यह 17 January 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
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1. भारत ने ईरान से अपने नागरिकों को लाने के लिए जनवरी 2026 में कौन सा ऑपरेशन लॉन्च किया?
Which operation did India launch in January 2026 to bring back its citizens from Iran?
a. ऑपरेशन सिंधु
b. ऑपरेशन मिडिल
c. ऑपरेशन फतह
d. ऑपरेशन स्वदेश
Answer: d. ऑपरेशन स्वदेश
– ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 में ऑपरेशन स्वेदश चलाया।
– ईरान में लगभग 10000 भारतीय रहते हैं, उन्हें इसके जरिए ईरान से भारत लाया गया।
– ‘ऑपरेशन स्वदेश’ के तहत पहली विशेष फ्लाइट 16 जनवरी 2026 को तेहरान से नई दिल्ली पहुंची।
– 14 जनवरी 2026 को विदेश मंत्री एस जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया।
– उन्होंने ईरान के हालातों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को ईरान ना जाने की सलाह दी है।
– विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं।
– इसमें से 2500-3000 स्टूडेंट हैं, जो मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां गए थे।
– विदेश मंत्रालय ने ईरान की यात्रा से बचने की सलाह भी दी है।
– जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने एक बयान में कहा, सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
– भारतीय दूतावास ने उनकी पर्सनल डिटेल और पासपोर्ट इकट्ठा कर लिए हैं।

पिछले कुछ रेस्क्यू (बचाव) अभियान के नाम
– ऑपरेशन स्वदेश (जनवरी 2026) : ईरान में प्रदर्शन के दौरान भारतीयों को लाने के लिए
– ऑपरेशन सिंधु (जून 2025) : ईरान और इजरायल में संघर्ष के बीच अपने नागरिकों को ईरान से स्वदेश लाने के लिए
– ऑपरेशन इंद्रावती (वर्ष 2024) : हैती देश में क्रिमिनल गैंग की हिंसा के दौरान
– ऑपरेशन अजय (वर्ष 2023) : हमास – इजरायल युद्ध के दौरान
– ऑपरेशन कावेरी (वर्ष 2023) : सूडान में गृहयुद्ध के दौरान
– ऑपरेशन गंगा (वर्ष 2022) : यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद
– ऑपरेशन राहत (वर्ष 2015) : यमन में संघर्ष के दौरान
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2. ईरान और अमेरिका में बढ़ते तनाव के बीच जनवरी 2026 में भारत किस पोर्ट के संचालन से अस्थाई रूप से अलग हो गया?
Amidst rising tensions between Iran and the United States, which port did India temporarily withdraw from operating in January 2026?
a. इस्फ़हान बंदरगाह
b. राजौरी बंदरगाह
c. पारसियन बंदरगाह
d. चाबहार बंदरगाह
Answer: d. चाबहार बंदरगाह
– भारत ने चाबहार पोर्ट के शाहिद बेहेश्टी टर्मिनल का निर्माण किया था और इसका संचालन करता था।
– अमेरिका ने जनवरी 2026 में ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध (sanctions) लागू कर दिए।
– इन प्रतिबंधों के कारण भारत को चाबहार पोर्ट पर अपना काम बंद करना पड़ा।

चाबहार पोर्ट क्यों महत्वपूर्ण?
– चाबहार पोर्ट ईरान (Iran) में एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री बंदरगाह है।
– भारत इसे विकसित कर रहा था ताकि भारत, अफगानिस्तान और मध्य एशिया से सीधे व्यापार हो सके।
– यह रास्ता पाकिस्तान से होकर नहीं जाता है, इसलिए यह भारत के लिए खास है।
– इससे भारत और आसपास के देशों के बीच व्यापार आसान होता है।
– यह एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग भी है।
छूट (Waiver) भी मिली थी
– अक्टूबर 2025 में अमेरिका ने भारत को छः महीने की छूट (sanctions waiver) दी थी ताकि भारत धीरे-धीरे अपनी गतिविधियाँ बंद कर सके।
– लेकिन अब वह छूट अप्रैल 2026 में ख़त्म हो रही है।
अमेरिका ने 25% टैरिफ की धमकी दी
– ईरान में सरकार विरोधी जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं।
– इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ की धमकी दी।
– इसका असर यह है कि भारत अब उस पोर्ट को खुद से चलाना मुश्किल महसूस कर रहा था।
भारत ने अपना काम रोक दिया
– भारत ने IPGL (India Ports Global Limited) का काम धीरे-धीरे बंद कर दिया है।
– कंपनी के डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया और पोर्ट से जुड़ी आधिकारिक वेबसाइट भी बंद हो गई।
– चूंकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध वापस लगा दिए हैं, और यदि भारत अभी भी परियोजना में सक्रिय रूप से शामिल रहेगा तो भारत या उसके एजेंसियों पर संभावित अमेरिकन प्रतिबंध/आर्थिक दंड लग सकता है, इसीलिए भारत ने अपने वित्तीय दायित्व पूरा कर लिए और अब परियोजना से स्ट्रैटेजिक रूप से पीछे हटने का निर्णय लिया।
भारत ने कितनी रकम ईरान को ट्रांसफर की और क्यों?
– लगभग $120 मिलियन (करीब ₹1000+ करोड़) भारत ने ईरान को पहले ही ट्रांसफर कर दिया था।
– यह वह राशि थी जिसका भारत ने चाबहार बंदरगाह को विकसित और संचालन योग्य बनाने के लिए वादा किया था।
– भारत ने यह राशि US द्वारा प्रतिबंधों को फिर से लागू करने से पहले ही भेज दी थी, ताकि प्रतिबंध के आने के बाद धन भेजना मुश्किल न हो और भारत की वित्तीय जिम्मेदारी पूरी हो जाए।
– भारत ने अपना वित्तीय वादा पूरा करके यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में कोई आर्थिक दायित्व भारत के खड़े न रहे। यह कदम भारत की फिसकल जिम्मेदारी (fiscal responsibility) को दर्शाता है।
सरकार का बयान
– भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह अब भी बातचीत जारी रखे हुए है और स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है, हालांकि अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण काम रोकना पड़ा है।
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भारत पर प्रभाव?
रणनीतिक प्रभाव
– चाबहार पोर्ट के माध्यम से भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुँच मिलती थी।
– अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत की यह रणनीतिक महत्वाकांक्षा प्रभावित होगी।
– पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के मुकाबले चाबहार एक वैकल्पिक मार्ग था, जिसका महत्व अब और बढ़ गया है।
आर्थिक निवेश पर प्रभाव
– भारत ने पोर्ट में लगभग 500 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।
– अमेरिकी निर्णय से इस निवेश की सुरक्षा और भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
वाणिज्यिक और कनेक्टिविटी पर प्रभाव
– भारत की अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक कनेक्टिविटी में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
– भारत को वैकल्पिक मार्गों और साझेदारी विकल्पों पर विचार करना होगा।
पहलू प्रभाव
– रणनीतिक महत्व : अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुँच में बाधा
– आर्थिक निवेश : 500 मिलियन डॉलर के निवेश की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न
– वाणिज्यिक कनेक्टिविटी : पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के मुकाबले विकल्प की कमी
– संभावित प्रतिक्रियाएँ : कूटनीतिक संवाद, वैकल्पिक साझेदारी की तलाश, विकास योजनाओं की समीक्षा
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3. किस देश की अदालत ने मार्शल लॉ लगाने की कोशिश को गलत बता वहां के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पांच साल की सजा सुनाई?
Which country’s court declared the attempt to impose martial law illegal and sentenced former President Yoon Suk-yeol to five years in prison?
a. दक्षिण कोरिया
b. उत्तर कोरिया
c. वेनेजुएला
d. मॉरीशस
Answer: a. दक्षिण कोरिया
– दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने 16 जनवरी 2026 को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पांच साल जेल की सजा सुनाई है।
– उन्होंने दिसंबर 2024 में पद पर रहते हुए देश में मार्शल लॉ लगाने की कोशिश की थी।
– अदालत ने इसे सत्ता का गलत इस्तेमाल माना।
– रिपोर्ट के मुताबिक यून ने कुछ दिनों पहले खुद को अपने घर पर बंद कर लिया था। – उन्होंने घर के सामने कई गार्ड्स की तैनाती कर दी थी, जिससे मामले की जांच करने वाले अधिकारी अंदर न आ पाएं।
– इसके बाद पुलिस ने उन्हें किसी तरह गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
– यून के खिलाफ कई मामलों में केस चल रहा है, सबसे गंभीर आरोप विद्रोह का है।
– कोर्ट में उनके खिलाफ केस दायर करने वालों ने मांग की है कि यून को मौत की सजा दी जाए।
– अब कोर्ट इस मामले पर फरवरी 2026 में अगला फैसला सुनाएगी।
दक्षिण कोरिया
राजधानी: सियोल
राष्ट्रपति: ली जे म्युंग
मुद्रा: दक्षिण कोरियाई वॉन
भाषा: कोरियाई
पड़ोसी देश: उत्तर कोरिया।
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4. किस राज्य में उत्तर से दक्षिण के जिलों को जोड़ने के लिए छह नए नार्थ-साउथ कॉरीडोर के प्रस्ताव को मंजूरी दी?
Which state approved the proposal for six new North-South corridors to connect districts from north to south?
a. पंजाब
b. हिमाचल प्रदेश
c. उत्तर प्रदेश
d. उत्तराखंड
Answer: c. उत्तर प्रदेश
– उत्तर प्रदेश में नार्थ-साउथ कॉरीडोर की ऐसी पहल पहली बार की गई है।
– राज्य में अब तक बने एक्सप्रेसवे व हाईवे पूर्व से पश्चिम दिशा में हैं।
– अब नॉर्थ-साउथ कॉरीडोर से इन जिलों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
– लोकनिर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले प्रस्तावित कारीडोर के हिस्सों की काययोजना स्वीकृत हो गई है।
– जल्द ही कैबिनेट से एस्टीमेट स्वीकृत कराने की तैयारी गई है।
उत्तर से दक्षिण के जिलों को जोड़ने के लिए छह नए नार्थ-साउथ कॉरीडोर
1. श्रावस्ती-प्रयागराज कॉरीडोर – पहला कॉरीडोर इकाउना (श्रावस्ती)-अयोध्या-सुल्तानपुर-प्रयागराज का है। जिसकी कुल लंबाई 262 किलोमीटर है।
2. कुशीनगर – वाराणसी कॉरीडोर – कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-जमानिया होते हुए वाराणसी तक है। इसकी कुल लंबाई 220 किलोमीटर है। दोहरीघाट-मऊ-गाजीपुर खंड तथा गाजीपुर-वाराणसी पहले से चार लेन हैं।
3. नेपाल सीमा से प्रयागराज तक – पिपरी (भारत-नेपाल) सीमा से बांसी (सिद्धार्थनगर) से प्रयागराज तक है। कुल लंबाई 295 किलोमीटर है।
4. लखीमपुर से बांदा – लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ-नवाबगंज-लालगंज-चौदगरा-जोनिहा-ललौली-अतरहट से बांदा तक है जिसकी कुल लंबाई 502 किलोमीटर है।
5. बरेली से ललितपुर – बरेली-आगरा-झांसी से ललितपुर तक 547 किलोमीटर का है। इसमें 216 किलोमीटर बरेली-कासगंज-आगरा है, जिसके निर्माण और अपग्रेडेशन के लिए ठेका दिया गया है।
6. पीलीभीत से उरई-हरपालपुर – मुस्तफाबाद (पीलीभीत टाइगर रिजर्व)-शाहजहांपुर-उरई-हरपालपुर तक है जिसकी कुल लंबाई 514 किलोमीटर है।
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5. राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Startup Day celebrated?
a. 18 जनवरी
b. 17 जनवरी
c. 16 जनवरी
d. 15 जनवरी
Answer: c. 16 जनवरी
– 16 जनवरी 2016 को इस दिवस को मनाने की शुरूआत की गई थी।
– स्टार्टअप की संख्या 1.18 लाख पहुंच गई है।
– यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या में भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
– भारत में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या इस समय 100 से ज्यादा है।
– जब भी किसी स्टार्टअप का वैल्यूएशन एक अरब डॉलर से ज्यादा हो जाता है तो उसे यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहा जाता है।
– वर्ष 2023 में 36 हजार से ज्यादा स्टार्टअप को मान्यता दी गई।
– वर्ष 2030 तक भारतीय स्टार्टअप्स की कुल पूंजी 300 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।
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6. इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) बैंकिंग टेक्नोलॉजी अवार्ड्स में ‘बेस्ट फिनटेक एंड डीपीआई एडॉप्शन’ अवार्ड किस बैंक ने जीता?
Which bank won the ‘Best Fintech and DPI Adoption’ award at the Indian Banks Association (IBA) Banking Technology Awards?
a. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
b. बैंक ऑफ बड़ौदा
c. कर्नाटक बैंक
d. एचडीएफसी बैंक
Answer: c. कर्नाटक बैंक
– इसके अतिरिक्त, कर्नाटक बैंक को ‘सर्वश्रेष्ठ तकनीकी प्रतिभा’ श्रेणी में उपविजेता घोषित और ‘सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी बैंक’, ‘सर्वश्रेष्ठ डिजिटल वित्तीय समावेशन’ और ‘सर्वश्रेष्ठ डिजिटल बिक्री’ श्रेणियों में विशेष उल्लेख प्राप्त हुआ।
– बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ राघवेंद्र एस.भट ने बताया ”हमें गर्व महसूस हो रहा है। ये पुरस्कार डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने, तकनीकी प्रतिभाओं को पोषित करने और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग समाधान प्रदान करने में आईटी और व्यावसायिक टीमों के संयुक्त प्रयासों को दर्शाते हैं।”
हेडक्वार्टर: मंगलुरु (कर्नाटक)
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7. नोबेल शांति पुरस्कार 2025 की किस विजेता ने अपना अवॉर्ड अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को सौंप दिया?
Which winner of the 2025 Nobel Peace Prize handed over their award to US President Trump?
a. निकोलस मादुरो
b. मारिया कोरिना मचाडो
c. रोजर बिन्नी
d. इमैनुएल मैक्रों
Answer: b. मारिया कोरिना मचाडो

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 15 जनवरी 2026 को व्हाइट हाउस में वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार 2025 की विजेता मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात की।
– वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा करने के बाद यह उनकी किसी भी वेनेजुएलाई नेता से पहली मुलाकात थी।
– मुलाकात के बाद माचाडो ने कहा कि उन्होंने ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार, ट्रंप के नाम करते हुए उन्हें मेडल भेंट किया।
– उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि आज वेनेजुएलावासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।’
– इसके बाद मचाडो ने कहा ‘हम राष्ट्रपति ट्रम्प पर भरोसा कर सकते हैं।’
– हालांकि, ट्रम्प ने माचाडो को वेनेजुएला की नई नेता के रूप में समर्थन नहीं दिया है।
– ट्रंप ने कहा है वह वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम कर रहे हैं।
नोबेल संस्थान बोला-
– नोबेल कमेटी ने कहा कि नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद इसे रद्द नहीं किया जा सकता।
– न साझा किया जा सकता है और न ही किसी और को हस्तांतरित किया जा सकता है।
– व्हाइट हाउस में हुई बैठक से पहले नोबेल संस्थान ने X पर पोस्ट कर बताया कि एक पदक के मालिक बदल सकते हैं, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की उपाधि नहीं बदल सकती।
अक्टूबर 2025 में मिला था अवॉर्ड
– अक्टूबर 2025 में मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
– उन्हें ‘वेनेजुएला के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके प्रयासों और तानाशाही से शांतिपूर्ण लड़ाई’ के लिए यह सम्मान मिला था।
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8. किस अमेरिकी साइंटिस्ट ने माइकोराइज़ल अनुसंधान के लिए टायलर पुरस्कार 2026 जीता?
Which American scientist won the Tyler Prize 2026 for mycorrhizal research?
a. जोहान रॉकस्ट्रॉम
b. टोबी कियर्स
c. सैंड्रा डियाज़
d. एडुआर्डो ब्रोंडिज़ियो
Answer: b. टोबी कियर्स
– अमेरिकी विकासवादी जीवविज्ञानी “टोबी कियर्स” को पर्यावरण के क्षेत्र में उपलब्धि के लिए टायलर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
– इस पुरस्कार को पर्यावरण का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है।
माइकोराइज़ल
– जंगलों, घास के मैदानों और खेतों के नीचे एक विशाल भूमिगत कवक तंत्र मौजूद है जो पृथ्वी की जलवायु को चुपचाप नियंत्रित करता है।
– इसे ये माइकोराइज़ल नेटवर्क कहते हैं।
– ये पौधों की जड़ों के साथ पोषक तत्वों का आदान-प्रदान करते हैं।
– प्रतिवर्ष 13 अरब टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं।
– लंबे समय तक पौधों के सहायक के रूप में उपेक्षित रहे इन्हें अब ग्रह के सबसे महत्वपूर्ण जीवन-सहायक तंत्रों में से एक माना जाता है।
– “व्रीजे यूनिवर्सिटेट एम्स्टर्डम” में विश्वविद्यालय अनुसंधान अध्यक्ष के रूप में कार्यरत टोबी कियर्स के शोध ने मृदा पारिस्थितिकी तंत्र (Soil ecosystem) की वैज्ञानिक समझ में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है।
टायलर पुरस्कार
– यह पुरस्कार 1973 में जॉन और एलिस टायलर द्वारा स्थापित किया गया था।
– यह पर्यावरणीय विज्ञान, नीति और स्थिरता के क्षेत्र में दुनिया भर के व्यक्तियों और संगठनों को मान्यता देता है।
– इसका प्रबंधन यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया (USC) द्वारा किया जाता है।
– टायलर पुरस्कार में 250,000 डॉलर की नकद राशि दी जाती है।
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9. केरल विधानसभा द्वारा पारित मलयालम भाषा विधेयक-2025 के खिलाफ किस दक्षिण राज्य ने विरोध जताकर इसे अल्पसंख्यकों के शिक्षा और सांस्कृतिक अधिकारों का हनन बताया?
Which southern state protested against the Malayalam Language Bill-2025 passed by the Kerala Legislative Assembly, calling it a violation of the educational and cultural rights of minorities?
a. कर्नाटक
b. तेलंगाना
c. आंध्र प्रदेश
d. तमिलनाडु
Answer: a. कर्नाटक
– केंद्र सरकार के हिंदी थोपने के आरोपों के बीच दक्षिण भारत में भाषाई विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।
– केरल विधानसभा द्वारा पारित मलयालम भाषा विधेयक-2025 के खिलाफ कर्नाटक ने कड़ा विरोध जताया है।
– यह विधेयक केरल के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मलयालम को अनिवार्य प्रथम भाषा बनाने का प्रावधान करता है।
– जिसमें कासरगोड जिले के कन्नड़ माध्यम स्कूल भी शामिल हैं।
– कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से विधेयक वापस लेने की अपील की।
– उन्होंने लिखा, “भाषाई अल्पसंख्यकों के बच्चों के लिए भाषा केवल एक ‘विषय’ नहीं है, बल्कि यह उनकी पहचान, गरिमा, पहुंच और अवसर है।
– प्रस्तावित मलयालम भाषा विधेयक-2025 कन्नड़ माध्यम स्कूलों में भी मलयालम को अनिवार्य प्रथम भाषा बनाकर भाषाई स्वतंत्रता पर हमला है।”
– ” उन्होंने कासरगोड को भावनात्मक रूप से कर्नाटक से जुड़ा बताया। वहां के लोगों को पूर्ण कन्नड़िगा करार दिया।
केरल
राजधानी: तिरुवनंतपुरम
भाषा: मलयालम
पड़ोसी राज्य: तमिलनाडु और कर्नाटक।
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10. जर्मनी के चांसलर ने भरत यात्रा के दौरान भारतीय नागरिकों के लिए किस प्रकार की वीज़ा सुविधा की घोषणा की?
What type of visa facility did German Chancellor Friedrich Merz announce for Indian citizens during his visit to India?
a. पूर्ण वीज़ा-मुक्त प्रवेश
b. टूरिस्ट वीज़ा-ऑन-अराइवल
c. एयरपोर्ट ट्रांजिट वीज़ा से छूट
d. दीर्घकालिक कार्य वीज़ा
Answer: c. एयरपोर्ट ट्रांजिट वीज़ा से छूट (चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने जनवरी 2026 में भारत यात्रा के दौरान यह ऐलान किया)
– यह समझौता 12–13 जनवरी 2026 को यह निर्णय घोषित किया गया था।
– जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ़रेंस में इस फैसले को सार्वजनिक किया गया।
क्या बदलाव आएगा?
जर्मनी ने घोषणा की है कि भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब ‘एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा’ (Schengen Type A Transit Visa) नहीं लगाना होगा, अगर वे:
– जर्मनी के किसी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से होकर
– दूसरी देश (जैसे अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन आदि) जाते समय
– केवल एयरपोर्ट के ‘International Transit Zone’ में रहते हैं, और
– 24 घंटे के भीतर उनके onwards फ्लाइट हैं।
– हालांकि यह जर्मनी में प्रवेश (entering Germany) नहीं है। अगर आप कस्टम/पासपोर्ट कंट्रोल से बाहर निकलेंगे तो आपको सामान्य वीजा लेना जरूरी होगा।
पुराना नियम क्या था?
– पहले भारतीय नागरिकों को तब भी ट्रांजिट वीजा लेना पड़ता था जब वे केवल हवाई अड्डे में रहते परन्तु:
– वे Schengen Type A Transit Visa नहीं लिए बिना जर्मनी से होकर onward यात्रा नहीं कर सकते थे।
– इसके लिए भारतीय यात्रियों को लगभग €60-€90 तक का शुल्क देना पड़ता था और वीजा प्रोसेस में कई दिन का समय लगता था।
क्यों यह बदलाव महत्वपूर्ण है?
– यात्रा आसान और तेज — अब ट्रांजिट वीजा के लिए आवेदन, फीस और इंतज़ार की आवश्यकता नहीं।
– कम खर्च — वीजा फ़ीस और डॉक्यूमेंट खर्च बचेंगे।
– बेहतर कनेक्टिविटी — Lufthansa, Air India सहित अन्य एयरलाइनों के लिए फ्रैंकफुर्ट या म्यूनिख हब विकल्प अधिक उपयोगी।
– तरह-तरह के अंतर्राष्ट्रीय मार्ग खुलेंगे — जैसे भारत-यूएसए/कनाडा-लिंक स्कीम में आसान ट्रांजिट।


