यह 6 to 8 फरवरी 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
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1. रामसर स्थल का दर्जा प्राप्त ‘चारी-ढांड’ किस राज्य में स्थित है?
In which state is ‘Chari-Dhand’, which has been given the status of Ramsar site, located?
a. उत्तराखंड
b. पंजाब
c. उत्तर प्रदेश
d. गुजरात
Answer: d. गुजरात
– छारी-ढांड गुजरात के कच्छ जिले के बन्नी घास के मैदानों में है।
– यह 227 वर्ग किमी में फैला एक मौसमी रेगिस्तानी वेटलैंड है।
– जो मानसून के बाद (नवंबर से मार्च) हजारों प्रवासी पक्षियों, विशेषकर फ्लेमिंगो के लिए स्वर्ग बन जाता है।
– यह क्षेत्र अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।
– स्थानीय कच्छी भाषा में, ‘छारी’ का अर्थ है ‘खारी’ या लवण-प्रभावित, और ‘ढांड’ का अर्थ है ‘छिछला आर्द्रभूमि’।
– यहाँ 370 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
– पक्षियों के अलावा, यहाँ चिंकारा, भेड़िया, कारकल, रेगिस्तानी बिल्ली और लोमड़ी जैसे वन्यजीव भी देखे जाते हैं।
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2. पटना पक्षी विहार किस राज्य में स्थित है, जिसे जनवरी 2026 में रामसर स्थल का दर्जा मिला?
In which state is Patna Bird Sanctuary located, which got the status of Ramsar site in January 2026?
a. बिहार
b. गुजरात
c. उत्तर प्रदेश
d. पंजाब
Answer: c. उत्तर प्रदेश
– पटना पक्षी विहार उत्तर प्रदेश के एटा जनपद की जलेसर तहसील में है।
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर स्थानीय जनता और आर्द्रभूमि संरक्षण में लगे सभी नागरिकों को बधाई दी।
– यह उत्तर प्रदेश का 11वां रामसर वेटलैंड है।
– केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इसकी घोषणा की।
हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं
– पटना पक्षी विहार लगभग 108.86 हेक्टेयर में फैला है।
– यहां हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं।
– ये उत्तर प्रदेश की सबसे समृद्ध छोटी वेटलैंड्स में से एक है।
– इसमें अब तक 178 प्रजातियों के पक्षी दर्ज किए जा चुके हैं।
– इनमें भारतीय उपमहाद्वीप की 42 प्रजातियों में से 18 प्रजातियां नियमित रूप से देखी जाती हैं।
– प्रत्येक वर्ष यह क्षेत्र 50 हजार से अधिक पक्षियों का मौसमी आवास बनता है, जिससे यह उत्तर भारत के प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है।
– यहां 44 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं।
– सर्दियों में जब आसपास के खेत जलमग्न हो जाते हैं, तब यह झील ‘सारस केम’ के रूप में विकसित हो जाती है।
252 पौध प्रजातियां भी
– इस वेटलैंड में केवल पक्षी ही नहीं बल्कि पौध प्रजातियां भी शामिल हैं।
– सर्वेक्षणों में यहां 71 वनस्पति परिवारों की 252 पौध प्रजातियां, जिनमें 24 जलीय पौधें शामिल हैं, दर्ज की गई हैं।
– इसके अलावा नीलगाय, सियार, नेवला, मॉनिटर लिज़र्ड, जंगली बिल्ली और साही जैसे वन्य जीव की पारिस्थितिक समृद्धि भी यहां है।
– महाभारत काल का करीब 600 वर्ष पुराना प्राचीन शिव मंदिर भी इस पटना पक्षी बिहार में स्थापित है।
वेटलैंड किसे कहते हैं?
– यह ऐसी नम भूमि (wetland) होती है, जहां बारिश के समय पानी जमा होता है। साथ ही इस क्षेत्र में पक्षियों की बड़ी संख्या में प्रजाति भी पाई जाती है।
– पिछले वर्षों में कई साइट को रामसर साइट में शामिल किया गया है इसके संरक्षण के लिए यूनेस्को मदद देता है।
रामसर स्थल क्यों कहते हैं?
– रामसर, ईरान का एक शहर है।
– यहां पर 2 फरवरी, 1971 को रामसर आर्द्रभूमि समझौता (Ramsar Convention on Wetlands) पर दुनिया के देशों ने सिग्नेचर किए थे।
– इसलिए इसे रामसर संधि कहा जाता है. कुछ लोग इस संधि को आर्द्रभूमि संधि (Wetland Convention) भी कहते हैं।
– यह 1975 में लागू हुई।
– इस संधि का औपचारिक नाम है – अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व, विशेषकर जल पक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमियों के विषय में संधि।
– यह एक अंतर-सरकारी संधि है जो आर्द्रभूमि के संरक्षण और समुचित उपयोग के सम्बन्ध में मार्गदर्शन करती है।
– भारत ने 1982 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए।
– भारत में आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के संरक्षण के मामलों के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु-परिवर्तन मंत्रालय नोडल मंत्रालय घोषित है।
भारत के 98 रामसर स्थल (10 फरवरी 2026 तक)
1. अस्थमुड़ी वेटलैंड, केरल
2. ब्यास कंजर्वेशन रिजर्व, पंजाब
3. भितरकनिका मैंग्रोव, उड़ीसा
4. भोज वेटलैंड्स, मप्र
5. चंदेरटल वेटलैंड, हिमाचल प्रदेश
6. चिल्का झील, उड़ीसा
7. दीपोर बील, असम
8. पूर्वी कोलकाता वेटलैंड्स, पश्चिम बंगाल
9. हरिके झील, पंजाब
10. होकेरा वेटलैंड, जम्मू और कश्मीर
11. कांजली झील, पंजाब
12. केवलादेव घाना एनपी, राजस्थान
13. केशोपुर-मियां सामुदायिक रिजर्व, पंजाब
14. कोल्लेरू झील, आंध्र प्रदेश
15. लोकतक झील, मणिपुर
16. नालसरोवर पक्षी अभयारण्य, गुजरात
17. नंदुर मदमहेश्वर, महाराष्ट्र
18. नांगल वन्यजीव अभयारण्य, पंजाब
19. नवाबगंज पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
20. पार्वती आगरा पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
21. प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
22. पोंग डैम झील, हिमाचल प्रदेश
23. रेणुका वेटलैंड, हिमाचल प्रदेश
24. रोपड़ झील, पंजाब
25. रुद्रसागर झील, त्रिपुरा
26. समन पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
27. समसपुर पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
28. सांभर झील, राजस्थान
29. सांडी पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
30. सरसई नवर, उत्तर प्रदेश
31. सस्तमकोट्टा झील, केरल
32. सुंदरबन वेटलैंड, पश्चिम बंगाल
33. सुरिंसार-मानसर झीलें, जम्मू और कश्मीर
34. त्सोमोरिरी झील, जम्मू और कश्मीर
35. ऊपरी गंगा नदी, यूपी
36. वेम्बनाड कोल वेटलैंड, केरल
37. वुलर झील, जम्मू और कश्मीर
38. आसन कंजर्वेशिन रिजर्व, उत्तराखंड
39. काबरताल (कांवर झील), बिहार
40. कीठम झील (सूरसरोवर), उत्तर प्रदेश (आगरा)
41. लोनार झील, महाराष्ट्र
42. ‘स्तार्तासापुक त्सो’ और ‘त्सो कर’ झील, लद्दाख
43. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, हरियाणा
44. भिड़ावास वन्यजीव अभ्यारण्य, हरियाणा
45. थोल झील वन्यजीव अभ्यारण, गुजरात
46. वाधवाना आर्द्रभूमि क्षेत्र, गुजरात
47. हैदरपुर वेटलैंड, उत्तर प्रदेश
48. खिजादिया बर्ड सेंचुरी, गुजरात
49. बखिरा वाइल्डलाइफ सेंचुरी, उत्तर प्रदेश
50. करीकिली पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
51. पल्लिकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट, तमिलनाडु
52. पिचवरम मैंग्रोव, तमिलनाडु
53. पाला वेटलैंड, मिजोरम
54. साख्य सागर वेटलैंड, मध्य प्रदेश
55. कूनथनकुलम पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
56. सतकोसिया गॉर्ज, ओडिशा
57. नंदा झील, गोवा
58. ‘गल्फ ऑफ मन्नार मरीन बायोस्फीयर रिजर्व’, तमिलनाडु
59. रंगनाथितु पक्षी अभ्यारण्य, कर्नाटक
60. वेम्बन्नूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, तमिलनाडु
61. वेलोड पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
62. सिरपुर वेटलैंड, मध्य प्रदेश
63. वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
64. उदयमार्थंदपुरम पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
65. तंपारा झील, ओडिशा
66. हीराकुंड जलाशय, ओडिशा
67. अंशुपा झील, ओडिशा
68. यशवंत सागर, मध्य प्रदेश
69. चित्रांगुडी पक्षी अभ्यारण्य, तमिलनाडु
70. सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, तमिलनाडु
71. वडुवूर पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
72. कांजीरकुलम पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
73. ठाणे क्रीक, महाराष्ट्र
74. हाइगम वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व, जम्मू और कश्मीर
75. शालबुग वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व, जम्मू और कश्मीर
76. अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व, कर्नाटक
77. अघानाशिनी अभ्यारण्य, कर्नाटक
78. मगदी केरे संरक्षण रिजर्व, कर्नाटक
79. कराईवेट्टी पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
80. लॉन्गवुड शोला रिजर्व वन, तमिलनाडु
81. नागी पक्षी अभयारण्य, बिहार
82. नकटी पक्षी अभयारण्य, बिहार
83. नंजरायन पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
84. काज़ुवेली पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
85. तवा जलाशय, मध्य प्रदेश
86. सक्करकोट्टई पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
87. थेरथंगल पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
88. खेचोपलरी वेटलैंड, सिक्किम
89. उधवा झील, झारखंड
90. मेनार वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, राजस्थान (उदयपुर)
91. खीचन वेटलैंड, राजस्थान (जोधपुर)
92. गोकुल जलाशय, बिहार (बक्सर)
93. उदयपुर झील, बिहार (पश्चिम चंपारण)
94. गोगाबिल झील, बिहार (कटिहार)
95. कोपरा जलाशय, छत्तीसगढ़ (बिलासपुर)
96. सिलीसेढ़ झील, राजस्थान (अलवर)
97. पटना पक्षी विहार, उत्तर प्रदेश (एटा)
98. चारी-ढांड, गुजरात (कच्छ)
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3. विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 की विजेता टीम कौन रही?
Who was the winning team of Women’s Premier League (WPL) 2026?
a. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)
b. दिल्ली कैपिटल्स (DC)
c. गुजरात जायंट्स (GG)
d. मुंबई इंडियन (MI)
Answer: a. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) {दिल्ली कैपिटल्स को हराया}
– WPL 2026 की शुरुआत 9 जनवरी 2026 को हुई थी।
– RCB ने दिल्ली कैपिटल्स को हराकर ये खिताब अपने नाम किया।
– 5 फरवरी 2026 को गुजरात के वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने 6 विकेट से जीत दर्ज की।
– RCB ने दूसरी बार WPL ट्रॉफी जीती। इससे पहले 2024 में RCB ने ये टूर्नामेंट जीता था।
– दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी जेमिमा रोड्रिग्ज ने की थी।
– RCB की कप्तान स्मृति मंधाना थी।
– विजेता टीम को 6 करोड़ रुपये का प्राइज मनी दिया जाएगा।
– वहीं उप विजेता टीम को 3 करोड़ रुपये मिले।
WPL 2026 के खिताब
– प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट : सोफी डिवाइन (GG)
– मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर : सोफी डिवाइन (GG)
– प्लेयर ऑफ द मैच (फाइनल) : स्मृति मंधाना (RCB)
– ऑरेंज कैप (सबसे ज्यादा रन) : स्मृति मंधाना
– पर्पल कैप (सबसे ज्यादा विकेट) : सोफी डिवाइन
– मोस्ट सिक्सेस ऑफ द सीजन : हरमनप्रीत कौर (MI)
– इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन: नंदिनी शर्मा (DC)
– आइक्यू ऑफ द मैच : जॉर्जिया वॉल
– सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन: ग्रेस हैरिस (RCB)
– एक्टिव कैच ऑफ द मैच: ऋचा घोष (RCB)
– ग्रीन डॉट बॉल्स ऑफ द सीजन: लॉरेन बेल (RCB)
– कैच ऑफ द सीजन: लूसी हैमिल्टन (DC), प्राइज मनी – 5 लाख
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4. विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में ऑरेंज कैप (सबसे ज्यादा रन) किसने जीती?
Who won the Orange Cap (most runs) in Women’s Premier League (WPL) 2026?
a. एलिसा पैरी
b. स्मृति मंधाना
c. ऋचा घोष
d. रेणुका सिंह
Answer: b. स्मृति मंधाना
– स्मृति मंधाना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की कप्तान हैं।
– उन्होंने नौ मैचों में 377 रन बनाए।
– 53.85 के औसत और 153.25 के स्ट्राइकरेट से बनाए।
– उनके बाद दूसरे स्थान पर मुंबई की कप्तान हरमनप्रीत कौर 342 रन के साथ रहीं।
– स्मृति मंधाना को 5 लाख रुपये का पुरस्कार मिला।
– स्मृति मंधाना पहली भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस लीग में आरेंज कैप जीती।
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5. विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में पर्पल कैप (सबसे ज्यादा विकेट) किसने जीती?
Who won the Purple Cap (most wickets) in Women’s Premier League (WPL) 2026?
a. लॉरेन बेल
b. सयाली सतघरे
c. सोफी डिवाइन
d. नंदिनी शर्मा
Answer: c. सोफी डिवाइन
– सोफी डिवाइन गुजरात जायंट्स (GG) की प्लेयर हैं।
– वह न्यूजीलैंड की ऑलराउंडर और राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं।
– उन्होंने WPL 2026 के नौ मैचों में 17 विकेट लिए।
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6. अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 की विजेता टीम कौन रही?
Who was the winning team of the Under-19 World Cup 2026?
a. न्यूजीलैंड
b. ऑस्ट्रेलिया
c. इंग्लैंड
d. भारत
Answer: d. भारत
– भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत लिया।
– टीम ने 6 फरवरी 2026 को ज़िम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर ये मुकाबला जीता।
– फाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रन की शतकीय पारी खेली।
– इस पारी में उन्होंने 15 फॉर और 15 छक्के लगाए।
– इसके साथ ही वह अंडर-19 विश्व कप फाइनल मुकाबले में 150 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए।
– इस पारी की बदौलत भारत 412 रन का टारगेट देने में कामयाब रहा।
– इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई।
– BCCI के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को ₹7.5 करोड़ की प्राइज मनी देने का ऐलान किया।
भारत ने इन वर्षों में जीता टाइटल
– भारत ने सबसे ज्यादा 6 बार (2000, 2008, 2012, 2018, 2022, 2026) ये टाइटल जीता।
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट: वैभव सूर्यवंशी
भारत के वर्ल्ड चैंपियन
– आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), वेदांत त्रिवेदी, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेन्द्रन, हर्वंश पंगलिया, मोहम्मद इनान, उधव मोहन और किशन सिंह।
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7. अंडर-19 विश्व कप 2026 फाइनल मुकाबले में 150 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी कौन हैं?
Who is the first player in the world to score 150 runs in the Under-19 World Cup 2026 final match?
a. आयुष म्हात्रे
b. आरोन जॉर्ज
c. वैभव सूर्यवंशी
d. विहान मल्होत्रा
Answer: c. वैभव सूर्यवंशी
– फाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रन की शतकीय पारी खेली।
– इस पारी में उन्होंने 15 फॉर और 15 छक्के लगाए।
– इसके साथ ही वह अंडर-19 विश्व कप फाइनल मुकाबले में 150 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए।
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8. किस देश ने चटगांव में भारत को दी गई स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) का जमीन आवंटन रद्द कर यह जमीन चीन को ड्रोन फैक्ट्री बनाने के लिए दी?
Which country cancelled the Special Economic Zone (SEZ) land allotment given to India in Chittagong and gave this land to China to build a drone factory?
a. जापान
b. बांग्लादेश
c. श्रीलंका
d. नेपाल
Answer: b. बांग्लादेश
– चटगांव प्लांट भारतीय सीमा से 100 किमी दूर है।
– लगभग 850 एकड़ में फैली इस जमीन में वर्ष 2026 के अंत तक प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।
– चीन ड्रोन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने को भी राजी हो गया है।
– यहां मीडियम रेंज और वर्टिकल लिफ्ट वाले ड्रोन बनेंगे।
– बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत-पाकिस्तान के बाद ड्रोन बनाने वाला तीसरा देश बन जाएगा।
– दूसरी ओर चीन ने वर्ष 2025 में बांग्लादेश को 20 J-10CE फाइटर जेट देने की डील भी की थी।
– चीन ने बांग्लादेश को पेमेंट में भी बड़ी मोहलत दी है।
– भारत से जमीन आवंटन रदद करने का फैसला BEZA की गवर्निंग बोर्ड मीटिंग में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने की।
– जनवरी 2026 में BEZA के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन चौधरी अशिक महमूद बिन हारुन ने घोषणा की कि मीरसाराई में आवंटित खाली भूमि को अब डिफेंस इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसलिए रदद हुई परियोजना
– इस फंड का केवल 1% ही उपयोग हुआ और भारतीय ठेकेदारों में इसे लेकर रुचि कम रही।
– 2024 में शेख हसीना की सरकार के हटने के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने अक्टूबर 2025 तक इस परियोजना को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया था।
– बांग्लादेश अब अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाना चाहता है।
– वह स्थानीय हथियार और सैन्य उपकरण उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है।
– बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात बढ़ाना चाहता है।
2015 में समझौता में भारत को जमीन मिली थी
– भारत और बांग्लादेश के बीच 2015 में एक समझौता हुआ था।
– पीएम मोदी की ढाका यात्रा के दौरान शेख हसीना के साथ संयुक्त घोषणा में भारत के निवेशकों के लिए एक इंडियन इकोनॉमिक जोन (IEZ) स्थापित करने का फैसला लिया गया।
– यह गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) फ्रेमवर्क पर था, जिसमें भारतीय निवेशकों को प्राथमिकता मिलती।
– भारत की लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) से फंडिंग होती।
– इसके लिए चटगांव के मीरसाराई में लगभग 850 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी।
– एक और दूसरा छोटा इकोनॉमिक जोन मोंगला भी प्रस्तावित था।
– इसका मकसद द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना, भारतीय निवेश आकर्षित करना, रोजगार सृजन करना और बांग्लादेश में भारतीय कंपनियों के लिए विशेष सुविधाएं देना था।
– 2019 में BEZA और अडाणी पोर्ट्स एंड SEZ के बीच MoU साइन हुआ था।
– भारत ने $115 मिलियन LoC से समर्थन दिया था।
भारत को SEZ से फायदे
1- भारतीय कंपनियों के लिए विशेष सुविधाएं।
2- भारतीय निर्यात को बढ़ावा: भारत की LoC शर्तों के तहत 85% सामान और सेवाएं भारतीय स्रोतों से खरीदनी पड़ती हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा बाजार मिलता है।
3- क्षेत्रीय व्यापार और सप्लाई चेन में मजबूती: बांग्लादेश में भारतीय SEZ से द्विपक्षीय व्यापार बढ़ता, जो पहले से ही भारत का बड़ा निर्यात बाजार है।
4. रोजगार सृजन: SEZ में भारतीय निवेश से हजारों नौकरियां पैदा होतीं हैं। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर/स्किल डेवलपमेंट होता है।
5. रणनीतिक फायदे: बांग्लादेश में भारतीय उपस्थिति बढ़ने से क्षेत्रीय प्रभाव मजबूत होता है, खासकर चीन और अन्य देशों के SEZ के मुकाबले बैलेंस बनाए रखने में मदद मिलती है।
चीन से 20 हजार करोड़ की जेट डील
– बांग्लादेश सरकार ने अक्टूबर 2025 में चीन के J-10CE मल्टीरोल फाइटर जेट की खरीद को मंजूरी दी थी।
– 20 विमानों की डिलीवरी 2027 तक की जाएगी।
– जिसकी कुल लागत 2.2 अरब डॉलर (करीब 20 हजार करोड़) होगी, जिसमें प्रशिक्षण और स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं।
– भुगतान 10 वर्षों में किया जाएगा।
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9. वर्ष 2026 में कितने वीरता पुरस्कारों (Gallantry Awards 2026) घोषित किए गए?
How many Gallantry Awards 2026 were announced in the year 2026?
a. 70
b. 60
c. 50
d. 40
Answer: a. 70
– 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पुरस्कार के नामों की भी घोषणा हुई। इनमें से छह को यह सम्मान मरणोपरांत मिलेगा।
– इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (जिसमें एक मरणोपरांत) हैं।
विशिष्ट सेवा पुरस्कार
– 19 परम विशिष्ट सेवा मेडल
– 4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल
– 35 अति विशिष्ट
– 7 युद्ध सेवा मेडल
– सेना मेडल (विशिष्ट) 2 बार, 43 सेना मेडल (विशिष्ट) और 85 विशिष्ट सेवा मेडल।
देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार : युद्धकालीन और शांतिकाल
– युद्धकालीन सर्वोच्च वीरता पुस्कार : परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र
– शांतिकाल सर्वोच्च वीरता पुरस्कार : अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र
– अन्य वीरता पुरस्कार : सेना पदक, नौसेना पदक, वायु सेना पदक
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10. राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 में शांतिकाल के भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से किसे सम्मानित किया?
Who was honoured by the President with India’s highest peacetime gallantry award ‘Ashok Chakra’ in the year 2026?
a. बालकृष्णन नायर
b. शुभांशु शुक्ला
c. कर्नल सोफिया कुरैशी
d. मेजर अर्शदीप सिंह
Answer: b. शुभांशु शुक्ला
– अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो असाधारण बहादुरी या बलिदान के लिए दिया जाता है।
शुभांशु शुक्ला क्यों?
– शुभांशु शुक्ला जून 2025 में एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) गए थे।
– शुभांशु अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय और ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने।
– उनकी 18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा, 41 साल बाद किसी भारतीय की अंतरिक्ष उड़ान थी।
– इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने रूसी सोयुज यान से अंतरिक्ष यात्रा की थी।
– शुभांशु भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट हैं।
– उनके पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है।
– उन्होंने एसयू-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे कई विमानों को उड़ाया है।
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11. राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 में शांतिकाल के भारत के दूसरे वीरता पुरस्कार ‘कीर्ति चक्र’ से किन्हें सम्मानित किया?
Who was honored by the President with India’s second peacetime gallantry award ‘Kirti Chakra’ in the year 2026?
a. मेजर अर्शदीप सिंह
b. नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा
c. ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
d. उपरोक्त सभी
Answer: d. उपरोक्त सभी
– कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो युद्धक्षेत्र से दूर असाधारण बहादुरी, साहसी कार्रवाई या आत्म-बलिदान के लिए सैनिकों (सैन्य कर्मियों) और नागरिकों दोनों को दिया जाता है।
मेजर अर्शदीप सिंह
– प्रथम असम राइफल्स के मेजर अर्शदीप सिंह को 14 मई 2025 को भारत-म्यांमार सीमा पर एक विशेष गश्ती दल का नेतृत्व करने के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
– भारी दुश्मन गोलीबारी के बावजूद, आरपीजी लॉन्चर से लैस एक सहित कई सशस्त्र आतंकवादियों को मार गिराया।
– असाधारण नेतृत्व, वीरता और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने अपने सैनिकों को शून्य हताहत होने दिया।
नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा
– पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की दूसरी बटालियन के नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा को 11 अप्रैल 2025 को किश्तवार के जंगलों में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान किए असाधारण शौर्य और साहस के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
– भारतीय वायु सेना (IAF) के एक अनुभवी फाइटर टेस्ट पायलट हैं, जिन्हें इसरो के गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया है।
– नायर ने 3,000 से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए।
– वे एक्सिओम-4 मिशन के लिए बैकअप क्रू मेंबर भी थे।
इन बहादुर सैनिकों को ‘शौर्य चक्र’
– पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की 21वीं बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल घटागे आदित्य श्रीकुमार
– 32वीं असम राइफल्स के मेजर अंशुल बलतू
– पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की 5वीं बटालियन के मेजर शिवकांत यादव
– 42वीं राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर विवेक
– पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की 11वीं बटालियन के मेजर लीशंगथेम दीपक सिंह; – पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की 6वीं बटालियन के कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर
– 1वीं असम राइफल्स के सूबेदार पी एच मोसेस
– 4वीं राष्ट्रीय राइफल्स के लांस दफादार बलदेव चंद
– 3वीं असम राइफल्स के राइफलमैन मंगलेम संग वैफेई
– 33वीं असम राइफल्स के राइफलमैन धुरबा ज्योति दत्ता
– भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के
– भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए
– सहायक कमांडेंट विपिन विल्सन।
उत्तम युद्ध सेवा मेडल
– दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ
परम विशिष्ट सेवा मेडल
– चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित
– पश्चिमी नौसेना कमांडर वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
– सेना वायु रक्षा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’ कुन्हा
– सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव वाइस एडमिरल अतुल आनंद
विशिष्ट सेवा पदक
– कर्नल सोफिया कुरैशी
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12. भारतीय तटरक्षक दिवस कब मनाया जाता है?
When is Indian Coast Guard Day celebrated?
a. 1 फरवरी
b. 2 फरवरी
c. 3 फरवरी
d. 4 फरवरी
Answer: a. 1 फरवरी
– इसी दिन भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना वर्ष 1977 में भारत की संसद ने तटरक्षक अधिनियम से की थी।
– इस बार 49वां भारतीय तटरक्षक स्थापना दिवस मनाया गया।
– भारतीय तटरक्षक बल भारत के लगभग 7500 किलोमीटर की समुद्री समीओं की रक्षा करती है।
– साथ में यह राहत और बचाव कार्यों में भी मदद करती है।
भारतीय तट रक्षक
स्थापना: 1 फरवरी 1977
मुख्यालय: नई दिल्ली
महानिदेशक: परमेश शिवमणि
आदर्श वाक्य: वयं रक्षाम: (हम रक्षा करते हैं)
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13. विश्व आर्द्रभूमि दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Wetlands Day celebrated?
a. 1 फरवरी
b. 2 फरवरी
c. 3 फरवरी
d. 4 फरवरी
Answer: b. 2 फरवरी
2026 की थीम
– आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का जश्न
– Wetlands and traditional knowledge: Celebrating cultural heritage
– इसी दिन वर्ष 1971 को ईरान के शहर रामसर में आर्द्रभूमि रामसर कन्वेंशन को अपनाया गया था।
– इसका उद्देश्य लोगों में आर्द्रभूमि की उपयोगिता की जागरूकता बढ़ाना है।
– इसकी शुरुआत वर्ष 1997 से की गई थी।
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14. असम के राज्यपाल ने किस देश की महारानी को 22वां उपेंद्र नाथ ब्रह्मा ‘मानवता का सिपाही’ पुरस्कार दिया?
The Governor of Assam presented the 22nd Upendra Nath Brahma ‘Soldier of Humanity’ Award to the Queen of which country?
a. जमैका
b. भूटान
c. सेंट विंसेंट
d. यूनाइटेड किंगडम (UK)
Answer: b. भूटान
– असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 3 फरवरी 2026 को भूटान की महारानी ग्याल्युम आशी दोरजी वांगमो वांगचुक को ये पुरस्कार दिया।
– असम के कोकराझार स्थित बोडोलैंड विश्वविद्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में ये दिया गया।
– यह पुरस्कार उपेंद्र नाथ ब्रह्मा ट्रस्ट (UNBT) द्वारा महारानी मां के “मानवीय सेवा, सामाजिक विकास और समावेशी विकास में आजीवन और असाधारण योगदान” को मान्यता देने के लिए दिया गया।
– सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अपने नेतृत्व के लिए विश्व स्तर पर सम्मानित महारानी माँ, तारायाना फाउंडेशन की संस्थापक-अध्यक्ष हैं।
– जिसके माध्यम से उन्होंने भूटान के दूरस्थ क्षेत्रों में व्यापक ग्रामीण विकास पहलों का नेतृत्व किया है।
– फाउंडेशन का कार्य गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर केंद्रित है।
– पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, बोडो जातीय समुदाय के संरक्षक, बोडोफा के रूप में पूजनीय उपेंद्र नाथ ब्रह्मा की एक प्रतिमा, सेरेजा (एक वाद्य यंत्र), अरोनाई (एक सजावटी स्कार्फ) और दोखोना (महिलाओं का परिधान) सहित पारंपरिक बोडो कलाकृतियाँ और 2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है।
(भूटान)
राजधानी: थिम्पू
प्रधानमंत्री: डॉ. लोटे शेरिंग
आबादी: 7.9 लाख (2022)
भाषा: ज़ोंगखा
मुद्रा: ङुल्ट्रम
पड़ोसी देश: भारत और चीन।




