यह 22 & 23 फरवरी 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. किस फाइटर जेट के ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से एयरफोर्स ने फरवरी 2026 में 30 विमान ग्राउंड कर दिए?
Due to a problem in the brake system of which fighter jet, the Air Force grounded 30 aircraft in February 2026?
a. राफेल
b. सुखाई SU-30MKI
c. मिराज 2000
d. तेजस
Answer: d. तेजस
– इंडियन एयर फोर्स (IAF) के हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने लैंडिंग के समय रनवे पार कर लिया।
– प्रारंभिक जांच में ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
– मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे The Hindu) के अनुसार घटना 7 फरवरी 2026 की बताई जा रही है।

घटना कैसे हुई
– 7 फरवरी को यह विमान प्रशिक्षण उड़ान पूरी कर एयरबेस पर लौट रहा था।
– रनवे पर उतरने के बाद पायलट ने विमान को रोकने के लिए ब्रेक का उपयोग किया।
– ब्रेक प्रभावी न होने के कारण विमान निर्धारित सीमा से आगे निकल गया।
– स्थिति बिगड़ने से पहले पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहा।
– हवाई अड्डे पर रनवे से आगे निकल जाने के कारण उसके एयरफ्रेम को भारी नुकसान पहुंचा है।
– किस एयरबेस पर यह घटना हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
लगभग 30 विमानों को एहतियातन रोका गया
– वायुसेना ने करीब 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों को तकनीकी जांच के लिए अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया है।
– जांच पूरी होने तक ये विमान उड़ान नहीं भरेंगे।
– यह ऑपरेशनल उपलब्धता (Operational Readiness) पर असर डाल सकता है।
– हालाँकि, जांच पूरी होने के बाद उड़ान बहाल हो जाती है, तो प्रभाव सीमित रहेगा।
– इस मामले पर IAF की ओर से औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
– ब्रेक सिस्टम जैसी समस्या गंभीर मानी जाती है, लेकिन यदि यह डिज़ाइन दोष नहीं बल्कि मेंटेनेंस या अलग-थलग तकनीकी गड़बड़ी निकले, तो दीर्घकालिक असर कम होगा।
– यदि सिस्टम-लेवल खामी पाई जाती है, तो अपग्रेड और रेट्रोफिट की आवश्यकता पड़ सकती है।
– तेजस भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक है। लगातार तीसरी घटना होने से आलोचना बढ़ सकती है, खासकर निर्यात संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
इससे पहले की घटनाएँ
– तेजस से संबंधित यह तीसरी बड़ी घटना मानी जा रही है।
– पहली घटना मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र के पास हुई थी, जहाँ एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
– दूसरी घटना नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान एरियल प्रदर्शन में हुई थी, जिसमें एक तेजस जेट क्रैश हुआ और उस समय वायुसेना ने पायलट के निधन की पुष्टि की थी।
तेजस का सफर
– 1980 के दशक में भारत ने यह तय किया कि उसे विदेशी लड़ाकू विमानों पर निर्भरता कम करनी होगी।
– इसी उद्देश्य से 1984 में LCA (Light Combat Aircraft) कार्यक्रम शुरू किया गया।
– इसका डिज़ाइन और विकास मुख्यतः एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने किया और निर्माण की जिम्मेदारी हिन्दुस्तान एयरनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को दी गई।
– तेजस ने 4 जनवरी 2001 को अपनी पहली उड़ान भरी — यह भारत की एयरोस्पेस क्षमताओं के लिए ऐतिहासिक क्षण था।
– इसकी चुनौतियां : इंजन (अमेरिकी GE F404) आयातित रहा, तकनीकी देरी और लागत वृद्धि, वायुसेना की बदलती आवश्यकताएँ, फिर भी परियोजना को जारी रखा गया और धीरे-धीरे सुधार किए गए।
– 2016 में तेजस को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया। बाद में इसका उन्नत संस्करण Tejas Mk1A स्वीकृत हुआ।
– Mk1A में बेहतर रडार (AESA), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम हैं।
– निर्यात की संभावनाएँ (मलेशिया आदि)
– भविष्य में Tejas Mk2 और AMCA जैसे प्रोजेक्ट
कितने Tejas विमान IAF के पास हैं?
– भारतीय वायुसेना में लगभग 38 तेजस जेट्स पहले से शामिल हैं, और कई विमानों (लगभग 80 +) निर्माणाधीन हैं।
– सरकार ने 97 और LCA Tejas Mk-1A जेट्स खरीदने की मंज़ूरी दी है, जिसके बाद कुल आदेश लगभग 180 विमान का हो जाएगा।
एयरफोर्स के पास कितने स्क्वाड्रन हैं?
– IAF के पास वर्तमान में लगभग 31 सक्रिय फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि उसकी स्वीकृत (sanctioned) संख्या 42 स्क्वाड्रन है।
– Tejas स्क्वाड्रन संख्या अभी भी पहले चरण में है और बिस्तार की योजना के अनुरूप दुबारा सक्रिय (Re-raise) या नई स्क्वाड्रन बनाई जा रही हैं जैसे Bikaner की कॉबरा स्क्वाड्रन जिसे Tejas Mk-1A के साथ पुनः सक्रिय किया जा रहा है।
HAL समय पर फाइटर जेट आपूर्ति नहीं कर पा रहा
यह ताजा दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब तेजस विमान बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भारतीय वायु सेना को तेजस मार्क 1ए वेरिएंट की आपूर्ति करने की कई समय सीमाएं चूक चुकी है।
– फरवरी 2021 में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए जेट की खरीद के लिए एचएएल के साथ ₹48,000 करोड़ का सौदा किया।
– जेट विमानों की डिलीवरी में देरी मुख्य रूप से जीई एयरोस्पेस द्वारा जेट विमानों को शक्ति प्रदान करने वाले अपने एयरो इंजनों की आपूर्ति के लिए कई समयसीमाओं को पूरा न कर पाने के कारण हो रही है।
– रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में भारतीय वायु सेना के लिए 97 तेजस एमके-1ए हल्के लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए एचएएल के साथ 62,370 करोड़ रुपये का एक और सौदा किया था।
भारत 114 राफेल खरीद रहा है
– भारत ने अपनी लड़ाकू क्षमता मजबूत करने के लिए 114 राफेल(fighter) विमानों को खरीदने का प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया है।
– इसे देश की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा विमान खरीद की योजना कहा जा रहा है।
– इसके तहत अधिकांश विमानों का निर्माण भारत में “Make in India” के अंतर्गत होगा, जबकि कुछ फ्रांस से सीधा आयात किए जाएंगे।
– इसके अलावा भारत ने पहले ही 26 राफेल मरीन (Rafale-M) विमान खरीदने का समझौता किया है, जो नेवी के लिए हैं।
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2. ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक में भारत ने किस स्टेटस के साथ हिस्सा लिया?
With what status did India participate in the meeting of the ‘Board of Peace’?
a. सदस्य
b. पर्यवेक्षक
c. अध्यक्ष
d. इनमें से कोई नहीं
Answer: b. पर्यवेक्षक (Observer)
UN की निगरानी करेगा ट्रम्प का बोर्ड ऑफ पीस
– ट्रम्प ने कहा, बोर्ड ऑफ पीस संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी करेगा।
– साथ ही ये भी तय करेगा कि वह ठीक से काम कर रहा है।
– ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक हुई।
– इसमें वेस्ट बैंक में इजरायल के नियंत्रण बढ़ाने की कोशिशों की आलोचना की गई।

भारत ऑब्जर्बर बना
– ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक वॉशिंगटन डीसी में 19 फरवरी 2026 में हुई।
– ऑब्जर्बर के तौर पर भारत की तरफ से भारतीय दूतावास में तैनात चार्ज द’अफेयर्स (सीनियर अधिकारी) नमग्या सी खम्पा ने हिस्सा लिया।
– भारत ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वह बोर्ड का फुल टाइम मेंबर बनेगा या नहीं।
– भारत ने जनवरी 2026 में दावोस में इसके लॉन्च कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था।
– ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक में गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया गया है।
– 9 सदस्य देश गाजा राहत पैकेज के लिए 63 हजार करोड़ रुपए (7 अरब डॉलर) देंगे।
– जबकि, अमेरिका खुद 90 हजार करोड़ रुपए (10 अरब डॉलर) देगा।
– बैठक में करीब 50 देशों के अधिकारी शामिल हुए।
– इनमें से 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, UAE, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं।
– भारत, यूरोपीय संघ (EU) सहित कई देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुए।
– जर्मनी, इटली, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन उन देशों में हैं, जो बोर्ड में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन ऑब्जर्वर के तौर पर भाग लिया।
यह रकम युद्ध पर खर्च के मुकाबले बहुत छोटी
– ट्रम्प ने कहा कि यह रकम युद्ध पर होने वाले खर्च के मुकाबले बहुत छोटी है।
– उन्होंने सदस्य देशों से कहा कि अगर सभी देश साथ आएं तो उस इलाके में स्थायी शांति लाई जा सकती है, जो सदियों से युद्ध और हिंसा झेलता आया है।
– ट्रम्प ने कहा कि गाजा पर खर्च किया गया हर डॉलर इलाके में स्थिरता लाने और बेहतर भविष्य बनाने में निवेश है।
– हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि कितने सैनिक भेजे जाएंगे।
– वे कब तैनात होंगे और दी गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।
बोर्ड ऑफ पीस?
– ट्रम्प ने पहली बार सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था।
– अमेरिका ने करीब 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है।
– बताया गया था कि इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में भी काम करेगा।
– भेजे गए चार्टर में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा।
– ट्रम्प खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
– वह चाहते हैं कि यह बोर्ड सिर्फ गाजा के युद्धविराम तक सीमित न रहे, बल्कि दूसरे मुद्दों पर भी काम करे।
– हालांकि, इससे कुछ देशों को चिंता है कि इससे ग्लोबल डिप्लोमेसी में UN की भूमिका कमजोर हो सकती है।
– ट्रम्प ने कहा कि जब यह बोर्ड पूरी तरह बन जाएगा, तब यह बड़े फैसले ले सकेगा और जो भी काम होगा, वह UN के सहयोग से किया जाएगा।
– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पांच स्थायी सदस्यों में से अमेरिका के अलावा किसी भी देश ने अभी तक इस बोर्ड में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।
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3. ईरान पर हमले के लिए अमेरिका के किस मित्र देश ने अपने एयरबेस का इस्तेमाल की अनुमति से इनकार कर दिया?
Which US friendly country refused permission to use its airbase for the attack on Iran?
a. स्पेन
b. जर्मनी
c. फ्रांस
d. यूनाइटेड किंगडम
Answer: d. यूनाइटेड किंगडम

– अमेरिका के ईरान पर संभावित हमले के लिए यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) ने अपने सैन्य एयरबेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
– ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यूके के RAF एयरबेस और अन्य ठिकानों का उपयोग सेना को ईरान पर हमला करने के लिए देना अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन जैसा हो सकता है, इसलिए उन्होंने अनुमति नहीं दी।
– USA लंबे समय से पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए हुए है, जबकि ईरान के साथ उसका संबंध तनावपूर्ण रहा है।
– ब्रिटेन का यह रुख दर्शाता है कि वह अमेरिका का पारंपरिक सहयोगी होते हुए भी अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देना चाहता है।
अमेरिका ईरान पर हमले के लिए ब्रिटेन एयरबेस चाहता है
– अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है, इसके लिए वह डिएगो गार्सिया और ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस का इस्तेमाल करना चाहता है।
– डिएगो गार्सिया, चागोस द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है। ब्रिटेन ने इस द्वीप को मॉरीशस को वापस लौटाने का फैसला किया है, साथ ही 99 साल तक सैन्य बेस के इस्तेमाल की शर्त भी है।
– 1970 के दशक से यह ब्रिटेन और अमेरिका का साझा सैन्य अड्डा रहा है।
– पुराने समझौतों के मुताबिक, ब्रिटेन के किसी भी सैन्य ठिकाने का इस्तेमाल तभी हो सकता है, जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री इसकी मंजूरी दें।
– अंतरराष्ट्रीय कानून भी कहता है कि अगर कोई देश जानता है कि सैन्य कार्रवाई गलत है और फिर भी मदद करता है, तो उसे भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
– ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि 100 साल की लीज किसी देश के मामले में ठीक फैसला नहीं है।
– ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान, अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता, तो अमेरिका को हिंद महासागर में मौजूद डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड के एयरफील्ड का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
– वहीं ब्रिटिश सरकार का कहना है कि मॉरीशस के साथ समझौता सुरक्षा कारणों से जरूरी है।
– इस समझौते पर 35 बिलियन पाउंड (4 हजार अरब रुपए से ज्यादा) का खर्च आ सकता है।
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4. यूनाइटेड किंगडम ने चागोस द्वीप को किस देश को लौटाने का फैसला किया, जिसपर अमेरिका ने नाराजगी जताई?
The United Kingdom decided to return the Chagos Islands to which country, which the US expressed displeasure over?
a. भारत
b. मालदीव
c. मॉरीशस
d. ईरान
Answer: c. मॉरीशस
ट्रंप नाराज
– ब्रिटेन के इस फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाराजगी जताई है।
– उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के उस समझौते से समर्थन वापस ले लिया है, जिसमें चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने की बात थी।
– ब्रिटेन और अमेरिका की दोस्ती बहुत पुरानी है।
– दूसरे विश्व युद्ध से लेकर NATO तक, इराक-अफगानिस्तान युद्ध से लेकर खुफिया नेटवर्क ‘फाइव आइज’ तक, दोनों देश एक ही लाइन पर चलते रहे हैं।
– लेकिन पिछले कुछ वक्त में दोनों देशों में कई मुद्दों पर विरोध नजर आ रहा है। खासतौर पर टैरिफ के मुद्दे के बाद से यूरोपीय देश और अमेरिका के बीच अलगाव साफ तौर पर देखा जा रहा है।

डिएगो गार्सिया
– ये, हिंद महासागर में स्थित चागोस आइलैंड्स का हिस्सा है।
– ब्रिटेन ने 1814 में नेपोलियन को हराने के बाद इन आइलैंड्स पर कब्जा किया था।
– 1965 में इन्हें मॉरीशस से अलग कर ‘ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र’ बना दिया गया।
– 1968 में जब मॉरीशस को आजादी मिली, तब तय हुआ था कि जब इन द्वीपों की रक्षा के लिए जरूरत नहीं रहेगी, तो इन्हें मॉरीशस को लौटा दिया जाएगा।
– बाद में डिएगो गार्सिया पर अमेरिका और ब्रिटेन ने जॉइंट मिलिट्री बेस बनाया था।
यह अमेरिका के लिए क्यों अहम है?
– ईरान, इराक और सीरिया जैसे मिडिल ईस्ट देशों पर अमेरिका की नजर।
– हिंद महासागर में लगातार निगरानी में मदद
– इंडो पैसिफिक में चीन की बढ़ती मौजूदगी पर नजर।
– अमेरिकी जेटस/वॉरशिप्स की रिफ्यूलिंग सप्लाई के लिए जरूरी।
ईरान पर हमले के लिए अहम डिएगो गार्सिया
– ईरान पर हमले के लिए डिएगो गार्सिया इसलिए अहम माना जाता है, क्योंकि यह हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित एक बड़ा सैन्य ठिकाना है।
– यहां से अमेरिका दूर तक और तेजी से सैन्य ऑपरेशन चला सकता है।
– यह ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 3,800 किलोमीटर दूर है।
– इस बेस पर बड़ा एयरफील्ड है, जहां भारी बमवर्षक विमान जैसे B-2 और B-52 उड़ान भर सकते हैं।
– यहां बड़े टैंकर विमान (जैसे KC-135) और निगरानी विमान भी काम कर सकते हैं।
– सिर्फ हवाई सुविधा ही नहीं, यहां गहरे पानी का बंदरगाह भी है।
– यह ठिकाना ब्रिटेन और अमेरिका दोनों मिलकर इस्तेमाल करते हैं।
– अमेरिका के लिए यह एक बड़ा ऑपरेशन सेंटर बन चुका है।
मॉरीशस 50 साल से इन आइलैंड्स का अधिकार मांग रहा
– मॉरीशस 1980 के दशक से इन आइलैंड्स पर अपना अधिकार मांगता रहा है।
– और उसने यह मामला अंतरराष्ट्रीय अदालतों में उठाया।
– वर्ष 2019 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने एक फैसले में कहा कि 1968 में मॉरीशस को आजादी देते वक्त उपनिवेश खत्म करने की प्रोसेस पूरी नहीं हुई थी।
– ब्रिटेन को जल्द से जल्द चागोस आइलैंड्स का प्रशासन खत्म करना चाहिए।
– 2022 में ऐलान किया कि ब्रिटेन और मॉरीशस चागोस आइलैंड्स की संप्रभुता को लेकर बातचीत शुरू करेंगे।
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5. विश्व स्काउट दिवस कब मनाया जाता है?
When is World Scout Day celebrated?
a. 22 फरवरी
b. 23 फरवरी
c. 24 फरवरी
d. 25 फरवरी
Answer: a. 22 फरवरी
– स्काउट मूवमेंट की स्थापना लॉर्ड रॉबर्ट बैडेन-पॉवेल ने की थी।
– उनके जन्मदिन के अवसर 22 फरवरी को पर विश्व स्काउट दिवस मनाया जाता है।
– स्काउटिंग मूवमेंट, वर्ष 1907 में यूनाइटेड किंगडम में शुरू हुआ था।
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6. भारत ने किस देश की वेस्ट बैंक योजनाओं की आलोचना करने वाले बयान पर हस्ताक्षर करने वाले 100 देशों में अपना नाम शामिल किया?
India added its name to the list of 100 countries that signed a statement criticising which country’s West Bank plans?
a. इजरायल
b. सीरिया
c. जॉर्डन
d. मिस्र
Answer: a. इजरायल
वेस्ट बैंक को लेकर ताजा विवाद क्या है?
– दरअसल, इजरायल ने वेस्ट बैंक के बड़े हिस्से को ‘राज्य भूमि’ यानि स्टेट लैंड घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की है। जिसकी आलोचना की जा रही है।
– इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय फिलीस्तीन की जमीन पर “कब्जा” मान रहा है।
– भारत उन देशों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है, जिन्होंने वेस्ट बैंक में एकतरफा कदमों को लेकर इजरायल की आलोचना की है।
– इजरायल की आलोचना करने वाले देशों में लीग ऑफ अरब स्टेट्स, यूरोपियन यूनियन, BRICS के सदस्य रूस, चीन, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका, भारत के QUAD पार्टनर ऑस्ट्रेलिया और जापान भी शामिल थे।
– इसके अलावा भारत के पड़ोसी देशों में बांग्लादेश, मालदीव, मॉरिशस और पाकिस्तान भी इस लिस्ट में शामिल थे।
– इन देशों ने अमेरिका में 19 फरवरी 2026 को होने वाली बोर्ड ऑफ पीस की बैठक से पहले वेस्ट बैंक में इजरायल के एकतरा कदमों की आलोचना की है।
– संयुक्त बयान 17 फरवरी 2026 को जारी किया गया ।
– इसे यूनाइटेड नेशंस (UN) में फिलिस्तीनी राजदूत ने पढ़ा है और उनके साथ दर्जनों देशों के डिप्लोमैट भी शामिल थे जिन्होंने डॉक्यूमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं।
– UN में फिलीस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर ने कहा कि “हम वेस्ट बैंक में इजरायल की गैर-कानूनी मौजूदगी को बढ़ाने के मकसद से लिए गए एकतरफा इजरायली फैसलों और कदमों की कड़ी निंदा करते हैं।”
इज़राइल
राजधानी: यरूशलेम
राष्ट्रपति: इसाक हर्ज़ोग
प्रधानमंत्री: बेंजामिन नेतन्याहू
आबादी: 100 लाख
मुद्रा: नई शेकेल
भाषा: हिब्रू
पड़ोसी देश: लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और मिस्र!
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7. वैज्ञानिकों ने किस रेगिस्तान में डायनासोर की एक नई प्रजाति ‘स्पाइनोसॉरस मिराबिलिस’ (Spinosaurus mirabilis) की खोज की?
In which desert did scientists discover a new species of dinosaur ‘Spinosaurus mirabilis’?
a. गोबी रेगिस्तान
b. सहारा रेगिस्तान
c. थार रेगिस्तान
d. ग्रेट बेसिन
Answer: b. सहारा रेगिस्तान
– स्पाइनोसॉरस प्राचीन दुनिया के सबसे खूंखार शिकारियों में से थे।
– सहारा मरुस्थल उत्तर अफ्रीका में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है।
– नाइजर के सहारा क्षेत्र में ‘स्पाइनोसॉरस मिराबिलिस’ नामक एक नई प्रजाति के जीवाश्म (Fossils) मिले हैं।
– यह डायनासोर अपने चचेरे भाई ‘स्पाइनोसॉरस इजिप्टियाकस’ की तरह ही विशाल और जलीय शिकारी था।
– इसके अवशेष प्राचीन टेथिस महासागर के तट से 1,000 किमी. अंदर मिले हैं।
– यह खोज बताती है कि ये जीव केवल समुद्री किनारों तक सीमित नहीं थे।
– बल्कि वे जमीन के काफी अंदर मौजूद नदियों और बेसिन में भी शिकार करते थे।
– स्पाइनोसॉरस परिवार के सदस्य दुनिया के सबसे बड़े मांसाहारी डायनासोर होते हैं।
– इनकी लंबाई 15 मीटर तक और वजन 8 टन तक होता था।
– जो मशहूर टी-रेक्स (T. rex) से भी कहीं ज्यादा है।
– पहले वैज्ञानिकों को लगता था कि ये डायनासोर सिर्फ जमीन पर चलते थे।
– लेकिन ‘साइंस’ जर्नल में छपी नई रिसर्च के अनुसार, ये मगरमच्छों की तरह अर्ध-जलीय (Semi-aquatic) जीवन जीते थे।
– इनके दांत नुकीले और शंक्वाकार थे।
– जो फिसलन भरी मछलियों को पकड़ने के लिए एकदम सही थे.
– इनके थूथन पर बारीक नसें होती थीं।
– इन नसों की मदद से ये पानी में होने वाली हलचल को महसूस कर लेते थे।
– नाइजर के ‘फरक फॉर्मेशन’ में मिला यह नया जीवाश्म लगभग 95 से 100 मिलियन साल पुराना है।
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8. गिफ्ट सिटी के नए चेयरमैन कौन नियुक्त हुए?
Who has been appointed as the new chairman of GIFT City?
a. उदय कोटक
b. संजय कौल
c. निर्मला सीतारमण
d. विजय प्रताप
Answer: a. उदय कोटक
– गुजरात सरकार ने कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक को गिफ्ट सिटी का नया चेयरमैन नियुक्त किया।
– उन्होंने फरवरी 2026 में हसमुख अढिया की जगह ली।
– GIFT City (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) है, जिसे गुजरात में गांधीनगर के पास विकसित किया गया है।
– इसका उद्देश्य भारत को एक वैश्विक वित्तीय हब बनाना है, जैसा कि दुबई, सिंगापुर या लंदन हैं।
– गुजरात कैडर के IAS अधिकारी संजय कौल को GIFT City का एमडी एवं सीईओ नियुक्त किया गया था। GIFT City लगातार एक प्रमुख वैश्विक वित्तीय सेवा केंद्र के रूप में विस्तार कर रहा है।
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9. US सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को अवैध घोषित करने के बाद ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर 10% टैरिफ लगाया उसके अगले दिन बढ़ाकर कितना किया?
Trump imposed a 10% tariff on countries worldwide after the US Supreme Court declared the tariff illegal, then increased it to how much the next day?
a. 15%
b. 20%
c. 30%
d. 50%
Answer: a. 15%
– राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 फरवरी, 2026 को कहा कि वह वैश्विक टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% कर रहे हैं, जिसकी घोषणा उन्होंने एक दिन पहले की थी।
– सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति को दी गई इमरजेंसी शक्तियों का तमाम देशों पर बेहिसाब टैरिफ लगा कर गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
– टैरिफ उनके शासन की पहचान बन गए थे, मगर सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला दे दिया है कि ट्रम्प ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया था।
– यूएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने अन्य कानून के तहत 10% ग्लोबल टैरिफ लगा दिया। इसके अगले दिन उन्होंने इसे 15% किया।
भारत पर टैरिफ 15%
– भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। ।
– व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ सहित अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब धारा 122 के तहत वैश्विक 15% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा, न कि उस टैरिफ दर का जिस पर उन्होंने पहले बातचीत की थी।
– इससे भारत पर कुल टैरिफ 18% घटकर 15% रह जाएगा।
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10. राजनीतिज्ञ मुकुल रॉय का निधन 23 फरवरी 2026 को हो गया, वह किस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में रेल मंत्री रह चुके थे?
Politician Mukul Roy died on 23 February 2026, he had been the Railway Minister during the tenure of which Prime Minister?
a. नरेंद्र मोदी
b. मनमोहन सिंह
c. अटल बिहारी वाजपेई
d. इंद्र कुमार गुजराल
Answer: b. मनमोहन सिंह
– मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के लीडर थे। कुछ वक्त के लिए वह बीजेपी में भी शामिल हुए थे।
– वह 2021 में कुछ महीनों के लिए रेल मंत्री के तौर पर थे।




