यह 7 मार्च 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. पहला भारतीय राज्य, जिसने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने योजना की घोषणा की?
Which is the first Indian state to announce a plan to ban social media use for children below 16 years of age?
a. उत्तर प्रदेश
b. कर्नाटक
c. तमिलनाडु
d. तेलंगाना
Answer: b. कर्नाटक
– कर्नाटक सरकार ने 6 मार्च 2026 को पेश किए गए राज्य बजट में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के योजना की घोषणा की।
– मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों पर मोबाइल और अत्यधिक स्क्रीन टाइम के नकारात्मक प्रभाव को कम करना है।
– कर्नाटक ऐसा कदम उठाने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।

डेटा सुरक्षा कानून से जुड़ा प्रस्ताव
– यह प्रस्ताव डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 (DPDP Act) और पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स, 2025 से भी जुड़ा हुआ है।
– इसके तहत बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
– साथ ही बच्चों की आयु सत्यापन (Age Verification) भी आवश्यक होगी।
– इसके लिए सरकारी पहचान प्रणाली या डिजिलॉकर (DigiLocker) जैसी डिजिटल पहचान प्रणालियों का उपयोग किया जा सकता है।
– सरकार इस योजना को शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से लागू करने पर भी विचार कर रही है, जैसे –
– स्कूल परिसरों में मोबाइल फोन उपयोग पर प्रतिबंध
– स्कूल नेटवर्क में सोशल मीडिया वेबसाइट ब्लॉक
– छात्रावासों में भी मोबाइल उपयोग पर नियम
– इस विषय पर सरकार ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और शिक्षाविदों से सुझाव भी मांगे हैं।

अन्य राज्यों में भी चर्चा
– आंध्र प्रदेश में भी इस विषय पर चर्चा शुरू हो गई है।
– मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 6 मार्च 2026 को विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव मिला है।
अन्य देशों में सोशल मीडिया प्रतिबंध
– ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2025 में किशोरों के लिए टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया था।
– ऐसा करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना।
– फ्रांस ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति के बिना सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।
– डेनमार्क ने भी 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर रोक लगाई है।
– नॉर्वे ने सोशल मीडिया उपयोग की न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया है।
– स्पेन 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।
कर्नाटक (Karnataka)
– राजधानी: बेंगलुरु
– राज्यपाल: थावर चंद गहलोत
– जनसंख्या: लगभग 7.36 करोड़
– आधिकारिक भाषा: कन्नड़
– पड़ोसी राज्य: महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल.
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2. विश्व मोटापा दिवस (World Obesity Day) कब मनाया जाता है?
When is World Obesity Day celebrated?
a. 7 मार्च
b. 6 मार्च
c. 5 मार्च
d. 4 मार्च
Answer: d. 4 मार्च
2026 की थीम
– 8 Billion Reasons to Act on Obesity
– मोटापे पर कार्रवाई करने के लिए 8 अरब कारण
उद्देश्य
– इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मोटापे के प्रति जागरूकता फैलाना है।
– वर्ल्ड ओबेसिटी डे की शुरुआत 2015 में हुई थी।
– इसे हर वर्ष वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन द्वारा आयोजित किया जाता है, जो WHO और अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है।
– WHO के अनुसार, 1975 के बाद से दुनिया भर में मोटापे के मामले लगभग तीन गुना बढ़ चुके हैं।
– यह समस्या अब केवल अमीर देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकासशील देशों में भी तेजी से फैल रही है।
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3. वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन के वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 के अनुसार मोटापे और ओवरवेट बच्चों की संख्या के मामले में भारत किस स्थान पर है?
According to the World Obesity Federation’s World Obesity Atlas 2026, what is India’s rank in terms of obesity and number of overweight children?
a. दूसरा
b. चौथा
c. पहला
d. तीसरा
Answer: a. दूसरा
– वर्ल्ड ओबेसिटी डे (4 मार्च 2026) के अवसर पर जारी World Obesity Atlas 2026 में भारत में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।
– मोटापे और अधिक वजन वाले बच्चों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है।
– इस सूची में भारत से आगे केवल चीन है।
– रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 41 मिलियन (4.1 करोड़) बच्चों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) उच्च पाया गया है।
– इनमें से लगभग 14 मिलियन (1.4 करोड़) बच्चे मोटापे से ग्रस्त हैं।

बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा
– भारत में बचपन में मोटापे की दर हर वर्ष औसतन लगभग 5 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है।
– यह दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती दरों में से एक मानी जा रही है।
– रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक भारत में 5–19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 4.13 करोड़ बच्चे और किशोर ओवरवेट या मोटापे की श्रेणी में आ चुके हैं।
आयु वर्ग के अनुसार आंकड़े:
– 5–9 वर्ष: लगभग 1.49 करोड़ बच्चे
– 10–19 वर्ष: लगभग 2.64 करोड़ किशोर
– ये आंकड़े दर्शाते हैं कि 2025 तक मोटापे को रोकने का वैश्विक लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
– अब 2030 तक इसे नियंत्रित करना भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
वैश्विक स्थिति
– दुनिया के केवल 10 देशों में ही 5–19 वर्ष आयु वर्ग के 2 करोड़ से अधिक बच्चे मोटापे या अधिक वजन से ग्रस्त हैं।
– चीन, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्येक देश में 1 करोड़ से अधिक बच्चे मोटापे से पीड़ित हैं।
– उच्च BMI वाले बच्चों की संख्या के मामले में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।
भारत की स्थिति क्यों चिंताजनक?
– वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन की CEO जोहाना रॉल्स्टन के अनुसार भारत उन देशों में शामिल है जहां बच्चों में मोटापा सबसे तेजी से बढ़ रहा है।
– यह स्थिति ऐसे वातावरण का परिणाम है जहां बच्चों को स्वस्थ भोजन और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि के अवसर नहीं मिल पाते।
– भारत की बड़ी जनसंख्या भी वैश्विक रैंकिंग में इसके दूसरे स्थान का एक प्रमुख कारण है।
– हालांकि WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में बच्चों के मोटापे के मामले में भारत पहले स्थान पर है।
भविष्य की संभावित स्वास्थ्य समस्याएँ
– रिपोर्ट के अनुसार यदि यही रुझान जारी रहा तो 2040 तक युवाओं में कई मेटाबॉलिक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं, जैसे –
– फैटी लिवर रोग: लगभग 8.39 मिलियन से बढ़कर 11.88 मिलियन तक पहुंच सकता है।
– हाई ट्राइग्लिसराइड
– हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप)
– हाइपरग्लाइसीमिया (उच्च रक्त शर्करा)
बच्चों में मोटापा बढ़ने के प्रमुख कारण
– बच्चों और किशोरों में फिजिकल एक्टिविटी की कमी
– आंकड़ों के अनुसार 11–17 वर्ष के लगभग 74% किशोर रोजाना आवश्यक शारीरिक गतिविधि नहीं कर पाते।
– जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का बढ़ता सेवन
– स्कूलों में संतुलित भोजन की सीमित उपलब्धता
– शुरुआती जीवन में सही पोषण की कमी
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4. जनगणना 2027 के शुभंकर का नाम बताएं?
What is the name of the mascot of Census 2027?
a. ‘प्रगति’ और ‘विकास’
b. ‘राहत’ और ‘विरासत’
c. ‘डेटा’ और ‘एआई’
d. इनमें से कोई नहीं
Answer: a. ‘प्रगति’ और ‘विकास’

– केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 मार्च, 2026 को जनगणना 2027 के लिए दो शुभंकर, ‘प्रगति’ और ‘विकास’ का अनावरण किया।
– दो शुभंकर, ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) हैं।
– उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान उपयोग किए जाने वाले चार डिजिटल उपकरणों का भी सॉफ्ट लॉन्च किया।
– यह पहली जनगणना होगी जो डिजिटल होगी, और पहली जनगणना होगी जिसमें स्व-गणना और जातिगत गणना की अनुमति होगी।
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5. गेल (इंडिया) लिमिटेड के नए चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) कौन बने?
Who has become the new Chairman and Managing Director (CMD) of GAIL (India) Limited?
a. अनुपम श्रीवास्तव
b. दीपक गुप्ता
c. पी.के. पुरवार
d. जे रवि
Answer: b. दीपक गुप्ता
– 1 मार्च 2026 को दीपक गुप्ता ने गेल (इंडिया) लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में कार्यभार संभाला।
– वह इस पद पर वर्ष 2029 तक रहेंगे।
– उनके पास ऑयल और गैस वैल्यू चेन में 35 वर्ष से अधिक का अनुभव है।
– वह फरवरी 2022 में GAIL में डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) के रूप में शामिल हुए थे।
– उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
– वह नेचुरल गैस और LPG पाइपलाइन, गैस प्रोसेसिंग यूनिट्स, जरूरी SCADA इंफ्रास्ट्रक्चर और नेट-जीरो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव्स जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर रहे थे।

गेल के बारे में
– गेल (इंडिया) लिमिटेड (GAIL – Gas Authority of India Limited) भारत की अग्रणी प्राकृतिक गैस कंपनी है, जो महारत्न (Maharatna) पीएसयू का दर्जा रखती है।
– 1984 में स्थापित, यह देश में प्राकृतिक गैस की सोर्सिंग, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल और एलपीजी उत्पादन में शामिल है।
– गेल भारत के प्राकृतिक गैस बाजार में ~52% हिस्सेदारी रखती है और ~16,420 किलोमीटर से अधिक की पाइपलाइन का संचालन करती है।
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6. मिडिल ईस्ट में युद्ध के मद्देनजर भारत सरकार ने रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश किस कानून की आपातकालीन शक्तियों के तहत जारी किया?
In view of the war in the Middle East, the Indian government issued orders to refineries to increase LPG production under the emergency powers of which law?
a. आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
b. औद्योगिक विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1951
c. ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001
d. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड अधिनियम, 2006
Answer: a. आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 {इस कानून के तहत पेट्रोलियम उत्पाद (उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति का रखरखाव) आदेश, 1999 लागू किया गया है}
मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: भारत ने LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए इमरजेंसी पावर लागू किए
– मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध का असर अब भारत तक दिखाई देने लगा है।
– संभावित गैस संकट को देखते हुए भारत सरकार ने LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के उत्पादन को बढ़ाने के लिए इमरजेंसी पावर लागू कर दिए हैं।
– सरकार ने देश की सभी रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत LPG उत्पादन बढ़ाएं और घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

किस कानून के तहत इमरजेंसी पावर लागू
– 5 मार्च 2026 को जारी एक सरकारी आदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और पेट्रोलियम उत्पाद (उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति का रखरखाव) आदेश, 1999 का हवाला दिया गया है।
– इसके तहत तीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और इसे प्राथमिक रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाए।
वजह बना मिडिल ईस्ट युद्ध
– इस फैसले की पृष्ठभूमि में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा पैदा हो गया है।
– भारत में करीब 33 करोड़ परिवार रसोई गैस पर निर्भर हैं, इसलिए सरकार किसी भी संभावित संकट से पहले तैयारी करना चाहती है।
– हालांकि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार है और फिलहाल उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
भारत की LPG पर निर्भरता
– भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है। देश में LPG की वार्षिक खपत लगभग 33 मिलियन मीट्रिक टन है।
– लेकिन घरेलू उत्पादन इस मांग को पूरा नहीं कर पाता, जिसके कारण लगभग दो-तिहाई LPG आयात करनी पड़ती है।
– सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के LPG आयात का 85–90 प्रतिशत हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। इसका मतलब है कि यदि मिडिल ईस्ट में युद्ध लंबा चलता है या ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इसका असर सीधे भारत की रसोई तक पहुंच सकता है।
रिफाइनरियों को क्या आदेश दिया गया
– सरकार ने तेल रिफाइनरियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। इनमें मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों को LPG उत्पादन की ओर मोड़ना शामिल है।
– सामान्य परिस्थितियों में इन गैसों का उपयोग पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने में किया जाता है, लेकिन मौजूदा स्थिति में इन्हें LPG उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने को कहा गया है।
– रिफाइनरियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन को कम करें और घरेलू LPG आपूर्ति को प्राथमिकता दें।
– इस तरह का कदम आमतौर पर केवल आपात स्थितियों में उठाया जाता है।
उद्योगों पर संभावित असर
– सरकार के इस फैसले का असर पेट्रोकेमिकल उद्योग पर पड़ सकता है।
– प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग कई औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में होता है, जैसे पॉलीप्रोपाइलीन, एल्काइलेट्स और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पाद। एल्काइलेट्स का उपयोग गैसोलीन मिश्रण, वेल्डिंग टॉर्च ईंधन, प्लास्टिक, सिंथेटिक रबर और रसायनों के निर्माण में किया जाता है।
– यदि इन गैसों को LPG उत्पादन की ओर मोड़ा जाता है, तो पेट्रोकेमिकल कंपनियों के मुनाफे में गिरावट आ सकती है।
– उदाहरण के तौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा गैसोलीन मिश्रण के लिए बनाए जाने वाले एल्काइलेट्स के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
– उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस पिछले वर्ष प्रति माह लगभग चार कार्गो एल्काइलेट्स का निर्यात कर रहा था।

LNG संकट और उद्योगों पर असर
– मिडिल ईस्ट संकट का असर केवल LPG तक सीमित नहीं है। भारत पहले से ही LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की आपूर्ति में कमी का सामना कर रहा है।
– LNG प्राकृतिक गैस यानी मीथेन को लगभग -162°C तापमान पर ठंडा करके तरल रूप में रखा जाता है और इसे बिजली उत्पादन तथा उद्योगों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
– LNG आपूर्ति घटने के कारण कुछ औद्योगिक इकाइयों को गैस की खपत कम करनी पड़ी है। रिपोर्टों के अनुसार गुजरात के कई उद्योग 40–50 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहे हैं।
LPG, LNG और CNG में अंतर
– ऊर्जा क्षेत्र में अक्सर LPG, LNG और CNG का उल्लेख होता है, लेकिन तीनों अलग-अलग प्रकार की गैसें हैं।
– LPG मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन से बनती है और घरेलू रसोई गैस के रूप में उपयोग होती है।
– वहीं LNG प्राकृतिक गैस यानी मीथेन को अत्यधिक ठंडा करके तरल रूप में परिवर्तित किया जाता है, जिसका उपयोग बिजली उत्पादन और उद्योगों में होता है।
– CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) भी प्राकृतिक गैस से बनती है, लेकिन इसे तरल नहीं बनाया जाता। इसे लगभग 200–250 बार दबाव में कंप्रेस करके सिलेंडरों में भरा जाता है और मुख्य रूप से वाहनों—बस, ऑटो, टैक्सी और कार—में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
– कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम संभावित ऊर्जा संकट से पहले एक एहतियाती रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, ताकि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की स्थिति में भी भारत के घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
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7. श्रीनगर केंद्रीय जेल की पहली कश्मीरी महिला अधीक्षक कौन बनीं?
Who became the first Kashmiri woman superintendent of Srinagar Central Jail?
a. सबा शॉल
b. डॉ. सैयद सहरीश असगर
c. इल्तिजा
d. सबा करीम
Answer: a. सबा शॉल

– सबा शॉल इस उच्च सुरक्षा वाली जेल की कमान संभालने वाली पहली कश्मीरी महिला हैं।
– उनकी नियुक्ति का आदेश 2 मार्च 2026 को जारी किया गया।
– सबा शॉल को जेलों के महानिदेशक के स्टाफ ऑफिसर के पद से स्थानांतरित कर श्रीनगर जेल का प्रभार सौंपा गया है।
– सबा पीरबाग, श्रीनगर की निवासी हैं।
– उन्होंने सोशल वर्क में मास्टर डिग्री ली।
– इसके बाद वर्ष 2012 में जम्मू-कश्मीर पब्लिक सर्विस कमीशन (JKPSC) की परीक्षा पास की।
– JKPSC परीक्षा पास करने के बाद जम्मू की केंद्रीय जेल कोट भलवाल तथा कुपवाड़ा जेल में पोस्टिंग के दौरान जेल प्रशासन और कैदी प्रबंधन का अनुभव हासिल किया।
– प्रिजन्स में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) के एकमात्र ओपन मेरिट पद पर चयनित हुईं।
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8. जन औषधि दिवस कब मनाया जाता है?
When is Jan Aushadhi Diwas celebrated?
a. 7 मार्च
b. 8 मार्च
c. 9 मार्च
d. 10 मार्च
Answer: a. 7 मार्च
– यह दिन जेनेरिक दवाओं के लाभों और महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
– जन औषधि दिवस की शुरुआत 7 मार्च 2019 को हुई थी।
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9. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है?
When is International Women’s Day celebrated?
a. 7 मार्च
b. 8 मार्च
c. 9 मार्च
d. 10 मार्च
Answer: b. 8 मार्च

2026 की थीम
– दान से लाभ
– Give To Gain
– यह थीम एक बहुत ही गहरे संदेश पर आधारित है- ‘जब हम दूसरों को सहारा देते हैं, तो पूरी मानवता का लाभ होता है।’
– यह दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने और लैंगिक समानता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने का एक वैश्विक मंच है।
महिला दिवस का गौरवशाली इतिहास
– इस दिवस की जड़ें 20वीं सदी की शुरुआत के श्रमिक आंदोलनों से जुड़ी हैं:
– 1908 का संघर्ष: न्यूयॉर्क में लगभग 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार (Right to Vote) के लिए मार्च निकाला था।
– क्लारा जेटकिन का प्रस्ताव: 1910 में कोपेनहेगन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान जर्मन कार्यकर्ता क्लारा जेटकिन ने प्रतिवर्ष ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाने का सुझाव दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
8 मार्च ही क्यों?
– 8 मार्च की तारीख का संबंध रूस की महिलाओं के संघर्ष से है। 1917 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूसी महिलाओं ने “ब्रेड एंड पीस” (रोटी और शांति) की मांग को लेकर हड़ताल की थी।
– इस हड़ताल के प्रभाव से वहां के जार को सत्ता छोड़नी पड़ी और अंतरिम सरकार ने महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया।
– वह ऐतिहासिक दिन रूसी कैलेंडर के अनुसार 23 फरवरी था, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर में 8 मार्च बैठता है।
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10. अमेरिकी महाद्वीपों का पहला देश, जिसे WHO ने कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए प्रमाणित किया?
The first country in the American continents to be certified by the WHO for leprosy elimination?
a. ब्राजील
b. कोलंबिया
c. चिली
d. अर्जेंटीना
Answer: c. चिली
– विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (PAHO) के अनुसार, चिली में 30 वर्षों से अधिक समय से कुष्ठ रोग का कोई स्थानीय मामला दर्ज नहीं किया गया है।
– इस बीमारी का अंतिम मामला वर्ष 1993 में दर्ज किया गया था।
– चिली अमेरिका महाद्वीप का पहला देश और विश्व का दूसरा देश बन गया है जिसे कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए प्रमाणित किया गया है।
– इससे पहले जॉर्डन को वर्ष 2024 में यह दर्जा प्राप्त हुआ था।
WHO के आंकड़े
– विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार 2024 में दुनिया भर में 1,72,717 नए कुष्ठ रोग के मामले सामने आए।
– यह दर्शाता है कि यह बीमारी अभी भी कई देशों में मौजूद है।
– एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में कुष्ठ रोग अब भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है।
कुष्ठ रोग (Leprosy)
– कुष्ठ रोग को हेंसन रोग (Hansen’s Disease) भी कहा जाता है।
– यह एक संक्रामक रोग है, लेकिन यह बहुत कम संक्रामक (low contagious) माना जाता है।
– यह माइकोबैक्टीरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) नामक जीवाणु के कारण होता है।
– यह रोग धीरे-धीरे विकसित होता है और इसका ऊष्मायन काल (Incubation Period) सामान्यतः लगभग 5 वर्ष होता है।
– यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो यह स्थायी विकलांगता का कारण बन सकता है।
– हालांकि, मल्टीड्रग थेरेपी (MDT) से इसका सफल उपचार संभव है।
– कुष्ठ रोग को उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग (Neglected Tropical Diseases – NTD) की श्रेणी में रखा गया है।
– यह मुख्य रूप से कम आय वाले क्षेत्रों में रहने वाली कमजोर आबादी को प्रभावित करता है।
लक्षण
– स्किन पर ऐसे घाव जो आसपास की त्वचा से हल्के या गहरे रंग के हों
– प्रभावित क्षेत्रों में संवेदना का अभाव
– तंत्रिका (Nervous) क्षति के कारण मसल्स में कमजोरी।
– आँखों की समस्याएँ और गंभीर मामलों में अंधापन
चिली
– राजधानी: सैंटियागो
– राष्ट्रपति: गेब्रियल बोरिक
– आबादी: 1.99 करोड़
– मुद्रा: चिली पेसो
– भाषा: स्पेनिश
– पड़ोसी देश: पेरू, बोलीविया और अर्जेंटीना



