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1. देश के 48वें मुख्‍य न्‍यायाधीश के लिए CJI अरविंद शरद बोबड़े ने सरकार को किसका नाम प्रस्‍तावित किया?

a. जस्टिस आरएफ नरीमन
b. जस्टिस एनवी रमना
c. जस्टिस एएम खानविलकर
d. जस्टिस अशोक भूषण

Answer: b. एनवी रमना  

48वें मुख्‍य न्‍यायाधीश

– चीफ जस्टिस एसए बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं और अगले चीफ जस्टिस की शपथ 24 अप्रैल को होगी।
– जस्टिस रमना सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस बोबडे के बाद सबसे सीनियर जस्टिस हैं, उनके नाम की सिफारिश एसए बोबडे ने 24 मार्च 2021 को की है।
– आपको बता दें कि तय प्रक्रिया के मुताबिक तत्कालीन चीफ जस्टिस सबसे सीनियर जस्टिस का नाम अगले चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश करते हैं।
– इसके बाद राष्ट्रपति द्वारा नाम पर मुहर लगाई जाती है।

जस्टिस रमना का कार्यकाल
– जस्टिस रमना देश के 48 वें चीफ जस्टिस होंगे, उनका कार्यकाल 26 अगस्त 2022 तक होगा।
– वह फरवरी 1983 में एडवोकेट बने थे, उसके बाद वह आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में तमाम सरकारी डिपार्टमेंट के लिए वकील के तौर पर पैनल में रहे।
– उन्हें 27 जून 2000 को हाई कोर्ट का परमानेंट जज बनाया गया।
– इसके बाद 2 सितंबर 2013 को उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया।
– वह 17 फरवरी 2014 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बनाए गए।

जस्टिस रमना की अहम टिप्पणी
– जस्टिस रमना ने वर्ष 2020 में एक अहम फैसले में टिप्‍पणी की थी।
– उन्‍होंने 10 जनवरी 2020 को दिए फैसले में कहा था कि इंटरनेट के जरिये विचार अभिव्यक्ति का अधिकार संवैधानिक तौर पर संरक्षित है।
– और इस पर संवैधानिक प्रावधानों के तहत ही रिस्ट्रिक्शन लगाया जा सकता है।
– सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि नागिरकों के अधिकार और लिबर्टी सुरक्षित रहें ये तय करना हमारा काम है।
– उन्होंने कहा था कि अगर किस आदेश से मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है तो राज्य को ऐसे ऑर्डर को कोर्ट के सामने पेश करना चाहिए।

– जस्टिस रमन्‍ना पर आंध्र प्रदेश के चीफ मिनिस्‍टर वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने उनकी सरकार अस्थिर करने का आरोप भी लगाए थे। जिसे वर्तमान चीफ जस्टिस ने खारिज कर दिया।

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2. भारत, पाकिस्तान और चीन समेत शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्‍यों ने वर्ष 2021 में एंटी टेरर एक्‍सरसाइज करने का निर्णय लिया, इसका क्‍या नाम है?

a. एंटी-टेरर 2021
b. पाब्बी-एंटी-टेरर 2021
c. शंघाई मेंबर एंटी-टेरर 2021
d. एंटी-टेररिज्‍म एक्‍सरसाइज 2021

Answer: b. पाब्बी-एंटी-टेरर 2021

– भारत, पाकिस्‍तान, चीन सहित SCO के सदस्‍य देशों ने यह एंटी टेरर एक्‍सरसाइज आयोजित करने का फैसला उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में 18 मार्च को लिया।
– वहां पर क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे की परिषद (RATS – Regional Anti-Terrorist Structure) की 36वीं बैठक हुई थी।

– अगर भारत इस एंटी टेरर एक्‍सरसाइज में हिस्‍सा लेता है तो इतिहास में पहली बार होगा कि भारतीय सेना पाकिस्‍तान में इस तरह का एक्‍सरसाइज करेगी।
– यह एक्‍सरसाइज पाकिस्‍तान के पब्‍बी इलाके में होगा।

SCO : Shanghai Cooperation Organisation 
– इस संगठन की शुरुआत शंघाई फाइव ग्रुप के नाम से 1996 में हुई थी। बाद में इस ग्रुप को SCO में बदल दिया गया।
– SCO की स्‍थापना : वर्ष 2001
– किस तरह का संगठन : मिलिटरी सिक्‍योरिटी, पॉलिटिकल और इकोनॉमिक ऑर्गेनाइजेशन
– मुख्‍यालय : बीजिंग, चीन
– सदस्‍य देश की संख्‍या : 8 सदस्‍य देश और 4 ऑब्‍जर्बर
सदस्‍य देश :
8 country

RATS
– किसी भी संगठन के बहुत सारे अंग होते हैं। तो RATS (Regional Anti-Terrorist Structure) भी SCO का पार्ट है।
– RATS का मुख्यालय ताशकंद में है, यह SCO का स्थायी अंग है, जो आतंकवाद, अलगाववाद के खिलाफ सदस्य देशों के सहयोग को बढ़ाने के लिए काम करता है।

कहां पर आयोजित होगा पाब्बी-एंटी-टेरर 2021
– पब्‍बी इलाका पाकिस्‍तान के पेशावर के पास में है।
– यह एक्‍सरसाइज पाकिस्‍तानी सेना के National Counter Terrorism Centre (NCTC) के सेक्रेटेरियट में होने की उम्‍मीद है।
– यहीं पर SCO के मेंबर कंट्री मिलेंगे और एंटी टेरर एक्‍सरसाइज करेंगे।

भारत-पाकिस्‍तान के सुधरते संबंध
Indian-pakistan, 25 march Current affairs

– भारत-पाकिस्‍तान के संबंध इस साल लगातार सुधरते हुए दिख रहे हैं।
– मार्च के पहले सप्‍ताह में पाकिस्‍तान के PM इमरान खान ने भारत-पाक के बीच शांति की बात की।
– इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं ने LOC पर सीज-फायर किया।
– हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने भी अपने एक बयान में कहा था कि दोनों देशों के पुरानी बातें भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए.
– अब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को पाकिस्तान दिवस (23 मार्च) की मुबारकबाद देते हुए कहा है कि एक पड़ोसी देश के तौर पर भारत पाकिस्तान के लोगों के साथ ख़ुशगवार रिश्ते चाहता है।
Bharat Pakistan
– उन्होंने लिखा है कि ऐसा संभव बनाने के लिए आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त और विश्वास और भरोसे से भरे माहौल की ज़रूरत है.
– वहीं भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी के नाम लिखे पत्र में पाकिस्तान दिवस की मुबारकबाद पेश की है.
– द हिंदू की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत हुई है.
– ऐसे माहौल में लग रहा है कि इस एंटी टेरर एक्‍सरसाइज में इंडिया पार्टिसिपेट करेगा।

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3. किस पड़ोसी देश में गृहयुद्ध के दौरान ‘मानवाधिकार उल्‍लंघन’ के खिलाफ प्रस्‍ताव पर UNHRC में भारत, मतदान से दूर रहा?

a. चीन
b. श्रीलंका
c. बांग्‍लादेश
d. पाकिस्‍तान

Answer: b. श्रीलंका

– भारत ने वोटिंग से Abstain (ऐब्स्टेन – मतदान में भाग नहीं लेना) रहने का फैसला किया।

सवाल?
– UNHRC क्‍या है?
– UNHRC में प्रस्‍ताव क्‍या था?
– भारत ने प्रस्‍ताव के पक्ष या विपक्ष में वोट क्‍यों नहीं किया?
– श्रीलंका में सिविल वॉर (गृह युद्ध) क्‍या था और कैसे खत्‍म हुआ? LTTE क्‍या था, जिसने सिविल वॉर किया?
– श्रीलंका में सिविल वॉर 2009 में खत्‍म हो गया, तो अब UNHRC में मामला क्‍यों आया?
– चीन और पाकिस्‍तान ने श्रीलंका का साथ दिया, तो भविष्‍य में जियोपॉलिटिकल पोजिशन क्‍या होगा?

UNHRC
UNHRC Detail
– उद्देश्‍य: पूरी दुनिया में मानवाधिकार (Human rights) को प्रमोट और प्रोटेक्‍ट करना।

UNHRC में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्‍ताव का शीर्षक?
– UNHRC ने 23 मार्च 2021 को ‘Promotion of Reconciliation Accountability and Human Rights in Sri Lanka’ (प्रमोशन ऑफ रीकंसिलिएशन अकाउंटैबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इन श्रीलंका) शीर्षक वाला प्रस्ताव पारित किया।

प्रस्‍ताव में क्‍या था, जिसपर वोटिंग हुई?
– प्रस्‍ताव में कहा गया है कि श्रीलंका में 37 साल तक गृहयुद्ध (Civil war) चला था। यह वर्ष 2009 में समाप्‍त हुआ।
– इस दौरान वहां की सेना ने श्रीलंकाई तमिलों पर अत्‍याचार किया। नरसंहार की भी बातें सामने आईं थी।
– तो इस सिविल वॉर से संबंधित अपराधों की जानकारी और सबूत इकट्ठा करने और संरक्षित करने के लिए UNHRC ने प्रस्‍ताव पारित किया।

श्रीलंका और वहां के सिविल वॉर के बारे में –
– राजधानी : श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे
– आबादी : 2 करोड़ 20 लाख
– राष्‍ट्रपति : गोटाबाया राजपक्षे
– प्रधानमंत्री : महिंदा राजपक्षे

सिविल वॉर को समझने के लिए वहां की जातीय समूह (Ethnic groups) को जानना होगा।
Ethnic group, Civil War,

– श्रीलंका में श्रीलंकाई तमिलों की आबादी 20 से 22 करोड़ है।
– श्रीलंकाई तमिल, उसी तरह के हैं, जैसे भारत के तमिलनाडु राज्‍य में तमिल हैं।
– 1980 से पहले श्रीलंकन तमिल को लगता था कि उनके साथ भेद-भाव हो रहा है। जितने अधिकार सिंहली लोगों को थे, वो अधिकार श्रीलंकाई तमिलों के पास नहीं थे।
– सरकार उनके इलाके में डेवलपमेंट में ध्‍यान नहीं दे रही हैं।
– वहां की सेंट्रल गवर्नमेंट ज्‍यादातर डेवलपमेंट फंड को सिंहिला कम्‍यूनिटी इलाके में लगा देते थी।

श्रीलंका में सिविल वॉर और LTTE की भूमिका
– ऐसे में एक ग्रुप खड़ा हुआ LTTE (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल एलम)। उसका मकसद था कि श्रीलंका टूट जाए और श्रीलंकन तमिल का अलग देश बन जाए।
– इसके लीडर वेलुपिल्लई प्रभाकरन थे।

– प्रभाकरन ने 23 जुलाई 1983 को युद्ध की घोषणा कर दी।
Map में ग्रीन वाला इलाके पर LTTE का दावा था।
Map

– सिविल वॉर में शामिल लोग ‘तमिल ईलम’ नाम से अलग देश बनाना चाहते थे।
– घोषित रूप से 25 साल 9 महीने सिविल वॉर चला। वैसे UNHRC के मुताबिक यह 37 साल तक चला।
– LTTE ने अपनी आर्मी, नेवी और यहां तक कि एयरफोर्स भी बना लिया था।

भारत की पहल और राजीव गांधी की हत्‍या-
– श्रीलंका में चल रहे गृह युद्ध में शांति के लिए भारत ने भी प्रयास किए थे।
– तत्‍कालीन भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वहां पर कुछ वक्‍त के लिए इंडियन पीस कीपिंग फोर्स (शांति सैनिकों) भेजा था। हालांकि बात बिगड़ गई और बाद में फोर्स को वापस बुला लिया गया था। इसमें 12 सौ से ज्‍यादा भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।
– बाद में वर्ष 1991 में राजीव गांधी की बम ब्‍लास्‍ट में हत्‍या हो गई थी। इसमें LTTE की भूमिका सामने आई थी।
– रिपोर्ट में सामने बात सामने आई कि LTTE चीफ प्रभाकरन ने राजीव गांधी की हत्‍या का आदेश दिया था। (राजीव गांधी की आखिरी तस्‍वीर)

प्रभाकरन की हत्‍या के बाद खत्‍म हुआ सिविल वॉर-
– वर्ष 2005 से पहले तक श्रीलंका के बड़े हिस्‍से में LTTE का कब्‍जा था। इसके बाद साल दर साल श्रीलंकाई सेना मजबूती से आगे बढ़ती गई।
– वर्ष 2009 तक छोटे से इलाके तक ही सिमट कर LTTE गया।
– लंबी लड़ाई के बाद 18 मई 2009 को श्रीलंका की सेना ने LTTE के चीफ प्रभाकरन को मार डाला।
– तब श्रीलंका में गृह युद्ध समाप्‍त हुआ था।
– अनुमान है कि इस सिविल वॉर में एक लाख से पौने तीन लाख लोग मारे गए।
– उस वक्‍त (वर्ष 2009) में श्रीलंका के राष्‍ट्रपति महिंदा राजपक्षे थे। (वर्ष 2021 में वह प्रधानमंत्री हैं)

श्रीलंका में मानवाधिकार हनन
– सिविल वॉर के दौरान श्रीलंका सरकार और एलटीटीई, दोनों पर मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप है. दोनों के बीच चले युद्ध में एक लाख से अधिक लोगों की जान गई थी.
– सिविल वॉर खत्‍म होने के बाद 2009 के बाद से श्रीलंका की सेना ने श्रीलंकन तमिलों के साथ खूब अत्‍याचार किया।
– एलटीटीई के हारने के बाद बदले की भावना में तमिल को टार्गेट किया गया।
– हजारों लोग मारे गए। 20 हजार से ज्‍यादा लोग गायब हैं।
– माना जाता है कि श्रीलंकाई सेना ने जेनोसाइड (Genocide- नरसंहार) की थी।

तो इतने साल बाद अब UNHRC में मामला क्‍यों?
– दरअसल, हाल ही में श्रीलंका के प्रेसिडेंट गोटाबाया राजपक्षे ने कह दिया कि श्रीलंका की आर्मी ने कभी भी नरसंहार (Genocide) नहीं किया।
– कुछ हमारे लोग मारे गए और कुछ एलटीटीई के मारे गए। इसके अलावा कोई सिस्‍टैमेटिक तरीके से किसी सिविलियन को नहीं मारा।
– श्रीलंकाई प्रेसिडेंट के इस स्‍टेटमेंट के बाद UNHRC जाग गया।
– उसने कहा कि अब इस मामले की एन्‍क्‍वायरी के लिए वोटिंग होगी। श्रीलंका में आर्मी के ऑफिसर्स और सोल्‍जर्स ने जो मानवाधिकार किए, उसकी जांच होगी।
– तो इसी पर वोटिंग हुई कि क्‍या श्रीलंका को एकाउंटेबिलिटी और ह्यूमन राइट्स पर फोकस करना चाहिए या नहीं।

47 सदस्‍यीय UNHRC में वोटिंग List
47 Member Countries

– प्रस्‍ताव के पक्ष में 22 मेंबर कंट्री ने वोट दिए। इनमें यूनाइटेड किंगडम, ऑस्‍ट्रेलिया, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी, इटली, मैक्सिको, पोलैंड, कोरिया शामिल थे।
– प्रस्‍ताव के विरोध में 11 मेंबर कंट्री ने वोट किया। इनमें चीन, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश, रूस, फिलिपींस, सोमालिया, उजबेकिस्‍तान, क्‍यूबा शामिल थे।
– Abstain (ऐब्स्टेन – मतदान में भाग नहीं लेना) रहने वाले देशों की संख्‍या 14 थी। इनमें भारत के साथ-साथ नेपाल, जापान, इंडोनेशिया शामिल है।

– श्रीलंका के सिविल वॉर से संबंधित अपराधों की जानकारी और सबूत इकट्ठा करने और संरक्षित करने के लिए UNHRC ने पारित प्रस्‍ताव किया।

भारत ने ऐब्‍सटेन क्‍यों किया?
– इस मामले में भारत सरकार पर दोतरफा प्रेशर था।
– एक तरफ तो भारत में तमिलनाडु में रहने वाले तमिल चाहते थे, कि भारत को प्रस्‍ताव के समर्थन में वोट देना चाहिए।
– दूसरी ओर श्रीलंका के खिलाफ वोट देने का मतलब था कि वहां के प्रोजेक्‍ट से हाथ धो बैठना और वहां की जनता के बीच भारत विरोधी मैसे जाना।
– तो इंडिया ने वोटिंग से अनुपस्थित रहने का फैसला किया।

चीन और पाकिस्‍तान ने श्रीलंका का साथ दिया-
– चीन, श्रीलंका को तमाम प्रोजेक्‍ट के लिए लोन दे रहा है और इंटरनेशनली सपोर्ट भी कर रहा है।
– चीन ने लोन देकर श्रीलंका का हंबनटोटा पोर्ट हड़प लिया है। उसे इस तरह से और भी मौके मिलेंगे।
– अब श्रीलंका में यह माहौल बनेगा कि चीन और पाकिस्‍तान ही उसका मोस्‍ट फ्रेंडली कंट्री है।
– लोगों का पर्सेप्‍शन बनेगा कि इंडिया नहीं, बल्कि चीन साथ है।

जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन कुमार बधे ने बयान-
– वोटिंग से पहले भारत ने बयान जारी कर कहा, “श्रीलंका में मानवाधिकार को लेकर भारत दो मुख्य मुद्दों का ध्यान रखता है. पहला तमिल समुदाय को हमारा समर्थन और उनके लिए समानता, गरिमा शांति और न्याय. दूसरा श्रीलंका की एकता, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता. हमें लगता है कि ये दोनों मुद्दे एक दूसरे के साथ चलते हैं और श्रीलंका की तरक्की दोनों ही मुद्दों पर ध्यान देने से सुनिश्चित होगी.”

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4. खेल मंत्रालय ने भारतीय शैली के किस खेल संघ को राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF) के रूप में मान्यता दी?

a. भारतीय शैली के भारतीय कुश्ती संघ
b. अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ
c. भारतीय गोल्फ संघ
d. भारतीय बैडमिंटन संघ

Answer: a. भारतीय शैली के भारतीय कुश्ती संघ (ISWAI)
Indian Style Wrestling Association of India (ISWAI)

Indian Style Wrestling Association of India, NSF

– खेल मंत्रालय ने 8 मार्च 2021 को ये मान्यता दी थी।
– ISWAI ने 20 मार्च 2021 को एक बयान में यह जानकारी दी।
– इस संघ का गठन 1958 में किया गया था।
– ISWAI ने कहा, महासंघों को जो सुविधाएं मिलती हैं अब वे भारतीय शैली के भारतीय कुश्ती संघ को भी मिलेंगी।

– ISWAI ने बताया ये मान्यता एक दशक बाद दी गई है क्‍योंकि खेल निकाय सरकार के राष्ट्रीय खेल विकास कोड 2011 का पालन करने में विफल रहे थे।

भारतीय शैली की कुश्‍ती
– इंडियन स्टाइल रेसलिंग एक पारंपरिक स्वदेशी खेल है।
– जो पेशेवर कुश्ती के विपरीत, मिट्टी व कीचड़ पर खेला जाता है।

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5. विश्‍व तपेदिक दिवस (World Tuberculosis Day (TB) कब मनाया जाता है?

a. 26 मार्च
b. 25 मार्च
c. 24 मार्च
d. 23 मार्च

Answer: c. 24 मार्च

– बीमारी को खत्म करने के प्रयासों के बारे में जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए ये दिन मनाया जाता है।
– आज के दिन यानी 24 मार्च, 1882 को जर्मन फिजिशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट रॉबर्ट कॉच ने टीबी के बैक्टीरियम यानी जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस की खोज की थी।
– उनकी यह खोज टीबी के इलाज में मददगार साबित हुई।
– WHO के मुताबिक हर दिन, लगभग 4000 लोग टीबी से जान गंवाते हैं और 28,000 लोग इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।

वर्ष 2021 की थीम – ‘The Clock is Ticking’
– इसका शाब्दिक अर्थ कुछ करने के लिए वक्त के बेहद तेजी से गुजरने की तरफ इशारा करने से है।

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6. विश्‍व कठपुतली दिवस (World puppetry Day) कब मनाया जाता है?

a. 23 मार्च
b. 22 मार्च
c. 21 मार्च
d. 20 मार्च

Answer: c. 21 मार्च
World puppetry Day

– कठपुतली का खेल अत्यंत प्राचीन नाटकीय खेल है, जो प्रशांत महासागर के पश्चिमी तट से पूर्वी तट तक प्रचलित रहा है।
– यह दिवस कठपुतली कला को बढ़ावा देने के लिए ये मनाया जाता है।

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7. जी वी रामकृष्ण का निधन 20 मार्च 2021 को हो गया, वह किस बोर्ड के अध्‍यक्ष रह चुके थे?

a. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)
b. वक्‍फ बोर्ड
c. डब्‍ल्‍यूएचओ कार्यकारी बोर्ड
d. उप विधि सलाहकार रेलवे बोर्ड

Answer: a. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)

– 91 वर्षीय रामकृष्ण के कार्यकाल के दौरान सेबी को सांविधिक (Statutory) निकाय का दर्जा मिला।
– रामकृष्ण अगस्त 1990 से जनवरी 1994 तक सेबी के चेयरमैन रहे थे।
– वह 1952 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए और आंध्र प्रदेश और भारत सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
– वह 1981 में योजना आयोग में सलाहकार और 1994 में सदस्य थे।
– उन्‍होंने 1989 में यूरोपीय संघ में भारत के राजदूत के रूप में भी कार्य किया था।

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8. विदेश मंत्रालय (foreign ministry ) के नए प्रवक्ता (spokesman) के रूप में किसे नियुक्‍त किया गया है?

a. मुकुल श्रीवास्‍तव
b. मोहन शर्मा
c. अरिंदम बागची
d. विनोद पुरोहित

Answer: c. अरिंदम बागची
Arindam Bagchi

– वरिष्ठ राजनयिक (Senior diplomat) अरिंदम बागची विदेश मंत्रालय के नए प्रवक्ता का पद 18 मार्च 2021 को दिया गया।
– वर्ष 1995 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी (IFS) बागची वर्तमान में विदेश मंत्रालय मुख्यालय में संयुक्त सचिव (joint Secretary) के पद पर हैं।
– वह अनुराग श्रीवास्तव का स्थान लेंगे।
– वहीं अब बागची की जगह अनुराग संयुक्त सचिव (उत्तर) का कार्यभार संभालेंगे।
– अरिंदम बागची नवंबर 2018 से जून 2020 तक क्रोएशिया में भारत के राजदूत (Ambassador) थे।
– इससे पहले वह श्रीलंका में डिप्टी हाई कमिश्नर और प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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9. नागरिक विमानन महानिदेशालय कार्यालय (DGCA) ने कोरोना के नए स्ट्रेन के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कब तक रद्द रखने की घोषणा की है?

a. 31 अप्रैल
b. 30 अप्रैल
c. 29 अप्रैल
d. 26 अप्रैल

Answer: b. 30 अप्रैल

– DGCA ने 23 मार्च 2021 को इसकी घोषणा की है।
– हालांकि, मामले की गंभीरता के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा चयनित मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी जा सकती है।
– इसके पहले भी कोरोना के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए ही DGCA ने अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया था।

एयर बबल’ समझौता
– भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, केन्या, भूटान और फ्रांस सहित 27 देशों के साथ ‘एयर बबल’ समझौता किया है।
– दो देशों के बीच इस ‘एयर बबल’ समझौते के तहत, विशेष अंतररष्ट्रीय उड़ानें उनके क्षेत्र के बीच उनकी एयरलाइंस द्वारा संचालित की जा सकती है।

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10. विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस (World Down Syndrome Day) कब मनाया जाता है?

a. 22 मार्च
b. 21 मार्च
c. 23 मार्च
d. 20 मार्च

Answer: b. 21 मार्च

– इस दिन को पहली बार वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र में मनाया गया था।
– मार्च का 21 वां दिन (वर्ष का तीसरा महीना) 21 वें गुणसूत्र के त्रिगुण (Chromosome triple) की विशिष्टता को इंगित (Indicated) करने के लिए चुना गया है जो डाउन सिंड्रोम का कारण बनता है।
– डाउन सिंड्रोम नाम, ब्रिटिश चिकित्सक जॉन लैंगडन डाउन के नाम पर पड़ा, जिन्होंने इस सिंड्रोम के बारे में सबसे पहले 1866 में पता लगाया था।

वर्ष 2021 की थीम- We Decide.

डाउन सिंड्रोम-
– यह एक आनुवंशिक विकार (Genetic disorder) की श्रेणी में आता है।
– और यह विकासात्मक विकलांगता (developmental disability) का भी कारण बनता है।
– इस स्थिति के साथ पैदा होने वाले बच्चे को थायराइड या दिल से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
– डाउन सिंड्रोम में फिजिकल, मेंटल, और साइकोलॉजिकल लक्षण दिखाई देते हैं।
– फिजिकल पार्टः हाइपोटोनिया होता है यानी मसल्स टोन नहीं होते हैं, जिससे हाथ या पैर को उठाने में दिक्कत होती है. आंखों की बनावट ऊपर की तरफ़ होती है. नाक चपटी होती है. जीभ मोटी और बाहर होती है. सिर चपटा होता है, गर्दन छोटी होती है.कान छोटे होते हैं. हाथ छोटे, मोटे होते हैं. छोटी उंगली काफ़ी छोटी होती है
– मेंटल: जिन बच्चों को डाउन सिंड्रोम होता है उन बच्चों का IQ कम होता है.


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