यह 26 मार्च 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. IQ Air की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025’ के अनुसार PM2.5 के आधार पर कौन सा भारतीय शहर, दुनिया का सबसे वायु प्रदूषित शहर है?
According to IQAir’s ‘World Air Quality Report 2025’, which Indian city is the world’s most air-polluted city based on PM2.5 levels?
a. नई दिल्ली
b. लोनी
c. लाहौर
d. बर्निहाट
Answer: b. लोनी (गाजियाबाद जिले का एक छोटा शहर)
– रिपोर्ट का नाम : ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025’
– रिपोर्ट किसने जारी की : IQ Air
– दुनिया के शीर्ष 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 9 भारतीय शहर हैं।
– इनमें लोनी (गाजियाबाद, यूपी), बर्नीहाट (मेघालय), दिल्ली, गाजियाबाद (यूपी), फरीदाबाद (हरियाणा), उला (बिरनगर, पश्चिम बंगाल), मुल्लांपुर ढाका (लुधियाना, पंजाब), गुरुग्राम, नई दिल्ली, नोएडा, मध्यमग्राम (उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल) हैं।
लोनी (गाजियाबाद, यूपी) क्यों प्रदूषित है?
– इस शहर में PM2.5 का सालाना औसत 112.5 दर्ज किया गया, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। हालांकि इससे पहले 2024 में बर्नीहाट (मेघालय) का सालाना औसत 198.2 दर्ज किया गया था।
PM2.5 क्या है?
– PM2.5 को WHO सबसे खतरनाक एयर पॉल्यूटेंट मानता है
– PM2.5 (Particulate Matter ≤ 2.5 microns)
– बाल से ~30 गुना छोटा
– फेफड़ों और रक्तप्रवाह तक पहुंच सकता है
– स्रोत: वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, बायोमास जलाना, कोयला आधारित ऊर्जा
– विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनुशंसा है कि PM2.5 की वार्षिक औसत सांद्रता 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि 24 घंटे का औसत एक्सपोजर प्रति वर्ष 3-4 दिनों से अधिक 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए।
—————
2. IQ Air की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025’ के अनुसार PM2.5 के आधार पर वायु प्रदूषण में भारत किस स्थान पर है?
According to IQAir’s ‘World Air Quality Report 2025’, what is India’s rank in terms of air pollution based on PM2.5 levels?
a. 1
b. 2
c. 4
d. 6
Answer: d. 6 (भारत का PM2.5 सालाना औसत 48.9 माइक्रोन प्रति घन मीटर रहा)
टॉप 10 वायु प्रदूषित देश
1) पाकिस्तान
2) बांग्लादेश
3) ताजिकिस्तान
4) चाड
5) D.R. कांगो
6) भारत
7) कुवैत
8) युगांडा
9) मिस्र
10) उज्बेकिस्तान
– भारत में 2025 में पीएम 2.5 सांद्रता में गिरावट देखी गई।
– यह सालाना औसतन 48.9 माइक्रोन प्रति घन मीटर रहा ।
– फिर भी दुनिया के 10 प्रदूषित देशों में भारत का स्थान 6ठा है।
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP)
– भारत सरकार ने जनवरी 2019 में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) शुरू किया था।
– इसका उद्देश्य देश में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
– यह एक दीर्घकालिक, समयबद्ध और राष्ट्रीय स्तर की रणनीति है।
– उद्देश्य : PM10 और PM2.5 स्तरों में कमी लाना। 2024 तक 20–30% कमी (2017 को आधार वर्ष मानकर)। बाद में लक्ष्य को बढ़ाकर 40% तक कमी (2026) किया गया।
नोट – भारत 2025 में दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश रहा। जबकि 2024 में दुनिया का पांचवें और 2023 में तीसरे स्थान पर था।
IQAir के बारे में
– IQAir (आईक्यूएयर) स्वच्छ हवा के लिए स्विस-आधारित एक प्रमुख तकनीक कंपनी है, जो एयर प्यूरीफायर, एयर क्वालिटी मॉनिटर और रीयल-टाइम एयर क्वालिटी डेटा प्रदान करती है।
—————
3. IQ Air की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025’ के अनुसार वैश्विक स्तर पर PM2.5 के आधार पर सबसे प्रदूषित राजधानी शहर इनमें से कौन है?
Which of the following is the most polluted capital city globally, according to IQ Air’s ‘World Air Quality Report 2025’?
a. नई दिल्ली
b. इस्लामाबाद
c. ढाका
d. जकार्ता
Answer: a. नई दिल्ली
टॉप 10 प्रदूषित राजधानी शहर
1) नई दिल्ली (भारत)
2) ढाका (बांग्लादेश)
3) दुशांबे (ताजिकिस्तान)
4) अन जमेना (चाड)
5) किशांसा, (D.R. कांगो)
6) इस्लामाबाद (पाकिस्तान)
7) हनोई (वियतनाम)
8) कुवैत सिटी (कुवैत)
9) बगदाद (इराक)
10) कंपाला (युगांडा)
दिल्ली में प्रदूषण
– दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है, लेकिन इसने 2.5 माइक्रोन वायु प्रदूषण को कम करने की कोशिश की है।
– यहां वार्षिक औसत पीएम 2.5 सांद्रता (concentration) 2024 में 108.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से घटकर 2025 में 82.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गया। फिर भी यह भयानक प्रदूषण की कैटेगरी में है।
– दिल्ली पूरे साल उच्च वायु प्रदूषण से जूझती है और सर्दियों में यह समस्या और भी बदतर हो जाती है।
————–

4. पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) युद्ध के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन से देश ने मध्यस्थता की भूमिका में रहे?
In the context of the West Asia (Middle East) war, which of the following countries played the role of a mediator?
a. पाकिस्तान
b. मिस्र
c. तुर्की
d. उपरोक्त सभी
Answer: d. उपरोक्त सभी (पाकिस्तान, मिस्र, तुर्की)
– अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के 24वें दिन से बातचीत के संकेत दिखने लगे।
– इसमें पाकिस्तान की प्रमुख भूमिका सामने आई, जबकि मिस्र और तुर्की भी इस बातचीत में मध्यस्थ की स्थिति में रहे।
अमेरिका के समझौते की शतौं को ईरान ने नकारा
– अमेरिका ने युद्ध विराम के समझौते के लिए 15 शर्तें रखीं, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया। इसके बीच में ईरान ने 5 शर्ते रख दीं।
– व्हाइट हाउस ने पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के समझौते को अस्वीकार करने के खिलाफ ईरान को चेतावनी दी ।
– कहा, “अगर ईरान मौजूदा हालात की वास्तविकता को स्वीकार नहीं करता है… तो ट्रंप यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें पहले से कहीं अधिक करारा झटका लगे।”
– हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा, “हम बातचीत करने का इरादा नहीं रखते हैं।”
– “फिलहाल, हमारी नीति प्रतिरोध जारी रखने की है,” अराघची ने सरकारी टीवी पर कहा, और आगे कहा कि अमेरिका द्वारा “अभी बातचीत की बात करना वाशिंगटन की हार स्वीकार करना है।”
– हालांकि अराघची ने पुष्टि की, “हम अपनी शर्तों पर युद्ध का अंत चाहते हैं, और इस तरह से कि यह यहाँ दोबारा न दोहराया जाए।”
ईरान की 5 प्रमुख शर्तें –
1) ईरान के खिलाफ हमलों और टारगेटेड किलिंग्स पर पूरी तरह रोक
2) भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की ठोस गारंटी
3) युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा
4) सभी मोर्चों पर संघर्ष का पूर्ण अंत
5) होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता
अमेरिका ने ईरान के सामने रखीं ये शर्तें रखीं हैं…
1) न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक और परमाणु हथियार विकसित न करने की गारंटी देना
2) यूरेनियम संवर्धन को सीमित या पूरी तरह बंद करना और स्टॉक IAEA को सौंपना
3) बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल प्रोग्राम पर सख्त नियंत्रण या कटौती करना
4) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना और वैश्विक शिपिंग को सुरक्षित रास्ता देना
5) अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सभी न्यूक्लियर साइट्स तक पूरी और बिना शर्त पहुंच देना
6) प्रमुख परमाणु ठिकानों जैसे नतांज, फोर्डो और इस्फहान को सीमित या खत्म करना
7) हिजबुल्लाह और अन्य सहयोगी मिलिशिया को समर्थन कम या बंद करना
9) क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों को कम करना और तनाव घटाना
9) एक तय समय के लिए सीजफायर लागू करना ताकि बातचीत आगे बढ़ सके
10) भविष्य में युद्ध न हो इसके लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना
11) समुद्री और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित करना
12) ईरान की मिसाइल रेंज और इस्तेमाल को केवल आत्मरक्षा तक सीमित करना
13) बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह या चरणबद्ध तरीके से हटाना
14) सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम और ऊर्जा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग देना
15) मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति के लिए लंबी अवधि का रोडमैप लागू करना
—————
5. किस देश में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री पहुंचे?
To which country did the Indian Foreign Minister travel to participate in the G7 Foreign Ministers’ meeting?
a. यूएसए
b. जापान
c. फ्रांस
d. जर्मनी
Answer: c. फ्रांस
– हालांकि भारत जी7 का सदस्य नहीं है, लेकिन शक्तिशाली गुट के वर्तमान अध्यक्ष फ्रांस ने उसे भागीदार देश के रूप में आमंत्रित किया।
– भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए 26-27 मार्च 2026 को फ्रांस की यात्रा पर रहे।
– इस मीटिंग में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा हुई।
– इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए खुला रहे, इसके लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।
– पश्चिम एशिया में संकट के लिए एक अलग सत्र आयोजित किया गया।
– ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रम से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
G7 के बारे में
– G7 (Group of Seven) दुनिया की विकसित (Developed) अर्थव्यवस्थाओं का समूह है
– यह एक अनौपचारिक (Informal) संगठन है।
– सदस्य देश : यूएसए, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा
– स्थापना : 1975 में शुरुआत हुई (तब G6 था)
– उद्देश्य: Oil Crisis (1973) के बाद आर्थिक सहयोग।
– 1976 में Canada जुड़ा → G7 बना
– 1998 में Russia जुड़ा → G8 बना
– 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया अधिग्रहण के बाद, उसे इस संगठन से निकाल दिया गया। तब यह फिर से G7 बन गया।
– मुख्य कार्य: आर्थिक नीतियाँ, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा, तकनीक
—————-
6. भारत के नए जलवायु प्रतिबद्धताओं से संबंधित नए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के अनुसार 2035 में गैर जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता का नया लक्ष्य क्या है?
According to India’s new Nationally Determined Contributions (NDCs) regarding its new climate commitments, what is the new target for non-fossil fuel-based installed power capacity in 2035?
a. 50%
b. 55%
c. 60%
d. 65%
Answer: c. 60%
– भारत ने अपने जलवायु प्रतिबद्धताओं से संबंधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs – Nationally Determined Contributions) को अपडेट करते हुए 2035 तक के नए लक्ष्य घोषित किए हैं।
– NDCs वे स्वैच्छिक लक्ष्य होते हैं जिन्हें देश यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC- United Nations Framework Convention on Climate Change ) के तहत प्रस्तुत करते हैं।
– ये वैश्विक समझौते Paris Agreement का हिस्सा हैं।
– 2025 तक सभी देशों को अपनी NDC अपडेट करनी थी।
– भारत ने इसी क्रम में नए लक्ष्य दिए।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत के नए लक्ष्य
– नया लक्ष्य 2035 तक 60% 60% इंस्टॉल्ड इलेक्ट्रिक कैपेसिटी गैर-जीवाश्म स्रोतों से।
– पहले लक्ष्य 2030 तक 50% इंस्टॉल्ड बिजली क्षमता गैर जीवाश्म ईंधन से था।
– भारत पहले ही अपने पुराने targets तक पहुँच चुका था:
– 50% target → ~52% इंस्टॉल्ड कैपेसिटी हासिल की।
– मतलब जो लक्ष्य रखा था, वो जल्दी हासिल हो गया → अब नया बड़ा लक्ष्य रखा
– अब 10% की बढ़ोतरी (ambition बढ़ा)
– इसमें सोलर, विंड, हाइड्रो, बायोमास और न्यूक्लियर एनर्जी शामिल है।
उत्सर्जन तीव्रता (Emission Intensity) के नए लक्ष्य
– नया लक्ष्य 2005 के स्तर की तुलना में 2035 तक 47% तक कमी।
– GDP के प्रति यूनिट पर कम कार्बन उत्सर्जन।
– पहले यह लक्ष्य 2030 तक 44% कम करने का थ्ज्ञा।
– मतलब कि 3% अतिरिक्त कमी का लक्ष्य
– मुख्य स्रोत – वनों का विस्तार, वृक्षारोपण, कृषि वानिकी (agroforestry)
Carbon Sink : CO₂ सोखने की क्षमता
– अब 2035 तक 3.5 – 4 अरब टन का लक्ष्य।
– पहले 2030 तक 2.5 – 3 अरब टन का लक्ष्य था।
– लगभग 1 बिलियन टन ज्यााद सोखपने की क्षमता का इजाफा
भारत ने लक्ष्य क्यों बदले
– दुनिया 1.5°C लक्ष्य से पीछे है और मौजूदा प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।
– इसलिए देशों पर दबाव बना कि वे ambition बढ़ाएँ
————-
7. भारत का अपडेटेड कार्बन सिंक लक्ष्य (2035) क्या है?
What is India’s updated carbon sink target (2035)?
a. 2–3 अरब टन
b. 3–3.5 अरब टन
c. 3.5–4 अरब टन
d. 4–5 अरब टन
Answer: c. 3.5–4 अरब टन
– कार्बन सिंक (Carbon Sink) का अर्थ : CO₂ को अवशोषित करने वाली प्रणाली
—————
8. विश्व मौसम विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Meteorological Day celebrated?
a. 20 मार्च
b. 21 मार्च
c. 22 मार्च
d. 23 मार्च
Answer: d. 23 मार्च
2026 की थीम:
– आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा
– Observing Today, Protecting Tomorrow
– 23 मार्च 1950 को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की स्थापना के उपलक्ष्य में हर साल 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया जाता है।
– यह दिन मौसम, जलवायु और जल प्रबंधन में वैश्विक प्रयासों को आगे बढ़ाने में WMO की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है। यह संगठन के योगदान के बारे में जागरूकता भी बढ़ाता है।
—————
9. लिपुलेख दर्रा किस राज्य में स्थित है, जहां से 7 साल बाद चीन के साथ सीमा व्यापार फिर से करने का फैसला हुआ?
In which state is the Lipulekh Pass located, where a decision was made to resume border trade with China after seven years?
a. सिक्किम
b. मिजोरम
c. उत्तराखंड
d. पश्चिम बंगाल
Answer: c. उत्तराखंड
लिपुलेख दर्रा
– लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक उच्च हिमालयी पर्वतीय दर्रा है।
– इसके माध्यम से भारत और चीन के बीच सीमा-पार व्यापार जून से पुनः आरंभ करने का फैसला लिया गया।
– यह कदम 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लगाए गए सात साल के प्रतिबंध को समाप्त करेगा।
– यह निर्णय विभिन्न मंत्रालयों की मंजूरी और महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ताओं के बाद लिया गया है।
– यह दर्रा भारत को चीन के तिब्बत क्षेत्र से जोड़ता है और हिमालयी क्षेत्र में एक रणनीतिक एवं ऐतिहासिक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।
– यह चीन के साथ व्यापार हेतु खोला गया पहला भारतीय सीमा चौकी था, जिसके बाद शिपकी ला दर्रा (हिमाचल प्रदेश) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) खोले गए।
—————-
10. मॉरीशस के 58वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में किस भारतीय युद्धपोत ने हिस्सा लिया?
Which Indian warship participated in Mauritius’s 58th National Day celebrations?
a. INS त्रिकंद
b. INS प्रचंड
c. INS कावेरी
d. INS वैजंती
Answer: a. INS त्रिकंद
– 13 मार्च को भारतीय नौसेना का जहाज INS त्रिकंद ने मॉरीशस के 58वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लिया।
– INS त्रिकंद का एक मार्चिंग कंटिजेंट, नेवल बैंड और एक हेलीकॉप्टर ‘चैंप डे मार्स नेशनल डे परेड’ में हिस्सा लेगा।
– इस यात्रा का उद्देश्य समुद्री सहयोग को मजबूत करना, ऑपरेशनल कैपिसिटी को बढ़ाना और भारत -मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है।
– INS त्रिकंद (F51) भारतीय नौसेना में तलवार कैटेगरी का एक स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है।
– INS त्रिकंद हवा, सतह और पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए डिजाइन किया गया है। ये उन्नत युद्धपोतों में से एक है।
– इस युद्धपोत को को 29 जून 2013 में इंडियन नेवी में शामिल किया गया था।
– यह भारत- रूस पार्ट्नर्शिप के तहत रूस ने बनाया है।


