5 to 8 सितम्बर 2026 करेंट अफेयर्स – Basic

यह 5 to 8 सितम्बर 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।

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1.संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा पारित “Correct The Map” प्रस्ताव मुख्य रूप से मर्केटर नक्शे में किस भू-भाग के गलत आकार को सुधारने से संबंधित है?
The “Correct The Map” resolution passed by the United Nations General Assembly (UNGA) primarily concerns correcting the incorrect size of which landmass on the Mercator map?

a. अंटार्कटिका
b. ऑस्ट्रेलिया
c. दक्षिण अमेरिका
d. ग्रीनलैंड

Answer: d. ग्रीनलैंड (टोगो देश ने प्रस्‍ताव पेश किया था, इसके तहत इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन मैप अपनाने का आह्वान हुआ)

– यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली (UNGA) में नक्शा बदलने का मामला दुनिया के नक्शे में महाद्वीपों के आकार के सही और निष्पक्ष प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
– सितंबर 2026 में अफ्रीका के देश टोगो की अगुवाई और अफ्रीकी संघ के समर्थन से “Correct The Map” नाम से एक गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव लाया गया, जिसे UNGA ने पास कर दिया।

विवाद और बदलाव की मुख्य वजह:
– मर्केटर Projection की कमियां: पिछले लगभग 450 वर्षों (1569 से) से पूरी दुनिया में 16वीं सदी के फ्लेमिश मानचित्रकार जेरार्डस मर्केटर द्वारा बनाए गए नक्शे (Mercator map) का उपयोग हो रहा था। इसे समुद्री नेविगेशन के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन समतल कागज पर पृथ्वी को दिखाते समय इसमें भूमध्य रेखा (Equator) के पास वाले क्षेत्रों का आकार छोटा और ध्रुवों की ओर के देशों का आकार बहुत बड़ा दिखाई देने लगा।
– आकार का अंतर: मर्केटर नक्शे में ग्रीनलैंड का आकार अफ्रीका महाद्वीप जितना बड़ा दिखता है, जबकि असल में अफ्रीका ग्रीनलैंड से करीब 14 गुना बड़ा है। इसी तरह यूरोप और उत्तरी अमेरिका नक्शे पर वास्तविक आकार से काफी बड़े दिखते थे।
– ज्ञानात्मक न्याय (Cognitive Justice): अफ्रीकी देशों का तर्क था कि इस पुराने नक्शे ने शताब्दियों से औपनिवेशिक मानसिकता और तीसरे विश्व के देशों के प्रति भौगोलिक पूर्वाग्रह को बढ़ावा दिया है।

नया नक्शा और वोटिंग
– Equal Earth Projection: संयुक्त राष्ट्र ने अब 2018 में विकसित किए गए ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ को अपनाने का आह्वान किया है, जो सभी महाद्वीपों के वास्तविक आकार और क्षेत्रफल का सटीक संतुलन दिखाता है।
– वोटिंग का नतीजा: इस प्रस्ताव के समर्थन में भारत समेत 164 देशों ने वोट दिया।
– अमेरिका का विरोध: अमेरिका (US) इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट देने वाला इकलौता देश रहा, जबकि 6 देशों (इज़राइल, यूक्रेन, अर्जेंटीना, पराग्वे, हंगरी, माइक्रोनेशिया) ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। अमेरिका ने इसे एक “वैचारिक एजेंडा” बताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र को ऐतिहासिक नक्शों के बजाय असल वैश्विक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

क्‍या संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) कोई मैप जारी करेगा
– संयुक्त राष्ट्र (UN) खुद अपनी ओर से कोई नई राजनीतिक सीमा तय करने वाला या नया ज़मीन का नक्शा जारी नहीं करेगा।
– UN का काम नक्शा छापना नहीं है: संयुक्त राष्ट्र (UNGA) कोई मैपिंग एजेंसी नहीं है, इसलिए UN खुद प्रिंट करके कोई नया नक्शा जारी नहीं कर रहा है।
– डिजाइन का चयन हो चुका है: 4 सितंबर 2026 को UNGA में पास हुए प्रस्ताव में ‘Equal Earth’ नक्शे की सिफारिश की गई है, जो 2018 में अंतरराष्ट्रीय मानचित्रकारों द्वारा पहले ही तैयार किया जा चुका है।
– दिशानिर्देश (Guidelines) जारी होंगे: UN की अपनी शाखा ‘UN Cartographic Section’ अब अपने आधिकारिक प्रकाशनों, सम्मेलनों और UN भवनों में उपयोग होने वाले डिस्प्ले के लिए Equal Earth फॉर्मेट को अपनाएगी।
– सलाहत्मक प्रस्ताव (Non-Binding): UN का यह प्रस्ताव एक ‘सिफारिश’ (Advisory) की तरह है। यह सदस्य देशों, गूगल मैप्स जैसे प्लेटफॉर्म्स और शैक्षणिक प्रकाशकों (जैसे NCERT, National Geographic) को प्रेरित करता है कि वे भी अपने नक्शों में Equal Earth मॉडल को लागू करें।

नक्शा कौन बनाएगा और कौन-सा फॉर्मेट इस्तेमाल होगा?
– कोई नया नक्शा नहीं बनाया जाएगा: इसके लिए किसी नई कार्टोग्राफी (मानचित्रकला) की जरूरत नहीं है।
– 2018 में जर्मन-अमरीकी मानचित्रकारों (बोयान शाविएच और बर्नहार्ड जेनी) द्वारा तैयार किए गए ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ (Equal Earth Projection) को ही आधिकारिक मानक माना गया है।
– कार्टोग्राफर्स और मैप पब्लिशर्स: ‘नेशनल ज्योग्राफिक’, ‘यूएन कार्टोग्राफिक सेक्शन’, ‘ओपनस्ट्रीटमैप’ और दुनिया भर की प्रमुख मैपिंग एजेंसियां (जैसे सर्वे ऑफ इंडिया, ऑर्डनेंस सर्वे आदि) अब इसी डेटा मॉडल के आधार पर डिजिटल और प्रिंट नक्शे तैयार करेंगी।

नक्शा कैसे बनेगा? (तकनीकी तरीका)
– इक्वल-एरिया मैथमैटिकल मॉडल: गोलाकार पृथ्वी (3D) को समतल (2D) कागज पर ढालने के लिए एक विशेष गणितीय फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है।
– क्षेत्रफल का सही अनुपात: इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन में हर महाद्वीप और देश का क्षेत्रफल उनकी वास्तविक भूमि (Square Kilometers) के पूर्ण अनुपात में दिखाया जाता है।
– विरूपण (Distortion) में संतुलन: ध्रुवों (North/South Poles) के पास मामूली खिंचाव होता है, लेकिन महाद्वीपों की मूल आकृतियां बिगड़े बिना उनका सही आकार सामने आता है।

यह नया नक्शा कैसे और कहां लागू होगा?
– संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक दस्तावेज: UN HQ (न्यू यॉर्क) और उसके सभी अंगों (UNICEF, UNESCO आदि) के प्रकाशनों, रिपोर्ट्स और दीवारों पर अब केवल Equal Earth नक्शों का ही इस्तेमाल होगा।
– स्कूली शिक्षा और किताबें: प्रस्ताव के तहत सदस्य देशों से अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम में सुधार करने का आग्रह किया गया है। फ्रांस और टोगो जैसे देशों ने अपने स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में मर्केटर प्रोजेक्शन की जगह इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन वाले नक्शे शामिल करने शुरू कर दिए हैं।
– डिजिटल प्लेटफॉर्म्स: गूगल मैप्स (Google Maps) पहले से ही वैश्विक स्तर पर ज़ूम-आउट करने पर ग्लोब (Globe) व्यू दिखाता है ताकि आकार सही दिखे। अब अन्य 2D ऑनलाइन मैपिंग टूल भी इसी प्रोजेक्शन को डिफॉल्ट के रूप में अपना रहे हैं।

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2.संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में “Correct The Map” प्रस्ताव पर मतदान के बाद भारत द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
What was the primary objective of the official clarification issued by India following the vote on the “Correct The Map” resolution at the United Nations General Assembly (UNGA)?

a. भारत के नक्शे के साथ केवल ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ के उपयोग को अनिवार्य बनाना
b. यह स्पष्ट करना कि यह प्रस्ताव केवल क्षेत्रफल के अनुपात से संबंधित है और भारत की संप्रभु सीमाओं को प्रभावित नहीं करता
c. अमेरिका के विरोध का समर्थन करना
d. वैश्विक स्तर पर समुद्री नेविगेशन के नियम बदलना

Answer: b. यह स्पष्ट करना कि यह प्रस्ताव केवल क्षेत्रफल के अनुपात से संबंधित है और भारत की संप्रभु सीमाओं को प्रभावित नहीं करता

– संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में “Correct The Map” प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन को अपना स्पष्टीकरण (Explanation of Vote) जारी करना पड़ा।


भारत द्वारा यह स्पष्टीकरण जारी करने के दो मुख्य कारण थे:

राष्ट्रीय संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख)
– भारत का रुख: भारत ने यह स्पष्ट किया कि UNGA का यह प्रस्ताव केवल विश्व स्तर पर महाद्वीपों/भू-भागों के अनुपातिक आकार (Equal Area) को सही तरीके से दिखाने से जुड़ा है, न कि राजनीतिक सीमाओं (Political Boundaries) से।
– अस्वीकार्य चित्रण: भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत का आधिकारिक नक्शा ही उसकी संप्रभुता को दर्शाता है। संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग हैं, और नक्शे के किसी भी नए फॉर्मेट या प्रोजेक्शन में भारत के नक्शे के साथ कोई भी भ्रामक या गलत चित्रण स्वीकार्य नहीं होगा।

किसी एक विशिष्ट नक्शे (जैसे Equal Earth) को थोपने से बचना
– तकनीकी स्पष्टता: प्रस्ताव में 2018 में विकसित ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ (Equal Earth Projection) का जिक्र था। भारत ने स्पष्ट किया कि वह दुनिया को बराबर क्षेत्रफल (Equal-Area Concept) में दिखाने के विचार का समर्थन करता है, न कि किसी एक खास पेटेंट या विशिष्ट नक्शे (Equal Earth) को अनिवार्य बनाने का।
– स्वायत्तता: भारत अपनी शैक्षणिक आवश्यकताओं (जैसे NCERT) और कार्टोग्राफिक संस्थाओं (जैसे सर्वे ऑफ इंडिया) को किसी एक विशेष निजी/अंतरराष्ट्रीय नक्शा मॉडल से बांधना नहीं चाहता था।
– विदेश मंत्रालय का मूल संदेश: भारत दुनिया के निष्पक्ष भौगोलिक चित्रण के पक्ष में है, लेकिन भारत की राष्ट्रीय सीमाओं और संप्रभुता (Sovereignty and Territorial Integrity) पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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3.अंडमान निकोबार का नया उपराज्यपाल सितंबर 2026 में किसे बनाया गया?
Who was appointed as the new Lieutenant Governor of Andaman and Nicobar in September 2026?

a. डॉ. दिनेश शर्मा
b. डॉ. विजय वर्मा
c. डॉ. विशाखा कुमारी
d. अजय सिंह

Answer: a. डॉ. दिनेश शर्मा

– राष्‍ट्रपति ने 5 सितंबर 2026 को डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्‍यपाल नियुक्‍त किया।
– इससे पहले वह राज्‍यसभा सदस्‍य थे।
– 2017 से 2022 तक उत्‍तर प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री रह चुके थे।
– दो बार लखनऊ के महापौर चुने जा चुके हैं।

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4.यूनेस्‍को ने किस राज्‍य के ‘रंगपुर-सिबसागर ऐतिहासिक परिसर’ को विश्व धरोहर की टेंटेटिव लिस्ट (अस्थायी सूची) में शामिल किया?
UNESCO included the ‘Rangpur-Sibsagar Historical Complex’ of which state in the tentative list of World Heritage Sites?

a. असम
b. आंध्र प्रदेश
c. महाराष्ट्र
d. उत्‍तर प्रदेश

Answer: a. असम

– रंगपुर-सिबसागर ऐतिहासिक परिसर (Rangpur-Sivasagar Historic Ensemble) को विश्‍व धरोहर की अस्‍थाई सूची में सितंबर 2026 में शामिल किया गया।
– भारत ने इसके लिए 19 जून 2026 को यूनेस्को के पास आधिकारिक नामांकन डोजियर प्रस्तुत किया था।

रंगपुर-सिबसागर ऐतिहासिक परिसर के बारे में
– यह परिसर 1228 से 1826 ई. तक ब्रह्मपुत्र घाटी पर शासन करने वाले अहोम राजवंश की राजनीतिक और औपचारिक राजधानी का मुख्य केंद्र था।
– इसमें एशिया का सबसे पुराना जीवित एम्फीथिएटर रंग घर, बहुमंजिला शाही महल तलातल घर, और नामदांग स्टोन ब्रिज जैसी अनूठी वास्तुशिल्प कृतियां शामिल हैं।
– जोयसागर, गौरीसागर और शिवसागर जैसे विशाल और भव्य मानव निर्मित तालाब हैं।
– अहोम राजवंश की स्‍थापना 1228 में स्‍वर्गदेव चाओलुंग सुकाफा ने की थी।
– इसका शासन 1826 में समाप्‍त हुआ।
– यहां के चराईदेव मोइदम UNESCO विश्व धरोहर स्थल में वर्ष 2024 में शामिल किया गया था।

Tentative World Heritage Site (संभावित/अस्‍थाई विश्व धरोहर स्थल)
– ये वे स्थल होते हैं जिन्हें किसी देश की सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया है कि इन्हें भविष्य में UNESCO विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया जाए।
– इन्हें Tentative List में रखा जाता है।
– किसी स्थल को आधिकारिक World Heritage Site बनाने के लिए, पहले Tentative List में होना अनिवार्य है।
– यह एक प्रारंभिक चरण होता है।

भारत के 73 स्‍थाई विश्व धरोहर स्थल
1) मांडू के स्मारकों का समूह, मध्य प्रदेश : 03/07/1998
2) मट्टनचेरी पैलेस, एर्नाकुलम, केरल : 03/07/1998
3) बिष्णुपुर के मंदिर, पश्चिम बंगाल: 03/07/1998
4) श्री हरिमंदिर साहिब, अमृतसर, पंजाब : 05/01/2004
5) असम में ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य स्थित माजुली नदी द्वीप, असम : 02/03/2004
6) वाइल्ड ऐस अभयारण्य, लिटिल रण ऑफ कच्छ, गुजरात : 15/03/2006
7) नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान, अरुणाचल प्रदेश : 15/03/2006
8) डेजर्ट नेशनल पार्क, राजस्थान : 26/05/2009
9) न्योरा वैली राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिम बंगाल : 26/05/2009
10) भारत में सिल्क रोड के स्थल, विभिन्न राज्य : 20/01/2010
11) हैदराबाद के कुतुब शाही स्मारक : गोलकोंडा किला, कुतुब शाही मकबरे और चारमीनार, तेलंगाना : 10/09/2010
12) कश्मीर के मुगल उद्यान, जम्मू-कश्मीर : 13/12/2010
13) दिल्ली : एक विरासत नगरी, दिल्ली : 22/05/2012
14) बहाई उपासना स्थल, नई दिल्ली: 15/04/2014
15) चेत्तीनाड : तमिल व्यापारियों के गांवों के समूह, तमिलनाडु : 15/04/2014
16) भारत की पर्वतीय रेलों का विस्तार, विभिन्न राज्य : 15/04/2014
17) हड़प्पा बंदरगाह-नगर लोथल के पुरातात्विक अवशेष, गुजरात : 15/04/2014
18) बुर्जहोम की नवपाषाण बस्ती, जम्मू-कश्मीर : 15/04/2014
19) एकाम्र क्षेत्र : मंदिर नगरी, भुवनेश्वर, ओडिशा : 15/04/2014
20) नारकोंडम द्वीप : अंडमान और निकोबार द्वीप समूह : 15/04/2014
21) थेमबांग का किलाबंद गांव, अरुणाचल प्रदेश : 15/04/2014
22) सत्याग्रह स्थल : भारत के अहिंसक स्वतंत्रता आंदोलन के स्थल, विभिन्न राज्य : 15/04/2014
23) पद्मनाभपुरम पैलेस, तमिलनाडु : 15/04/2014
24) चिलिका झील, ओडिशा : 15/04/2014
25) श्रीरंगपट्टनम द्वीप नगर के स्मारक, कर्नाटक : 15/04/2014
26) श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, श्रीरंगम, तमिलनाडु : 15/04/2014
27) अपातानी सांस्कृतिक परिदृश्य, अरुणाचल प्रदेश : 15/04/2014
28) भारत के विशिष्ट साड़ी बुनाई समूह, विभिन्न राज्य : 15/04/2014
29) सेल्युलर जेल, अंडमान द्वीप समूह : अंडमान और निकोबार द्वीप समूह : 15/04/2014
30) दक्कन सल्तनत के स्मारक और किले, विभिन्न राज्य : 15/04/2014
31) अयोहोल : बादामी : पट्टडकल : मंदिर वास्तुकला का विकास, कर्नाटक : 09/02/2015
32) उत्तरापथ, बादशाही सड़क, सड़क-ए-आज़म और ग्रैंड ट्रंक रोड के किनारे स्थित स्थल, विभिन्न राज्य : 15/04/2015
33) भारत का शीत मरुस्थलीय सांस्कृतिक परिदृश्य, हिमाचल प्रदेश : 15/04/2015
34) कीबुल लामजाओ संरक्षण क्षेत्र, मणिपुर : 11/03/2016
35) गारो हिल्स संरक्षण क्षेत्र, मेघालय : 26/07/2018
36) ओरछा का ऐतिहासिक समग्र परिसर, मध्य प्रदेश : 15/04/2019
37) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश : 13/04/2021
38) भेड़ाघाट : लमेटाघाट, नर्मदा घाटी, मध्य प्रदेश : 13/04/2021
39) हायर बेनकल, महापाषाणकालीन स्थल, कर्नाटक : 13/04/2021
40) कांचीपुरम के मंदिर, तमिलनाडु : 13/04/2021
41) वाराणसी के ऐतिहासिक शहर का प्रतिष्ठित नदी तट, उत्तर प्रदेश : 13/04/2021
42) श्री वीरभद्र मंदिर और एकाश्म नंदी, लेपाक्षी, विजयनगर मूर्तिकला एवं चित्रकला परंपरा, आंध्र प्रदेश : 17/02/2022
43) जिंजकियेंग ज्री : जीवित जड़ पुलों के सांस्कृतिक परिदृश्य, मेघालय : 17/02/2022
44) भारत के कोंकण क्षेत्र के भू-आकृतिक चित्र : महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक : 17/02/2022
45) वडनगर : गुजरात का बहुस्तरीय ऐतिहासिक नगर, गुजरात : 13/12/2022
46) उनाकोटी, उनाकोटी पर्वतमाला, उनाकोटी जिले की शैल-कट मूर्तियां और उत्कीर्ण चित्र, त्रिपुरा : 13/12/2022
47) सूर्य मंदिर, मोढेरा और इसके आसपास के स्मारक, गुजरात : 13/12/2022
48) महाराष्ट्र के कोंकण तट के साथ स्थित तटीय किलेबंदी : क्रमिक नामांकन, महाराष्ट्र : 03/01/2024
49) धामनार का ऐतिहासिक समग्र परिसर, मध्य प्रदेश : 08/02/2024
50) रामनगर, मंडला के गोंड स्मारक, मध्य प्रदेश : 08/02/2024
51) भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, मध्य प्रदेश : 08/02/2024
52) चंबल घाटी के शैलचित्र स्थल, मध्य प्रदेश : 08/02/2024
53) खूनी भंडारा, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश : 08/02/2024
54) ग्वालियर किला, मध्य प्रदेश, मध्य प्रदेश : 08/02/2024
55) बुंदेलों के महल-किले, मध्य प्रदेश : 11/02/2025
56) उत्तर भारत के गुप्तकालीन मंदिर : क्रमिक नामांकन, विभिन्न राज्य : 11/02/2025
57) चौंसठ योगिनी मंदिर : क्रमिक नामांकन, विभिन्न राज्य : 11/02/2025
58) मौर्य मार्गों के किनारे अशोक के शिलालेख स्थलों का क्रमिक नामांकन, विभिन्न राज्य : 11/02/2025
59) मुदुमल के महापाषाणकालीन मेनहिर, तेलंगाना : 11/02/2025
60) कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, छत्तीसगढ़ : 11/02/2025
61) सलखन जीवाश्म पार्क, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश : 04/06/2025
62) प्राकृतिक विरासत : वरकला, केरल : 27/08/2025
63) तिरुमला पहाड़ियों की प्राकृतिक विरासत, आंध्र प्रदेश : 27/08/2025
64) एर्रा मट्टी डिब्बालु की प्राकृतिक विरासत, आंध्र प्रदेश : 27/08/2025
65) मेघालयन युग की गुफाएं, मेघालय : 27/08/2025
66) सेंट मैरी द्वीप समूह की भूवैज्ञानिक विरासत, कर्नाटक : 27/08/2025
67) पंचगनी और महाबलेश्वर के डेक्कन ट्रैप, महाराष्ट्र : 27/08/2025
68) नागा हिल ओफियोलाइट, नागालैंड : 27/08/2025
69) ओडिशा के बौद्ध त्रिभुज स्थलों का क्रमिक नामांकन, ओडिशा : 22/12/2025
70) अंडमान द्वीप समूह की औपनिवेशिक दंड बस्ती, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह : 22/05/2026
71) मध्य निकोबार द्वीप समूह में निकोबारी सांस्कृतिक निरंतरता, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह : 22/05/2026
72) शेखावाटी के चित्रित हवेली नगर, राजस्थान : 01/06/2026
73) रंगपुर : शिवसागर ऐतिहासिक समग्र परिसर, असम : 19/06/2026

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5. किन भारतीय वैज्ञानिकों या शोधकर्ताओं को रसायन विज्ञान में “इग नोबेल प्राइज 2026” दिया गया?
Which Indian scientists or researchers were awarded the “Ig Nobel Prize 2026” in Chemistry?

a. जंध्यम श्रीकांत और नितिश सत्यनारायणन
b. संचारी बनर्जी
c. सुब्रह्मण्यम रामास्वामी
d. उपरोक्‍त सभी (जंध्यम श्रीकांत, नितिश सत्यनारायणन, संचारी बनर्जी और सुब्रह्मण्यम रामास्वामी)

Answer: d. उपरोक्‍त सभी (जंध्यम श्रीकांत, नितिश सत्यनारायणन, संचारी बनर्जी और सुब्रह्मण्यम रामास्वामी)

– 36वां इग नोबेल पुरस्कार समारोह 3 सितंबर, 2026 को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ।
– रसायन विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, मृदा विज्ञान, भौतिकी और विकास जैसे क्षेत्रों में दस पुरस्कार विजेता शोध समूहों को सम्मानित किया, जिनमें कुछ भारतीय शोधकर्ता भी शामिल थे।
– इनका शोध विषय में तिलचट्टे के दूध से प्राप्त प्रोटीन क्रिस्टल और उनकी ऊर्जा सामग्री पर स्‍टडी शामिल थी।
– रिसर्च में बेंगलुरु स्थित इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन (इनस्टेम) के भारतीय वैज्ञानिक शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम हिस्से के रूप में शामिल थे।
– रिसर्चर्स ने प्रशांत क्षेत्र के भृंग जैसे तिलचट्टे, डिप्लोप्टेरा पंकटाटा पर रिसर्च किया।
– तिलचट्टों में यह प्रजाति अनोखी है क्योंकि यह जीवित बच्चे पैदा करती है।
– टीम ने इस तिलचट्टे के दूध-जैसे पदार्थ में पाए जाने वाले प्रोटीन क्रिस्टलों पर स्‍टडी की।
– स्‍टडी से पता चलता है कि ये छोटे क्रिस्टल प्रोटीन, लिपिड और शर्करा से बने होते हैं।
– बताया गया है कि इन क्रिस्टलों में स्तनधारियों के दूध की समान मात्रा की तुलना में तीन गुना अधिक ऊर्जा होती है।
– इस खोज का यह अर्थ नहीं है कि तिलचट्टे का दूध जल्द ही सामान्य दूध की जगह ले लेगा।
– बल्कि, यह प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों के बारे में जानने के लिए असामान्य जैविक प्रणालियों की स्‍टडी के महत्व को बताता है।

इग नोबेल?
– ये एक वार्षिक पुरस्कार है जो उन लोगों को दिया जाता है जो मनोरंजक या रोचक तरीके से साइंटिफिक रिसर्च करते हैं।
– साथ ही वैज्ञानिक रूप से उस क्षेत्र में योगदान भी देते हैं।
– यह पुरस्कार एनल्स ऑफ इम्प्रोबेबल रिसर्च द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
– विजेताओं को नकद राशि के रूप में कोई वास्तविक धन नहीं, बल्कि जिम्बाब्वे का 10 ट्रिलियन डॉलर का एक पुराना नोट (जो अब चलन से बाहर हो चुका है) दिया जाता है।
– इसके अलावा अनूठा हस्तनिर्मित प्रमाण पत्र और एक हास्यपूर्ण ट्रॉफी दी जाती है।

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6. इग नोबेल पुरस्कार 2026 का चिकित्सा (Medicine) पुरस्कार मरणोपरांत किसे दिया गया?
Who was posthumously awarded the 2026 Ig Nobel Prize in Medicine?

a. मिकी
b. अटलांट बीरी
c. पिया विवियानी
d. डॉ. तोकुजी उन्नाओ

Answer: d. डॉ. तोकुजी उन्नाओ

– शोध विषय: 1977 में नाक साफ करने के दौरान वायु प्रवाह, उसकी गति/मात्रा और कानों पर पड़ने वाले दबाव का एयरोडायनामिक स्‍टडी की थी।
– डॉ. तोकुजी, जापान के असाहिकावा मेडिकल यूनिवर्सिटी में थे।
– उनका यह पुरस्कार उनके सहयोगी प्रोफेसर मिकी ताकाहारा ने ग्रहण किया।

इन क्षेत्रों में भी दिए इग नोबेल प्राइज
– तकनीकी: चांगहोंग काओ, जियान्यू ली, और अन्य।
– शोध विषय: मच्छरों के रक्त चूसने वाले मुखांगों को अति सूक्ष्म 3डी-प्रिंटिंग नोजल के रूप में उपयोग करने की संभावना का अध्ययन किया गया।
– मृदा विज्ञान: पिया विवियानी, अटलांट बीरी, और अन्य। – शोध विषय: मिट्टी में मौजूद जीवों का अध्ययन करने के लिए 25 देशों में सूती अंडरवियर को जमीन में दबा दिया गया।
– भौतिक विज्ञान: झाओ पैन, कावी थुरैराजाह, और अन्य। – शोध विषय: तरल प्रभाव कोणों का उपयोग करके छींटे रहित मूत्रालय डिजाइन विकसित किए गए।
– विकास: मैटिल्डा ब्रिन्डल, स्टुअर्ट वेस्ट, कैथरीन एफ. टैलबोट
– शोध विषय: अध्ययन किया कि जानवरों की प्रजातियों में चुंबन का विकास कैसे हुआ होगा।

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7. एडोब सॉफ्टवेयर कंपनी के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कौन बने?
Who became the Chief Executive Officer (CEO) of the Adobe software company?

a. अनिल चक्रवर्ती
b. शांतनु नारायण
c. सुधीर नारायण
d. डैन डर्न

Answer: a. अनिल चक्रवर्ती

– एडोब ने 3 सितंबर, 2026 को उनकी नियुक्ति की।
– शांतनु नारायण की जगह उन्‍हें नियुक्‍त किया गया है।
– अनिल चक्रवर्ती अभी एडोब के कस्टमर एक्सपीरियंस ऑर्केस्ट्रेशन व्यवसाय के प्रमुख हैं।
– 1 दिसंबर 2026 को कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल होंगे।
– अनिल चक्रवर्ती जनवरी 2020 में एडोब से जुड़े।
– उन्होंने IIT-BHU और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की है।
– एडोब में शामिल होने से पहले, वे इंफॉर्मेटिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं।

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8. कृष्णा अच्युताराव का निधन 4 सितंबर 2026 को हो गया, वे किसलिए जाने जाते थे?
Krishna Achyutarao passed away on September 4, 2026; what was he known for?

a. राजनेता
b. प्रख्यात जलवायु वैज्ञानिक
c. सामाजिक कार्यकर्ता
d. वास्‍तुविद

Answer: b. प्रख्यात जलवायु वैज्ञानिक

– 62 वर्षीय कृष्णा अच्युताराव IIT दिल्‍ली के वायुमंडलीय विज्ञान केंद्र (CAS) के प्रोफेसर थे।
– IIT दिल्ली के डीन (संकाय) तथा वायुमंडलीय विज्ञान केंद्र के प्रमुख रहे।
– वह संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) की वर्किंग ग्रुप-1 की रिपोर्टों (पाँचवीं और छठी आकलन रिपोर्ट) में प्रमुख लेखक रहे थे।
– उनका मुख्य शोध जलवायु परिवर्तन के तौर-तरीकों, जलवायु जोखिम आकलन और चरम मौसम की घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करने पर केंद्रित था।
– वे विश्व जलवायु अनुसंधान कार्यक्रम की संयुक्त वैज्ञानिक समिति और CLIVAR वैज्ञानिक संचालन समूह के सदस्य थे।

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9. किस अफ्रीकी देश में ‘क्या हम दूसरों के गुलाम हैं’, कहकर राष्ट्रपति विलियम रूटो ने भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स को परिचालन बंद करने का आदेश दिया?
In which African country did President William Ruto order the Indian company Tata Chemicals to shut down operations, asking, “Are we slaves to others?”

a. युगांडा
b. तंजानिया
c. सोमालिया
d. केन्‍या

Answer: d. केन्‍या

– केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने 3 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया।
– आरोप लगाया कंपनी की उपस्थिति से देश को कोई लाभ नहीं हुआ है।
– रूटो ने कहा कि केन्याई सरकार टाटा केमिकल्स द्वारा वर्तमान में संचालित कार्यों को संभालने के लिए दो नई कंपनियों को लाएगी।
– उन्होंने शर्त रखी कि नए निवेशकों को केन्या में ही मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने होंगे।
– जबकि टाटा केमिकल्स अभी वहां सिर्फ माइनिंग और बेसिक प्रोसेसिंग का काम कर रही थी।
– टाटा केमिकल्स ने कहा, “हमने 28 जुलाई 2026 के सरकारी पत्र का जवाब देते हुए 11 अगस्त को ही सभी जरूरी जानकारी और रिपोर्ट्स केन्या सरकार को सौंप दी थीं।
– हम केन्या सरकार के अधिकार का सम्मान करते हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वहां पर क्‍या करती है टाटा केमिकल्‍स
– दरअसल, टाटा केमिकल्स वहां की झील लेक मगादी से कच्चा माल निकालकर सोडा ऐश बनाती है।
– और उसे भारत समेत दुनिया भर में एक्सपोर्ट करती है।
– टाटा केमिकल्स ने वर्ष 2005 में ‘मगादी सोडा कंपनी’ का अधिग्रहण किया था, जिसे बाद में टाटा केमिकल्स मगादी लिमिटेड का नाम दिया गया।
– सोडा ऐश: एक प्रमुख औद्योगिक रसायन है। इसका इस्तेमाल कांच उद्योग, साबुन और डिटर्जेंट और केमिकल इंडस्ट्री में होता है।

केन्‍या
राजधानी: नैरोबी
आबादी: 5.86 करोड़
मुद्रा: केन्याई शिलिंग
भाषा: स्वाहिली और अंग्रेजी।
पड़ोसी देश: इथियोपिया, सूडान, युगांडा, तंजानिया, सोमालिया।

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10. राष्‍ट्रीय शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Teachers Day celebrated?

a. 1 सितंबर
b. 3 सितंबर
c. 4 सितंबर
d. 5 सितंबर

Answer: d. 5 सितंबर

– भारत के पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. सर्वपल्‍ली राधाकृष्‍णन के जन्‍म दिवस पर टीचर्स डे मनाया जाता है।
– डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ।
– वह एक दार्शनिक, विद्वान और भारत रत्न पुरस्कार विजेता थे।
– वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति (1962 से 1967) और भारत के पहले उपराष्ट्रपति (1952-1962) थे।

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11. अंतर्राष्ट्रीय दान दिवस (International Day of Charity) कब मनाया जाता है?
When is International Day of Charity celebrated?

a. 03 सितंबर
b. 04 सितंबर
c. 05 सितंबर
d. 06 सितंबर

Answer: c. 05 सितंबर

– मदर टेरेसा के निधन की वर्षगांठ पर यह दिवस मनाया जाता है।
– संयुक्त राष्ट्र ने यह दिवस घोषित किया हुआ है।
नोट: – मदर टेरेसा को 1979 में “गरीबी और संकट” से उबरने के संघर्ष में किए गए काम के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

नोट
– मदर टरेसा का जन्‍म 26 अगस्‍त 1910 को स्कोप्जे (वर्तमान उत्तर मैसेडोनिया) और निधन 5 सितंबर 1997 को कोलकाता में हुआ था।
– 1948 में उन्होंने “Missionaries of Charity” नामक संस्था की स्थापना की।
– उनका उद्देश्य था – गरीब, बीमार, अनाथ और असहाय लोगों की सेवा।
– कोलकाता में उन्होंने निरमल हृदय नामक आश्रयगृह खोला, जहाँ अंतिम समय में बेघर और बीमार लोगों को सम्मानजनक देखभाल मिलती थी।
– उन्होंने कुष्ठ रोगियों, भूख से पीड़ित और अनाथ बच्चों के लिए भी कई केंद्र खोले।

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12. AK-203 असॉल्ट राइफल के लिए गोलियां बनाने के लिए किस भारतीय कंपनी ने इंडो-रशियन राइफल्स (IRRPL) के साथ डील साइन की?
Which Indian company signed a deal with Indo-Russian Rifles (IRRPL) to manufacture ammunition for the AK-203 assault rifle?

a. म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड
b. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड
c. अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस
d. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड

Answer: c. अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस

– अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और इंडो-रशियन राइफल्स (IRRPL) ने सितंबर 2026 में 5 साल के लिए एक डील की है।
– इसके तहत अडाणी डिफेंस भारतीय सेना की AK-203 असॉल्ट राइफलों के लिए 7.62mm साइज की गोलियां बनाकर सप्लाई करेगी।
– इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सेना को गोलियों के लिए अब किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और भारत में ही लगातार कारतूस मिलते रहेंगे।

गोलियां अडाणी के कानपुर प्लांट में तैयार होंगी
– अडाणी डिफेंस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर में अपना नया कारखाना शुरू किया है, जहां छोटे हथियारों के लिए गोलियां बनाई जाती हैं।

अमेठी में बन रहीं 6 लाख से ज्यादा AK-203 राइफल्स
– IRRPL भारत और रूस की सरकार द्वारा मिलकर 2019 में बनाई गई एक कंपनी है।
– इसका काम भारतीय सेना के लिए आधुनिक AK-203 राइफलें बनाना है।
– इस कंपनी का कारखाना उत्तर प्रदेश के अमेठी (कोरवा) में है।
– रक्षा मंत्रालय ने दिसंबर 2021 में इस कारखाने में 6,01,427 AK-203 राइफलें बनाने का ऑर्डर दिया था।

IRRPL भारत और रूस की कंपनियों का ज्वाइंट वेंचर है
– इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) में भारत और रूस दोनों देशों की कंपनियां शामिल हैं।
– भारतीय पार्टनर: एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड।
– रूसी पार्टनर: कंसर्न कलाश्निकोव और रोसोबोरोनएक्सपोर्ट।

AK-203 असॉल्ट राइफल
– स्‍पीड : 1 मिनट में 700 राउंड फायर कैपेसिटी
– रेंज : 500 से 800 मीटर
– मैग्‍जीन : एक में 30 राउंड गोलियां
– मोड : सेमी ऑटोमेटिक, फुली-ऑटोमेटिक मोड
– वजन : 3.8 किलोग्राम
– बैरल : 16.3 इंच
– कैलिबर : 7.62 mm
– लंबाई : 705 mm


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