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यह  Tokyo Olympics 2020 – 2021 का करेंट अफेयर्स है, जो आपके कांपटीटिव एग्‍जाम्‍स में मदद करेगा। इसका PDF Download Link इस पेज के लास्‍ट में मौजूद है। Current Affairs PDF आप इस पेज के आखिरी हिस्‍से से Free में डाउनलोड करें।

1. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 (वर्ष 2021 में आयोजित) में भारतीय खिलाड़ियों ने कितने मेडल जीते?

a. 5
b. 7
c. 17
d. 27

Answer: b. 7

– भारत ने एक गोल्‍ड मेडल, दो सिल्‍वर और चार ब्रॉन्‍ज मेडल जीते।

खिलाड़ी
गोल्‍ड – नीरज चोपड़ा : भाला फेंक (Javelin throw)
सिल्‍वर – मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) और रवि दहिया (फ्री स्‍टाइल कुश्‍ती)
ब्रॉन्‍ज – पीवी सिंधु (बैडमिंटन), पुरुष हॉकी टीम (हॉकी), लवलिना बोरगोहेन (मुक्‍केबाजी) और बजरंग पुनिया (कुश्‍ती)

टोक्‍यो आलंपिक
– टोक्‍यो ओलंपिक 2020 का आयोजन वर्ष 2021 में हुआ।
– यह ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का 32वां संस्करण था।
– इससे पहले 31वें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का आयोजन रियो डी जेनेरियो (ब्राजील) में 2016 में हुआ था।
– अगला ओलंपिक गेम्‍स 2024 में पेरिस (फ्रांस) में होगा।
– 2021 से पहले जापान में 1964 में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जा चुका है।

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2. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 में पहले स्‍थान पर कौन सा देश रहा?

a. चीन
b. जापान
c. फ्रांस
d. यूएसए

Answer: d. यूएसए

टोक्यो ओलंपिक का मेडल टेबल

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3. अब तक हुए ओलंपिक गेम्‍स में भारत को कितने मेडल मिले?

a. 20
b. 30
c. 35
d. 45

Answer: c. 35

– भारत ने ओलंपिक के वर्ष 1900 संस्‍करण से हिस्‍सा लेना शुरू किया।
– भारतीयों ने 24 ओलंपिक खेलों में 35 पदक अपने नाम किए हैं।
– इनमें 10 गोल्‍ड, 9 सिल्‍वर और 16 ब्रॉन्‍ज मेडल हैं।

अब तक के ओलंपिक में गोल्‍ड मेडल

अब तक के ओलंपिक में सिल्‍वर मेडल

अब तक के ओलंपिक में ब्रॉन्‍ज मेडल
 

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4. नीरज चोपड़ा ने भाला (Javelin) को कितना दूर फेंककर टोक्‍यो ओलंपिक 2020 में भारत को एकमात्र गोल्‍ड मेडल दिलाया?

a. 67.58 मीटर
b. 77.58 मीटर
c. 80.58 मीटर
d. 87.58 मीटर

Answer: d. 87.58 मीटर

– उन्‍होंने जेवलिन थ्रो गेम्‍स में यह गोल्‍ड जीता।
– उन्‍होंने कहा है कि, ‘अब और ज्यादा मेहनत करूंगा और 90 मीटर का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करूंगा।’

नीरज ने इससे पहले 5 बड़े इवेंट में जीता गोल्ड
– नीरज चोपड़ा अपने करियर में टोक्यो ओलंपिक से पहले 5 मेगा स्पोर्ट्स इवेंट में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
– उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन चैंपियनशिप, साउथ एशियन गेम्स और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

किसान परिवार से हैं नीरज चोपड़ा
– नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत जिले के मतलौडा ब्लॉक के गांव खांडरा के रहने वाले हैं।
– उनके पिता सतीश चोपड़ा किसान हैं और मां सरोज देवी गृहिणी हैं।
– दो छोटी बहनें संगीता और सरिता हैं।

वजन घटाने को स्‍टेडियम गए और एथलीट बन गए
– बचपन में नीरज का वजन ज्यादा था। वजन घटाने के लिए स्टेडियम जाना शुरू किया। दौड़-भाग की।
– इसके बाद भाला थाम लिया।
– कड़ी मेहनत के बल पर नीरज आज गोल्‍ड मेडल तक पहुंच गए।

2016 में आर्मी ज्‍वाइन की
– नीरज चोपड़ा को 2016 में नायब सूबेदार के पद पर जूनियर कमीशंड ऑफिसर के रूप में चुना गया था।
– दरअसल, इंडियन आर्मी किसी खिलाड़ी को जवान या नॉन कमीशंड ऑफिसर के पद पर भर्ती करती है।
– लेकिन नीरज की काबिलियत को देखते हुए उन्हें सीधे नायब सूबेदार के पद पर नियुक्त किया गया था।
– वह राजपूताना राइफल्स में नायब सूबेदार हैं।

टोक्यो ओलंपिक की देरी नीरज के लिए फायदेमंद
– नीरज को मई 2019 में कोहनी का ऑपरेशन कराना पड़ा था।
– ऐसे में डर था कि वे ओलंपिक से पहले तक रिकवर हो पाएंगे या नहीं, लेकिन कोरोना की वजह से टोक्यो ओलंपिक एक साल आगे टल गया और नीरज को रिकवरी का समय मिल गया।
– साथ ही उन्हें अपने फॉर्म में लौटने का भी पर्याप्त समय मिल गया।

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5. भारत ने टोक्‍यो ओलंपिक में गोल्‍ड जीता, इससे पहले भारतीय खिलाड़ी को ओलंपिक में यह मेडल कब मिला था?

a. 2004 (एथेंस ओलंपिक)
b. 2008 (बीजिंग ओलंपिक)
c. 2012 (लंदन ओलंपिक)
d. 2016 (रियो ओलंपिक)

Answer: b. 2008 (बीजिंग ओलंपिक)

– ओलंपिक गेम्स में भारत को 13 साल बाद किसी इवेंट में गोल्ड मेडल मिला है।
– इससे पहले, 2008 के बीजिंग ओलंपिक में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड जीता था।
– बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट का गोल्ड अपने नाम किया था।

भारत का अब तक का 10वां गोल्ड
– यह, ओलंपिक गेम्स में भारत का अब तक का 10वां गोल्ड मेडल है।
– भारत ने अब तक हॉकी में 8 और शूटिंग में एक और जेवलिन थ्रो में एक गोल्‍ड मेडल जीता है।

दूसरा इंडिविजुअल गोल्‍ड मेडल
– अगर बात हो कि इंडिविजुअल गोल्‍ड की, तो अब तक के ओलंपिक गेम्‍स में अभिनव बिंद्रा के बाद नीरज चोपड़ा ने दूसरा इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीता है।

ट्रैक एंड फील्‍ड इवेंट में पहला भारतीय गोल्‍ड
– भारत 1900 में हुए ग्रीष्‍मकालीन ओलंपिक से शिरकत कर रहा है। यह दूसरा ओलंपिक था।
– उस वक्‍त ब्रिटिश इंडिया की ओर से खेलते हुए स्प्रिंटर (धावक) ‘नॉर्मन प्रिटचार्ड’ ने दो सिल्वर मेडल जीते थे। लेकिन, प्रिटचार्ड अंग्रेज थे, भारतीय नहीं।
– ऐसे में एथलीट नीरज चोपड़ा पहले भारतीय हैं, जिन्‍होंने ट्रैक एंड फील्‍ड ईवेंट में गोल्‍ड जीता।
– ट्रैक एंड फील्‍ड ईवेंट में उस तरह के गेम्‍स आते हैं, जो ट्रैक के अंदर मैदान में होता है। जैसे – स्प्रिंट, जंप, थ्रो।
– हालांकि ऐसे गेम्‍स ट्रैक एंड फील्‍ड ईवेंट में नहीं आते हैं, जो मैदान के बाहर होते हों, जैसे क्रॉस कंट्री, रोड रनिंग, मैराथन….।

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6. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 में कुश्ती खिलाड़ी रवि दाहिया ने कितने किलोग्राम भारवर्ग में रजत (सिल्‍वर) मेडल जीता?

a. 50 किलोग्राम
b. 55 किलोग्राम
c. 56 किलोग्राम
d. 57 किलोग्राम

Answer: d. 57 किलोग्राम

– रवि दहिया का जन्म 1997 में हरियाणा के सोनीपत जिले के नहरी गांव में हुआ था।
– उनके पिता एक भूमिहीन किसान थे, जो बटाई की जमीन पर खेती किया करते थे।
– रवि दहिया के लिए दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम से ओलंपिक तक का सफर आसान नहीं था।
– इसके पीछे उनके पिता की बहुत मेहनत छिपी है।
– 10 साल की उम्र से ही रवि ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में ट्रेनिंग शुरू कर दी थी.
– उन्होंने 1982 के एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले सतपाल सिंह से ट्रेनिंग ली थी।
– पिता राकेश हर रोज अपने गांव से छत्रसाल स्टेडियम तक की 40 किलोमीटर की दूरी तय कर रवि तक दूध और फल पहुंचाते थे।
– रवि का सबसे पहला कमाल 2015 जूनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप में देखने को मिला. तब उन्होंने 55 किलो कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था।

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7. टोक्यो ओलंपिक 2020 में वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कितने किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक (Silver medal) हासिल किया?

a. 49 किग्रा
b. 69 किग्रा
c. 50 किग्रा
d. 48 किग्रा

Answer: a. 49 किग्रा

– चानू ने कुल 202 किलोग्राम भार उठाकर भारत को सिल्वर मेडल दिलाया.
– ऐसा पहली बार हुआ, जब भारत ने ओलंपिक के उद्घाटन के अगले ही दिन पदक जीता।
– वेटलिफ्टिंग में ये दूसरी बार है जब भारत ने ओलंपिक में मेडल जीता है।
– इससे पहले वर्ष 2000 के सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ‌ने कांस्य पदक जीता था।
– ओलंपिक खेलों के वेटलिफ्टिंग में पदक का भारत का 21 साल का इंतजार अब खत्म हुआ है।

चानू ने कब-कब जीता मेडल
– मीराबाई चानू ने वर्ष 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था।
– वर्ष 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 49 किलो वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था।
– वर्ष 2017 में उन्‍होंने 194 किलोग्राम वजन उठाकर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था।
– वह वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर हैं।

मणिपुर की मीराबाई चानू
– मीराबाई चानू मणिपुर की इंफाल से 200 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं।
– उनका जन्‍म 8 अगस्त 1994 को हुआ था।
– गाँव में ट्रेनिंग सेंटर नहीं था तो 50-60 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग के लिए जाया करती थीं।
– ट्रक से लिफ्ट लेकर वह ट्रेनिंग सेंटर तक जाती थीं।
– अब टोक्‍यो ओलंपिक में सिल्‍वर मेडल जीतने के बाद इनमे से कई ट्रक ड्राइवर्स को ढूंढकर मीराबाई चानू ने उन्‍हें सम्‍मानित किया।
– 11 साल में वो अंडर-15 चैंपियन बन गई थीं और 17 साल में जूनियर चैंपियन।
– शुरुआती दौर में डाइट में रोज़ाना दूध और चिकन चाहिए था, लेकिन एक आम परिवार की मीरा के लिए वो मुमकिन न था। उन्होंने इसे भी आड़े नहीं आने दिया।

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8. लगातार दो ओलंपिक गेम्‍स आयोजन में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी का नाम बताएं?

a. ज्वाला गुट्टा
b. पीवी सिंधु
c. सायना नेहवाल
d. अनुष्‍का पारिख

Answer: b. पीवी सिंधु

– भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी (शटलर) पीवी सिंधु ने टोक्‍यो ओलंपिक में एक अगस्‍त 2021 को चीन की ‘हे बिंग जियाओ’ को हराकर कांस्य (bronze) पदक जीत लिया।
– वह लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बन गई हैं।
– इससे पहले सिंधु ने वर्ष 2016 में रियो ओलंपिक में रजत पदक (silver medel) अपने नाम किया था।
– सिंधु का यह लगातार दूसरा ओलंपिक मेडल है।

पीवी सिंधु के बारे में
– वह आन्ध्र प्रदेश (हैदराबाद) की रहने वाली हैं और 26 साल की हैं।
– आठ साल की उम्र में ही पीवी सिंधु इस खेल को नियमित रूप से खेलने लगीं थी।
– इनके माता – पिता दोनों ही पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं.
– वर्ष 2000 में उनके पिता पी. वी. रमण को उनके खेल के लिए अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
– भले ही माता – पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी रहे हो लेकिन सिंधु का रूझान बैडमिंटन खेल में ही रहा।
– तभी सिंधु आठ साल की उम्र से ही बैडमिंटन खेलने लगीं थी।

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9. भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कितने वर्ष बाद ओलंपिक में मेडल जीता?

a. 21 वर्ष
b. 31 वर्ष
c. 41 वर्ष
d. 51 वर्ष

Answer: c. 41 वर्ष

– भारत की हॉकी टीम को ओलंपिक में आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था, वह भी गोल्‍ड।
– अब 41 साल बाद 5 अगस्‍त 2021 को (टोक्‍यो ओलंपिक 2020) में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्‍य (ब्रॉन्‍ज) मेडल जीता है।
– टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया।

भारतीय हॉकी टीम
– कप्‍तान : मनप्रीत सिंह.

भारत में हॉकी का स्‍वर्णिम इतिहास
– आपने सामान्‍य ज्ञान (GK) की बुक्‍स में पढ़ा ही होगा कि ओलंपिक में भारत का इतिहास शानदार रह चुका है।
– भारतीय हॉकी टीम 8 बार गोल्‍ड मेडल जीत चुकी है।
– भारत ने ओलंपिक में सबसे ज्यादा मेडल पुरुष हॉकी में जीते हैं।
– हमने आठ बार गोल्‍ड जीता हुआ है, और न ही इतने गोल्‍ड किसी देश ने हॉकी में जीता और न ही इंडिया ने किसी और गेम्‍स में।
– टीम ने 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था।
– इसके अलावा 1960 में सिल्वर और 1968, 1972 और 2021 (टोक्यो ओलंपिक 2020) में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है।
– 41 साल पहले एक वो दौर था जब हॉकी में गोल्‍ड पक्‍का हुआ करता था।
– मेजर ध्‍यानचंद और टीम जब हॉकी स्टिक लेकर निकलती थी तो दुनिया में कोई हराने वाला नहीं होता था।
– 1936 के बर्लिन ओलंपिक में जब हिटलर के सामने इंडियन टीम ने जर्मनी की टीम को बुरी तरह धोया, तब हिटलर झल्‍लाकर स्‍टेडियम से चला गया था।
– यह भी बात सामने आती है, कि हिटलर ने मेजर ध्‍यानचंद को जर्मनी मिलिटरी में शामिल होने का न्‍योता दिया था।
– ध्‍यानचंद की हॉकी स्टिक को तोड़कर भी देखा गया, कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं निकला और मेजर ध्‍यानचंद जब हॉकी स्‍टिक लेकर निकलते तो विरोधी टीम पर कहर बरपा देते थे।
– लेकिन 1980 के बाद अब 2021 में भारतीय हॉकी टीम ने ब्रॉन्‍ज मेडल जीता है।

भारतीय हॉकी ने गोल्‍डेन पीरियड क्‍यों खोया?
– दरअसल, 1970 के दशक से पहले घास पर हॉकी खेली जाती थी।
– इसके बाद नियम आया कि सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ पर ही हॉकी के मैच होंगे।
– सादी भाषा में कहें, तो प्‍लास्टिक का घास।
– इस स्‍टेडियम में उस वक्‍त आठ करोड़ का खर्च आता था।
– भारत ने सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ के नियम का विरोध भी किया था, लेकिन बहुमत तो सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ की ओर था।
– इसके बाद हम पिछड़ते चले गए।
– अमीर देशों ने खूब सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ के मैदान बनाए।
– भारत में ऐसे खेल के मैदान बेहद कम थे और भारतीय टीम पिछड़ती चली गई। यूरोप और ऑस्‍ट्रेलिया का दबदबा रहा।

इसके बाद हुआ क्रिकेट का दबदबा
– 1983 में जब कपिलदेव की कप्‍तानी में इंडिया ने वनडे वर्ल्‍ड कप जीता।
– तब हॉकी की बजाए क्रिकेट की ओर लोगों की नजरें टिकने लगीं।
– उदारीकरण का दौर आया, तो बाजार को क्रिकेट ज्‍यादा सूट करने लगा।
– ज्‍यादातर परिवार अपने बच्‍चे को कपिलदेव और सचिन बनाने का ख्‍वाब देखने लगे।
– हॉकी और तमाम खेल पीछे छूटता चला गया।
– हॉकी में स्‍पांसर नहीं आ रहे थे, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर नहीं किया गया।

टोक्‍यो ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन की वजह
– अगर खिलाडि़यों को अच्‍छी सुविधाएं मिलेंगी, ट्रेनिंग अच्‍छी होगी, कोच अच्‍छे मिलेंगे, तो जाहिर है कि खेल का स्‍तर सुधरेगा।
– हॉकी के लिए यह काम ओडीशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक ने किया।
– 2018 में ओडीशा ने अगले पांच वर्ष के लिए स्‍पांसरशिप दी थी।
– डेढ सौ करोड़ रुपए रखे है राज्‍य सरकार ने।
– वह स्‍टेडियम बनवा रही है, अंतरर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के टूर्नामेंट करवा रही है।
– ओडीशा के राउरकेला में भारत का सबसे बड़ा हॉकी स्‍टेडियम बन रहा है। इसमें बीस हजार लोगों के बैठने की व्‍यवस्‍था होगी।
– राज्‍य में दर्जनों एस्ट्रोटर्फ मैदान बनवाए हैं।
– 41 साल बाद फिर से इंडिया मेडल लेकर लौट रहा है।

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10. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 में मुक्‍केबाज लवलीन बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) (69 किग्रा भारवर्ग) ने कौन सा पदक जीता?

a. स्‍वर्ण
b. रजत
c. कांस्‍य
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: c. कांस्‍य (ब्रॉन्‍ज)

– वह असम के छोटे से गांव गोलाघाट की रहने वाली हैं।
– असम से जापान तक की उनकी यात्रा बाधाओं और कठिनाइयों से भरी हुई है।
– उनके पिता का नाम टिकेन बोरगोहेन है।
– वर्ष 2021 का साल लवलीना बोरगोहेन के लिए काफी संघर्ष भरा रहा है।
– इसी साल लवलीना की माँ मैमोनी बोरगोहेन का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था।
– डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी दोनों किडनियाँ काम करने लायक नहीं बची हैं।
– इसके बाद लवलीना ने खुद डोनर खोजा था और अपनी कैश प्राइज से माँ का इलाज कराया।
– इस दौरान वो प्रैक्टिस भी करतीं और अस्पताल में माँ की सेवा भी। किडनी ट्रांसप्लांट में 25 लाख रुपए लग गए थे।
– अस्पताल में समय व्यतीत करने के कारण उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण ने भी अपनी चपेट में ले लिया था।

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11. रेसलर ‘बजरंग पुनिया’ ने टोक्‍यो ओलंपिक 2020 में कितने किलोग्राम भार वर्ग के फ्री स्टाइल कुश्ती में कांस्‍य (ब्रॉन्‍ज) मेडल जीता?

a. 55 किलोग्राम
b. 65 किलोग्राम
c. 75 किलोग्राम
d. 85 किलोग्राम

Answer: b. 65 किलोग्राम

– बजरंग पूनिया का जन्म 26 फरवरी 1994 को हरियाणा के झज्जर गांव में हुआ।
– उनके पिता बलवान सिंह भी पहलवान हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पाए।
– वह आर्थिक रूप से बेहद साधारण परिवार से आते हैं।
– बेटे को ओलंपिक भेजने का सपना देखने वाले बलवान सिंह ने बजरंग को 7 साल की उम्र में ही अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेंच सीखने के लिए भेजना शुरू कर दिया था।
– बजरंग ने कहा भी था कि मुझे नहीं पता कि कब कुश्ती मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गई।
– टोक्‍यो ओलंपिक से एक महीना पहले उसके घुटने में चोट लग गई थी, फिर भी वह सेमीफाइनल तक पहुंचे।

कई अवार्ड मिल चुके हैं
– बजरंग वर्ल्ड अंडर-23 चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुके हैं।
– उन्हें पद्मश्री, अर्जुन पुरस्कार और खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।

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12. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 के उद्घाटन समारोह में ध्‍वजवाहक कौन रहे?

a. एमसी मैरीकॉम और मनप्रीत सिंह
b. पी गोपीचंद और सचिन तेंदुलकर
c. मीराबाई चानू और रवि दाहिया
d. एमसी मैरीकॉम और रवि दाहिया

Answer: a. एमसी मैरीकॉम और मनप्रीत सिंह

– एमसी मैरीकॉम (मुक्‍केबाज) और मनप्रीत सिंह (पुरुष हॉकी कप्‍तान)
– 23 जुलाई 2021 को टोक्‍यो ओलंपिक के उद्घाटन समारोह दोनों ने भारतीय दल की अगुआई की।
– पहली बार ऐसा हुआ है, जब ओलंपिक में भारत के दो ध्वजवाहक (एक पुरुष और एक महिला) थे।
– इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) प्रमुख नरिंदर बत्रा का कहना था कि लैंगिक समानता के लिए ऐसा किया गया।

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13. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 के समापन समारोह में ध्‍वजवाहक कौन रहे?

a. एमसी मैरीकॉम और मनप्रीत सिंह
b. पी गोपीचंद और सचिन तेंदुलकर
c. मीराबाई चानू और रवि दाहिया
d. बजरंग पुनिया

Answer: d. बजरंग पुनिया (पहलवान)

– समापन समारोह 8 अगस्‍त 2021 को हुआ।

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14. वर्ष 2024 में 33वां ग्रीष्‍मकालीन ओलंपिक कहां पर आयोजित होगा?

a. पेरिस (फ्रांस)
b. लॉस एंजेल्‍स (यूएसए)
c. ब्रिस्‍बन (ऑस्‍ट्रेलिया)
d. दिल्‍ली (भारत)

Answer: a. पेरिस (फ्रांस)

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15. ओलंपिक खेल को कौनसी संस्था रेगुलेट करती है ?

a. FIFA
b. ISA
c. ICC
d. IOC

Answer: d. IOC

IOC- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (International Olympic Committee)

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16. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के अध्‍यक्ष कौन हैं?

a. यू जैकिंग
b. थॉमस बाक
c. नरिंदर बत्रा
d. कैथी सुलवान

Answer: b. थॉमस बाक

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17. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 का शुभंकर (Mascots) क्‍या था?

a. मिराइतोवा और सोमाइटी
b. बिग बुल
c. हाथी
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: a. मिराइतोवा (Miraitowa) और सोमाइटी (Someity)

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18. टोक्‍यो ओलंपिक 2020 का आदर्श वाक्‍य (motto) क्‍या रहा?

Answer: United by Emotions

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19. इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने ‘ओलंपिक’ का आदर्श वाक्‍य (Moto) बदलकर क्‍या रखा है?

Answer: Faster, Higher, Stronger – Together

– जुलाई 2021 में यह बदलाव किया गया।
– इससे पहले इसका आदर्श वाक्‍य ‘Faster, Higher, Stronger’ था।
– यह अपडेट कोविड-19 महामारी के समय दुनिया भर में एकजुटता दिखाने के लिए किया गया है।

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20. ओलंपिक खेल की शुरुआत कब हुई थी?

Answer: 6 अप्रैल 1896

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21. पहला ओलंपिक खेल का आयोजन कहां हुआ था?

a. मेलबर्न (ऑस्‍ट्रेलिया)
b. न्‍यूयार्क (यूएसए)
c. एथेंस (ग्रीस)
d. लंदन (ब्रिटेन)

Answer: c. एथेंस (ग्रीस)

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22. ओलंपिक गेम्‍स में भारत पहली बार कब शामिल हुआ?

a. 1900
b. 1920
c. 1924
d. 1956

Answer: a. 1900 (पेरिस, फ्रांस)

– भारत 1900 में हुए ग्रीष्‍मकालीन ओलंपिक से शिरकत कर रहा है। यह दूसरा ओलंपिक था।
– उस वक्‍त ब्रिटिश इंडिया की ओर से खेलते हुए स्प्रिंटर (धावक) ‘नॉर्मन प्रिटचार्ड’ ने दो सिल्वर मेडल जीते थे। लेकिन, प्रिटचार्ड अंग्रेज थे, भारतीय नहीं।

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23. ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला तैराक कौन बनीं?

a. नफीसा अली
b. माना पटेल
c. शिखा टंडन
d. भक्ति शर्मा

Answer: b. माना पटेल

– माना पटेल से पहले अब तक किसी भी भारतीय महिला तैराक ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं किया था।
– उन्‍होंने टोक्‍यो ओलंपिक के लिए क्‍वालिफाई किया और 100 मीटर बैकस्ट्रोक गेम्‍स में शामिल हुई थी, हालांकि पदक नहीं जीत सकी।
– हां, पुरुष तैराकों ने पहले भी कई बार क्‍वालिफाई किया है।

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24. ओलंपिक के लिए क्‍वालिफाई करने वाली भारत की पहली तलवारबाज का नाम बताएं?

a. सीए भवानी देवी
b. बीए रचना देवी
c. सीए विभव देवी
d. विभानी देवी

Answer: a. सीए भवानी देवी

– उन्‍होंने टोक्‍यो ओलंपिक के लिए क्‍वालिफाई किया था।
– उनका पूरा नाम चाडालवदा आनंद सुंदररमण भवानी देवी है।
– उनसे पहले इस खेल के लिए किसी भी खिलाड़ी ने ओलंपिक कोटा हासिल नहीं किया था।

भवानी का सफर
– वर्ष 2004 में चेन्नई के स्कूल में तलवारबाजी के साथ अन्य खेलों के ट्रायल हुए, दूसरे खेलों में कोटा फुल होने के बाद तलवारबाजी में जगह बची थी।
– वहीं से भवानी देवी के तलवारबाजी का सफर शुरू हुआ।
– वर्ष 2010 में उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।

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25. ओलंपिक गेम्‍स के लिए पहली बार किस भारतीय महिला नाव‍िक ने क्‍वालिफाइ किया?

a. नेत्रा कुमानन
b. किरेन पटेल
c. आशा कुमार
d. अंजू रानी

Answer: a. नेत्रा कुमानन

– उन्‍होंने टोक्‍यो ओलंपिक में क्‍वालिफाई किया था।
– उन्होंने मुसानाह ओपन चैंपियनशिप के जरिए लेजर रेडियल स्पर्धा में क्‍वालिफाइ किया।
– लेजर रेडियल ‘सिंगलहेंडेड बोट’ होती है जिसमें चालक (Driver) अकेला नाव चलाता है।

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26. टोक्‍यो ओलंपिक गेम्‍स के लिए भारत के ‘ओलंपिक थीम गान’ का शीर्षक बताएं?

a. ‘लक्ष्य तेरा सामने है’
b. ‘मेरी जीत, मेरा लक्ष्‍य’
c. ‘लक्ष्य तेरा मेडल है’
d. ‘ओलंपिक का लक्ष्य’

Answer: a. ‘लक्ष्य तेरा सामने है’

– मोहित चौहान ने यह ‘थीम’ गान तैयार किया और इसे गाया भी है।

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27. टोक्‍यो ओलंपिक के लिए भारत ने ऑफिशियल चीयर सॉन्ग ‘हिंदुस्तानी वे’ लॉन्च किया, इसके संगीतकार (music composer) का नाम बताएं?

a. शंकर महादेवन
b. ए आर रहमान
c. अनु मलिक
d. विशाल ददलानी

Answer: b. ए आर रहमान

– अनन्या बिड़ला ने इस गीत को अपनी आवाज दी है।
– ओलंपिक खेलों में भारतीय दल का उत्साह बढ़ाने के लिए यह सॉन्‍ग लॉन्च किया गया।

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28. टोक्‍यो ओलंपिक 2021 खेलों में भाग लेने वाले पहले ट्रांसजेंडर एथलीट का नाम बताएं?

a. लॉरेल हबर्ड
b. वरोनिका ईवी
c. रिनी रिचर्ड
d. की एलम

Answer: a. लॉरेल हबर्ड

– न्‍यूजीलैंड की लॉरेल हबर्ड ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर एथलीट हैं।
– वह 43 वर्ष की हैं।
– पहले पुरुष वर्ग में खेलती थी।
– हब्बार्ड ने आठ साल पहले 35 साल की उम्र में अपना लिंग बदलवाया था।
– इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के ट्रांस एथलीट्स के निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए बने नियमों और सभी आवश्यकताओं को पूरा किया।
– टोक्‍यो ओलंपिक में वह महिला कैटेगरी में शामिल हुईं।

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29. भारतीय महिला हॉकी टीम ने कितने साल बाद ओलंपिक खेलों के सेमीफाइल में प्रवेश किया?

a. 44 साल
b. 43 साल
c. 42 साल
d. 41 साल

Answer: d. 41 साल

-वर्ष 2021 के ओलंपिक खेलों में महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में पहुंच कर इतिहास रच दिया।
-लेकिन टीम को सेमीफाइनल के मैच में अर्जेंटीना से हार मिली।
-इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ष 1980 में मास्‍को ओलंपिक के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

-भारतीय खिलाड़ी वंदना ओलंपिक के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं हैं।
-वंदना ने नायह ऐतिहासिक हैट्रिक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगाई थी।
-जिसमें पहला गोल चौथेवें मिनट में दूसरा 17वें मिनट और तीसरा गोल 49वें मिनट में दागा।

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30. टोक्यो ओलंपिक के 73% भारतीय खिलाड़ी मिडिल क्लास या गरीब –

– टोक्यो ओलंपिक में भी ऐसे बेहद गरीब परिवारों की भी लड़के-लड़कियां हैं, जिनके परिवार के सदस्‍य दूसरों के घरों में झाड़ू और पोछे का काम भी करती हैं।
– मेडल जीतने वाली मणिपुर की मीराबाई चानू के पापा दूसरों के खेत में हल चलाते थे। अब हालत सुधर रही है।
– मेडल विजेता हरियाणा के रवि दहिया का परिवार किसानी करता है और अब उनके हालत सुधरने शुरू हुए हैं।
– हरियाणा के एथलीट संदीप कुमार के पिता गांव में बकरी चराते हैं और दूसरे के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं।
– झारखंड की हॉकी प्लेयर सलीमा टेटे के पिता और बहनें मजदूरी कर के घर चलाती हैं। उनके घर में ओलंपिक देखने के लिए टीवी नहीं था, तो अभी CM के कहने पर टीवी लगी है। इनका घर कच्चा है।
– हरियाणा की हॉकी प्लेयर नेहा गोयल की मां ने लोगों के घरों में झाड़ू-पोंछा करके तीन बेटियों को पाला है। इनके पास फिलहाल गांव में एक 50 गज का मकान है।
– हरियाणा की हॉकी प्लेयर निशा वारसी के पिता दर्जी थे, कपड़े सिलते थे।
हरियाणा के शूटिंग के खिलाड़ी संजीव राजपूत के पापा पहले फास्ट फूड की रेहड़ी लगाते थे।
– महिला हॉकी की कप्तान रानी रामपाल के पिता पहले घोड़ागाड़ी चलाते थे।
हरियाणा के कुश्ती खिलाड़ी दीपक पूनिया के पिता लोगों के घर दूध पहुंचाते हैं।

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