23 & 24 January 2026 करेंट अफेयर्स – प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण

यह 23 & 24 January 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।

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1. ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना कर इसके संस्थापक अध्यक्ष बनने वाले व्यक्ति का नाम बताइए?
Name the person who founded the ‘Board of Peace’ and became its founding chairman?

a. व्‍लादिमीर पुतिन
b. डोनाल्ड ट्रंप
c. बेंजामिन नेतनयाहु
d. उपरोक्‍त सभी

Answer: b. डोनाल्ड ट्रंप

– जनवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में “Board of Peace” शब्द चर्चा में आया है।
– यूएसए के प्रेसिडेंट डोनाल्‍ड ट्रंप ने 22 जनवरी को दावोस में वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लॉन्च किया।
– उन्होंने कहा कि इस बोर्ड का शुरुआती मकसद गाजा में हुए युद्धविराम को मजबूत करना है, लेकिन आगे चलकर यह दूसरे ग्लोबल विवादों में भी भूमिका निभा सकता है।
– व्हाइट हाउस ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए 60 देशों को न्योता भेजा था, लेकिन सिर्फ 20 देश ही मौजूद रहे।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?
– “बोर्ड ऑफ पीस” कोई ऑफिशियल इंटरनेशनल बॉडी नहीं है
– न ही यह संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा रिकग्नाइज़्ड कोई इंस्टिट्यूशन है
– और न ही यह अमेरिकन कांग्रेस (संसद) द्वारा स्थापित कोई लीगल या स्टैच्यूटरी बॉडी है
– बेसिकली, यह डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा स्‍थापित अंतर्राष्‍ट्रीय संगठन के तौर पर विकसित हो रहा है।

डोनाल्ड ट्रम्प का ‘बोर्ड ऑफ पीस’
– बोर्ड ऑफ पीस का नेतृत्व एक कार्यकारी परिषद करेगी जिसके संस्थापक अध्यक्ष ट्रंप हैं। इसके संस्‍थापक सदस्‍य :
– टोनी ब्लेयर – ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री
– जेरेड कुशनर – ट्रंप के दामाद
– मार्को रुबियो – अमेरिकी विदेश मंत्री
– स्टीव विटकॉफ – मध्य पूर्व के लिए अमेरिकी विशेष दूत
– मार्क रोवन – वित्तीय फर्म अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ
– अजय बंगा – अध्यक्ष, विश्व बैंक समूह
– रॉबर्ट गैब्रियल – अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

60 देशों को सदस्‍य बनने का न्‍योता
– अमेरिका ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए 60 देशों को न्योता भेजा था, लेकिन सिर्फ 20 देश ही मौजूद रहे।

पीस ऑफ बोर्ड में शामिल होने वाले शुरुआती देश :
– इज़राइल
– सऊदी अरब
– संयुक्त अरब अमीरात
– कतर
– बहरीन
– जॉर्डन
– मिस्र
– मोरक्को
– हंगरी
– अल्बानिया
– बेलोरूस
– बेल्जियम
– बुल्गारिया
– कोसोवो
– टर्की
– पाकिस्तान
– इंडोनेशिया
– वियतनाम
– कजाखस्तान
– उज़्बेकिस्तान
– मंगोलिया
– आर्मीनिया
– आज़रबाइजान
– अर्जेंटीना
– परागुआ
– संयुक्त राज्य अमेरिका

शामिल होने से इनकार करने वाले देश
– फ्रांस
– जर्मनी
– नॉर्वे
– स्वीडन
– डेनमार्क
– स्लोवेनिया
– इटली

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संयुक्त राष्ट्र के संदर्भ में स्थिति

संयुक्त राष्ट्र के पास पहले से ही पीस और सिक्योरिटी के लिए एक मजबूत इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क मौजूद है:
– यूएन सिक्योरिटी काउंसिल – इंटरनेशनल पीस एंड सिक्योरिटी
– यूएन पीसकीपिंग ऑपरेशन्स – शांति स्थापना
– यूएन पीसबिल्डिंग कमीशन – पोस्ट-कॉन्फ्लिक्ट रिकंस्ट्रक्शन

ऐसे में “बोर्ड ऑफ पीस” का आइडिया:
– यूएन की मौजूदा बॉडीज़ के पैरलल (Parallel) लगता है
– और मल्टीलेटरल सिस्टम के बजाय यूनिलेटरल लीडरशिप की तरफ इशारा करता है

ट्रंप की फॉरेन पॉलिसी और बोर्ड ऑफ पीस
– डोनाल्ड ट्रंप की फॉरेन पॉलिसी की कुछ कोर फीचर्स रही हैं: अमेरिका फर्स्ट, मल्टीलेटरल इंस्टिट्यूशन्स पर शक, यूएन और इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन्स से दूरी, बाइलेटरल डील्स पर ज़्यादा फोकस
– इसी बैकग्राउंड में “बोर्ड ऑफ पीस” जैसे कॉन्सेप्ट को
यूएन-सेंट्रिक ग्लोबल ऑर्डर के एक अल्टरनेटिव के रूप में देखा जाता है।

ट्रंप का क्‍या कहना है
– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि शांति बोर्ड के साथ काम करना संयुक्त राष्ट्र के लिए एक “अच्छी बात” होगी, जो अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने में “विफल” रहा है।
– “…यह गाजा के साथ बहुत अच्छा काम करेगा, और शायद अन्य चीजें भी, आप जानते हैं, गाजा से परे हो सकती हैं, और हम संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेंगे। मैंने हमेशा कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में अपार क्षमता है, अपार क्षमता है, लेकिन वे उस क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाए हैं,”

ग्लोबल गवर्नेंस पर प्रभाव
– अगर ऐसी अवधारणाएँ प्रैक्टिकल लेवल पर लागू होती हैं, तो:
– यूएन की सेंट्रल रोल कमजोर हो सकती है
– ग्लोबल पीस ऑर्डर पावर-सेंट्रिक बन सकता है
– स्मॉल और डेवलपिंग कंट्रीज़ की वॉयस और पार्टिसिपेशन कम हो सकती है
– यह पूरी डिबेट को यूनिलेटरलिज़्म बनाम मल्टीलेटरलिज़्म की दिशा में और तेज करता है।

भारत की फॉरेन पॉलिसी का बेस रहा है:


– संयुक्त राष्ट्र में सुधार (यूएन रिफॉर्म्स)
– मल्टीलेटरलिज़्म का सपोर्ट
– रूल-बेस्ड इंटरनेशनल ऑर्डर
– भारत के लिए: “बोर्ड ऑफ पीस” जैसे आइडियाज़ यूएन रिफॉर्म्स की डिबेट को डायवर्ट कर सकते हैं।
– भारत यूएन के फ्रेमवर्क के भीतर रिफॉर्म चाहता है, यूएन के रिप्लेसमेंट के रूप में नहीं
– भारत की नीति – वेट एंड वॉच

पॉज़िटिव साइड (थ्योरिटिकल):
– पीस आर्किटेक्चर में नई सोच की शुरुआत

नेगेटिव साइड:
– लीगल और इंस्टीट्यूशनल वैलिडिटी का अभाव
– डेमोक्रेटिक रिप्रेज़ेंटेशन नहीं
– पावरफुल कंट्रीज़ का डॉमिनेंस
– यूएन को कमजोर करने का रिस्क

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गाजा के लिए NCAG के गठन का ऐलान
– ट्रम्प ने गाजा के प्रशासन और पुनर्निर्माण के लिए नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) के गठन का ऐलान किया है।
– इस कमेटी की देखरेख करने, फंड जुटाने जैसे कामों के लिए ट्रम्प ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (शांति बोर्ड) का गठन किया गया है।
– ट्रम्प खुद इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं।
– इसके अलावा गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड भी बनाया गया है।

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2. किन देशों ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से इनकार कर दिया?
Which countries refused to join the ‘Board of Peace’?

a. फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे,
b. स्वीडन, डेनमार्क,
c. स्लोवेनिया, इटली
d. उपरोक्‍त सभी

Answer: d. उपरोक्‍त सभी

– अमेरिका के सहयोगी माने जाने वाले ज्यादातर यूरोपीय देश इस समारोह से गायब रहे।
– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पांच स्थायी सदस्यों में से अमेरिका के अलावा किसी भी देश ने बोर्ड में शामिल होने की पुष्टि नहीं की।
– रूस ने कहा है कि वह इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
– फ्रांस ने इसमें शामिल होने से मना कर दिया है।
– ब्रिटेन ने कहा है कि फिलहाल वह बोर्ड में शामिल नहीं होगा।
– चीन ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह इसमें शामिल होगा या नहीं।

इजराइल को ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से नाराजगी
– इजराइल ट्रम्प के पीस बोर्ड को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुका है।
– नेतन्याहू के ऑफिस के मुताबिक, विदेश मंत्री गिदोन सार इस मुद्दे को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने उठाएंगे।
– हालांकि, यह नहीं बताया गया कि बोर्ड का कौन सा हिस्सा इजराइल को आपत्तिजनक लग रहा है।
– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य समस्या तुर्किए विदेश मंत्री हाकान फिदान को शामिल करने से है।
– तुर्किए को हमास का समर्थक माना जाता है और इजराइल के साथ इसका संबंध तनावपूर्ण हैं।
– तुर्किए के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगन ने इजराइल की गाजा कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है।
– इजराइल का कहना है कि ऐसे देशों को गाजा के प्रशासन में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
– इजराइली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने नेतन्याहू के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि गाजा को ‘कार्यकारी बोर्ड’ की जरूरत नहीं, बल्कि हमास को खत्म करने और बड़े पैमाने पर खुद से पलायन की जरूरत है।

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3. अमेरिका के बनाए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए कितने डॉलर कर योगदान देना होगा?
How much money would one have to contribute to join the “Board of Peace” created by the United States?

a. 1 अरब US डॉलर
b. 2 अरब US डॉलर
c. 4 अरब US डॉलर
d. 7 अरब US डॉलर

Answer: a. 1 अरब US डॉलर (लगभग 9.2 हजार करोड़ रुपए)

– पिछले हफ्ते दुनिया के नेताओं को भेजे गए चार्टर में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा।
– रूस ने गाजा पीस बोर्ड को 1 अरब डॉलर देने की पेशकश की है।
– राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भले ही बोर्ड में उसकी औपचारिक भागीदारी पर अंतिम फैसला न हुआ हो, लेकिन वह 1 अरब डॉलर देने पर विचार कर सकता है।
– दरअसल, पुतिन ने कह द‍िया है क‍ि वे तभी शामिल होंगे, जब ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की सदस्यता के लिए जरूरी 1 अरब डॉलर की भारी-भरकम फीस अमेर‍िका में जब्‍त रूसी संपत्‍त‍ियों से भरी जाए।
– उन्होंने कहा कि यह रकम उस रूसी संपत्ति से लिया जा सकता है, जिसे अमेरिका ने पिछली सरकार के दौरान फ्रीज कर दिया था।

2022 में रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे
– दरअसल, 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे।
– इन्हीं प्रतिबंधों के तहत अमेरिका और यूरोप में रूस के सेंट्रल बैंक और सरकारी फंड से जुड़ी अरबों डॉलर की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया था।

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4. इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार 2025 के लिए किसे चुना गया?
Who has been selected for the Indira Gandhi Prize for Peace, Disarmament and Development 2025?

a. ग्राका माचेल
b. डेनियल
c. मिशेल बाचेलेट
d. वांगारी मथाई

Answer: a. ग्राका माचेल

– ग्राका माचेल, मोजाम्बिक की जानी-मानी राजनेता, समाजसेवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं।
– उन्‍हें इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार 2025 दिए जाने की घोषणा 21 जनवरी, 2026 को हुई।
– पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की अध्यक्षता वाली अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने उनके नाम की घोषणा की।
– ग्राका माचेल को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, आर्थिक सशक्तिकरण और मानवीय कार्यों के क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में किए गए उनके “अभूतपूर्व कार्य” के लिए चुना गया।

ग्राका माचेल का जीवन
– ग्राका माचेल का जन्म 17 अक्टूबर 1945 को मोजाम्बिक के एक ग्रामीण इलाके में ग्रासा सिम्बिने के रूप में हुआ था।
– उन्‍होंने महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और सामाजिक बदलाव के लिए कई संस्थानों के साथ काम किया है।
– 1973 में मोजाम्बिक लिबरेशन फ्रंट से जुड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया। शिक्षक के रूप में भी काम किया।
– 1975 में देश को आजादी मिलने के बाद ग्रासा माशेल मोजाम्बिक की पहली शिक्षा और संस्कृति मंत्री बनीं।

दो राष्‍ट्रपतियों से शादी
– माचेल ने 1975 मे मोजाम्‍बीक के पहले राष्‍ट्रपति समोरा मकेल से शादी की थी।
– 1988 मे माचेल ने दक्षिण अफ्रीका के राष्‍ट्रपति तत्‍कालीन नेल्सन मंडेला से दूसरी शादी की थी।


– माचेल 2 अलग-अलग देशों को फर्स्‍ट लेडी बनने वाली इकलौती महिला हैं।
– 1990 के दशक में, माचेल ने सशस्त्र संघर्ष के बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र के एक महत्वपूर्ण अध्ययन का नेतृत्व किया।
– इसके बाद से उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय निकायों में अपनी सेवाएं दी हैं।
– महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं की स्थापना की है।

इंदिरा गांधी पुरस्कार
– इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1986 में ‘इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट’ द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद में की गई थी।
– इसमें एक करोड़ रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र सहित एक ट्रॉफी शामिल है।
– ट्रॉफी एक वर्गाकार हेमेटाइट जैस्पर पत्थर से बनी है, वही पत्थर जो नई दिल्ली के शक्ति स्थल स्थित इंदिरा गांधी की समाधि पर भी लगा है।

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5. अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने भारतीय महिला फुटबॉल टीम का सीनियर कोच किसे बनाया?
Who did the All India Football Federation (AIFF) appoint as the senior coach of the Indian women’s football team?

a. मोहिता अवस्‍थी
b. अमेलिया वाल्वरडे
c. स्जोर्ड मारिजने
d. रविंद्र बशुंते

Answer: b. अमेलिया वाल्वरडे

– 20 जनवरी 2026 को AIFF ने उनके नाम की घोषणा की।
– अमेलिया सेंट्रल अमेरिकी देश कोस्टा रिका की अमेलिया वाल्वरडे की रहने वाली हैं।
– 39 वर्षीय अमेलिया वाल्वरडे ने 2011 में कोचिंग करियर शुरू किया था।
– 2015 और 2023 महिला वर्ल्‍ड कप में कोस्‍टा रिका टीच को कोच किया था।

ये मिले पुरस्‍कार
– 2016 में शानदार कोचिंग के लिए CONCACAF फीमेल कोच ऑफ द ईयर।
– 2023-24 में मैक्सिकन फुटबॉल महासंघ द्वारा लीगा एमएक्स फेमेनिल में सर्वश्रेष्ठ कोच के लिए मैक्सिकन बैलोन डी ओरो पुरस्कार।

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6. किस देश ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से जनवरी 2026 में खुद को पूरी तरह से अलग कर लिया और हेडक्‍वार्टर से अपना झंडा हटा लिया?
Which country completely separated itself from the World Health Organization (WHO) in January 2026 and removed its flag from the headquarters?

a. चीन
b. फ्रांस
c. जर्मनी
d. यूएसए

Answer: d. यूएसए

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में राष्ट्रपति बनने के पहले ही दिन WHO से बाहर होने का फैसला किया था।
– एक वर्ष के नोटिस पीरियड खत्‍म होने के बाद जनवरी 2026 में अमेरिका ने खुद को पूरी तरह से WHO से अलग कर लिया।
– इसके बाद हेडक्‍वार्टर से अमेरिकी झंडा हटा लिया गया।
– अमेरिका अब देशों के साथ सीधे संपर्क करके रोग निगरानी और दूसरे प्राथमिकताओं पर काम करेगा।
– एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस फैसले से अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के हेल्थ सिस्टम पर असर पड़ सकता है।

अमेरिका क्‍यों हटा
– अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि WHO बीमारियों को रोकने, संभालने और जानकारी शेयर करने में नाकाम रहा है।
– इसे अमेरिकी कानून के खिलाफ भी माना जा रहा है।
– अमेरिका WHO का सबसे बड़ा दानदाता रहा है और संगठन के कुल बजट का करीब 18% देता था।
– WHO ने कहा है कि इस साल के मध्य तक उसे अपने करीब एक चौथाई कर्मचारियों की संख्या कम करनी पड़ सकती है।

WHO की 2 हजार 380 करोड़ फीस बकाया
– अमेरिका पर WHO की करीब 2 हजार 380 करोड़ रुपए से ज्यादा की फीस बकाया है।
– हालांकि, ट्रम्प प्रशासन का कहना है कहा कि वे कोई भुगतान नहीं करेंगे क्योंकि WHO को पहले ही जरूरत से ज्यादा दिया गया है।
– अमेरिकी कानून के मुताबिक किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन से बाहर होने के लिए एक साल पहले नोटिस देना और सभी बकाया भुगतान करना जरूरी होता है।
– हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने इस बात का खंडन किया कि कानून में ऐसी कोई शर्त है कि निकासी से पहले कोई भी भुगतान करना जरूरी है।
– WHO ने बताया है कि अमेरिका ने 2024 और 2025 की फीस अब तक नहीं दी है।

अमेरिकी मदद रोकी
– राष्ट्रपति ने WHO को भविष्य में दी जाने वाली किसी भी तरह की अमेरिकी सरकारी मदद और संसाधनों पर रोक लगा दी है।
– जनवरी 2026 में WHO प्रमुख टेड्रोस एडनॉम गेब्रेयेसस ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका फिर से WHO में शामिल होगा।
– उसका बाहर जाना अमेरिका और दुनिया दोनों के लिए नुकसान है।

ऐसे मिलता है WHO को फंड
– फंड सदस्‍य देश और निजी संस्‍थाएं देती हैं।
– देश अपनी संपत्ति और जनसंख्‍या के हिसाब से फंड देते हैं।
– अमेरिका के बाद सबसे बड़ा फंड बिल एंड मेलिंडा गेटस फाउंडेशन देता है।
– फ‍ंडिंग करने वाले देशें में अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन टॉप पर है।

WHO
– यह 7 अप्रैल 1948 को स्थापित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी है।
– इसका मुख्य कार्य वैश्विक स्वास्थ्य संबंधी मामलों का समन्वय करना और स्वास्थ्य नीतियों को लागू करना है।
– मुख्यालय जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में स्थित है।

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7. वर्ल्‍ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रदूषण से हर साल कितने लाख लोगों की मौत हो जाती है, जिसका जिक्र IMF की पूर्व अर्थशास्‍त्री गीता गोपीनाथन ने दावोस में वर्ल्‍ड इकनॉमिक फोरम के दौरान मीडिया से किया?
According to a World Bank report, how many lakhs of people die every year in India due to pollution, a fact that former IMF economist Gita Gopinath mentioned to the media during the World Economic Forum in Davos?

a. 10 लाख
b. 15 लाख
c. 17 लाख
d. 20 लाख

Answer: c. 17 लाख (कुल मौतों का लगभग 18%)

– वर्ल्ड बैंक की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल करीब 17 लाख लोगों की मौत प्रदूषण के कारण होती है।
– IMF की पूर्व मुख्‍य अर्थशास्‍त्री और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने कहा कि वर्ल्ड बैंक की 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह देश में होने वाली कुल मौतों का लगभग 18% है।
– गीता गोपीनाथ दावोस में 21 जनवरी 2026 को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की मीटिंग में शामिल होने पहुंची थीं।
– दावोस में भारतीय मीडिया से बात करते हुए पॉल्यूशन को भारत के लिए टैरिफ से ज्यादा बड़ा खतरा बताया है।
– उन्होंने कहा कि जब नए कारोबार और आर्थिक विकास की बात होती है, तो चर्चा ज्यादातर व्यापार, टैरिफ और नियमों तक सीमित रहती है, जबकि प्रदूषण को उतनी अहमियत नहीं दी जाती।

विदेशी इन्वेस्टर पर्यावरण भी ध्यान में रखते हैं
– गीता गोपीनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक जब भारत में कारोबार शुरू करने और यहां रहने की योजना बनाते हैं, तो वे पर्यावरण को भी ध्यान में रखते हैं।
– खराब हवा और खराब रहने की स्थिति, खासकर सेहत से जुड़े खतरे, निवेशकों को रोक सकते हैं।
– उन्होंने यह भी कहा कि यह चिंता उन भारतीयों के लिए और भी ज्यादा है जो रोज प्रदूषित शहरों में रहते और काम करते हैं।
– प्रदूषण पर कंट्रोल और नियमों में ढील जैसे मुद्दों पर तुरंत पॉलिसी लेवल पर कदम उठाने की जरूरत है।
– भारत जब खुद को एक ग्लोबल आर्थिक और मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के तौर पर पेश कर रहा है, तब ये बातें साफ करती हैं कि साफ शहर और बेहतर जीवन स्थितियां बहुत जरूरी हैं।

लैंसेट रिपोर्ट 2025 में भी 17 लाख मौतों की बात
– लैंसेट काउंटडाउन ऑन हेल्थ एंड क्लाइमेट चेंज ने भी 29 अक्टूबर 2025 को जारी रिपोर्ट में 17 लाख लोगों की मौत की पुष्टि की थी।
– लैंसेट की यह रिपोर्ट 71 शैक्षणिक संस्थानों और UN एजेंसियों से जुड़े 128 एक्सपर्ट्स ने मिलकर तैयार की है।
– भारत में वायु प्रदूषण अब सिर्फ एक पर्यावरण की समस्या नहीं बल्कि यह लोगों की जान और देश की अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
– रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में भारत में PM 2.5 नामक बारीक प्रदूषक कणों के कारण 17 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुईं।
– ये 2010 के मुकाबले 38% ज्यादा हैं।
– इनमें से करीब 44% मौतें कोयला और पेट्रोलियम जैसे जीवाश्म ईंधनों (फॉसिल फ्यूल) के जलने से हुईं।
– रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ कोयले के कारण करीब 3 लाख 94 हजार लोगों की मौत हुई।
– ज्यादातर मौतें थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण की वजह से हुईं।
– इसके अलावा सड़कों पर चलने वाले वाहनों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल से भी बड़ी संख्या में मौतें जुड़ी हैं।

वायु प्रदूषण से ₹30 लाख करोड़ का नुकसान
– रिपोर्ट की प्रमुख लेखिका मारियाना रोमानेलो ने कहा कि भारत के लिए एक अलग रिपोर्ट तैयार की गई है, क्योंकि देश जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से बहुत ज्यादा प्रभावित है।
– रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि 2022 में बाहर की हवा (PM2.5, धुआं, गाड़ियों का प्रदूषण, फैक्ट्रियां) के प्रदूषण से होने वाली मौतों का आर्थिक नुकसान करीब 339 अरब डॉलर (करीब 30 लाख करोड़ रुपए) रहा।
– यह भारत की कुल अर्थव्यवस्था का करीब 9.5% है।

केंद्र ने माना, 40% प्रदूषण ट्रांसपोर्ट सेक्टर से
– केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 में माना था कि दिल्ली में होने वाले प्रदूषण का करीब 40% हिस्सा गाड़ियों से आता है।
– केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि इसकी बड़ी वजह पेट्रोल और डीजल पर चलने वाली गाड़ियां हैं।
– उन्होंने कहा कि अब ऐसे ईंधन अपनाने की जरूरत है जो कम गंदगी फैलाएं।
– वहीं, संसद में सरकार ने कहा था कि अभी ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं है जिससे यह साफ साबित हो सके कि प्रदूषण सीधे तौर पर फेफड़ों की बीमारियों की वजह बनता है।
– लेकिन सरकार ने यह जरूर माना कि गंदी हवा सांस से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा सकती है।
– स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन सालों में दिल्ली में सांस की बीमारियों के दो लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं।
– इनमें से करीब 30 हजार लोगों को ज्यादा बीमार होने की वजह से अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

PM (पार्टिकुलेट मैटर)
– PM हवा में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों का एक जटिल मिश्रण है, जिसे ‘कण प्रदूषण’ भी कहते हैं।
– यह धूल, कालिख, धुआं और औद्योगिक उत्सर्जन से बनता है, जो साँस के साथ फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
– PM10 (10 माइक्रोमीटर) और PM (2.5 माइक्रोमीटर) होते हैं।
– PM10 (मोटे कण): इनका व्यास 10 माइक्रोमीटर से कम होता है, जो धूल, पराग और मोल्ड से उत्पन्न होते हैं।
– PM2.5 (महीन कण): इनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर से कम होता है, जो ईंधन जलने, वाहनों के धुएं और औद्योगिक प्रक्रियाओं से निकलते हैं।
– PM का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है।

टॉप-50 प्रदूषित शहरों में 47 भारत के
– दुनियाभर के सबसे प्रदूषित 50 शहरों की लाइव लिस्ट में दिसंबर 2025 में भारत के 47 शहर शामिल थे।
– दिल्ली-NCR के सभी इलाकों का AQI 400 पार था।
– ये खतरनाक कैटेगरी में आता है।

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8. राष्ट्रीय पर्यटन दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Tourism Day celebrated?

a. 24 जनवरी
b. 25 जनवरी
c. 27 जनवरी
d. 28 जनवरी

Answer: b. 25 जनवरी

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस का उद्देश्य
– पर्यटन के आर्थिक और सामाजिक महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं।
– नागरिकों को भारत के भीतर यात्रा करने और कम ज्ञात स्थलों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करें।
– पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देना
पर्यटन पर निर्भर स्थानीय समुदायों का समर्थन करें
– भारत के विविध सांस्कृतिक और प्राकृतिक आकर्षणों को उजागर करें

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9. राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Voters’ Day celebrated?

a. 24 जनवरी
b. 25 जनवरी
c. 27 जनवरी
d. 28 जनवरी

Answer: b. 25 जनवरी

– यह दिन भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की स्थापना का दिवस है, जो देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार संवैधानिक निकाय है।
– निर्वाचन आयोग की स्‍थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी।

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त : ज्ञानेश कुमार
चुनाव आयुक्‍त : सुखबीर सिंह संधु, विवेक जोशी

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10. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस कब मनाया जाता है?
When is International Education Day celebrated?

a. 24 जनवरी
b. 25 जनवरी
c. 27 जनवरी
d. 28 जनवरी

Answer: a. 24 जनवरी

2026 की थीम
– शिक्षा को मिलकर बनाने में युवाओं की शक्ति
– The power of youth in co-creating education

– संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2018 में 24 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में घोषित किया था।


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