5 & 6 अप्रैल 2026 करेंट अफेयर्स

यह 5 & 6 अप्रैल 2026 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।

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1. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार 20,000 से अधिक नाविक युद्ध क्षेत्र में फंस गए। यह संकट मुख्य रूप से किस जलक्षेत्र में उत्पन्न हुआ?
For the first time since World War II, more than 20,000 seafarers became stranded in a war zone. In which body of water did this crisis primarily arise?

a. लाल सागर (Red Sea)
b. फारस की खाड़ी (Persian Gulf)
c. काला सागर (Black Sea)
d. अदन की खाड़ी (Gulf of Aden)

Answer: b. फारस की खाड़ी (Persian Gulf)

– वॉल स्ट्रीट जर्नल ने संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के हवाले से बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में लगभग 20,000 नाविक फंस गए।
– द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में कार्गो शिप के क्रू मेंबर इस तरह के खतरे का सामना किया।
– यह ऐसे समय में हुआ है जब ईरान ने एक महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्‍ट्रेट) से आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है, जिससे जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई है।
– संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) के लिए यह सबसे बड़ा मानवीय और व्यापारिक संकट है।

भौगोलिक स्थिति : फारस की खाड़ी
– यह फारस की खाड़ी पश्चिमी एशिया के आठ देशों से घिरी हुई है।
– ये देश ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान हैं।
– इसके एक संकरे छोर पर होर्मुज स्‍ट्रेट है, जिसे ईरान ने बाधित कर दिया है।

भौगोलिक स्थिति : होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
– यह फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और अरब सागर से जोड़ता है।
– सीमावर्ती देश: इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तथा ओमान (मुसंदम प्रायद्वीप) स्थित हैं।
– सामरिक महत्व: यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ (Oil Chokepoint) है। विश्व का लगभग 20% से 30% तेल निर्यात इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।

संकट के प्रमुख भू-राजनीतिक कारण (Geopolitical Reasons)
– ईरान और अमेरिका-इजरायल तनाव: इस क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ने और जवाबी कार्रवाइयों के कारण व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है।
– असममित युद्ध (Asymmetric Warfare): ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइलों के उपयोग ने पारंपरिक नौसैनिक सुरक्षा को चुनौती दी है, जिससे कार्गो जहाजों का इस क्षेत्र से गुजरना अत्यधिक जोखिम भरा हो गया है।
– बीमा और लॉजिस्टिक विफलता: युद्ध क्षेत्र घोषित होने के कारण जहाजों के बीमा प्रीमियम (War Risk Premium) में भारी वृद्धि हुई है, जिससे कंपनियों ने अपने जहाजों को वहीं रोक दिया है।

वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव (Economic Impact)
– मुद्रास्फीति (Inflation): परिवहन लागत और तेल की कीमतों में वृद्धि से दुनिया भर में आयातित मुद्रास्फीति (Imported Inflation) का खतरा बढ़ गया है।
– भारत की ऊर्जा सुरक्षा: भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। आपूर्ति बाधित होने से भारत का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) बढ़ सकता है।
– भारतीय नाविकों पर संकट: वैश्विक मर्चेंट नेवी में भारतीय नाविकों की संख्या बहुत अधिक है। इस संकट ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके प्रत्यावर्तन (Repatriation) की चुनौती खड़ी कर दी है।

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2. फारस की खाड़ी किन देशों से घिरी है, जहां पश्चिम एशिया संकट की वजह से कार्गो शिप के 20 हजार से ज्‍यादा नाविक फंस गए?
Which countries surround the Persian Gulf—the region where more than 20,000 cargo ship sailors have become stranded due to the crisis in West Asia?

a. ईरान, कुवैत, सऊदी अरब, लेबनान, कतर, UAE और जॉर्डन
b. यमन, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, UAE और ओमान
c. ईरान, इराक, इजरायल, सऊदी अरब, तुर्की, कतर, UAE और ओमान
d. ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, UAE और ओमान

Answer: d. ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, UAE और ओमान

भौगोलिक स्थिति : फारस की खाड़ी
– यह फारस की खाड़ी पश्चिमी एशिया के आठ देशों से घिरी हुई है।
– ये देश ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान हैं।
– इसके एक संकरे छोर पर होर्मुज स्‍ट्रेट है, जिसे ईरान ने बाधित कर दिया है।

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3. राष्ट्रीय समुद्री दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Maritime Day celebrated?

a. 7 अप्रैल
b. 6 अप्रैल
c. 5 अप्रैल
d. 4 अप्रैल

Answer: c. 5 अप्रैल

– इस दिवस का उद्देश्य लोगों में समुद्री व्यापार और यातायात के प्रति जागरुकता फैलाना है।
– 5 अप्रैल, 1919 को सिंधिया स्टीम नेविगेशन कंपनी लि. का पहला स्टीम शिप ‘एसएस लॉयल्टी’ (SS Loyalty) मुंबई से लंदन की पहली समुद्री यात्रा के लिए अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में उतारा गया था।
– जिसकी स्मृति में 5 अप्रैल, 1964 से प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जाता है।

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4. भारत के पहले सहकारी संगठन का नाम बताइए, जिसका वार्षिक टर्नओवर एक लाख करोड़ के पार चला गया?
Name India’s first cooperative organization whose annual turnover crossed the ₹1 lakh crore mark.

a. GCMMF (Amul)
b. IFFCO
c. NAFED
d. KRIBHCO

Answer: a. GCMMF (Amul) {गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड}

– गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जीवीएमएमएफ) के स्वामित्व वाले डेयरी ब्रांड अमूल ने 2025-26 में 1 लाख करोड़ रुपये का कारोबार पार कर लिया।
– यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 11% की वृद्धि दर्शाता है।
– आनंद (गुजरात) स्थित यह संघ गुजरात के 18 जिला सहकारी संघों के माध्यम से संचालित होता है।
– इसके पास 1,200 से अधिक उत्पाद पैकेजों का पोर्टफोलियो और बाजारों में फैला एक वितरण नेटवर्क है।
– फेडरेशन ने कहा कि उत्पाद विस्तार और उपभोग पैटर्न में बदलाव ने इस वृद्धि में योगदान दिया है।
– इस वर्ष के दौरान, महासंघ ने भारत के बाहर भी अपनी उपस्थिति का विस्तार किया, जिसमें यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में ताजे दूध की शुरुआत शामिल है।
– GCMMF के अध्‍यक्ष गोरधनभाई धमेलिया ने कहा कि आंकड़े सहकारी मॉडल को दर्शाते हैं।
– उन्‍होंने कहा GCMMF के पास 36 लाख किसान हैं, वह प्रतिदिन 31 करोड़ लीटर दूध एकत्र करता है और 50 से अधिक देशों में सालाना 24 अरब से अधिक पैकेट वितरित करता है।

भारत की टॉप 5 सहकारी संस्थाएँ (टर्नओवर के आधार पर)


1) गुजरात कोऑपरेटिव मिल्‍क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (अमुल): टर्नओवर ₹1,00,000+ करोड़ (2025-26), डेयरी
2) इफको : टर्नओवर ₹40,000–45,000 करोड़ (विश्व की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्थाओं में से एक)
3) NAFED : टर्नओवर ₹25,000–30,000 करोड़ (एग्री मार्केटिंग)
4) कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको): टर्नओवर: ₹15,000–20,000 करोड़ (उर्वरक सहकारी)
5) इंडियन पोटाश मिलिटेड (IPL): टर्नओवर: ₹10,000–15,000 करोड़ (पोटाश व अन्य उर्वरकों का बड़ा वितरक)

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5. विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस कब मनाया जाता है?
When is International Day of Sports for Development and Peace celebrated?

a. 7 अप्रैल
b. 6 अप्रैल
c. 5 अप्रैल
d. 4 अप्रैल

Answer: b. 6 अप्रैल

– यह दिन समाज में खेलों के महत्व को उजागर करने के लिए मनाया जाता है।
– संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 2013 में इस दिवस की घोषणा की थी।

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6. ईरान के किस क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त F-15E फाइटर जेट के पायलट के रेस्‍क्‍यू अभियान में दो ट्रांसपोर्ट और दो ब्‍लैक हॉक हेलिकॉप्‍टर नष्‍ट हो गए?

In which region of Iran were two transport helicopters and two Black Hawk helicopters destroyed during the rescue operation for the pilot of a crashed F-15E fighter jet?

a. तेहरान
b. शिराज
c. इस्‍फहान
d. करमान

Answer: c. इस्‍फहान

– इस्फ़हान (Isfahan) ईरान का तीसरा सबसे बड़ा शहर और सफाविद राजवंश की पूर्व राजधानी है
– परमाणु केंद्र: यह शहर अपनी परमाणु सुविधाओं के कारण चर्चा में रहता है।

अमेरिका का रेस्‍क्‍यू अभियान
– अप्रैल 2026 में, अमेरिकी सेना ने ईरान के मध्य क्षेत्र (इस्फ़हान के दक्षिण) में एक दुर्घटनाग्रस्त F-15E फाइटर जेट के पायलट को बचाने के लिए एक जटिल ‘खोज और बचाव’ (Search and Rescue) अभियान को अंजाम दिया।
– यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यापारिक संकट और अमेरिका-ईरान के बीच चरम पर पहुंचे तनाव के बीच हुई है।
– ईरान ने दावा किया कि उसने प्रचंड प्रहार करके अपनी सीमा में अमेरिका के दो ट्रांसपोर्ट विमान (HC-130J) और दो ब्‍लैक हॉक हेलीकॉप्टर नष्‍ट कर दिए।
– हालांकि अमेरिका का कहना है कि उसने खुद ये विमान और हेलिकॉप्‍टर नष्‍ट किए।

ऑपरेशन के मुख्य बिंदु और रक्षा शब्दावलियां
SERE प्रोटोकॉल (Survival, Evasion, Resistance, Escape): यह अमेरिकी वायुसेना का एक उच्च-स्तरीय सर्वाइवल प्रोटोकॉल है। इसका उद्देश्य दुश्मन के इलाके में घिर जाने पर सैनिकों को जीवित रहने (Survival), छिपने (Evasion), पकड़े जाने पर जानकारी न देने (Resistance) और मौका मिलने पर भागने (Escape) का प्रशिक्षण देना है। इसी तकनीक (Low-profile survival और रेडियो साइलेंस) का उपयोग करके पायलट 36 घंटे तक जीवित रहा।
सैन्य डिनायल रणनीति (Denial Strategy): अमेरिका को इस ऑपरेशन के दौरान अपने ही दो ट्रांसपोर्ट विमानों (HC-130J) और हेलीकॉप्टरों को नष्ट करना पड़ा। ईरानी हमले की वजह से ये विमान और हेलिकॉप्‍टर उड़ान के लायक नहीं थे। सैन्य रणनीति में इसे “डिनायल ऑपरेशन” कहा जाता है, जिसका उद्देश्य दुश्मन को उन्नत तकनीक (जैसे- एडवांस रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और सैन्य कोड) हासिल करने और उसका ‘रिवर्स इंजीनियरिंग’ या प्रोपेगेंडा के लिए इस्तेमाल करने से रोकना है।
सूचना युद्ध (Information Warfare) एवं रणनीतिक छल: इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए CIA ने ईरान के भीतर यह अफवाह फैलाई कि पायलट को पहले ही बाहर निकाला जा चुका है। यह रणनीतिक धोखे (Strategic Deception) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। हालाँकि, इस घटना को लेकर ईरान की सेना (खतम अल-अनबिया) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानों को मार गिराया है।

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7. किस प्रसिद्ध चित्रकार की 1890 के दशक की ऑयल पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ नीलामी में 167.2 करोड़ रुपये में बिकी, जो अब तक किसी भारतीय कलाकृति के लिए हासिल की गई सबसे बड़ी कीमत है?
Which renowned painter’s 1890s oil painting, ‘Yashoda and Krishna’, sold at auction for ₹167.2 crore—the highest price ever fetched for an Indian artwork?

a. अबनींद्रनाथ टैगोर
b. राजा रवि वर्मा
c. अमृता शेरगिल
d. नंदलाल बोस

Answer: b. राजा रवि वर्मा

– प्रसिद्ध चित्रकार राजा रवि वर्मा की ये पेंटिंग मुंबई में सैफ्रनआर्ट की स्प्रिंग लाइव ऑक्शन के दौरान बिकी।
– इसे अरबपति उद्योगपति और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक साइप्रस पूनावाला ने खरीदा।
– इस बिक्री ने वर्ष 2025 में एमएफ हुसैन की एक पेंटिंग का रिकार्ड तोड़ दिया।
– जो 118 करोड़ रुपये से अधिक में किरण नादर ने खरीदी थी।
– साइरस पूनावाला ने कहा कि यह राष्ट्रीय धरोहर है और इसे समय-समय पर आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
– 1890 के दशक में अपने करियर के चरम पर बनाई गई यह पेंटिंग राजा रवि वर्मा की श्रेष्ठ कृतियों में गिनी जाती है।
– इसमें यशोदा को गाय का दूध निकालते हुए दिखाया गया है, जबकि बाल कृष्ण पीछे से दूध के पात्र की ओर हाथ बढ़ाते नजर आते हैं।
– यह कलाकृति पहले दिल्ली के एक निजी संग्रह का हिस्सा थी।

कौन थे राजा रवि वर्मा?
– राजा रवि वर्मा का जन्म 1848 में त्रावणकोर के किलिमानूर शाही परिवार में हुआ था।
– उन्होंने भारतीय पौराणिक विषयों को यूरोपीय यथार्थवादी शैली में प्रस्तुत कर नई पहचान दिलाई।
– और 1894 में लिथोग्राफिक प्रेस स्थापित कर अपने कार्यों को आम लोगों तक पहुंचाया।

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8. एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) द्वारा जारी सूची (अप्रैल 2026) के अनुसार, डोपिंग उल्लंघनों के कारण अयोग्य घोषित ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों की संख्या में कौन-सा देश शीर्ष पर है?
According to the list released by the Athletics Integrity Unit (AIU) (April 2026), which country tops the list of track and field athletes disqualified due to doping violations?

a. रूस
b. केन्या
c. चीन
d. भारत

Answer: d. भारत

– अप्रैल 2026 की AIU रिपोर्ट के अनुसार, भारत 148 निलंबित एथलीटों के साथ शीर्ष पर है, जिसके बाद केन्या और रूस का स्थान है।

– अप्रैल 2026 में जारी एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) की अयोग्य (Disqualified) व्यक्तियों की नवीनतम सूची के अनुसार, डोपिंग उल्लंघनों के कारण निलंबित ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों की संख्या के मामले में भारत वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

AIU रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य (Key Findings)


– भारत शीर्ष पर: AIU की सूची में भारत के 148 एथलीट निलंबित हैं, जिससे भारत इस सूची में पहले स्थान पर है।
– अन्य देशों की स्थिति: भारत के बाद केन्या दूसरे और रूस (66 निलंबित एथलीटों के साथ) तीसरे स्थान पर है।
– सजा का दायरा: इस सूची में न केवल प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करने वाले, बल्कि डोपिंग नियंत्रण प्रक्रिया के दौरान छेड़छाड़ (Tampering), परीक्षण से बचने (Evading tests), तस्करी (Trafficking) या ‘व्हेयरअबाउट्स’ (Whereabouts) के नियमों का उल्लंघन करने वाले एथलीट भी शामिल हैं।

भारत की डोपिंग समस्या की गंभीरता (WADA रिपोर्ट)
– WADA रिपोर्ट (2024): वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, 260 भारतीय एथलीट डोपिंग टेस्ट में पॉज़िटिव पाए गए थे।
– पॉज़िटिविटी दर: भारत में डोपिंग टेस्ट की पॉज़िटिविटी दर 3.6% दर्ज की गई थी, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक दरों में से एक है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) द्वारा 7,100 से ज़्यादा सैंपल इकट्ठा किए गए थे।
– AFI के प्रयास: पेरिस ओलंपिक (2024) के बाद से, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) एथलीटों के प्रशिक्षण प्रणालियों और निगरानी में सुधार के लिए लगातार कदम उठा रहा है।

प्रमुख खेल संस्थाएँ (Key Sports Bodies)
– एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU): यह ‘वर्ल्ड एथलेटिक्स’ द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र संस्था है। इसका मुख्य कार्य विश्व स्तर पर एथलेटिक्स में निष्पक्ष खेल (Fair Play) सुनिश्चित करना और डोपिंग सहित अन्य उल्लंघनों (जैसे उम्र धोखाधड़ी, सट्टेबाजी) की जाँच करना है।
– वाडा (WADA): वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी वैश्विक स्तर पर खेलों में डोपिंग को रोकने वाली सर्वोच्च संस्था है।
– नाडा (NADA): नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी भारत में डोपिंग विरोधी नियमों को लागू करने वाली राष्ट्रीय संस्था है।

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9. बिहार में इको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किस जिले के वाल्मीकिनगर में इको-पर्यटन केंद्र का शिलान्यास किया गया?
In which district’s Valmikinagar was the foundation stone laid for an eco-tourism center to promote eco-tourism in Bihar?

a. गयाजी
b. राजगीर
c. समस्‍तीपुर
d. पश्चिम चंपारण

Answer: d. पश्चिम चंपारण

– बिहार के मुख्यमंत्री ने 5 अप्रैल 2026 को पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शिलान्यास किया।

इको-पर्यटन केंद्र का शिलान्‍यास:
– स्थान: वाल्मीकिनगर, पश्चिम चंपारण (बिहार)।
– लागत: 18 करोड़ रुपये की लागत से इस केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
– उद्देश्य: वाल्मीकिनगर को एक प्रमुख इको-पर्यटक स्थल (Eco-Tourist Destination) के रूप में विकसित करना और जंगल सफारी की सुविधाओं को बढ़ाना।

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10. वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व के ‘चिउटाहा व गनौली’ क्षेत्र में किस पक्षी/जानवर के लिए एक नव-निर्मित संरक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया?
For which bird or animal was a newly constructed conservation center inaugurated in the ‘Chiutaha and Ganauli’ region of the Valmiki Tiger Reserve?

a. हाथी
b. गिद्ध
c. गैंडा
d. मोर

Answer: b. गिद्ध

– ‘चिउटाहा व गनौली’ (Chiutaha and Ganauli) क्षेत्र बिहार राज्य के पश्चिमी चंपारण (West Champaran) जिले में स्थित है।
– यह इलाका वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (VTR) के घने जंगलों के अंतर्गत आता है। वन विभाग के प्रशासनिक दृष्टिकोण से ‘गनौली’ और ‘चिउटाहा’ दोनों ही वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व के बहुत महत्वपूर्ण वन प्रक्षेत्र (Forest Ranges / Beats) हैं।

गिद्ध संरक्षण केंद्र (Vulture Conservation Center) –
– मुख्यमंत्री ने चिउटाहा व गनौली गिद्ध संरक्षण केंद्र का उद्घाटन किया।
– लागत: 1.20 करोड़ रुपये।
– दरअसल, गिद्धों की घटती आबादी (डाइक्लोफेनाक दवा के कारण) एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है। बिहार में इस नए संरक्षण केंद्र की स्थापना राज्य के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों में एक बड़ा कदम है।

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11. संसद द्वारा पारित ‘जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2026’ का मुख्य उद्देश्यों में से एक उद्देश्‍य इनमें से क्‍या है?
Which of the following is one of the primary objectives of the ‘Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Bill, 2026’, passed by the Parliament?

a. देश में नए टैक्स लागू करना
b. व्यापार और जीवन को आसान बनाना
c. अपराधियों के लिए सज़ा को और सख्त करना
d. विदेशी नागरिकों को नागरिकता देना

Answer: b. व्यापार और जीवन को आसान बनाना (Ease of Doing Business & Living)

संसद के दोनों सदनों ने अप्रैल 2026 में ‘जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026’ को पारित किया गया है।
– इसका उद्देश्य देश में ‘विश्वास-आधारित शासन’ (Trust-based governance) को बढ़ावा देना है।
– इससे पहले वर्ष 2023 में भी ‘जन विश्वास अधिनियम’ लाया गया था, यह 2026 का विधेयक उसी सुधार प्रक्रिया का अगला और सबसे बड़ा चरण है।

विधेयक के प्रमुख तथ्य (Key Highlights)


– व्यापक संशोधन का दायरा: इस विधेयक के माध्यम से 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय कानूनों के कुल 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है।
– अपराधीकरण की समाप्ति (Decriminalisation): कुल 784 में से 717 प्रावधानों को ‘अपराध की श्रेणी’ से बाहर कर दिया गया है।
– सज़ा में बदलाव: छोटी प्रक्रियात्मक चूकों (minor procedural lapses) के लिए अब जेल की सज़ा के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। इसकी जगह अब केवल नागरिक दंड (Civil penalties) या आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
– जुर्माने में वृद्धि का तंत्र: विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि नए नियमों के तहत लगाए गए जुर्माने या दंड की राशि में प्रत्येक तीन वर्ष में 10% की स्वतः वृद्धि की जाएगी।

प्रमुख कानून जिनमें संशोधन हुआ है
– इसमें 79 कानून शामिल हैं, लेकिन परीक्षा की दृष्टि से कुछ प्रमुख कानून इस प्रकार हैं:
– मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988)
– औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940)
– नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) अधिनियम, 1994
– खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act)

इस विधेयक के मुख्य उद्देश्य और प्रभाव
– ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस : MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और छोटे व्यापारियों को छोटी-मोटी गलतियों के लिए जेल जाने के डर से मुक्ति मिलेगी। यह भारत में निवेश और व्यापारिक अनुकूलता को काफी हद तक बढ़ाएगा।
– ईज़ ऑफ लिविंग : आम नागरिकों को रोजमर्रा की छोटी तकनीकी चूकों के लिए आपराधिक मुकदमों का सामना नहीं करना पड़ेगा (67 प्रावधान विशेष रूप से नागरिकों के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ के लिए जोड़े गए हैं)।
– न्यायपालिका पर बोझ कम करना: वाणिज्य मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, वर्तमान में भारतीय अदालतों में लगभग 5 करोड़ मामले लंबित हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा छोटे अपराधों का है। इन मामलों को अदालत के बाहर प्रशासनिक तंत्र से सुलझाने पर न्यायपालिका का बहुत सारा कीमती समय बचेगा।


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