसेना ने घोषणा की कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले गैर-ईरानी जहाजों को नहीं रोकेंगे, लेकिन ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले हर जहाज को रोकेंगे, उसका रास्ता बदलेंगे या उसे जब्त कर लेंगे। इस नाकेबंदी से ईरान को रोजाना $500 मिलियन का नुकसान हो रहा है।
– रणनीतिक तेल रिजर्व जारी करना: तेल की कीमतों में आए ऐतिहासिक उछाल को नियंत्रित करने के लिए, अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के देशों के साथ मिलकर बाजार में 400 मिलियन बैरल तेल जारी किया।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
– अमेरिका के भारी सैन्य दबाव और नाकेबंदी के सामने घुटने टेकने के बजाय, ईरान ने बेहद आक्रामक और रणनीतिक प्रतिक्रिया दी है, जिसे विशेषज्ञ ‘दोहरी नाकेबंदी’ (Dual Blockade) कह रहे हैं:
– फारस की खाड़ी की पूर्ण नाकेबंदी: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों को ब्लॉक किया, तो ईरान ने जवाब में पूरे फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से बंद कर दिया। IRGC ने जहाजों को चेतावनी दी, व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, और जलमार्ग में समुद्री बारूद (Sea Mines) बिछा दिए।
– ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) का गठन: 18 मई 2026 को ईरान ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए इस जलडमरूमध्य पर अपनी पूर्ण संप्रभुता का दावा करने के लिए PGSA नामक नए आधिकारिक निकाय की घोषणा कर दी।
– इसके तहत ईरान ने इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले सभी विदेशी जहाजों पर मनमाना टोल टैक्स (Tolls) वसूलना शुरू कर दिया है और अपने कड़े नियम थोप दिए हैं।
निष्कर्ष
– वर्तमान स्थिति एक अचल गतिरोध (Stalemate) में बदल चुकी है।
– 8 अप्रैल से एक कमजोर युद्धविराम लागू तो है, लेकिन ईरान का स्पष्ट कहना है कि जब तक अमेरिका अपने नौसैनिक प्रतिबंध और नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक वह होर्मुज जलमार्ग को सामान्य (युद्ध-पूर्व की स्थिति) नहीं होने देगा।
– यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।



