20 अगस्त 2026 करेंट अफेयर्स – Basic

यह 20 अगस्त 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।

PDF Download: Click here

1. भारतीय मूल के किस खगोलशास्त्री (Astronomer) ने एक अद्वितीय खगोलीय पिंड “ब्लैक होल स्टार” की खोज की?
Which astronomer of Indian origin discovered a unique celestial object known as a “black hole star”?

a. डॉ. रोहन नायडू
b. अश्विन शेखर
c. कुमार वेंकटरमणी
d. ऋतु पारेख

Answer: a. डॉ. रोहन नायडू

– हैदराबाद के रोहन नायडू और उनकी टीम ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से शुरुआती ब्रह्मांड में एक अनोखे ब्लैक होल स्टार की खोज की है।
– उन्होंने इस ब्लैक होल स्टार को MoM-BH-1 नाम दिया है, जो पृथ्वी से अरबों प्रकाश वर्ष दूर है।
– वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सामान्य तारे की तरह नहीं चमकता है।
– यह ब्लैक होल स्टार सौर मंडल के आकार है और गैस के बादलों से घिरा हुआ है।
– जेम्स वेब टेलीस्कोप को शुरुआती ब्रह्मांड में कई छोटे और बहुत लाल नजर आने वाले स्रोत मिले हैं, जिसकी वजह से यह खोज बेहद खास है।
– वैज्ञानिक इन चीजों को लिटिल रेड डॉट्स कहते हैं।
– डॉ. रोहन नायडू की नेचर जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च से सुपरमैसिव ब्लैक होल और ‘लिटिल रेड डॉट्स’ के रहस्य को समझने में मदद मिल सकती है।

ब्लैक होल स्टार कैसे चमकता है?
– आम तारे अपने अंदर होने वाली एक प्रक्रिया की वजह से चमकते हैं, जिसे न्यूक्लियर फ्यूजन कहते हैं।
– हमारे सूर्य में भी हाइड्रोजन से हीलियम बनने की प्रक्रिया होती है और इससे एनर्जी निकलती है।
– वैज्ञानिकों के मुताबिक इसके बीच में एक ब्लैक होल है और उसके चारों तरफ काफी गैस मौजूद है।
– इस दौरान गैस बहुत गर्म हो जाती है और तेज रोशनी छोड़ती है। – इसी वजह से यह चीज दूर से किसी चमकते तारे जैसी दिख सकती है।

66 करोड़ साल पुराने ब्रह्मांड में मिला
– MoM-BH*-1 को उस समय का देखा गया है, जब ब्रह्मांड की उम्र करीब 66 करोड़ साल थी।
– यानी जेम्स वेब टेलीस्कोप हमें अरबों साल पहले निकली रोशनी दिखा रहा है।
– इसकी रोशनी में भारी तत्वों के बहुत कम संकेत मिले हैं।
– शुरुआती ब्रह्मांड में हाइड्रोजन और हीलियम सबसे ज्यादा थे।
– भारी तत्व बाद में तारों की कई पीढ़ियों के बनने के बाद बने. – इसलिए यह जानकारी भी इस खोज को शुरुआती ब्रह्मांड से जोड़ती है।
– रोहन नायडू इससे पहले भी शुरुआती ब्रह्मांड और जेम्स वेब से मिली दूर की आकाशगंगाओं पर रिसर्च कर चुके हैं।

रोहन नायडू के बारे में
– रोहन ने 18 साल की उम्र में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर विदेश चले गए।
– सिंगापुर के येल-NUS कॉलेज में 150 छात्रों के बैच में शामिल हो गए।
– रोहन ने चिली के एंडीज में ब्लेजर्स का अध्ययन करने के बाद खगोल विज्ञान की खोज शुरुआत की।
– हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर चार्ली कॉनरॉय के अन्तर्गत पीएचडी की और प्राचीन आकाशगंगाओं पर शोध की।
– अभी रोहन नायडू हवाई विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

————-
2. दुनिया के सबसे कम उम्र के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति कौन हैं?
Who is the person of Indian origin to become the world’s youngest Chartered Accountant (CA)?

a. कनिष्‍क राव
b. राजीव तिवारी
c. लक्ष्मणन मय्यप्पन
d. आदि शर्मा

Answer: c. लक्ष्मणन मय्यप्पन

– भारतीय मूल के दुबई निवासी लक्ष्मणन मय्यप्पन ने 16 साल 141 दिन की उम्र में ये वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया।
– लक्ष्मणन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट घोषित किया है।
– लक्ष्मणन की फाइनेंस से रुचि लॉकडाउन के समय हुई।
– लक्ष्मणन ने ACCA (the Association of Chartered Certified Accountants) से डिग्री ली।
– इसके बाद CFA (चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट) की भी डिग्री हासिल की।
– अभी वह फाइनेंस में एमएससी कर रहे हैं।
– साथ ही दुबई के सेंचुरी फाइनेंशियल कंपनी में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट के रूप में काम भी कर रहे हैं।

————-
3. राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Renewable Energy Day celebrated?

a. 18 अगस्त
b. 19 अगस्त
c. 20 अगस्त
d. 21 अगस्त

Answer: c. 20 अगस्त

– इस दिवस को अक्षय ऊर्जा दिवस वर्ष 2004 में केंद्र सरकार ने शुरू किया था।
– यह दिवस रिन्‍युएबल एनर्जी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समर्थन करने और ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों का उपयोग करने के बजाय उनके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था।

————
4. सद्भावना दिवस, भारत के किस पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के रूप में 20 अगस्‍त को मनाया जाता है?
Sadbhavna Diwas is celebrated on 20 August to mark the birth anniversary of which former Prime Minister of India?

a. इंदिरा गांधी
b. अटल बिहार वाजपेयी
c. राजीव गांधी
d. लाल बहादुर शास्त्री

Answer: c. राजीव गांधी

– इसी दिन 20 अगस्‍त 1944 को राजीव गांधी का जन्‍म हुआ था।
– यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देने और सद्भावना के भाव का विस्तार करने के लिए मनाया जाता है।
– भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उनकी मृत्यु के एक साल बाद 1992 में राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार की स्थापना की थी।

————-
5. जाम्बिया का राष्‍ट्रपति फिर से किसे चुना गया?
Who was re-elected as the President of Zambia?

a. नेली मुट्टी
b. हाकाइंडे हिचिलेमा
c. मुंबा मलीला
d. मुताले नालुमांगो

Answer: b. हाकाइंडे हिचिलेमा

– जाम्बिया के राष्ट्रपति हाकाइंडे हिचिलेमा को दूसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया।
– जाम्बिया के चुनाव आयोग ने 18 अगस्त, 2026 को इसकी घोषणा की।
– यह चुनाव विवादास्‍पद रहा।

जाम्बिया
– यह लैंड लॉक्‍ड कंट्री है।
– राजधानी : लुसाका
– राष्‍ट्रपति : हाकाइंडे हिचिलेमा
– मुद्रा : ज़ाम्बियाई क्वाचा
– पड़ोसी देश : DRC कांगो, मालावी, मोजांबिक, जिम्‍बावे, नामीबिया, अंगोला

————-
6. संसद के मानसून सत्र 2026 में दोनों सदनों से कितने विधेयक पारित हुए?
How many bills were passed by both Houses during the 2026 Monsoon Session of Parliament?

a. 5
b. 12
c. 25
d. 22

Answer: b. 12

संसद के मानसून सत्र 2026 (20 जुलाई से 13 अगस्त 2026) के दौरान दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) द्वारा कुल 12 विधेयक पारित किए गए।

1) लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026: पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा का प्रावधान।
2) राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026: ‘वंदे मातरम’ को कानूनी संरक्षण देने और इसके गायन में व्यवधान डालने को अपराध की श्रेणी में लाने से संबंधित।
3) जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026: विलंबित पंजीकरण प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी व सख्त बनाने हेतु।
4) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026: MSME क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म और वित्तीय पहुंच को आसान बनाने का प्रावधान।
5) केरल (नाम में परिवर्तन) विधेयक, 2026: संविधान में संशोधन कर ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए।
6) उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026: सत्र से पूर्व जारी अध्यादेश का स्थान लेने के लिए लाया गया विधेयक। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या मुख्य न्यायाधीश सहित 34 से बढ़ाकर 38 (यानी अन्य न्यायाधीश 33 से बढ़ाकर 37) कर दी गई है।
7) अधिकरण सुधार विधेयक, 2026: नेशनल ट्रिब्‍युनल कमीशन की स्थापना और नियुक्तियों में पारदर्शिता हेतु।
8) कराधान और अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026
9) विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026
10) बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026
11) खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026
12) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026

————-
7. संसद ने केरल (नाम में परिवर्तन) विधेयक, 2026 पारित करके केरल का नया नाम क्‍या रखने का प्रावधान किया?
By passing the Kerala (Alteration of Name) Bill, 2026, what provision did Parliament make regarding the new name for Kerala?

a. केरलस्‍व
b. केरलम
c. काराकोरम
d. केरलाइट

Answer: b. केरलम

– यह संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत प्रस्तुत एक ऐतिहासिक विधायी कदम है, जिसका उद्देश्य राज्य के नाम को उसकी भाषाई और सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप बनाना है।

उद्देश्य और आवश्यकता:
– मलयालम भाषा में राज्य का आधिकारिक नाम सदैव ‘केरलम’ रहा है। राज्य विधानसभा द्वारा इस आशय का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था।

मुख्य प्रावधान:
– विधेयक संविधान की प्रथम अनुसूची में संशोधन करता है, जिससे सभी सरकारी अभिलेखों, अंतर्राष्ट्रीय संधियों और आधिकारिक पत्राचारों में ‘Kerala’ स्थान पर ‘Kerala’s/Keralam’ (केरलम) शब्द का प्रयोग अनिवार्य हो जाएगा।

————-
8. संसद ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया, तो इसके तहत 2 वर्ष से अधिक विलंब पर जन्‍म व मृत्‍यु प्रमाण पत्र के लिए किसकी अनुमति आवश्‍यक होगी?
When Parliament passed the Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026, whose permission became mandatory for obtaining birth and death certificates in cases of delays exceeding two years?

a. कार्यकारी मजिस्ट्रेट
b. प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट
c. जिला जज
d. हाईकोर्ट के जज

Answer: b. प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट

– मूल अधिनियम: जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन।
– विलंबित पंजीकरण नियम: 1 वर्ष से 2 वर्ष तक का विलंब: कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) की अनुमति अनिवार्य। 2 वर्ष से अधिक का विलंब: प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) की अनुमति आवश्यक।

उद्देश्य और आवश्यकता:
– कागजी प्रक्रियाओं को खत्म कर जन्म और मृत्यु का 100% डिजिटल डेटाबेस तैयार करना, जिसे विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।

मुख्य प्रावधान:
– अस्पताल स्तर पर ही जन्म व मृत्यु का डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
– यह डेटाबेस राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR), मतदाता सूची, आधार, राशन कार्ड और पासपोर्ट जारी करने वाले प्राधिकरणों से रीयल-टाइम में सिंक (Sync) होगा।
– 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही मतदाता सूची में नाम अपने आप जोड़ने का प्रावधान है।

प्रभाव:
– फर्जी प्रमाण पत्रों पर लगाम लगेगी, पेंशन योजनाओं में धोखाधड़ी रुकेगी और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के योग्य लाभार्थियों तक स्वतः पहुँच सकेगा।

————–
9. संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित किया, तो इसके तहत ‘खाद्यान्न’ की कानूनी परिभाषा में क्‍या शामिल किया गया?
When Parliament passed the National Cooperative Development Corporation (Amendment) Bill, 2026, what was included in the legal definition of ‘food grains’ under it?

a. प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड उत्पाद
b. डेयरी उत्पाद, वैल्यू-एडेड एग्रीकल्चरल गुड्स
c. पोल्ट्री व मत्स्य पालन उत्‍पाद
d. उपरोक्‍त सभी

Answer: d. उपरोक्‍त सभी (प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड उत्पाद, डेयरी उत्पाद, वैल्यू-एडेड एग्रीकल्चरल गुड्स, पोल्ट्री व मत्स्य पालन उत्‍पाद)

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026
– इस मूल अधिनियम में संशोधन : NCDC अधिनियम, 1962 में संशोधन

क्या बदला:
– 1962 में बना NCDC कानून मुख्य रूप से पारंपरिक कृषि उत्पादों और सीमित सहकारी गतिविधियों के वित्तीय पोषण (Funding) तक सीमित था। 2026 के संशोधन का मकसद इसके दायरे और अधिकारों को बढ़ाना है।
– अर्थ: इसके जरिए अब राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर अन्य आधुनिक व सहायक क्षेत्रों (जैसे- सहकारिता आधारित स्टार्ट-अप्स, प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स) को भी लोन और वित्तीय सहायता देने का कानूनी अधिकार मिल गया है।

परिभाषा का विस्तार (‘खाद्यान्न’ / Foodstuffs)
– क्या बदला: ‘खाद्यान्न’ की पुरानी कानूनी परिभाषा बहुत सीमित थी, जिसमें मुख्य रूप से गेहूं, धान या दालें जैसी बुनियादी फसलें ही आती थीं।
– अर्थ: अब इस परिभाषा को व्यापक बनाया गया है। इसमें प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड उत्पाद, वैल्यू-एडेड एग्रीकल्चरल गुड्स, डेयरी उत्पाद, पोल्ट्री और एक्वाकल्चर (मत्स्य पालन) से जुड़े उत्पादों को भी शामिल किया गया है।
– प्रभाव: इसका सीधा फायदा यह होगा कि जो सहकारी समितियां पैकेज्ड फूड, डेयरी या प्रोसेस्ड फूड का व्यवसाय कर रही हैं, वे भी अब NCDC से सीधे फंड और सब्सिडी प्राप्त करने की पात्र बन गई हैं।

भौगोलिक सीमाएं हटाई गई
– क्या बदला: पहले औद्योगिक या गैर-कृषि वस्तुओं के विपणन (Marketing), ट्रेडिंग और वित्तपोषण पर कुछ क्षेत्रीय या राज्य-स्तरीय सीमाएं/प्रतिबंध लागू थे।
– अर्थ: संशोधन के बाद इन सीमाओं को समाप्त कर दिया गया है।
– प्रभाव: अब कोई भी स्थानीय या राज्य-स्तरीय सहकारी समिति अपनी औद्योगिक व निर्मित वस्तुओं का व्यापार और सप्लाई पूरे देश (और अंतरराष्ट्रीय बाजारों) में बिना किसी अंतर-राज्यीय कानूनी बाधा के कर सकती है। साथ ही NCDC उन्हें देश के किसी भी हिस्से में प्रोजेक्ट लगाने के लिए फंडिंग दे सकता है।

————-
10. संसद के मानसून सत्र में पारित हुए कुछ अन्‍य विधेयक की जानकारी
Information on some other bills passed during the Monsoon Session of Parliament

i) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026

– मूल कानून: MSMED अधिनियम, 2006 में संशोधन।
– डिजिटल प्लेटफॉर्म: MSMEs के मुफ्त और स्वैच्छिक पंजीकरण के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म का गठन।
– डी-क्रिमिनलाइजेशन: छोटे उल्लंघनों पर आपराधिक मामलों के बजाय ग्रेड-आधारित वित्तीय जुर्माना (Graded Penalties
– भुगतान सीमा: विलंबित भुगतान विवादों के लिए समयबद्ध निपटान व्यवस्था।

मुख्य प्रावधान:
– इस विधेयक के तहत एक ‘राष्ट्रीय डिजिटल MSME क्रेडिट प्लेटफॉर्म’ की स्थापना का ढांचा तैयार किया गया है। अब बड़े कॉरपोरेट्स के लिए 30 दिनों के भीतर MSME आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर चक्रवृद्धि ब्याज का प्रावधान है। साथ ही, सूक्ष्म इकाइयों के लिए वर्गीकरण मानदंडों में छूट दी गई है।

प्रभाव:
– इससे सूक्ष्म व लघु उद्योगों में नकदी प्रवाह (Cash Flow) बेहतर होगा। औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से त्वरित ऋण की सुविधा मिलने से रोजगार सृजन और स्थानीय विनिर्माण (Make in India) को अत्यधिक बल मिलेगा।

—-
ii) अधिकरण सुधार विधेयक, 2026

मुख्य प्रावधान: विधेयक ‘राष्ट्रीय अधिकरण आयोग’ (National Tribunals Commission) के गठन का मार्ग प्रशस्त करता है। अधिकरणों के सदस्यों व अध्यक्षों का कार्यकाल तथा पात्रता मानदंड स्पष्ट किए गए हैं। खोज-सह-चयन समिति (Search-cum-Selection Committee) की भूमिका को मजबूत बनाया गया है।

प्रभाव: कार्यपालिका के हस्तक्षेप की गुंजाइश खत्म होगी और न्यायिक स्वतंत्रता बनी रहेगी। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), एनजीटी और कर अधिकरणों में मामलों का निपटारा तेजी से होगा।

—-
iii) कराधान और अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026

– अध्यादेश की जगह: Income-Tax (Amendment) Ordinance, 2026 को प्रतिस्थापित किया।

आधारभूत ढांचा: 1 अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर कानून के तहत अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने हेतु प्रावधान।

मुख्य प्रावधान: इसमें छोटे करदाताओं के लिए टैक्स ऑडिट की सीमा में ढील दी गई है। फेसलेस असेसमेंट (Faceless Assessment) प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुधारकर अधिक पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन से जुड़े ट्रांसफर प्राइजिंग नियमों को सरल किया गया है।

प्रभाव: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। कर विभागों और व्यापारियों के बीच अनावश्यक कानूनी विवादों में कमी आएगी तथा राजस्व संग्रहण अधिक पारदर्शी होगा।

—-
iv) बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026

पुराना कानून निरस्त: 1891 के बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम (Bankers’ Books Evidence Act, 1891) को अद्यतन/प्रतिस्थापित किया गया।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: क्लाउड-आधारित रिकॉर्ड, डिजिटल बहियों, ब्लॉकचेन और डिजिटल प्रामाणीकरण को अदालती साक्ष्य के रूप में कानूनी मान्यता।

—-
v) खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026

मूल कानून: Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 में संशोधन।

राजकोषीय ढांचा: राज्य सरकारों द्वारा खनिज अधिकारों/खनिज भूमि पर केंद्र की सहमति के बिना नए कर लगाने पर प्रतिबंध।

उद्देश्य: पूरे देश में खनन क्षेत्र के लिए एक समान और संतुलित वित्तीय/राजकोषीय ढांचा बनाना।

—-
vi) विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026

संवैधानिक प्रावधान: संविधान के अनुच्छेद 114(1) और अनुच्छेद 115 के तहत पेश किया गया धन विधेयक।

उद्देश्य: वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगों (Demands for Excess Grants) के तहत भारत की संचित निधि से धन की निकासी की कानूनी मंजूरी।

– यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2022-23 के कुल अतिरिक्त व्यय को वैध बनाने से संबंधित है।
– ऋण चुकाने (Debt Repayment) के लिए ₹53,871.01 करोड़ की राशि।
– रेल मंत्रालय के पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए अदालत के आदेश के तहत ₹196.45 करोड़ की राशि।

नोट – संविधान के अनुच्छेद 114 के अनुसार, संसद की अनुमति के बिना भारत की संचित निधि से एक भी रुपया नहीं निकाला जा सकता है।


PDF Download: Click here