15 & 16 January 2026 करेंट अफेयर्स – प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण

यह 15 & 16 January 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।

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1. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से बीमार एस्ट्रोनॉट को इतिहास में पहली बार आपातकालीन इलाज के लिए पृथ्वी पर वापस लाने का काम किस स्पेस एजेंसी ने किया?
Which space agency carried out the first-ever mission in history to bring a sick astronaut back to Earth from the International Space Station (ISS) for emergency medical treatment?

a. ESA
b. Roscosmos
c. NASA
d. JAXA

Answer: c. NASA {हालांकि यात्रियों में JAXA और Roscosmos के भी शामिल हैं, लेकिन कौन बीमार है, यह नहीं बताया गया}

– ISS (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) से जनवरी 2026 में एक ऐसी खबर आई, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया।
– NASA को पहली बार मजबूरन अपना मिशन अधूरा छोड़ना पड़ा
– बीमार एस्ट्रोनॉट को इमरजेंसी मेडिकल एवाक्यूएशन के ज़रिये पृथ्वी पर लाया गया
– यह NASA के इतिहास का पहला मेडिकल रेस्क्यू मिशन है।
– इसे स्‍पेस एक्‍स के स्‍पेसक्राफ्ट से लाया गया।

क्या हुआ अंतरिक्ष में?
– Crew-11 मिशन के दौरान एक एस्ट्रोनॉट की तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि —
– मिशन को तुरंत शॉर्ट कट करना पड़ा
– तय समय से एक महीने पहले वापसी का फैसला लिया गया
– पूरे क्रू को ISS छोड़कर लौटना पड़ा
– पांच महीने अंतरिक्ष में बिताने के बाद, स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उनका मिशन बीच में ही समाप्त करना पड़ा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने स्वास्थ्य समस्या के बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया है कि वापसी कोई आपातकालीन स्थिति नहीं थी।

NASA ने क्‍या कहा
– NASA ने माना कि मामला “Serious but stable” था, लेकिन खतरा इतना बड़ा कि अंतरिक्ष में इलाज संभव नहीं था।

रात के अंधेरे में इमरजेंसी लैंडिंग
– SpaceX का Crew Dragon Endeavour कैप्सूल अंतरिक्ष से सीधा पैसिफिक महासागर में, कैलिफोर्निया के पास रात में स्प्लैशडाउन हुआ।
– इंतज़ार में खड़ी मेडिकल टीम ने अंतरिक्ष यात्री को हेलिकॉप्टर से सीधे अस्पताल पहुंचाया। यह सब कुछ मिनटों में हुआ।

कौन थे Crew-11 मिशन में?
– ज़ीना कार्डमैन (NASA)
– माइक फिन्के (NASA)
– किमिया युई (जापान – JAXA)
– ओलेग प्लाटोनोव (रूस – Roscosmos)

कौन बीमार हुआ
– NASA ने यह राज़ रखा कि कौन सा एस्ट्रोनॉट बीमार पड़ा और बीमारी क्या थी।
– कारण बताया गया — Medical Privacy, लेकिन इस चुप्पी ने सवाल और बढ़ा दिए हैं।

क्यों है यह मामला इतना बड़ा?
– पहली बार किसी ISS मिशन को सिर्फ मेडिकल वजह से रोका गया और एस्ट्रोनॉट को इमरजेंसी में पृथ्वी पर लाया गया
– NASA को मानना पड़ा कि स्पेस में हर स्थिति कंट्रोल में नहीं होती।
– विशेषज्ञ मान रहे हैं कि — लंबे स्पेस मिशन मानव शरीर के लिए बड़ा रिस्क हैं। माइक्रोग्रैविटी, रेडिएशन और आइसोलेशन, शरीर को अंदर से तोड़ सकते हैं।

ISS पर अब क्या?
– ISS पर क्रू की संख्या घट गई है।
– संचालित बचे हुए ISS पर अन्य तीन सदस्य अभी भी मौजूद हैं।
– अगले कुछ दिनों तक कोई स्पेसवॉक नहीं किया जाएगा क्योंकि क्रू कम है।
– अगला मिशन 2026 में जल्दी भेजा जा सकता है

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ISS को संचालन 2030 तक ही
– International Space Station (ISS) को 2030 के आसपास पृथ्वी के वायुमंडल में नियंत्रित रूप से गिरा दिया जाएगा (डी-ऑर्बिट) और उसके अवशेषों को समुद्र में सुरक्षित जगह पर भेजा जाएगा।
– ISS को 1998 में बनाया गया था। मतलब 2030 तक ये करीब 30+ साल पुराना हो जाएगा।
– इतने लंबे समय तक स्पेस में किसी स्ट्रक्चर को चलाना risk bhara और महंगा हो जाता है।
– इसका डिज़ाइन जीवन पहले लगभग 15–20 साल का था। समय के साथ इसकी संरचनात्मक और तकनीकी चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं।

2030 में होगा क्‍या?
– ISS को धीरे-धीरे नीचे लाया जाएगा
– इसे Earth atmosphere में जलाकर गिराया जाएगा
– इसके बचे हुए टुकड़े Pacific Ocean के सुनसान इलाके में गिरेंगे
(इसे space cemetery भी कहते हैं)

अगला चरण — कमर्शियल स्पेस स्टेशन:
– NASA और अंतरराष्ट्रीय भागीदार निजी (commercial) स्पेस स्टेशनों के विकास पर काम कर रहे हैं, ताकि ISS के बंद होने के बाद भी मानव साक्ष्य और अनुसंधान लगातार जारी रहे।

आईएसएस के अलावा कोई स्‍पेस स्‍टेशन है


– ISS के अलावा भी स्पेस स्टेशन हैं / आने वाले हैं, बस फर्क ये है कि कुछ अभी चालू हैं, कुछ निर्माण में हैं और कुछ प्लानिंग स्टेज में।
– चीन का स्पेस स्टेशन – Tiangong (तियानगोंग): ये China का अपना space station है। 2022 से पूरी तरह काम कर रहा है। इसमें 3 astronauts एक साथ रह सकते हैं।

रूस का प्लान – ROSS
– Russia, ISS से अलग होकर अपना नया station बनाना चाहता है।
– नाम: ROSS (Russian Orbital Service Station)
– अभी early planning stage में है

भारत का स्पेस स्टेशन
– भारत भी अपना Bharatiya Antariksh Station बनाने की तैयारी में है।
– अनुमान: 2035 के आसपास
– पहले Gaganyaan से human spaceflight फिर space station

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2. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 (जनवरी में जारी) की रैंकिंग में भारत किस स्‍थान पर है?
What is India’s ranking in the Henley Passport Index 2026 (released in January)?

a. 80वें
b. 70वें
c. 82वें
d. 84वें

Answer: a. 80वें

– हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 (जनवरी में जारी) के अनुसार भारत की रैंकिंग 80 है।
– भारत ने अल्जीरिया और नाइजर के साथ संयुक्त रूप से 80वीं रैकिंग में जगह बनाई है।
– भारतीय पासपोर्ट धारकों को 55 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है।
– भारत की रैंकिंग अक्‍टूबर 2025 की रिपोर्ट से बेहतर है।
– हेनले पासपोर्ट इंडेक्स वर्ष में कई बार जारी होता है।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत का स्‍थान
– जनवरी 2026 : 80 रैंक
– अक्‍टूबर 2025 : 85 रैंक
– जुलाई 2025 : 77 रैंक
– जनवरी 2025 : 85 रैंक

पड़ोसी देशों की रैंकिंग
– अफगानिस्‍तान: 101
– पाकिस्‍तान: 98
– नेपाल: 96
– बांग्‍लादेश: 95
– श्रीलंका: 93
– म्‍यांमार: 89
– चीन: 59

भारतीयों के लिए वीजा फ्री देश
– अंगोला, बारबाडोस, भूटान, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, बुरुंडी, कंबोडिया, केप वर्डे आइलैंड्स, कोमोरो आइलैंड्स, कुक आइलैंड्स, जिबूती, डोमिनिका, इथियोपिया, फिजी, ग्रेनेडा, गिनी-बिसाऊ, हैती, इंडोनेशिया, जमैका, जॉर्डन, कजाकिस्तान, केन्या, किरीबाती, लाओस, मकाऊ (चीन), मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मार्शल आइलैंड्स, मॉरीशस, माइक्रोनेशिया, मंगोलिया, मॉन्टसेराट, मोज़ाम्बिक, म्यांमार, नेपाल, न्यूई, पलाउ आइलैंड्स, फिलिपींस, कतर, रवांडा, समोआ, सेनेगल, सेशेल्स, सिएरा लियोन, श्रीलंका, सेंट किट्स एंड नेविस, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनेडाइन्स, तंजानिया, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते, त्रिनिदाद और टोबैगो, तुवालु, वानुआतु और ज़िम्बाब्वे।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स
– यह एक वैश्विक रैंकिंग है, जो पासपोर्ट की ताकत को मापता है, ये दिखाता है कि कितने देशों में बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल के प्रवेश मिल सकता है।
– इस रैंकिंग को लंदन स्थित फर्म हेनली एंड पार्टनर और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा के आधार पर तैयार किया जाता है।

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3. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 (जनवरी में जारी) के अनुसार दुनिया के शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में पहला स्थान किसे मिला?
According to the Henley Passport Index 2026 (released in January), which country secured the top spot in the list of the world’s most powerful passports?

a. इटली
b. सिंगापुर
c. फ्रांस
d. अमेरिका

Answer: b. सिंगापुर

– इंडेक्स की रिपोर्ट में शीर्ष तीन पासपोर्ट एशियाई देशों से हैं।
– सिंगापुर के पासपोर्ट ने वर्ष 2024, 2025 में भी टॉप पर जगह बनाई थी।
– सिंगापुर का पासपोर्ट रखने वालों को 227 देशों और क्षेत्रों में से 192 जगहों पर बिना वीजा के प्रवेश की अनुमति मिलती है।

नोट – अमेरिका की रैंक 10 है। उसके नागरिक 179 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं।

सबसे खराब रैंक
रैंक 101: अफगानिस्‍तान
रैंक 100: सीरिया
रैंक 99: इराक
रैंक 98: पाकिस्‍तान, यमन
रैंक 97: सोमालिया
रैंक 96: नेपाल

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4. केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) का नया महानिदेशक (DG) किसे नियुक्‍त किया?
Who has the central government appointed as the new Director General (DG) of the Border Security Force (BSF)?

a. प्रवीण कुमार
b. विजय मीणा
c. अजय कुमार
d. निर्लोश कुमार

Answer: a. प्रवीण कुमार

– केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने जनवरी 2026 में यह फैसला किया।
– प्रवीण कुमार, पश्चिम बंगाल कैडर के 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं।
– इससे पहले वह ITBP के DG के पद पर कार्यरत थे। वह बीएसएफ का प्रभार संभाल रहे थे।

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5. केंद्र सरकार ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) का नया महानिदेशक (DG) किसे नियुक्‍त किया?
Who has the central government appointed as the new Director General (DG) of the Indo-Tibetan Border Police (ITBP)?

a. वीर प्रताप सिंह
b. शत्रुजीत सिंह कपूर
c. विजय सिंह राणा
d. दुबेश कुमार

Answer: b. शत्रुजीत सिंह कपूर

– केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने जनवरी 2026 में यह फैसला किया।
– शत्रुजीत सिंह कपूर हरियाणा कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
– वह 31 अक्टूबर 2026 तक, यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक या अगले आदेश तक अपने पद पर बने रहेंगे।

हरियाणा के पूर्व DGP
– शत्रुजीत सिंह कपूर हरियाणा के पूर्व DGP रह चुके हैं।
– दरअसल, IPS वाईएस पुरम कुमार की आत्महत्या से जुड़े विवाद के बीच कपूर को पिछले साल छुट्टी पर भेज दिया गया था और फिर उन्हें राज्य के डीजीपी के पद से मुक्त कर दिया गया था।

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6. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का नया महानिदेशक (DG) किसे नियुक्‍त किया?
Who has the central government appointed as the new Director General (DG) of the National Investigation Agency (NIA)?

a. विवेक अग्रवाल
b. राकेश आहूजा
c. विनोद प्रकाश
d. राकेश अग्रवाल

Answer: d. राकेश अग्रवाल

– केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने NIA के प्रभारी महानिदेशक को स्‍थाई महानिदेशक पद पर तैनात किया है।
– वह एनआईए के विशेष महानिदेशक के पद पर तैनात थे।
– वह 31 जुलाई, 2028 तक या अगले आदेश तक अपने पद पर बने रहेंगे।
– वह 1994 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।

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7. दिसंबर 2025 में खुदरा महंगाई दर कितनी रही?
What was the retail inflation rate in December 2025?

a. 1.25%
b. 1.33%
c. 0.71%
d. 0.25%

Answer: b. 1.33%

– भारत में खुदरा महँगाई (CPI) दिसंबर 2025 में 1.33% की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि नवंबर 2025 में यह आंकड़ा 0.71% था।
– दिसंबर की खुदरा महंगाई दर पिछले तीन महीने के उच्चतम स्तर है। हालांकि यह भारतीय रिजर्व बैंक के 2% के निचले आरामदायक स्तर से काफी कम है।
– आरबीआई का लक्ष्य मुद्रास्फीति दर 4% है, जिसके ऊपर और नीचे 2% का सुरक्षित दायरा है।

खुदरा महंगाई दर की रिपोर्ट कौन जारी करता है?
– NSO (नेशनल स्‍टैटिस्‍टकल ऑफिस) {राष्‍ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय}
– यह Ministry of Statistics and Programme Implementation (सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियांवयन मंत्रालय) के अंतर्गत है।

कैसे तय होती है खुदरा महंगाई दर
– यह कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से तय होता है।
– इसमें खाद्य सामग्री, फल, कपड़े, जूते, घर, ईंधन, बिजली और अन्‍य की महंगाई की गणना की जाती है।
– एक ग्राहक के तौर पर आप और हम रिटेल मार्केट से सामान खरीदते हैं। इससे जुड़ी कीमतों में हुए बदलाव को दिखाने का काम कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI करता है। हम सामान और सर्विसेज के लिए जो औसत मूल्य चुकाते हैं, CPI उसी को मापता है।

महंगाई कैसे प्रभावित करती है?
– महंगाई का सीधा संबंध पर्चेजिंग पावर से है। उदाहरण के लिए यदि महंगाई दर 6% है, तो अर्जित किए गए 100 रुपए का मूल्य सिर्फ 94 रुपए होगा।
– इसलिए महंगाई को देखते हुए ही निवेश करना चाहिए। नहीं तो आपके पैसे की वैल्यू कम हो जाएगी।

RBI कैसे कंट्रोल करती है महंगाई?
– महंगाई को नियंत्रित करने के लिए बाजार में पैसों के बहाव (लिक्विडिटी) को कम किया जाता है।
– इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) रेपो रेट को घटाता या बढ़ाता है।
– जब महंगाई बढ़ जाती है, तो RBI रेपो रेट को बढ़ा देता है और जब महंगाई बेहद कम हो जाती है, तो रेपो रेट को घटा देता है।
– पिछले कुछ वक्‍त से महंगाई नियंत्रण में बताई जा रही है, इसी वजह से अगस्त में आरबीआई ने लगातार नौवीं बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया था।

RBI द्वारा तय महंगाई सीमा
– RBI द्वारा निर्धारित महंगाई सीमा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर 4 प्रतिशत है। हालांकि इसमें दो प्रतिशत घट या बढ़ सकता है।
– इस तरह 2 प्रतिशत से कम महंगाई और 6 प्रतिशत से अधिक महंगाई देश के आर्थिक विकास के लिए ठीक नहीं है।

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8. दिसंबर 2025 में थोक महंगाई दर कितनी रही?
What was the wholesale inflation rate in December 2025?

a. 0.83%
b. (-) 0.32%
c. (-) 1.21%
d. (-) 2.21%

Answer: a. 0.83%

– भारत में थोक महँगाई (WPI) दिसंबर 2025 में 0.83% दर्ज की गई। यह नवंबर 2025 के (-) 0.32% से बढ़ी है।
– उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “मुख्य कारण खाद्य पदार्थों, गैर-खाद्य वस्तुओं और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में महीने-दर-महीने वृद्धि थी।”

थोक महंगाई दर की रिपोर्ट किसने जारी की
– Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT)
– यह Ministry of Commerce and Industry के अंतर्गत है।
(नोट – खुदरा महंगाई दर NSO जारी करता है।)

थोक महंगाई दर क्या होती है?
– यह महंगाई दर, थोक मूल्‍य सूचकांक (WPI – होलसेल प्राइस इंडेक्‍स) के आधार पर तैयार होती है।
– होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) या थोक मूल्य सूचकांक का मतलब उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है।
– ये कीमतें थोक में किए गए बिजनेस से जुड़ी होती हैं।
(नोट – खुदरा महंगाई दर, कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स से तय होता है)

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9. गृह मंत्री ने भारत की पहली राज्य वित्‍त पोषित BSL-4 (बायो-सेफ्टी लेवल-4) प्रयोगशाला की आधारशिला कहां रखी?
Where did the Home Minister lay the foundation stone for India’s first state-funded BSL-4 (Bio-Safety Level-4) laboratory?

a. गांधीनगर (गुजरात)
b. अहमदाबाद (गुजरात)
c. मुंबई (महाराष्‍ट्र)
d. नोएडा (उत्‍तर प्रदेश)

Answer: a. गांधीनगर (गुजरात)

– केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 15 जनवरी 2026 को गांधीनगर में बायो-सेफ्टी लेवल-4 (BSL-4) कंटेनमेंट लैब की आधारशिला रखी।
– यह सुविधा भारत में पहली राज्य-सरकारी BSL-4 लैब होगी जो सूक्ष्मजीवों की सर्वाधिक खतरनाक श्रेणी पर शोध करने में सक्षम होगी।
– गुजरात की यह BSL-4 लैब न केवल देश की जैव-सुरक्षा (Biosecurity) को मजबूत करेगी, बल्कि साइंटिफिक रिसर्च, महामारी प्रतिक्रिया और हेल्‍थ साइंस की दिशा में एक बड़ा कदम है।
– इसके साथ ही यह भारत को भविष्य की महामारियों से लड़ने के लिए तैयार करेगा।
– यह लैब दूसरी सिविलियन (नागरिक) BSL-4 लैब है भारत में (पहली पुणे में NIV-नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी), मगर यह पहली राज्य-सरकारी सुविधा है, जो भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए शोध क्षमता बढ़ाएगी।
– हालांकि, 2024 के अंत में, रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अपनी खुद की बीएसएल-4 प्रयोगशाला स्थापित की।

BSL-4 लैब क्या है?
– BSL-4 लैब बायो-सेफ्टी का सबसे हाई लेवल होता है।
– यहां ऐसे खतरनाक और हाईली इंफेक्शियस वायरस पर रिसर्च की जाती है, जिनकी कोई पक्की दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं होती। जैसे एबोला, मारबर्ग, निपाह, क्रीमियन-कांगो हेमरेजिक फीवर (CCHF) आदि।
– लागत: ₹362 करोड़
– मानक: अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुसार विकसित
– प्रबंधन: गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (GBRC) के अंतर्गत
– राष्ट्रीय सुविधा: केंद्र की जैव नीति के तहत नेशनल सेंटर फॉर हाई कंटेनमेंट के रूप में मान्यता भी दी गई है।
– इस सुविधा में बीएसएल-4, बीएसएल-3, बीएसएल-2, साथ ही एबीएसएल-4 और एबीएसएल-3 प्रयोगशाला मॉड्यूल, उन्नत सुविधाओं और सहायक बुनियादी ढांचे के साथ शामिल होंगे।

क्यों है यह लैब महत्वपूर्ण?
– अब खतरनाक वायरस के सैंपल्स को दूर भेजने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, जिससे डायग्नोसिस तेज़ होगा।
– फ्यूचर पैंडेमिक्स से लड़ने की तैयारी : कोविड-19 के बाद यह साफ हो गया कि हाई-कंटेनमेंट लैब्स कितनी ज़रूरी हैं।
– राज्य एवं देश के लिए रणनीतिक संपत्ति: यह लैब दूसरी BSL-4 लैब है भारत में (पहली पुणे में), मगर यह पहली राज्य-सरकारी सुविधा है, जो भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए शोध क्षमता बढ़ाएगी।
– ज़ूनोटिक (पशु-मानव) रोगों से मुकाबला: पशुओं से इंसानों को फैलने वाले रोगों पर अध्ययन में भी यह लैब मददगार होगी — जैसे निकट-अतीत में निपाह आदि वायरस।
– युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर का मंच मिलेगा।
– वैक्सीन, दवाओं और रोग-नियंत्रण तकनीकों के विकास में योगदान मिलेगा।

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10. भारत किस देश को पीछे छोड़कर 2024-25 में दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्‍पादक देश बना?
Which country did India surpass to become the world’s largest rice producer in 2024-25?

a. यूएसए
b. चीन
c. ब्राजील
d. ऑस्‍ट्रेलिया

Answer: b. चीन

– भारत अब चावल (Rice) उत्पादन में दुनिया में पहला स्थान पा चुका है, और चीन को पीछे छोड़ दिया है।
– 2024-25 में भारत ने लगभग 150 मिलियन मीट्रिक टन (15 करोड़ मीट्रिक टन) चावल का उत्पादन किया, जबकि चीन का उत्पादन लगभग 145.28 मिलियन मीट्रिक टन (14.528 करोड़ मीट्रिक टन) रहा।
– भारत का हिस्सा अब विश्व चावल उत्पादन का लगभग 28% है।

चावल का उत्पादन क्यों बढ़ा?
– पिछले दशक में भारत में चावल की खेती तेजी से बढ़ी है – उत्पादन लगभग चौगुना हुआ, देश भर में खेती के लिए जगह भी बढ़ी
– किसानों और MSP जैसी योजनाओं के कारण चावल आकर्षक विकल्प बना हुआ है
– पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्रमुख रूप से उत्पादन बढ़ा है

उत्पादन में लगातार वृद्धि
वर्ष, सभी मौसमों के लिए उपयुक्त क्षेत्रफल, उत्पादन (मिलियन टन में)
1969-70: 37.67 मिलियन हेक्टेयर, 40.43 मिलियन टन
1979-80: 39.42 मिलियन हेक्टेयर, 42.33 मिलियन टन
1989-90: 42.16 मिलियन हेक्टेयर, 73.57 मिलियन टन
1999-00: 45.16 मिलियन हेक्टेयर, 89.68 मिलियन टन
2009-10: 41.92 मिलियन हेक्टेयर, 89.1 मिलियन टन
2019-20: 43.66 मिलियन हेक्टेयर, 118.87 मिलियन टन
2024-25: 51.42 मिलियन हेक्टेयर, 150 मिलियन टन

भारत के चावल के भंडार उसकी आवश्यकता से कहीं अधिक हैं।
– उत्पादन में वृद्धि और खरीद में बढ़ोतरी के साथ, केंद्रीय भंडार में चावल का स्टॉक पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ रहा है।
– 1 जनवरी, 2026 तक, केंद्रीय भंडार में चावल का स्टॉक (चावल के संदर्भ में बिना पिसे धान सहित) 63.06 मिलियन मीट्रिक टन था। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएसएफए) के तहत बफर स्टॉक और सार्वजनिक वितरण आवश्यकताओं से कहीं अधिक है।

धान / पैडी खेती की चुनौतियाँ
– चावल उगाने में बहुत ज्यादा पानी लगता है – करीब 1–3 टन पानी प्रति 1 किलोग्राम चावल बनते हैं।
– इसलिए, भूमिगत जलस्तर गिर रहा है। पानी-संकट वाले इलाकों में पानी का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। पर्यावरणीय प्रभाव बढ़ रहा है।

उत्पादन में भिन्नता
– भारत के अलग-अलग राज्यों में उत्पादकता बहुत अलग-अलग है — पंजाब और आंध्र प्रदेश में ज़्यादा; बिहार और उत्तर प्रदेश में कम

भंडारण और सरकारी स्टॉक बढ़े
– राज्य के भंडार बड़े हैं और हमेशा की तुलना में अधिक चावल स्टॉक हो गया है, जिससे मार्केट प्राइसिंग और लॉजिस्टिक्स चुनौती बन रहे हैं।

सरकार का फोकस – फसल विविधीकरण
– सरकार सिर्फ़ चावल ही नहीं, बल्कि अन्य फसलों की तरफ़ भी किसान को प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रही है ताकि: जल संरक्षण हो, फसल विविधता बढ़े, पोषण और इनकम सिक्योरिटी मजबूत हो
– सरकार ने सुझाव दिया है कि चावल छोड़कर तेल, दाल आदि फसलें लगाने पर आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

निर्यात और ग्लोबल पॉज़िशनिंग
– भारत सिर्फ़ उत्पादन में ही नहीं, बल्कि चावल निर्यात में भी दुनिया में सबसे बड़ा खिलाड़ी है।
– 2025 में चावल निर्यात 21.55 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जो अब तक का दूसरा सबसे उच्च स्तर है।
– भारत के चावल को कई देशों में निर्यात किया जाता है और इससे विदेशी मुद्रा आय में भी मदद मिलती है।


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