सेरामिक इंजीनियर बनने के लिए करें ये उपाय, जल्‍द मिलेगी सफलता

सेरामिक इंजीनियर बनने का तरीका – 

 

सेरामिक इंजीनियर बनने का तरीका, सेरामिक इंजीनियरिंग रोजगार, सेरामिक इंजीनियरिंग रूपरेखा, सेरामिक इंजीनियरिंग कोर्ससेरामिक इंजीनियर बनने का सपना कई छात्रों का होता है, क्योकि यहां जॉब के अपार अवसर के साथ-साथ अच्छी सैलरी भी मिलती है। एक सेरामिक इंजीनियर बालू (Sand), क्ले (Clay), मिट्टी (soil) और चीनी मिट्टी (China clay) जैसे तत्वों का प्रयोग करके इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स पदार्थ और बर्तनों का निर्माण कर सकते हैंं।

सेरामिक इंजीनियरिंग क्षेत्र में कैरियर बनाना कोई आसान काम नही है। इस क्षेत्र में कई छात्र बी.ई / बी.टेक (बीई / बीटेक) जैसे कोर्स करने के बाद भी घर पर ही बैठे रहते है। और कोई छोटा-मोटा बिज़नेस खोल लेते है। ऐसे उम्मीदवारों को इन कोर्स का कोई फायदा नही होता है। इसलिए सेरामिक इंजीनियरिंग कोर्स करने से पहले इस फील्ड की सभी आवश्यक जानकारियों से परिचित होना जरूरी है।

यहांं पर आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर आपको सेरामिक इंजीनियरिंग क्षेत्र से सम्बंधित वह सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण जानकारियों से परिचित कराया जा रहा है, इसकी सहायता से आप सेरामिक इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपना बेहतरीन कैरियर बनाने सफलता मिल सकती है।

सेरामिक इंजीनियरिंग कोर्स  –

  • यदि आप सेरामिक इंजीनियरिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते है तो आप सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से 12 वीं कक्षा पास करें।
  • 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आप चार वर्षीय बीटेक यी बीई कोर्स में एडमिशन ले सकते है।
  • सेरामिक इंजीनियरिंग में बेहतर कैरियर बनाने के लिए आप एमटेक की डिग्री भी प्राप्त कर सकते है।सेरामिक इंजीनियर बनने का तरीका, सेरामिक इंजीनियरिंग रोजगार, सेरामिक इंजीनियरिंग रूपरेखा, सेरामिक इंजीनियरिंग कोर्स

इंडिया के बेस्ट सेरामिक इंजीनियरिंग संस्थान

  • College of Engineering, Guindy (Tamil Nadu)
  • Government College of Engineering and Technology, Bikaner (Rajasthan)
  • Rajasthan Technical University, Kota (Raj) (Rajasthan)
  • Poojya Doddappa Appa College of Engineering, Gulbarga (Karnataka)
  • National Institute of Technology (NITRKL), Rourkela (Orissa)
  • Indian Institute of Technology (IIT (BHU)), Varanasi (Uttar Pradesh)
  • College of Engineering and Technology, Bikaner (Rajasthan)
  • Central Glass and Ceramic Research Institute, Kolkata (West Bengal)
  • Andhra University (AU) College of Engineering, Vishakapatnam (Andhra Pradesh)
  • Government College of Engineering and Ceramic Technology, Kolkata (West Bengal)

 

सेरामिक इंजीनियरिंग रोजगार के अवसर

  • सेरामिक इंजीनियरिंग कोर्स के बाद उम्मीदवार के पास अपना कैरियर बनाने के लिए अनेक रास्ते खुल जाते है।
  • इस फील्ड में बी.ई / बी.टेक  के बाद उम्मीदवार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और सेरामिक पदार्थों का उत्‍पादन करने वाली कंपनियों में रोजगार पा सकते है।
  • सेरामिक इंजीनियरिंग कोर्स करने पर आप प्रोजेक्ट सुपरवाइजर, टेक्निकल कंसल्टेंट, सेल्स और मार्केटिंग इंजीनयर, सेरामिक एक्सपर्ट और सेरामिक शिक्षक पदों के लिए अप्लाई कर सकते है।

  • यहाँ पर आपको सेरामिक इंजीनियरिंग क्षेत्र से सम्बंधित उन सभी आवश्यक जानकारियों के साथ परिचित कराया जा रहा है।

  • इनके माध्यम से आप अपने सेरामिक इंजीनियर बनने के सपने को साकार हो सकता है।

सेरामिक इंजीनियरिंग के लिए काम की रूपरेखा

  • इस सेक्टर में आप या तो ग्लास प्रोडक्शन से संबंधित कार्यों से भी जुड़ सकते हैं। इससे संबंधित क्राफ्ट वर्क्स से।
  • ग्लास प्रोडक्शन में जहां बड़े पैमाने पर शीशे के उत्पादन से संबंधित कार्य किए जाते हैं, वही क्राफ्ट वर्क्स के तहत किसी वर्कशॉप या स्टूडियो में शीशे के विभिन्न उत्पाद बनाए जाते हैं।
  • जैसे ग्लास वेयर, स्टेंड ग्लास आदि। शीशे से संबंधित डिजाइनिंग का काम भी इसके तहत आता है।

सेरामिक इंजीनियरिंग के लिए कोर्स कैसे-करें

  • – कांच की जरूरत और उपयोगित के मद्देनजर ही इससे संबंधित पाठ्यक्रम विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से कॅरियर की दिशा निर्धारित की जा सकती है।
  • इस क्षेत्र में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कोर्स हैं, जिनमें दाखिला लिया जा सकता है।
  • ग्लास प्रौद्योगिकी और उत्पाद डिजाइन जैसे क्षेत्रों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी शमिल हैं। कांच से जुड़े पाठ्यक्रमों में आप कांच के गुणों को समझते हुए उसका विश्लेषणात्मक अध्ययन करते हैं।
  •  इसके तहत ग्लास की ढलाई और उत्पादन से संबंधित समस्त बारीकियों से आप अवगत होते हैं। इसके अलावा ग्लास पर नक्काशी और विभिन्न उत्पादों के लिए इसके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी भी आपको मिलती है।

व्यक्तिगत गुण

  • सेरामिक और ग्लास से संबंधित उत्पादों पर नजर डालें तो उनमें क्रिएटिविटी और डिजाइनिंग का खास महत्व होता है।
  • ऐसे में कॅरियर बनाने के लिए क्रिएटिव माइंड का होना भी जरूरी है। टीम के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है।
  • प्रोडक्शन के कार्य से जुड़ने के लिए गर्म माहौल में भी धैर्यपूर्वक काम करने की क्षमता भी हो।

सेरामिक इंजीनियरिंग मौके अनेक

कोर्स के बाद आप अपनी शुरुआत एक प्रशिक्षु (ट्रेनी) के तौर पर कर सकते हैं। इसके तहत आप शीशे की फैक्टरी या कार्यशाला में काम करना होगा। शीशा का कारोबार व्यापक है। इसलिए ग्लास सेक्टर में तकनीक से लेकर प्रबंधन तक कॅरियर की तमाम संभावनाएं उपलब्ध हैं। टेंटेड ग्लास, आर्टिफिशियन ज्वेलरी आदि बनाने वाली कंपनियों में भी आप अवसर पाते हैं।

मुख्य संस्थान

  • ग्लास एकेडमी, कांचीपुरम, तमिलनाडु
  • गौरांग इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लास डिजाइन टेक्नोलॉजी एंड इंफॉर्मेशन, अहमदाबाद
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, चेन्नई
  • केंद्रीय कांच एवं सेरामिक अनुसंधान संस्थान, कोलकाता
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद

 

Updated: January 12, 2017 — 3:51 pm

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