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यह  26 to 28 June 2021 का करेंट अफेयर्स है, जो आपके कांपटीटिव एग्‍जाम्‍स में मदद करेगा। इसका PDF Download Link इस पेज के लास्‍ट में मौजूद है। Current Affairs PDF आप इस पेज के आखिरी हिस्‍से से Free में डाउनलोड करें।

1. देश में पहली बार एयरफोर्स के किस स्‍टेशन पर 27 जून 2021 को ड्रोन से विस्‍फोटक हमले हुए?

a. आगरा
b. जम्‍मू
c. चेन्‍नई
d. मुंबई

Answer: b. जम्‍मू

– लो इंटेंसिटी का यह धमाका जम्‍मू एयरफोर्स स्‍टेशन के टेक्निकल एरिया के पास हुआ।
– पांच मिनट के अंतराल पर दो ब्‍लास्‍ट हुए।
– पहला ब्लास्ट परिसर की बिल्डिंग की छत पर और दूसरा नीचे हुआ।
– ऐसा पहली बार हुआ कि विस्फोट करने के लिए दो ड्रोन इस्तेमाल किए गए थे।
– आशंका है कि विस्फोट वाले इलाके में खड़े एयरक्राफ्ट (हेलीकॉप्‍टर) उनके निशाने पर थे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

– ये बहुत सिक्‍योर जोन है। यहां पर अटैक होना बहुत बड़ी बात है।
– यहां पर अटैक नहीं हुए हैं, कभी भी।
– डिफेंस सिस्‍टम कैसे फेल कर गए कि बेस पर हमला हो गया।
– रडार भी इसे नहीं पकड़ा पाया।
– दरअसल, ड्रोन बहुत कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं, इसलिए इसका पता नहीं लगाया जा सका था।
– इस मामले की जांच एनआईए कर रहा है। Unlawful Activities (Prevention) Act के तहत FIR दर्ज की गई है।

यह ड्रोन कैसा था
– यह सस्‍ते चाइनीज ड्रोन थे।
– लेकिन मानना होगा कि हम इसे रोकने में विफल हुए हैं।
– अब सरकार इस तरह के ड्रोन पर सख्‍त नियम बनाने पर विचार कर रही है।

घटना को लेकर पाकिस्‍तान की तरफ नजरें
– द हिन्‍दू न्‍यूजपेपर के अनुसार पिछले दो वर्षों में पाकिस्‍तान बेस्‍ड संगठन आर्म्‍स, गोला-बारूद और ड्रग्‍स की तस्‍करी के लिए ड्रोन का इस्‍तेमाल कर रहे हैं।
– वर्ष 2019 में पाकिस्‍तान से लगी सीमा पर 167 ड्रोन देखे गए और वर्ष 2020 में 77 ड्रोन देखे गए थे।
– खास बात है कि एलओसी से मात्र 14 किलोमीटर की दूरी पर एयरफोर्स स्‍टेशन है।
– जनवरी 2021 में, जम्मू और कश्मीर पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा, जब वे 16 ग्रेनेड, दो एके -74 राइफल, नौ एके मैगजीन, एक पिस्तौल और गोला-बारूद की खेप उठा रहे थे, जिनकी तस्करी ड्रोन के जरिए की गई थी।

ड्रोन बना चुनौती
– सुरक्षा बलों के लिए एक और उभरती चुनौती तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों का बढ़ता उपयोग है।
– अजीत डोभाल ने SCO की बैठक में हाल ही में ओपेनली कहा था कि अगर आतंक से लड़ना है, तो ध्‍यान रखना होगा कि उनके पास आधुनिक तकनीक न पहुंचे।
– ड्रोन एक बड़ा कंसर्न होगा। इससे सिक्‍योरिटी स्‍टैबिलिशमेंट को नुकसान हो सकता है।
– ड्रोन हमले की बात करेंगे, तो इजरायल पर लगातार कई सालों से ड्रोन से अटैक हुए हैं।
– सऊदी अरब के तेल स्‍टोर पर सितंबर 2019 में ड्रोन अटैक हुआ था।
– तो हमलोगों को प्रिपेयर होना पड़ेगा।

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2. भारत के पहले स्‍वदेशी विमानवाहक पोत (indigenous aircraft carrier) का नाम बताएं?

a. आईएनएस हिन्‍द
b. आईएनएस हरक्‍यूलर
c. आईएनएस वीर
d. आईएनएस विक्रांत

Answer: d. आईएनएस विक्रांत

– इंडिया का पहला एयरक्राफ्ट कॅरियर वर्ष 2022 के अंत तक इंडियन नेवी में शामिल होगा।
– इसका नाम INS विक्रांत रखा गया है।
– इसे कोच्चि में मौजूद कोचीन शिप यार्ड में बनाया जा रहा है।
– रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस एयरक्राफ्ट कॅरियर के निमार्ण की समीक्षा की।

एयरक्राफ्ट कॅरियर क्‍या होता है?
– इसमें बहुत सारे फाइटर प्‍लेन और हेलीकॉप्‍टर रखे जा सकते हैं।
– इसमें हवाई पट्टी होती है, जिससे फाइटर प्‍लेन उड़ते और उतरते हैं।
– दुश्‍मन के लिए यह बहुत खतरनाक होता है, क्‍योंकि समुद्र के साथ-साथ आसमान से भी इलाके पर नजर रहती है और दुश्‍मन को दूर से ही तबाह किया जा सकता है।
– नया वाला INS विक्रांत विशालकाय है।
– इसकी लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपया है।
– लंबाई 860 फीट, चौड़ाई 203 फीट है।
– इसका डेक ढ़ाई एकड़ बड़ा है। मतलब 1,10,000 स्‍क्‍वायर फीट।
– इसमें टरबाइन है, जो एक लाख 10 हजार हॉर्स पावर की ताकत देते हैं।
– इसमें 30 फाइटर प्‍लेन तैनात होंगे। जिनमें मिग 29, कमोव-31 शामिल हैं।
– बराक मिसाइल लगी होंगी।
– लंबी दूरी की मिसाइल भी लगेंगी।
– 52 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकता है।
– एक बार में 15 हजार किलोमीटर जा सकता है।
– 1500 कर्मचारी इसमें रह सकेंगे।

विक्रांत नाम क्‍यों?
– यह नाम आपने पहले भी सुना होगा, तो जान लीजिए कि इससे पहले भी INS विक्रांत नाम से विशालकाय एयरक्राफ्ट कॅरियर था।
– पुराना वाला INS विक्रांत ब्रिटिश मेड (यूनाइटेड किंगडम में बना) था।
– वह वर्ष 1945 में बनकर अधूरा तैयार हुआ था। उस वक्‍त नाम था हरक्‍यूलस।
– इसके बाद वर्ष 1957 में इंडिया ने खरीद लिया था। यह भारत का पहला एयरक्राफ्ट कॅरियर था।
– इंडिया ने इसका नाम INS विक्रांत रखा। इसका शानदार इतिहास है।
– 1971 के इंडिया-पाकिस्‍तान वॉर में INS विक्रांत ने कई जहाजों के साथ मिलकर पूर्वी पाकिस्‍तान (अब बांग्‍लादेश) को घेरकर रखा हुआ था।
– इसने पाकिस्‍तान के किसी भी जहाज और सबमरीन (पनडुब्‍बी) पूर्वी पाकिस्‍तान तक पहुंचने के रास्‍ते बंद कर दिए थे। तो वहां की फौज को सपोर्ट मिलना एक तरह से बंद हो गया था।
– तब पाकिस्‍तान ने योजना बनाई और पनडुब्‍बी PNS गाजी को भेजा। उसे काम सौंपा गया था कि चुप-चाप जाकर हमला करे और INS विक्रांत को बंगाल की खाड़ी में डुबो दे।
– लेकिन यह खूफिया खबर भारत को लग गई और चकमा देकर भारत ने INS विक्रांत को विशाखापट्टनम से अंडमान समुद्र की तरफ पोर्ट ब्‍लेयर भेज दिया।
– उसकी जगह INS राजपूत को INS विक्रांत का सिग्‍नल दे दिया गया। ताकि दुश्‍मन को लगे कि विशाखापट्टनम में INS विक्रांत खड़ा है।
– इसके लिए नेवी के जवानों ने विशाखाट्टनम के बाजारों से बहुत सारी मछलियां, फल, ड्राई फ्रूट्टस खरीदे।
– ताकि पाकिस्‍तान के जासूसों को लगे कि सचमुच INS विक्रांत के लिए यह सब खरीदे जा रहे हैं।
– इसके बाद इंडियन नेवी ने INS गाजी का इंतजार किया और विशाखापट्टनम में ही उसे डुबा दिया।
– INS गाजी अमेरिका में बना हुआ सबमरीन था। वह भी चौंका कि इसे कैसे गिरा दिया गया।
– अमेरिका ने बाद में विशाखापट्टनम में समुद्र से INS गाजी को बाहर निकालने का प्रस्‍ताव भारत को दिया, लेकिन भारत ने इसे ठुकरा दिया था।

– पुराने वाले INS विक्रांत को 31 जनवरी 1997 में नेवी ने डीकमीशन (रिटायर) कर दिया था।
– इसके बाद इसे मुंबई में म्‍यूजियम और ट्रेनिंग शिप बना दिया गया था।
– वर्ष 2001 में आम लोगों के लिए खोला गया।
– लेकिन इसके बाद वर्ष 2012 में इसकी उम्र की वजह से अनसेफ पाया गया।
– इसके बाद वर्ष 2014 में INS विक्रांत को स्‍क्रैपिंग के लिए भेज दिया गया। इसे एक स्‍क्रैप कंपनी ने 60 करोड़ रुपए में खरीदा। बाद में इसे नष्‍ट कर दिया गया।

वर्ष 2021 में भारत के पास कितने एयरक्राफ्ट कॅरियर ऑपरेशनल हैं?
– भारत के पास मात्र एक एयरक्राफ्ट कॅरियर (विमानवाहक पोत) है। नाम है INS विक्रमादित्‍य।
– लेकिन भारत को कम से कम तीन एयरक्राफ्ट कॅरियर की जरूरत है। एक ईस्‍टर्न कमांड में, दूसरा वेस्‍टर्न कमांड के लिए और तीसरा रिजर्व के लिए।
– कुछ वक्‍त पहले भारत के पास एयरक्राफ्ट कॅरियर INS विराट भी था, लेकिन इसे वर्ष 2017 में डीकमीशन (रिटायर) कर दिया गया।
– अभी एकमात्र एयरक्राफ्ट कॅरियर है, INS विक्रमादित्‍य। यह रशियन मेड (निर्मित) है। वर्ष 1982 में रूस ने लांच किया था।
– बाद में 2004 में भारत ने खरीदा और इसमें मामूली फेरबदल करवाकर 2013 में इंडियन नेवी में कमीशन किया गया।
– वर्ष 2022 में कमिशन होने के बाद INS विक्रांत दूसरा एयरक्राफ्ट कॅरियर होगा।
– तीसरे एयरक्राफ्ट कॅरियर INS विशाल के निर्माण की प्‍लानिंग हो रही है। यह 2030 तक बनकर तैयार होगा।

क्‍यों जरूरी है ज्‍यादा एयरक्राफ्ट कॅरियर
– बड़ी वजह चीन है। चीन लगातार दुनिया में हावी होने की कोशिश कर रहा है।
– हिन्‍द महासागर में भी वह घुस रहा है। बांग्‍लादेश के साथ नौसैनिक समझौते किए हैं। उसे पनडुब्‍बी दे रहा है।
– मालदीव सरकार के साथ समझौते किए हैं और द्वीप भी किराए पर दे दिया है।
– खबर है कि इसका उपयोग चीन नेवी के सपोर्ट के लिए कर रहा है।
– इधर, मलक्‍का की खाड़ी में चाइनीज नेवी की मौजूदगी देखी जाती है।
– भारत को बड़े समुद्री इलाके में नजर रखने के लिए कई एयरक्राफ्ट कॅरियर की जरूरत है।
– एयरक्राफ्ट कॅरियर होने से आसमान से बहुत अच्‍छी तरह से समुद्र की निगरानी हो जाती है।

INS विक्रांत (नया)
– भारत सरकार ने स्‍वदेशी एयरक्राफ्ट कॅरियर प्रोजेक्‍ट को वर्ष 2002 में मंजूरी दी थी।
– बाद में वर्ष 2007 में इसके कांट्रैक्‍ट साइन हुए।
– कोचिन शिपयार्ड में इस पर फरवरी 2009 में काम शुरू हुआ।
– इसके बाद अगस्‍त 2013 में यह लांच हुआ। मतलब समुद्र में इसका स्‍ट्रक्‍चर रखा गया।
– इसके बाद से निर्माण कार्य जारी है। अब यह आखिरी चरण में है।
– उम्‍मीद है कि वर्ष 2022 तक यह बनकर तैयार हो जाएगा और इसे नेवी में कमीशन किया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने क्‍या कहा?
– इंडियन नेवी, दुनिया में टॉप 5 नेवल फोर्सेज में है। जल्‍द ही हम टॉप 3 पर आ सकते हैं।

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3. DRDO ने पिनाक रॉकेट सिस्‍टम के नए संस्‍करण का सफल परीक्षण किस जगह किया?

a. चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज, ओडीशा
b. अब्‍दुल कलाम द्वीप, ओडीशा
c. व्‍हीलर द्वीप, ओडीशा
d. कृष्‍णा वाइल्‍डलाइफ सेंच्‍युरी, आंध्र प्रदेश

Answer: a. चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज, ओडीशा

– DRDO ने 24 और 25 जून 2021 को मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर से देश में विकसित पिनाका रॉकेट के विस्तारित रेंज संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
– यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से किया गया।

25 पिनाक रॉकेट किए गए लॉन्‍च
– इन्हें एक के बाद एक लगातार लक्ष्य के तरफ लांच किया गया।
– उन्नत पिनाका रॉकेट सिस्टम 45 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित लक्ष्य को भेद सकता है।
– दो तरह के रॉकेट का परीक्षण हुआ। एक तो पिनाक Mk-1 (Enhanced) और दूसरा EER 122 है।
– पिनाक MK-1 (Enhanced) 214 कैलीबर का है। वजन 100 किलोग्राम है। मतलब बड़ा है।
– जबकि पिनाक EER 122 यह छोटा रॉकेट है। यह 122 कैलीबर का है। वजन मात्र 21 किलोगाम है।
– दोनों का सक्‍सेसफुल टेस्‍ट हुआ।
– वैसे पिनाक के कुल 5 वर्जन हैं। इनमें सिर्फ एक ही तरह का रॉकेट गाइडेड है, जिसका नाम ‘गाइडेड पिनाक’ है।

छोटे और बड़े रॉकेट में अंतर
– दोनों अलग-अलग जगहों और हालातों के लिए बने हैं।
– जैसे पिनाक MK-1 (Enhanced) गुजरात और राजस्‍थान जैसे समतल इलाके के लिए अच्‍छा है।
– जबकि अगर पहाड़ी इलाकों में दुश्‍मन को मारना है, तो इसके लिए हमें हल्‍का और आसानी से पहुंचाने वाले रॉकेट की जरूरत होगी।
– जैसे लद्दाख में, अगर चीन से भिड़ंत होने की नौबत आती है, तो यहां पर हल्‍के रॉकेट की जरूरत होगी, ताकि उसे आसानी से ले जाया जा सके।

पिनाक रॉकेट को किसने विकसित किया?
– रॉकेट सिस्टम को पुणे स्थित आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ARDE – Armament (आर्ममन्ट) Research and Development Establishment) ने किया।
– यह रॉकेट सिस्‍टम कई तरह की चीजों से मिलकर तैयार होती है।
– इसमें मल्‍टी बैरल रॉकेट लांचर, बैटरी कमांड पोस्‍ट, लोडर, रीप्‍लेसमेंट व्‍हीकल और मेट रडार होता है।
– पूरा मिलकर रॉकेट सिस्‍टम होता है। इसे बैटरी कहते हैं। मतलब एक बैटरी में इतनी चीजें होती हैं।

पिनाक (PINAKA)
– यह ऑल-वेदर, इनडायरेक्ट फायर, फ्री फ्लाइट आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम है।
– लॉन्‍चर सिर्फ 44 सेकेंड्स में 12 रॉकेट्स दाग सकता है।
– यह रॉकेट सिस्‍टम 45 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्‍य को भेद सकता है।
– इसका नाम भगवान शिव के धनुष ‘पिनाक’ के नाम पर रखा गया है।
– पिनाक मिसाइल सिस्‍टम को भारत और पाकिस्‍तान से लगी सीमाओं पर तैनात करने के मकसद से बनाया गया है।
– इसकी शुरुआत वर्ष 1980 में हुई थी।
– उससे पहले रॉकेट लॉन्‍च करने के लिए रूस का ग्रैड सिस्‍टम था। ये सिस्‍टम हालांकि अभी भी सेना के पास है।
– इसके विकल्‍प के रूप में सन् 1980 के दशक में डीआरडीओ पिनाक रॉकेट सिस्‍टम को डेवलप करना शुरू किया था।
– हालांकि अब ग्रैड सिस्‍टम की जगह पिनाक रॉकेट सिस्‍टम का उपयोग किया जाएगा।

कारगिल वॉर में भी हुआ प्रयोग
– 1990 के आखिरी दौर में पिनाक मार्क-1 के सफल टेस्‍ट हुए।
– भारत ने करगिल युद्ध में भी सफलतापूर्वक पिनाक सिस्‍टम का यूज किया था. बाद में पिनाक की कई रेजीमेंट्स बन गई।
– पिनाक सिस्‍टम की एक बैटरी में छह लॉन्‍च व्‍हीकल होते हैं, साथ ही लोडर सिस्टम, रडार और लिंक विद नेटवर्क सिस्‍टम और एक कमांड पोस्‍ट होती है।

DRDO
– अध्‍यक्ष : डॉ. जी सतीश रेड्डी (वह डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के सचिव भी हैं।)

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4. किस केंद्र शासित प्रदेश में चार दशक बाद पहली बार महिला ने मंत्री पद की शपथ ली?

a. दिल्‍ली
b. जम्‍मू कश्‍मीर
c. पुदुचेरी
d. अंडमान निकोबार द्वीपसमूह

Answer: c. पुदुचेरी

– चंदिरा प्रियंगा ने मंत्रीपद की शपथ ली।

– पुदुचेरी में NDA की सरकार है और मुख्‍यमंत्री एन रंगासामी हैं। वह AINRC (All India N.R. Congress) से हैं।
– यहां 27 जून 2021 को मंत्रीमंडल विस्‍तार हुआ है।
– यहां की उपराज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने चार विधायकों को शपथ दिलाई।
– इनमें महिला विधायक चंदिरा प्रियंगा भी शामिल थीं।
– वह चार दशक से भी अधिक समय में पुडुचेरी की पहली महिला मंत्री बनी।
– इससे पहले पिछली बार 1980-83 के बीच  दिवंगत कांग्रेस नेता रेणुका अप्पादुरई एमडीआर रामचंद्रन की सरकार में शिक्षा मंत्री बनी थी।

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5. भारत और अमेरिका ने 23-24 जून 2021 को हिंद महासागर में कौन सा नौसैन्य अभ्यास (military exercises) किया?

a. पैसेज एक्‍सरसाइज
b. कॉमकासा एक्‍सरसाइज
c. इंडो एक्‍सरसाइज
d. मालाबार एक्‍सरसाइज

Answer: a. पैसेज एक्‍सरसाइज

– रक्षा मंत्रालय ने बताया भारत-अमेरिका के बीच हुई इस मिलिट्री एक्‍सरसाइज का लक्ष्‍य रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है।
– अमेरिका ने इस एक्‍सरसाइज में अपने aircraft carrier यूएसएस रोनाल्ड रीगन के नेतृत्व में naval fleet के साथ ही एफ-18 लड़ाकू विमानों और हर मौसम में उड़ान भरने वाले ई-2सी हॉक आई विमान के बेड़े को भी तैनात किया।
– भारत की ओर से युद्धपोत INS कोच्चि एवं INS तेग, जगुआर तथा सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमान, हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता वाले आईएल-78 विमान, अवाक्स (हवा में से चेतावनी और नियंत्रण करने की प्रणाली वाले) विमान शामिल हुए।

हिंद महासागर में है कैरियर स्ट्राइक ग्रुप
– अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (सीएसजी) इस समय हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात है।
– सीएसजी एक बड़ा (naval fleet ) होता है जिसमें विध्वंसक जहाज (Destroyer ship) तथा अन्य पोत (ship) होते हैं।
– भारत-अमेरिका रक्षा संबंध कुछ सालों में मजबूत हुए हैं, अमेरिका ने जून 2016 में भारत को बड़ा रक्षा साझेदार कहा था।

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6. राष्‍ट्रपति ने प्रभारी केंद्रीय सतर्कता आयुक्‍त (CVC – Central Vigilance Commissioner) किसे बनाया?

a. संजय कोठारी
b. राजेंद्र पटेल
c. सुरेश एन पटेल
d. विश्‍वास पासवान

Answer: c. सुरेश एन पटेल

– दरअसल, इससे पहले संजय कोठारी CVC थे। लेकिन उनका कार्यकाल 23 जून को समाप्‍त हो गया।
– इसके बाद केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्‍ट्रपति ने 24 जून 2021 से अगले आदेश तक के लिए विजलेंस कमिश्‍नर सुरेश एन पटले को प्रभारी चीफ विजलेंस कमिश्‍नर का दायित्‍व सौंपा।

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7. भारत के 1st रैबीज मुक्‍त राज्‍य का नाम बताएं?

a. महाराष्ट्र
b. गोवा
c. उत्‍तर प्रदेश
d. बिहार

Answer: b. गोवा

– गोवा के मुख्‍यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि तीन साल से उनके राज्‍य में कोई केस नहीं मिला।
– केंद्र सरकार की योजना मिशन रैबीज ने रैबीज के नियंत्रण में भूमिका निभाई।
– गोवा ने 5,40,593 कुत्तों का टीकाकरण किया है और पूरे गोवा में कुत्‍ते के काटने की रोकथाम के तरीके बताने के लिए एक लाख लोगों को शिक्षित किया है।
– इसके अलावा 24 घंटे रैबीज निगरानी के लिए आपातकालीन हाटलाइन भी बनाई है।

– रेबीज के टीके की खोज – लुई पास्‍चर

गोवा के राज्‍यपाल- भगत सिंह कोशियारी
राजधानी- पणजी

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8. यातना पीड़ितों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय दिवस (International Day in Support of Victims of Torture) कब मनाया जाता है?

a. 28 जून
b. 27 जून
c. 26 जून
d. 25 जून

Answer: c. 26 जून

– यह दिन (UN) द्वारा मानव यातना के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
– UN ने 12 दिसंबर 1997 को, 52/149 प्रस्ताव को पारित कर 26 जून को इस दिन को मनाने का निर्णय लिया।

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9. ‘मुख्यमंत्री COVID-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना’ किस केंद्र शासित प्रदेश में शुरू की गई?

a. पुदुचेरी
b. दमन दीव
c. जम्‍मू कश्‍मीर
d. दिल्‍ली

Answer: d. दिल्‍ली

– दिल्ली सरकार ने कोविड-19 से एक सदस्य को खोने वाले परिवारों को वित्तीय सहायता देने के लिए ये योजना शुरू की है।
– ऐसे प्रत्येक परिवार को 50,000 रुपये की राशि दी जाएगी।
– उन परिवारों को भी 2,500 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाएगी, जिन्होंने कोविड के कारण एकमात्र कमाने वाले सदस्‍य को खो दिया।
– दिल्‍ली सरकार ने इसके लिए एक पोर्टल बनाया है जिसे 29 जून 2021 को लॉच किया जाएगा।

सीएम – अरविंद केजरीवाल
उप-राज्‍यपाल – अनिल बैजल

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10. अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) दिवस कब मनाया जाता है?

a. 29 जून
b. 28 जून
c. 27 जून
d. 26 जून

Answer: c. 27 जून

– वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN) की 74वीं बैठक में इस दिन को एमएसएमई दिवस के रूप में घोषित किया गया था।
– इस दिन को मनाने का उददेश्‍य एमएसएमई के महत्‍व को बताना है।

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11. ‘माई जॉयज़ एंड सॉरोज़-एज़ ए मदर ऑफ़ ए स्पेशल चाइल्ड’ पुस्तक का विमोचन किस केंद्रीय मंत्री ने किया?

a. डॉ. धर्मेंद्र प्रधान
b. डॉ. हर्षवर्धन
c. निर्मला सीतारमण
d. स्‍मृति ईरानी

Answer: b. डॉ. हर्षवर्धन

– इस पुस्‍तक की लेखिका कृष्णा सक्सेना हैं।
– केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 20 जून 2021 को पुस्‍तक का अनावरण किया।
– आपको बता दें कि ‘माई जॉयज़ एंड सॉरोज़- एज़ ए मदर ऑफ़ ए स्पेशल चाइल्ड’ को डॉ. कृष्णा और उनके विकलांग बेटे शिव की आत्मकथा (autobiography) के रूप में लिखा गया है।

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12. अनाथ बच्‍चों के लिए ‘आशीर्वाद’ योजना किस राज्‍य सरकार ने शुरू की है?

a. पश्चिम बंगाल
b. ओडिशा
c. बिहार
d. अरुणाचल प्रदेश

Answer: b. ओडिशा

– कोविड-19 से अनाथ हुए बच्‍चों को वित्‍तीय मदद देने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ये योजना शुरू की है।
– अप्रैल 2020 से लागू ‘आशीर्वाद’ योजना के लाभार्थियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
– पहले वे जो अनाथ हो गए हैं, दूसरे वे जिन्हें बाल गृह जाना पड़ा और तीसरे वे बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता में से कमाने वाले सदस्य को खो दिया।
– इस योजना के तहत सरकार हर उस बच्चे को प्रति महीने 2,500 रुपये देगी जिसने अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को खो दिया है।
– जिन बच्चों के माता-पिता में से कमाने वाले सदस्य की मौत हो गई है तो उन्हें 1,500 रुपये दिए जाएंगे।
– हालांकि ‘आशीर्वाद’ योजना उन बच्चों पर लागू नहीं होगी जिन्हें किसी ने गोद लिया है।

ओडिशा की राजधानी- भुवनेश्‍वर
राज्‍यपाल- गणेशी लाल

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13. नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day against Drug Abuse and Illicit Trafficking) कब मनाया जाता है?

a. 27 जून
b. 26 जून
c. 25 जून
d. 24 जून

Answer: b. 26 जून

– यह दिन संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा युवाओं में बढ़ रहे नशे की आदत को दूर करने और नशीली दवाओं की अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए मनाया जाता है।
– 7 दिसंबर 1987 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को मनाने का एलान किया था।

– वर्ष 2021 की थीम- “शेयर फैक्ट्स ऑन ड्रग्स, सेव लाइव्स (Share Facts On Drugs, Save Lives)”।

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14. विश्‍व विटिलिगो (सफेद दाग) दिवस कब मनाया जाता है?

a. 25 जून
b. 26 जून
c. 27 जून
d. 28 जून

Answer: a. 25 जून

– विटिलिगो एक स्किन डिजीज है, जो पूरी आबादी के करीब 1 से 2 प्रतिशत लोगों को प्रभावित करता है।
– यह दिवस अमेरिकी गायक माइकल जैक्‍सन की पुण्‍यतिथि का भी सूचक है।
– 25 जून 2009 को माइकल जैक्‍सन की डेथ हुई थी और इसी दिन विटिलिगो बीमारी का पता चला था।

वर्ष 2021 की थीम- एम्‍ब्रेसिंग लाइफ विद विटिलिगो।

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15. UNODC की वर्ल्‍ड ड्रग रिपोर्ट 2021 के अनुसार वर्ष 2020 में कितने लोगों ने ड्रग्स का इस्तेमाल किया?

a. 275 मिलियन
b. 270 मिलियन
c. 290 मिलियन
d. 300 मिलियन

Answer: a. 275 मिलियन (27 करोड़ 50 लाख)
United Nations Office on Drugs and Crime (UNODC)

– वियना में स्थित UNODC ने 24 जून 2021 को ये रिपोर्ट जारी की है।
– इस रिपोर्ट के अनुसार, 36 मिलियन लोग ड्रग डिसआर्डर से परेशान थे।
– रिपोर्ट में इसका भी जिक्र किया गया है कि कोविड-19 ने इसकी बढ़ोत्‍तरी में सहायक भूमिका निभाई।
– कोरोना के चलते फार्मास्युटिकल दवाओं के गैर-चिकित्सीय उपयोग (non-medical use of pharmaceutical drugs.) में भी वृद्धि देखी गई।
– नशीली दवाओं को हानिकारक मानने वाले किशोरों के प्रतिशत में 40% की कमी आई है।

ड्रग्स और COVID-19
– अधिकांश देशों में कोविड-19 के दौरान भांग (cannabis) के उपयोग में वृद्धि हुई है।
– 77 देशों में किए हेल्‍थ सर्वे के अनुसार 42% ने बताया कि भांग का उपयोग बढ़ गया है।
– रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि कोविड-19 ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाला है।
– इन सभी वजहों से ड्रग के इस्तेमाल में तेज़ी आई है।
– बढ़ते सामाजिक-आर्थिक दबावों की वजह से भी ड्रग्स का यूज ज्‍यादा किया।
– इसके अलावा रिपोर्ट में ये भी बताया कि ऑनलाइन बिक्री की वजह से ड्रग्स तक पहुंच पहले से आसान हुई।
– डार्क वेब पर ड्रग बाज़ार का वार्षिक मूल्य 31 करोड़ डॉलर से अधिक आंका गया है।
– हालांकि ये भी बताया गया कि टेलीमेडिसिन जैसी स्वास्थ्य सेवाओं के ज़रिये, स्वास्थ्यकर्मियों के लिये ज़्यादा संख्या में मरीज़ों तक पहुंचना आसान हुआ है।

सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
– कोविड-19 ने 10 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल दिया है।
– इसके साथ ही बेरोज़गारी भी बढ़ी है।
– वर्ष 2020 में, दुनिया में 25 करोड़ से अधिक रोज़गार ख़त्म हो गए।


 

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