यह 21 to 24 December 2025 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
PDF Download: Click here
1. सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला क्षेत्र की कितनी ऊंची पहाड़ियों को इसका हिस्सा होने की परिभाषा तय की, जिसके व्यापक विरोध के बाद केंद्र ने राज्यों से नई खनन लीज जारी न करने को कहा?
How high did the Supreme Court define the hills in the Aravalli mountain range area to be considered part of it, following which, after widespread protests, the central government asked the states not to issue new mining leases?
a. 50 मीटर
b. 100 मीटर
c. 150 मीटर
d. 200 मीटर
b. 100 मीटर
अरावली पर्वतमाला क्या है और क्यों महत्वपूर्ण?
– अरावली दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जो लगभग 2 अरब साल पुरानी है।
– यह गुजरात से दिल्ली तक करीब 700 किलोमीटर में फैली हुई है और गुजरात, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली से होकर गुजरती है।
पारिस्थितिक महत्व:
– थार मरुस्थल की रेत को पूर्व की ओर बढ़ने से रोकती है (दिल्ली-एनसीआर को रेगिस्तान बनने से बचाती है)।
– भूजल रिचार्ज करती है, जैव विविधता को संरक्षण देती है और दिल्ली-एनसीआर की हवा को साफ रखने में मदद करती है।
– प्रदूषण, धूल भरी आंधियां और गर्मी को नियंत्रित करती है।
– पिछले दशकों में अवैध खनन, निर्माण और जंगल कटाई से यह गंभीर खतरे में है।
विवाद की जड़: सुप्रीम कोर्ट का नवंबर 2025 का फैसला
– अरावली पहाड़ी: स्थानीय धरातल से 100 मीटर या इससे अधिक ऊंची भू-आकृति (ढलान सहित)
– अरावली पर्वतमाला: दो या अधिक ऐसी पहाड़ियां जो एक-दूसरे से 500 मीटर के दायरे में हों।
विवाद क्यों मचा?
पर्यावरणविदों और विपक्ष का तर्क:
– 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियां (जो अरावली का बड़ा हिस्सा हैं, खासकर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में) अब “अरावली” नहीं मानी जाएंगी।
– इससे 90% से अधिक क्षेत्र संरक्षण से बाहर हो सकता है, जिससे खनन, रियल एस्टेट और निर्माण बढ़ सकता है।
– परिणाम: रेगिस्तान का विस्तार, भूजल स्तर गिरना, प्रदूषण बढ़ना और जैव विविधता का नुकसान।
– खबरों में यह भी बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिन एजेंसियों से इस मामले में राय मांगी थी, उनमें से कइयों ने 100 मीटर की परिभाषा का विरोध किया था।
– “खनन लॉबी के हित में” फैसला कराने का आरोप लगाया गया।
– सोशल मीडिया पर #SaveAravalli कैंपेन चला, राजस्थान-हरियाणा में प्रदर्शन हुए।
सरकार और पर्यावरण मंत्रालय का पक्ष (भूपेंद्र यादव):
– कोई छूट नहीं दी गई; 90% से अधिक अरावली सुरक्षित रहेगी।
– वैध खनन केवल 0.19% क्षेत्र में है (मुख्यतः राजस्थान में)।
– नई परिभाषा से अस्पष्टता दूर हुई, अवैध खनन रोका जाएगा।
विवाद के बाद राज्यों को केंद्र का निर्देश
– अरावली पर्वतमाला को लेकर चल रहे विवाद और विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने 24 दिसंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।
– यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के फैसले के बाद आया है, जिसमें अरावली की नई परिभाषा (100 मीटर ऊंचाई वाली पहाड़ियां) को स्वीकार किया गया था। विरोध का मुख्य कारण यही परिभाषा थी, क्योंकि आलोचकों का मानना है कि इससे कम ऊंचाई वाली पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो सकती हैं।
– पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली सहित सभी संबंधित राज्यों को स्पष्ट आदेश दिए हैं:
– अरावली क्षेत्र में कोई नई खनन लीज (पट्टा) जारी नहीं की जाएगी। यह पूर्ण प्रतिबंध है और पूरी अरावली रेंज (गुजरात से दिल्ली तक) पर समान रूप से लागू होगा।
– साथ ही, इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को निर्देश दिया गया है कि वह पूरे अरावली क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करे और ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां खनन पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जा सके।
– मौजूदा वैध खदानों के लिए भी सख्त पर्यावरण नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है, और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार निगरानी बढ़ाई जाएगी।
—————-
2. इसरो ने किस रॉकेट के जरिए 6,100 किलोग्राम वजन के अमेरिकी सैटेलाइट ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ को दिसंबर 2025 में लॉन्च किया?
Which rocket did ISRO use to launch the 6,100 kg American satellite ‘Bluebird Block-2’ in December 2025?
a. PSLV-M6
b. GSL-Mk-I
c. SSLV-H5
d. LVM3-M6
Answer: d. LVM3-M6
– ISRO ने 24 दिसंबर 2025 को LVM3-M6 रॉकेट से BlueBird Block-2 संचार उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा।
– यह दिसंबर 2025 तक तक ISRO द्वारा किए गए सबसे भारी सैटेलाइट प्रक्षेपण (लगभग 6,100 किग्रा) है।
– लॉन्च स्थल: सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
– लगभग 520 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO)
BlueBird Block-2 सैटेलाइट — क्या खास है?
– निर्माता: यूएस-आधारित कंपनी AST स्पेसमोबाइल
– यह उपग्रह LEO कक्षा में सबसे बड़ा वाणिज्यिक कम्युनिकेशन सैटेलाइट है।
– इसका मुख्य काम है डायरेक्ट-टू-मोबाइल कनेक्टिविटी देना
– इसरो ने कहा कि यह उपग्रह समूह “हर किसी के लिए, हर जगह, हर समय” 4G और 5G वॉयस और वीडियो कॉल, टेक्स्ट मैसेज, स्ट्रीमिंग और डेटा की सुविधा प्रदान करेगा।
– पारंपरिक सैटेलाइट्स की तरह अलग ग्राउंड स्टेशन की आवश्यकता भी कम होगी।
मिशन क्यों महत्वपूर्ण है?
– सबसे भारी पेलोड: अब तक ISRO द्वारा LVM3 रॉकेट से भेजा गया सबसे भारी उपग्रह (6,100 किग्रा)
– तीसरी वाणिज्यिक उड़ान: यह LVM3 का तीसरा पूर्ण रूप से वाणिज्यिक मिशन थी।
LVM-3 रॉकेट की तकनीकी बातें
– LVM3 एक तीन-स्टेज रॉकेट है जिसमें सॉलिड, लिक्विड और क्रायोजेनिक इंजन रहते हैं।
– मूल रूप से यह रॉकेट भारी उपग्रहों को जियो-सिंक्रोनस ऑर्बिट (जीईओ) (बड़ी कक्षा) में भेजने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसे लोअर अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भारी पेलोड भेजने के लिए भी उपयोग किया जा रहा है।
– इस मिशन के अनुभव के आधार पर आगे रॉकेट इंजन और प्रणोदन (थ्रस्ट) क्षमता में सुधार करने के कार्य चल रहे हैं, जिससे भविष्य में 10,000 किग्रा तक के पेलोड LEO में भेजने की क्षमता प्राप्त हो सके।
—————
3. छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल किस जलाशय को घोषित किया गया?
Which reservoir was declared as Chhattisgarh’s first Ramsar site?
a. कोपरा जलाशय
b. सिलीसेढ़ जलाशय
c. राजसमंदर जलाशय
d. इनमें से कोई नहीं
Answer: a. कोपरा जलाशय (यह बिलासपुर में स्थित है)
– दिसंबर 2025 में बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को रामसर स्थल घोषित किया गया।
– छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने इसे राज्य का पहला ऐसा आर्द्रभूमि स्थल बताते है।
कोपरा जलाशय
– बिलासपुर जिले में स्थित यह स्थल महानदी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में स्थित एक जलाशय है।
– इसका निर्माण क्षेत्रीय जल संकट को दूर करने के लिए 1993 में किया गया था।
– स्थानीय समुदाय भी ताजे पानी के लिए इस पर निर्भर हैं।
– कोपरा जलशय 60 से अधिक प्रवासी पक्षियों की प्रजाति को आश्रय प्रदान करता है।
वेटलैंड किसे कहते हैं?
– यह ऐसी नम भूमि (wetland) होती है, जहां बारिश के समय पानी जमा होता है। साथ ही इस क्षेत्र में पक्षियों की बड़ी संख्या में प्रजाति भी पाई जाती है।
– पिछले वर्षों में कई साइट को रामसर साइट में शामिल किया गया है इसके संरक्षण के लिए यूनेस्को मदद देता है।
रामसर स्थल क्यों कहते हैं?
– रामसर, ईरान का एक शहर है।
– यहां पर 2 फरवरी, 1971 को रामसर आर्द्रभूमि समझौता (Ramsar Convention on Wetlands) पर दुनिया के देशों ने सिग्नेचर किए थे।
– इसलिए इसे रामसर संधि कहा जाता है. कुछ लोग इस संधि को आर्द्रभूमि संधि (Wetland Convention) भी कहते हैं।
– यह 1975 में लागू हुई।
– इस संधि का औपचारिक नाम है – अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व, विशेषकर जल पक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमियों के विषय में संधि।
– यह एक अंतर-सरकारी संधि है जो आर्द्रभूमि के संरक्षण और समुचित उपयोग के सम्बन्ध में मार्गदर्शन करती है।
– भारत ने 1982 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए।
– भारत में आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के संरक्षण के मामलों के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु-परिवर्तन मंत्रालय नोडल मंत्रालय घोषित है।
भारत के 96 रामसर स्थल (22 दिसंबर 2025 तक)
1. अस्थमुड़ी वेटलैंड, केरल
2. ब्यास कंजर्वेशन रिजर्व, पंजाब
3. भितरकनिका मैंग्रोव, उड़ीसा
4. भोज वेटलैंड्स, मप्र
5. चंदेरटल वेटलैंड, हिमाचल प्रदेश
6. चिल्का झील, उड़ीसा
7. दीपोर बील, असम
8. पूर्वी कोलकाता वेटलैंड्स, पश्चिम बंगाल
9. हरिके झील, पंजाब
10. होकेरा वेटलैंड, जम्मू और कश्मीर
11. कांजली झील, पंजाब
12. केवलादेव घाना एनपी, राजस्थान
13. केशोपुर-मियां सामुदायिक रिजर्व, पंजाब
14. कोल्लेरू झील, आंध्र प्रदेश
15. लोकतक झील, मणिपुर
16. नालसरोवर पक्षी अभयारण्य, गुजरात
17. नंदुर मदमहेश्वर, महाराष्ट्र
18. नांगल वन्यजीव अभयारण्य, पंजाब
19. नवाबगंज पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
20. पार्वती आगरा पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
21. प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
22. पोंग डैम झील, हिमाचल प्रदेश
23. रेणुका वेटलैंड, हिमाचल प्रदेश
24. रोपड़ झील, पंजाब
25. रुद्रसागर झील, त्रिपुरा
26. समन पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
27. समसपुर पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
28. सांभर झील, राजस्थान
29. सांडी पक्षी अभयारण्य, उत्तर प्रदेश
30. सरसई नवर, उत्तर प्रदेश
31. सस्तमकोट्टा झील, केरल
32. सुंदरबन वेटलैंड, पश्चिम बंगाल
33. सुरिंसार-मानसर झीलें, जम्मू और कश्मीर
34. त्सोमोरिरी झील, जम्मू और कश्मीर
35. ऊपरी गंगा नदी, यूपी
36. वेम्बनाड कोल वेटलैंड, केरल
37. वुलर झील, जम्मू और कश्मीर
38. आसन कंजर्वेशिन रिजर्व, उत्तराखंड
39. काबरताल (कांवर झील), बिहार
40. कीठम झील (सूरसरोवर), उत्तर प्रदेश (आगरा)
41. लोनार झील, महाराष्ट्र
42. ‘स्तार्तासापुक त्सो’ और ‘त्सो कर’ झील, लद्दाख
43. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, हरियाणा
44. भिड़ावास वन्यजीव अभ्यारण्य, हरियाणा
45. थोल झील वन्यजीव अभ्यारण, गुजरात
46. वाधवाना आर्द्रभूमि क्षेत्र, गुजरात
47. हैदरपुर वेटलैंड, उत्तर प्रदेश
48. खिजादिया बर्ड सेंचुरी, गुजरात
49. बखिरा वाइल्डलाइफ सेंचुरी, उत्तर प्रदेश
50. करीकिली पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
51. पल्लिकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट, तमिलनाडु
52. पिचवरम मैंग्रोव, तमिलनाडु
53. पाला वेटलैंड, मिजोरम
54. साख्य सागर वेटलैंड, मध्य प्रदेश
55. कूनथनकुलम पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
56. सतकोसिया गॉर्ज, ओडिशा
57. नंदा झील, गोवा
58. ‘गल्फ ऑफ मन्नार मरीन बायोस्फीयर रिजर्व’, तमिलनाडु
59. रंगनाथितु पक्षी अभ्यारण्य, कर्नाटक
60. वेम्बन्नूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, तमिलनाडु
61. वेलोड पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
62. सिरपुर वेटलैंड, मध्य प्रदेश
63. वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
64. उदयमार्थंदपुरम पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
65. तंपारा झील, ओडिशा
66. हीराकुंड जलाशय, ओडिशा
67. अंशुपा झील, ओडिशा
68. यशवंत सागर, मध्य प्रदेश
69. चित्रांगुडी पक्षी अभ्यारण्य, तमिलनाडु
70. सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, तमिलनाडु
71. वडुवूर पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
72. कांजीरकुलम पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
73. ठाणे क्रीक, महाराष्ट्र
74. हाइगम वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व, जम्मू और कश्मीर
75. शालबुग वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व, जम्मू और कश्मीर
76. अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व, कर्नाटक
77. अघानाशिनी अभ्यारण्य, कर्नाटक
78. मगदी केरे संरक्षण रिजर्व, कर्नाटक
79. कराईवेट्टी पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
80. लॉन्गवुड शोला रिजर्व वन, तमिलनाडु
81. नागी पक्षी अभयारण्य, बिहार
82. नकटी पक्षी अभयारण्य, बिहार
83. नंजरायन पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
84. काज़ुवेली पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
85. तवा जलाशय, मध्य प्रदेश
86. सक्करकोट्टई पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
87. थेरथंगल पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
88. खेचोपलरी वेटलैंड, सिक्किम
89. उधवा झील, झारखंड
90. मेनार वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, राजस्थान (उदयपुर)
91. खीचन वेटलैंड, राजस्थान (जोधपुर)
92. गोकुल जलाशय, बिहार (बक्सर)
93. उदयपुर झील, बिहार (पश्चिम चंपारण)
94. गोगाबिल झील, बिहार (कटिहार)
95. कोपरा जलाशय, छत्तीसगढ़ (बिलासपुर)
96. सिलीसेढ़ झील, राजस्थान (अलवर)
—————
4. सिलीसेढ़ झील किस राज्य में स्थिति है, जिसे दिसंबर 2025 में रामसर स्थल का दर्जा मिला?
In which state is Siliserh Lake located, which received Ramsar site status in December 2025?
a. छत्तीसगढ़
b. बिहार
c. राजस्थान
d. झारखंड
Answer: c. राजस्थान (अलवर में यह झील है)
– सिलीसेढ़ झील राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है।
– यह अलवर शहर के नजदीक सिलीसेढ़ झील अरावली की वादियों के बीच में है।
– इस झील के आसपास 100 से ज्यादा प्रजातियों के देसी विदेशी पक्षी रहते हैं।
– यह राजस्थान का 5वां तथा देश का 96वां रामसर स्थल है।
– इससे पहले राजस्थान में 4 रामसर स्थल थे।
————–
5. किस राज्य में स्थित गोगाबिल झील को रामसर स्थल का दर्जा मिला?
In which state is the Gogabil Lake located, which has been granted the status of a Ramsar site?
a. छत्तीसगढ़
b. बिहार
c. राजस्थान
d. झारखंड
Answer: b. बिहार (यह झील कटिहार में स्थित है)
– गोगाबिल एक स्थायी जलाशय है, जो गर्मियों में सिकुड़ता तो है लेकिन कभी पूरी तरह सूखता नहीं।
– यह मध्य एशियाई फ्लाईवे के अंतर्गत एक महत्त्वपूर्ण शीतकालीन आवास स्थल है।
– गोगाबिल झील बिहार का पहला सामुदायिक अभयारण्य है। यह राज्य का 15वाँ संरक्षित क्षेत्र (PA) है।
————–
6. पारंपरिक चिकित्सा पर द्वितीय वैश्विक WHO शिखर सम्मेलन दिसंबर 2025 में कहां आयोजित हुआ?
Where was the second global WHO summit on traditional medicine held in December 2025?
a. गांधीनगर
b. नई दिल्ली
c. मधुबनी
d. लखनऊ
Answer: b. नई दिल्ली
– पारंपरिक चिकित्सा पर द्वितीय WHO वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन 17-19 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में हुआ।
– इससे पहले 2023 में गांधीनगर, गुजरात में पहला शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था।
– यह सम्मेलन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, ताकि पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से स्वास्थ्य तथा कल्याण पर वैश्विक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके।
– सम्मेलन का विषय : “लोगों और ग्रह के लिये संतुलन बहाल करना: कल्याण का विज्ञान तथा अभ्यास”।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
– स्थापना: 7 अप्रैल, 1948
– मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
– वर्तमान महानिदेशक: डॉ. टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस
————–
7. PM मोदी ने किस समिट में अश्वगंधा पर स्मारक डाक टिकट जारी किया?
At which summit did PM Modi release a commemorative postage stamp on Ashwagandha?
a. पारंपरिक चिकित्सा पर WHO ग्लोबल समिट
b. ब्रिक्स समिट
c. यूनेस्को शिखर सम्मेलन
d. इनमें से कोई नहीं
Answer: a. पारंपरिक चिकित्सा पर WHO ग्लोबल समिट
– नई दिल्ली में 17-19 दिसंबर 2025 को द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन हुआ।
– इस दौरान दौरान नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रसिद्ध औषधीय पौधे अश्वगंधा पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया।
– अश्वगंधा तनाव निवारण और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।
– यह कदम आयुष प्रणालियों (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने और पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों से जोड़ने के भारत के प्रयासों को मजबूत करता है।
—————
8. नोबेल पुरस्कार देने वाली स्वीडिश अकादमी की नई प्रमुख कौन होंगी?
Who will be the new head of the Swedish Academy, which awards the Nobel Prize?
a. क्रिस्टिएना
b. इंग्रीड कार्लबर्ग
c. होरेस एंगडाहल
d. अरविंद कार्लसन
Answer: b. इंग्रीड कार्लबर्ग
– स्वीडिश अकादमी ने 20 दिसंबर, 2025 को घोषणा की कि उसके स्थायी सचिव, मैट्स माल्म ने इस्तीफा दे दिया है।
– स्वीडिश अकादमी साहित्य का नोबेल पुरस्कार तय करती है।
– इंग्रीड कार्लबर्ग 1 जून, 2026 से चार्ज लेंगी।
– सात साल के कार्यकाल के बाद पुरस्कार तय करती है।
– 2018 में यौन उत्पीड़न और हितों के टकराव के घोटालों के बाद अकादमी में भारी संकट आया था, जिसके कारण कई सदस्यों ने इस्तीफा दिया और 2018 का साहित्य पुरस्कार नहीं दिया जा सका था।
————–
9. दुनिया के पहले व्यक्ति का नाम बताइए, जिनकी संपत्ति दिसंबर 2025 में $700 अरब को पार कर गई, जो पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की GDP से भी ज्यादा है?
Name the first person in the world whose net worth exceeded $700 billion in December 2025, which is more than the combined GDP of Pakistan, Sri Lanka, and Nepal?
a. बर्नार्ड जीन
b. जेफ बेजोस
c. मार्क जुकरबर्ग
d. इलॉन मस्क
Answer: d. इलॉन मस्क
– एलन मस्क (Tesla और SpaceX के सीईओ) इतिहास के पहले व्यक्ति बन गए हैं जिनकी कुल संपत्ति 700 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹58 लाख करोड़ से अधिक) हो गई है।
– यह पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की GDP से भी ज्यादा है।
– जबकि तीनों देशों की कुल GDP करीब 555 बिलियन डॉलर है।
सबसे ज्यादा संपत्ति
– एलन मस्क की संपत्ति में यह बढ़ोतरी डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आई, जिसने मस्क का 56 बिलियन डॉलर का टेस्ला पे पैकेज बढ़कर 139 बिलियन डॉलर हो गया।
– इस फैसले से मिले स्टॉक ऑप्शन की कीमत लगभग $139 अरब डॉलर (लगभग ₹11.5 लाख करोड़) आंकी जा रही है। इससे मस्क की कुल दौलत करीब $749 अरब तक पहुँच गयी—और वे पहले व्यक्ति बने जिनकी संपत्ति $700 अरब से ऊपर रही।
– भविष्य की संभावनाएँ: नवंबर में टेस्ला के शेयरधारकों ने उनके लिए $1 ट्रिलियन डॉलर के एक नए पे-पैकेज को मंज़ूरी दी था, जो कंपनी के भविष्य के लक्ष्य पूरा होने पर और भी बड़ा हो सकता है।
– उनकी संपत्ति भारत के टॉप 40 सबसे अमीरों की कुल वेल्थ के बराबर है।
————–
10. अंतरिक्ष यात्रा करने वाली दुनिया की पहली व्हीलचेयर यूजर कौन बनीं?
Who became the world’s first wheelchair user to travel to space?
a. मिची बेंटहॉस
b. पैगी व्हिटसन
c. ‘लोलो’ स्पेंसर
d. सारिता द्विवेदी
Answer: a. मिची बेंटहॉस
– मिची बेंटहॉस वह जर्मनी से हैं।
– वह यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) में काम करने वाली एक एयरोस्पेस इंजीनियर हैं।
– एयरोस्पेस इंजीनियर मिची बेंटहॉस दुनिया की पहली व्हीलचेयर यूजर बनीं, जिन्होंने अंतरिक्ष यात्रा की।
– यह यात्रा 20 दिसंबर 2025 को जेफ बेजोस की स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन से हुई।
– न्यू शेपर्ड रॉकेट NS-37 मिशन मिची और 5 अन्य यात्रियों को लेकर उड़ान भरी।
– 2018 में एक माउंटेन बाइकिंग एक्सीडेंट के बाद उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा।
————–
11. दिसंबर 2025 में किस देश को ब्रिक्स की अध्यक्षता मिली?
Which country assumed the BRICS chairmanship in December 2025?
a. ब्राजील
b. भारत
c. चाइना
d. ईरान
Answer: b. भारत
BRICS: BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है।
– BRICS की अध्यक्षता हर वर्ष रोटेशन के आधार पर बदलती है।
– ब्राज़ील ने 11-12 दिसंबर 2025 को चौथी BRICS शेरपा बैठक के समापन सत्र के दौरान अध्यक्षता भारत को सौंपी।
– यह हस्तांतरण 12 दिसंबर 2025 को चौथी BRICS शेरपा बैठक के समापन सत्र के दौरान किया गया।
– ब्राज़ील के शेरपा राजदूत मॉरिसियो लिरियो ने भारत के शेरपा राजदूत सुधाकर दलैला को प्रतीकात्मक BRICS गदा (Gavel) सौंपी।
– औपचारिक रूप से ब्राज़ील 31 दिसंबर 2025 तक अध्यक्ष रहेगा।
ब्रिक्स
– मुख्यालय : शंघाई, चीन
– स्थापना : 2009
– यह 10 महत्वपूर्ण इमर्जिंग इकोनॉमी का संगठन है।
– यह समूह दुनिया की 41 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
– दुनिया की GDP का लगभग 26 प्रतिशत ब्रिक्स देशों का है।
– भारत को चौथी बार 2025 में अध्यक्षता मिली। इससे पहले तीन बार 2012, 2016 और 2021 समिट की अध्यक्षता कर चुका है।
ब्रिक्स के कुल सदस्य और शामिल होने का वर्ष
– Brazil : 2006
– Russia : 2006
– India : 2006
– China : 2006
– South Africa : 2011
– Iran : 2024
– Egypt : 2024
– Ethiopia : 2024
– United Arab Emirates : 2024
– Indonesia : 2025
—————
12. भारत और न्यूजीलैंड ने दिसंबर 2025 में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) सहमति का ऐलान किया, इसके तहत सभी भारतीय निर्यात पर कितना प्रतिशत टैरिफ लगेगा?
India and New Zealand announced a free trade agreement (FTA) in December 2025. Under this agreement, what percentage tariff will be applied to all Indian exports?
a. 0%
b. 5%
c. 10%
d. 15%
Answer: a. 0%
– भारत और न्यूजीलैंड ने 22 दिसंबर 2025 को मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) पर वार्ताओं को सफलतापूर्वक समाप्त करने की घोषणा की।
– प्रधानमंत्रियों नरेंद्र मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन ने यह घोषणा की।
– यह समझौता भारत का 2025 में तीसरा ट्रेड एग्रीमेंट है। (UK और Oman के बाद)
– पिछले 5 वर्षों में यह सातवां ट्रेड एग्रीमेंट है।
– समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 2026 की पहली तिमाही में होने की उम्मीद है।
– यह भारत की FTA रणनीति का हिस्सा है, जहां संवेदनशील क्षेत्रों (डेयरी आदि) की रक्षा करते हुए बाजार पहुंच बढ़ाई जा रही है। अन्य हालिया समझौतों से तुलना (ओमान-CEPA, UK-FTA) में यह शुद्ध FTA है।
– इससे पहले सिर्फ श्रीलंका के साथ शुद्ध FTA हो चुका है।
पिछले 5 वर्षों में यह सातवां ट्रेड एग्रीमेंट
– 2021 – मॉरीशास (CECPA)
– 2022 – यूएई (CEPA)
– 2022 – ऑस्ट्रेलिया (ECTA)
– 2024-25 – EFTA (TEPA)
– 2025 – यूनाइटेड किंगडम (CETA)
– 2025 – ओमान (CEPA)
– 2025-26 – न्यूजीलैंड (FTA)
द्विपक्षीय व्यापार की वर्तमान स्थिति (2024-25)
– कुल व्यापार (माल + सेवाएं): लगभग 2.4 बिलियन USD (सेवाएं मुख्य रूप से IT, यात्रा और व्यवसाय सेवाएं)।
– लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में व्यापार दोगुना करना; न्यूजीलैंड से भारत में 15 वर्षों में 20 बिलियन USD निवेश।
भारत के लिए समझौत के फायदे
– भारत के 100% निर्यात पर न्यूजीलैंड में शून्य शुल्क (zero duty)
– संवेदनशील क्षेत्रों (डेयरी, चीनी, कुछ कृषि उत्पाद, हथियार आदि) की रक्षा – 29.97% टैरिफ लाइनों को छूट
– सेवाओं में बड़ा लाभ: IT, फाइनेंशियल सर्विसेज, शिक्षा, पर्यटन, निर्माण आदि में बेहतर पहुंच
– छात्रों/युवाओं के लिए: अध्ययन के दौरान काम (न्यूनतम 20 घंटे/सप्ताह), पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा (STEM में 3 वर्ष तक), वर्किंग हॉलिडे वीजा
– MSME, किसान, महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसर
– स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा पर अलग अनुबंध (न्यूजीलैंड का किसी देश के साथ पहला ऐसा अनुबंध)।
न्यूजीलैंड के लिए समझौत के फायदे
– न्यूजीलैंड के 95% निर्यात पर भारत में शुल्क कम या शून्य (आधे से अधिक तुरंत शून्य शुल्क)।
– कीवी फ्रूट, सेब, शहद आदि में बेहतर पहुंच (भारत में पहली बार कुछ उत्पादों के लिए FTA स्तर पर पहुंच)।
– भारत की तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था (1.4 बिलियन उपभोक्ता) में प्रवेश।
FTA के महत्व
– आर्थिक महत्व: वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं (ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियां) के बीच भारत की व्यापार विविधीकरण रणनीति का हिस्सा। भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी मजबूत कर रहा है।
– संरक्षित क्षेत्र: भारत ने डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखा, जो घरेलू किसानों और MSME की रक्षा करता है।
– सेवा क्षेत्र और मोबिलिटी: भारत की ताकत (IT, प्रोफेशनल सर्विसेज) को बढ़ावा; स्किल्ड भारतीय पेशेवरों/छात्रों के लिए नए अवसर।
– रणनीतिक आयाम: इंडो-पैसिफिक में मजबूत साझेदारी; रक्षा, शिक्षा, खेल और लोगों-से-लोगों संपर्क को बढ़ावा।
न्यूजीलैंड
– राजधानी: वेलिंग्टन
– आबादी: 53 लाख (2025 )
– मुद्रा: न्यूजीलैंड डॉलर
– पड़ोसी देश: ऑस्ट्रेलिया, न्यू कैलेडोनिया, फिजी और टोंगा
————–
13. किस राज्य के अपने तीन शहरों को पवित्र नगरी का दर्जा देने का नोटिफिकेशन जारी किया?
Which state issued a notification granting the status of holy city to three of its cities?
a. हिमाचल प्रदेश
b. मध्य प्रदेश
c. पंजाब
d. उत्तर प्रदेश
Answer: c. पंजाब (अमृतसर, आनंदपुर साहिब, तलवंडी साबो)
– पंजाब के अमृतसर, आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को आधिकारिक रूप से पवित्र नगरी घोषित कर दिया है।
– पंजाब सरकार ने 21 दिसंबर 2025 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया है।
– मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि तीन तख्तों के लिए श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए ई-रिक्शा और शटल बस सेवा सरकार की तरफ से चलाई जाएगी।
– सिख पंथ के पांच तख्तों में तीन इन्हीं शहरों में हैं।
– अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में श्री केसगढ़ साहिब और तलवंडी साबो स्थित श्री दमदमा साहिब हैं।
– इनके आध्यात्मिक गलियारे अब पवित्र नगरी कहलाएंगे।
– पवित्र शहरों में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए एक अंतर-धार्मिक सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा।
– इसमें सिख, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
ये पूरी तरह होगा बंद
– मांस-मछली और नॉनवेज रेस्तरां।
– शराब के ठेके, बार, वाइन शॉप।
– सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, तंबाकू उत्पाद।
– हुक्का बार और सभी प्रकार के नशीले पदार्थ।
ये होंगे बदलाव
– पवित्र गलियारों में निर्माण और ऊंची इमारतों पर नियंत्रण
– अवैध कारोबार और अनुचित गतिविधियों पर पाबंदी।
– धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी।
– अतिरिक्त पुलिस चौकियां और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम।
पंजाब
राजधानी: चण्डीगढ़
राज्यपाल: गुलाब चन्द कटारिया
आबादी: 2.77 करोड़ (2011)
भाषा: पंजाबी
पड़ोसी राज्य: हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू और कश्मीर
—————
14. भारत लगातार तीसरे वर्ष वैश्विक डोपिंग उल्लंघन लिस्ट (WADA रिपोर्ट 2024) में किस स्थान पर रहा?
What rank did India hold for the third consecutive year in the global doping violations list (WADA report 2024)?
a. 1st
b. 2nd
c. 3rd
d. 4th
Answer: a. 1st (दुनिया में सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी दर: लगभग 3.6%)
– यह रिपोर्ट 16 दिसंबर 2025 को जारी की गई।
– विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) रिपोर्ट 2024 के अनुसार भारत ने सबसे अधिक डोपिंग उल्लंघन दर्ज किए।
– भारत में 260 एथलीटों के नमूनों में प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए।
– यही संख्या किसी भी अन्य देश से अधिक है।
कुल टेस्ट और पॉज़िटिविटी दर
– डोपिंग टेस्ट: 7,113 परीक्षण (यूरिन + ब्लड)
– पॉज़िटिव मामले: 260
– पॉजिटिविटी दर: लगभग 3.6% यह दर उन देशों से भी कहीं अधिक है जिन्होंने अधिक टेस्ट किए।
– उदाहरण: चीन ने 24,214 परीक्षणों में केवल 43 पॉज़िटिव पाए।
खेलों में डोपिंग — प्रमुख उदाहरण
– एथलेटिक्स – 76 मामले
– वेटलिफ्टिंग – 43
– कुश्ती – 29
– मुक्केबाजी, पावरलिफ्टिंग, कबड्डी आदि में भी मामले रहे।
यह क्यों चिंता का विषय है?
– खेलों में निष्पक्षता (Fair Play) की छवि को ख़तरा
– भारत की 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स / 2036 ओलंपिक मेजबानी की उम्मीदों पर सवाल
– युवा खिलाड़ियों को खतरनाक हार्मोन/ड्रग्स द्वारा चोट पहुँचने का जोखिम
– खेल विशेषज्ञों के अनुसार यह “सिस्टमिक (व्यवस्थित)” समस्या का संकेत है।
डोपिंग क्या है?
– डोपिंग = खेल प्रदर्शन बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित दवाएं या तरीके का इस्तेमाल।
– इससे खिलाड़ी को अनैतिक लाभ मिलता है।
– यह डोपिंग विरोधी नियमों का उल्लंघन है।
– ऐसी गतिविधियाँ WADA द्वारा सख़्ती से प्रतिबंधित हैं।
————–
15. देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से टेरिटोरियल आर्मी में कमीशन (अधिकारी के रूप में नियुक्त) पाने वाली पहली महिला अधिकारी कौन हैं?
Who is the first woman officer to receive a commission (appointment as an officer) in the Territorial Army from the Indian Military Academy (IMA) in Dehradun?
a. अंजू यादव
b. प्रिया सिंह
c. साई जाधव
d. अंजलि वर्मा
Answer: c. साई जाधव
IMA से कमीशन पाने का अर्थ
– IMA से कमीशन पाना = भारतीय सेना में अधिकारी – (Commissioned Officer) के रूप में औपचारिक रूप से नियुक्त होना।
– जब कोई कैडेट IMA में प्रशिक्षण पूरा करता है और Passing Out Parade (POP) के बाद शपथ लेता है, तो उसे
– भारतीय राष्ट्रपति की ओर से कमीशन दिया जाता है।
– 23 वर्षीय साई प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशंड हुईं।
– IMA में पहली बार प्रादेशिक सेना के लिए एक स्पेशल कोर्स शुरू किया गया था।
– इसी कोर्स के तहत 23 वर्षीय साई जाधव का चयन हुआ।
– उनके पिता संदीप जाधव खुद टेरिटोरियल आर्मी में हैं।
– साई जाधव महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली हैं।
– 20 दिसंबर 2025 को आयोजित पिपिंग सेरेमनी में सई जाधव के माता-पिता ने उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे लगाए।
– उन्होंने पहले टेरिटोरियल आर्मी का ऑल इंडिया एग्जाम पास किया, इसके बाद एसएसबी इंटरव्यू में सफलता हासिल की।
– जाधव का परिवार चार पीढ़ियों से सेना से जुड़ा रहा है।
– पिता मेजर संदीप जाधव खुद सेना में अधिकारी हैं।
– परदादा ब्रिटिश आर्मी में रहे।
– मामा भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे चुके हैं।
IMA से पासआउट पहली अधिकारी
– वर्तमान में, आठ महिला अधिकारी कैडेट भारतीय सेना के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं, जो राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 2022 के प्रवेश के माध्यम से चयनित पहले बैच का हिस्सा हैं।
– साई जाधव को इस क्षेत्र में प्रवेश करने का अवसर विशेष अनुमति के माध्यम से मिला, जिसके बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में छह महीने का कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
भारतीय सेना (Indian Army) – ऑफिसर ट्रेनिंग सेंटर
– राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खड़गवासला, पुणे (महाराष्ट्र)
– भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून, उत्तराखंड
– ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई (तमिलनाडु) और गया (बिहार)


