यह 01 & 02 February 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. केंद्रीय बजट 2026-27 में केंद्र सरकार ने कितने रुपए के आय और खर्च का लक्ष्य रखा है?
In the Union Budget 2026-27, the Central Government has set a target of how much income and expenditure?
a. ₹ 48.21 लाख करोड़
b. ₹ 50.65 लाख करोड़
c. ₹ 53.47 लाख करोड़
d. ₹ 61.65 लाख करोड़
Answer: c. ₹ 53.47 लाख करोड़ (53,47,315 रुपए)
– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2026 को संसद में फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया।
– निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार बजट पेश किया।
– यह देश का 7वां पेपरलेस बजट (डिजिटल बजट) था।

# बजट में आय (Income) का लक्ष्य: ₹ 53.47 लाख करोड़
– राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts): 35.33 लाख करोड़
– पूंजीगत प्राप्तियां (Capital Receipts): 18.14 लाख करोड़ (इसमें उधार व कर्ज ₹16.96 लाख करोड़ शामिल है)
नोट : पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में अनुमानित आय 50.65 लाख करोड़ तय की गई थी। हालांकि संशोधित अनुमान 49.64 लाख करोड़ रहा था।
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रेवेन्यू रिसिप्ट – सरकार को टैक्स के जरिए इनकम प्राप्त हो रही है।
कैपिटल रिसिप्ट – ऐसी रकम जो लोन के जरिए प्राप्त हुई या उसके पास जो एसेट है, उससे इनकम मिला है। इसके लिए टैक्स नहीं लगाया गया है।
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इनकम के स्रोत

# 24% : बॉरोइंग एंड अदर लायबेलिटीज (उधार व कर्ज और अन्य देनदारियां) [₹16.96 लाख करोड़]
# 21% : इनकम टैक्स
# 18% : कॉर्पोरेशन टैक्स
# 15% : GST
# 10% : Non Tax Revenue (ऋण-भिन्न पूंजी प्राप्तियां)
# 6% : यूनियन एक्साइज ड्यूटी
# 4% : कस्टम (सीमा शुल्क)
# 2% : Non Debt Capital Receipts (गैर ऋण पूंजी प्राप्तियां)
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# बजट में खर्च (Expenditure) का लक्ष्य : 53.47 लाख करोड़
– राजस्व खर्च (Revenue Expenditure): 41.25 लाख करोड़ (ब्याज भुगतान 14.04 लाख करोड़ के साथ)
– पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure): 12.21 लाख करोड़
नोट – पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में अनुमानित खर्च 50.65 लाख करोड़ रुपये था। लेकिन संशोधित अनुमानित खर्च 49.64 लाख करोड़ रहा।
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रेवेन्यू खर्च – ऐसा खर्च जो सैलेरी, इंफ्रास्ट्रक्चर मेंटेन करने में खर्च कर रहे है।
कैपिटल खर्च – ऐसी रकम जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हो रहा है। जैसे सड़कें बन रही हैं, पुल बन रहे हैं। फाइटर जेट खरीदे जा रहे हैं।
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खर्च के स्रोत

# 22% : राज्यों को टैक्स का शेयर
# 20% : Interst Payment (कर्ज भुगतान) [14.04 लाख करोड़]
# 17% : सेंट्रल सेक्टर स्कीम
# 11% : डिफेंस (रक्षा)
# 8% : केंद्र द्वारा स्पांसर्ड स्कीम
# 7% : वित्त आयोग और अन्य ट्रांसफर
# 6% : सब्सिडी
# 2% : सिविल पेंशन
# 7% : अन्य खर्च
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानांतरण
– बजट में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हस्तांतरण के रूप में लगभग 26.21 लाख करोड़ रखे गए है।
– इसमें से 15.26 लाख करोड़ करों में राज्यों के हिस्से के हस्तांतरण से आए।
– अन्य 1.29 लाख करोड़ वित्त आयोग के अनुदान से आए। योजना-संबंधी और अन्य हस्तांतरणों की राशि 9.65 लाख करोड़ रुपये थी।
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2. केंद्रीय बजट 2026-27 में सबसे ज्यादा (24%) आय का स्रोत इनमें से क्या है?
Which of the following is the largest source of revenue (24%) in the Union Budget 2026-27?
a. इनकम टैक्स
b. जीएसटी
c. उधार व कर्ज
d. कॉर्पोरेशन टैक्स
Answer: c. उधार व कर्ज (कुल बजट का 24% यानी ₹16.96 लाख करोड़ उधार व कर्ज और अन्य देनदारियों से आएगा)
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3. केंद्रीय बजट 2026-27 में राज्यों को टैक्स के हिस्से के बाद सबसे ज्यादा किस मद में 20% यानी 14.04 लाख करोड़ के खर्च का प्रावधान किया गया है?
In the Union Budget 2026-27, after the states’ share of taxes, which expenditure category has been allocated the largest amount, accounting for 20% or ₹14.04 lakh crore?
a. ब्याज
b. परिवहन
c. डिफेंस
d. शिक्षा
Answer: a. ब्याज
– केंद्र सरकार सबसे ज्यादा रकम लोन के ब्याज चुकाने में खर्च करेगी।
– बजट के अनुसार 14.04 लाख करोड़ के खर्च का प्रावधान है।
– यह टोटल बजट का 20% है।
– पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ब्याज पर 12.76 लाख करोड़ खर्च का प्रावधान था। नए वित्त वर्ष में यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है। ऐसा लगातार लोन लेने की वजह से हो रहा है।
कुल कर्ज को GDP के 50% तक लाने का टारगेट
– सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50% (±1) के बराबर लाया जाए।
– 2025-26 में यह कर्ज 56.1% था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है।
– यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च हो सकेगा।
– 2026-27 में कुल जीडीपी अनुमान ₹394 लाख करोड़ है।
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4. केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को कितनी रकम (पेंशन के साथ) आंवटित की गई है?
How much amount (with pension) has been allocated to the Ministry of Defence in the Union Budget 2026-27?
a. 5.2 लाख करोड़
b. 6.8 लाख करोड़
c. 6.81 लाख करोड़
d. 7.84 लाख करोड़
Answer: d. 7.84 लाख करोड़ (Rs 7,84,678 crore)
– इस बार रक्षा मंत्रालय को कुल रकम 7.84 लाख करोड़ रुपए मिले हैं।
– इसमें पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपए भी शामिल हैं।
– कुल डिफेंस बजट में पिछली बार की तुलना में 21% की बढ़ोतरी हुई है।
– जबकि पिछले वित्त वर्ष के बजट (2025-26) में यह रकम 6.81 लाख करोड़ रुपए थी।
– इस बार डिफेंस को कुल बजट का 14.68% हिस्सा मिला है, जो सभी मंत्रालयों में सबसे ज्यादा है। पिछले साल यह हिस्सा करीब 13.45% था।
– इस बार कैपिटल एक्सपेंडिचर 2.19 लाख करोड़ है। मतलब कि इतनी रकम के हथियारों की खरीद और सेना के मॉडर्नाइजेशन पर खर्च होंगे।
डिफेंस बजट = 7.84 लाख करोड़
– रेवेन्यू एक्सपेंडिचर: 5.53 लाख करोड़
– कैपिटल एक्सपेंडिचर: 2.19 लाख करोड़
– पेंशन: 1.71 लाख करोड़
इस रकम से क्या-क्या होगा?
– डिफेंस बजट में मुख्य रूप से 3 पार्ट होते हैं। रेवेन्यू, कैपिटल एक्सपेंडिचर और पेंशन।
– रेवेन्यू बजट में डिफेंस स्टाफ की सैलरी और आर्म्ड फोर्सेज के बाकी खर्च जैसे इंन्फ्रास्ट्रक्चर मेंटेनेंस, सड़कों और ब्रिजों का निर्माण भी इसमें शामिल होते हैं।
– जबकि कैपिटल एक्सपेंडिचर के जरिए हथियार, एम्युनिशन, फाइटर प्लेन जैसी चीजें खरीदी जाती हैं। सेना की ताकत के लिहाज से यह सबसे अहम पार्ट होता है।
– कैपिटल एक्सपेंडिचर 2.19 लाख करोड़ का तय किया गया है, इसमें विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं, जबकि नौसेना बेड़े के लिए 25,023 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
– अन्य रकम से इससे उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों, विमानों, तीव्र गश्ती जहाजों, प्रशिक्षण जहाजों और इंटरसेप्टर नौकाओं की खरीद के लिए पर्याप्त वित्तीय स्थान उपलब्ध होगा।
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5. केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत महत्वपूर्ण मंत्रालयों को कितना बजट आवंटित किया गया है?
How much budget has been allocated to important ministries under the Union budget 2026-27?
मंत्रालयों को बजट
– वित्त मंत्रालय: 19.72 लाख करोड़
– रक्षा मंत्रालय : 7.85 लाख करोड़ (बिना पेंशन के 5.20 लाख करोड़)
– सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय : 3.10 लाख करोड़
– रेल मंत्रालय : 2.81 लाख करोड़
– गृह मंत्रालय : 2.55 लाख करोड़
– उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय : 2.39 लाख करोड़
– ग्रामीण विकास मंत्रालय : 1.97 लाख करोड़
– रसायन और उर्वरक मंत्रालय : 1.77 लाख करोड़
– कम्युनिकेशन मंत्रालय : 1.02 लाख करोड़
– कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय : 1.40 लाख करोड़
– शिक्षा मंत्रालय : 1.39 लाख करोड़
– स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय: 1.4 लाख करोड़
– जल शक्ति मंत्रालय: 94,807 करोड़
– आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय : 85,522 करोड़
– श्रम एवं रोजगार मंत्रालय : 32,666 करोड़
– न्यू एंड रिन्युएबल एनर्जी : 32,914 करोड़
– महिला एवं बाल विकास : 28,183 करोड़
– विदेश मंत्रालय : 22,118 करोड़
– एटॉमिक एनर्जी विभाग : 24,123 करोड़
– खेल और युवा कल्याण : 4,479 करोड़
– आयुष मंत्रालय : 4,408 करोड़
नोट – अगर क्षेत्रवार खर्च देखेंगे तो ये आंकड़े हैं। ध्यान रहे कि इसमें कुछ मंत्रालयों के एक-दूसरे के काम को जोड़ या घटा दिया गया है। इसलिए आंकड़े मंत्रालयों से अलग दिखेंगे –
क्षेत्रवार खर्च
– ब्याज: 14.04 लाख करोड़
– परिवहन (सभी तरह के): 5.98 लाख करोड़
– डिफेंस: 5.94 लाख करोड़
– सभी तरह के पेंशन: 2.96 लाख करोड़
– ग्रामीण विकास: 2.73 लाख करोड़
– कृषि एवं संबंधित गतिविधियां: 1.62 लाख करोड़
– गृह मामले: 2.55 लाख करोड़
– शिक्षा: 1.39 लाख करोड़
– स्वास्थ्य: 1.04 हजार करोड़
– IT & टेलिकॉम: 74,560 करोड़
– ऊर्जा: 1.09 लाख करोड़
– सोशल वेलफेयर: 62,362 करोड़
– वाणिज्य एवं उद्योग: 70,296 करोड़
– शहरी विकास: 85,522 करोड़
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6. केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे (Fiscal deficit) का लक्ष्य जीडीपी का कितना प्रतिशत रखा है?
In the Union Budget 2026-27, the Finance Minister has set the fiscal deficit target at what percentage of GDP?
a. 5.1%
b. 4.4%
c. 4.3%
d. 3.8%
Answer: c. 4.3% (रुपए में आंकड़ा 16.96 लाख करोड़)
– 2026-27 में कुल जीडीपी अनुमान ₹394 लाख करोड़ है।
– पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अनुमानित राजकोषीय घाटा (Fiscal deficit) 4.4% पर रहा।
– सरकार इसकी भरपाई लोन या उधार लेकर करती है।

फिस्कल डेफेसिट मतलब = Total Non Debt Expenditure – Total Non Debt Receipts
– Total Non Debt Expenditure मतलब बिना ऋण का कुल खर्च (Expenditure)
– Total Non Debt Receipts मतलब बिना ऋण की Revenue Receipts और Capital Receipts
– कुल व्यय (Total Expenditure) में से राजस्व प्राप्तियाँ, ऋणों की वसूली एवं ऋणों की वापसी (Total Non Debt Receipts) को घटाने के पश्चात जो राशि बचती है उसे राजकोषीय घाटा कहा जाता है।
(इसे आसान भाषा में समझने के लिए कह सकते हैं कि शुद्ध आय और खर्च का अंतर। मतलब कि आय कम हुई, लेकिन खर्च ज्यादा और इसे पूरा करने के लिए लोन लेना पड़ा)
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राजकोषीय अनुशासन कायम रखा गया, राजस्व में कमी के बावजूद घाटा कम किया गया
– जब सरकारें अधिक व्यय करती हैं या करों में छूट देती हैं, तो डर रहता है कि इससे उन्हें अधिक धन उधार लेने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
– जब सरकारें ज़्यादा उधार लेती हैं, तो वे या तो निजी नागरिकों और कंपनियों के लिए उधार लेने के लिए कम पैसे छोड़ती हैं, जिससे, बदले में, सभी के लिए ब्याज दरें बढ़ जाती हैं। या, उन्हें पैसे छापने के लिए मजबूर होना पड़ता है – और इससे मुद्रास्फीति होती है, जो एक कर की तरह भी काम करती है क्योंकि यह लोगों के पैसे की क्रय शक्ति को कम करती है।
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7. यूनियन बजट 2026-27 में आर्थिक विकास को गति देने के लिए कितने क्षेत्रों में ठोस नीतिगत कदम का ऐलान है?
In the Union Budget 2026-27, in how many sectors have concrete policy measures been announced to accelerate economic growth?
a. 2
b. 3
c. 5
d. 6
Answer: d. 6 (i. सात रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ाना; ii. विरासत में मिले औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार करना; iii. “चैम्पियन MSMEs” तैयार करना; iv. इन्फ्रास्ट्रक्चर को ज़बरदस्त बढ़ावा देना; v. दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना; और vi. शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास)
– सरकार ने आर्थिक वृद्धि (economic growth) को तेज़ और लंबे समय तक बनाए रखने के लिए अपनी पहली “कर्तव्य” (Kartavya) के तहत कुछ ठोस नीतिगत कदम (interventions) तय किए हैं। ये कदम छह प्रमुख क्षेत्रों में केंद्रित हैं:
1) सात रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ाना: सरकार ऐसे उच्च-महत्व और नई तकनीक वाले सेक्टर्स (जैसे सेमीकंडक्टर, डिफेंस, ग्रीन टेक, एआई-आधारित इंडस्ट्री) में उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहती है ताकि भारत वैश्विक सप्लाई-चेन में मजबूत बने।
2) विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार: टेक्सटाइल, स्टील, सीमेंट, लेदर जैसी पुरानी लेकिन रोज़गार देने वाली इंडस्ट्रीज़ को नई तकनीक, निवेश और सुधारों के ज़रिये दोबारा प्रतिस्पर्धी बनाना।
3) “चैम्पियन MSMEs” तैयार करना: छोटे उद्योगों में से कुछ को विशेष सहायता (क्रेडिट, टेक्नोलॉजी, मार्केट एक्सेस) देकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बड़े उद्यम में बदलना।
4) इन्फ्रास्ट्रक्चर को ज़बरदस्त बढ़ावा देना: सड़क, रेलवे, पोर्ट, एयरपोर्ट, डिजिटल और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेज़ और बड़े पैमाने पर निवेश, ताकि लागत घटे और आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ हों।
5) दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना: देश को ऊर्जा की कमी और आयात-निर्भरता से सुरक्षित रखना, साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और स्थिर ऊर्जा कीमतों पर ध्यान देना।
6) शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास: बड़े शहरों और उनके आसपास के इलाकों को जोड़कर इकोनॉमिक हब बनाना, ताकि शहरीकरण नियोजित हो और उद्योग, आवास और रोजगार एक साथ विकसित हों
वित्त मंत्री ने सरकार के तीन ‘कर्तव्य’ उल्लेख किया-
– पहला कर्तव्य: उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर और अस्थिर वैश्विक गतिशीलता के प्रति लचीलापन बनाकर आर्थिक विकास को गति देना और उसे बनाए रखना।
– दूसरा कर्तव्य: अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना, उन्हें भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बनाना।
– तीसरा कर्तव्य: यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और वर्ग को सार्थक भागीदारी के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो। सुश्री सीतारमण ने कहा कि यह “सबका साथ, सबका विकास” के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है।
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8. बजट 2026-27 में किस पड़ोसी देश के लिए सबसे ज्यादा सहायता अनुदान देने प्रावधान है?
In the budget 2026-27, there is a provision for giving maximum grant-in-aid to which neighboring country?
a. अफगानिस्तान
b. भूटान
c. श्रीलंका
d. मालदीव
Answer: b. भूटान (2288 करोड़ {इसमें 1768.64 करोड़ अनुदान और 519.92 करोड़ लोन})
– बजट में भूटान को कुल 2288 करोड़ देने का प्रावधान है।
– इसमें 1768.64 करोड़ अनुदान और 519.92 करोड़ लोन है।
– भारत एक दर्जन से ज्यादा देशों को आर्थिक मदद करता है।
किस देश को कितनी रकम का सहायता अनुदान
1) भूटान: 2288 करोड़ (इसमें 1768.64 करोड़ अनुदान और 519.92 करोड़ लोन)
2) नेपाल: 800 करोड़
3) मालदीव: 550 करोड़
4) मॉरीशस: 550.00
5) श्रीलंका: 400 करोड़
6) म्यांमार: 300.00
7) अफ़्रीकी देश: 225 करोड़
8) अफगानिस्तान: 150 करोड़
9) लैटिन अमेरिकी देश: 120 करोड़
10) यूरेशियन देश: 38 करोड़
11) आपदा राहत: 80 करोड़
12) बांग्लादेश: 60 करोड़
13) मंगोलिया: 25 करोड़
14) सेशेल्स: 19.00
15) अन्य विकासशील देश: 80 करोड़
16) कल्चरल और हेरिटेज परियोजनओं के लिए सहायता : 20 करोड़
17) अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण/कार्यक्रमों को सहायता: 1292.00
18) चाबहार बंदरगाह: 0
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9. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को कौन सी वीं बार बजट पेश किया?
Finance Minister Nirmala Sitharaman presented the budget for what th time on 1 February 2026?
a. 5वीं बार
b. 8वीं बार
c. 9वीं बार
d. 10वीं बार
Answer: c. 9वीं बार
– श्रीमती सीतारमण ने संसद में लगातार अपना नौवां बजट भाषण रविवार को दिया।
– एक व्यक्ति के द्वारा लगातार इतनी बार बजट पेश करना स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है।
– हालांकि सर्वाधिक 10 बार बजट पेश करने वाले नेता मोरारजी देसाई हैं, हालांकि उन्होंने लगातार बजट पेश नहीं किया था।

सर्वाधिक बजट पेश करने वाले नेता
1) मोरारजी देसाई : 10 बार (लगातार नहीं)
2) निर्मला सीतारमण : 9 बार (लगातार)
3) पी चिंदंबरम : 9 बार (लगातार नहीं)
4) प्रणब मुखर्जी : 8 बार (लगातार नहीं)
5) यशवंत सिन्हा : 8 बार (लगातार नहीं)
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10. केंद्रीय बजट 2026-27 में महत्वपूर्ण घोषणाएं
बजट 2026-27 में युवाओं के लिए
– केंद्र सरकार युवाओं को रील बनाना सिखाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स खोलेगी।
– इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, मुंबई की मदद से 5,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिटर लैब्स खुलेंगे।
– एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (88090) सेक्टर के लिए 2030 तक 20 लाख युवाओं को तैयार किया जाएगा।
– 5 नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ कंपनियों में काम का मौका देकर युवाओं को ‘कॉर्पोरिट मित्र’ बनाया जाएगा।
– गेमिंग स्टार्टअप्स को लोन देने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड बनाया जाएगा। 10 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल को हायर किया जाएगा।
– ॥T और ॥Sc में 10,000 नई टेक फेलोशिप शुरू की जाएंगी, जिसमें AI और डीप-टेक में रिसर्च पर फोकस होगा।
– एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रौलॉजी को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज शुरू की जाएंगी।
– नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा जो स्टूडेंट्स को सीधे सर्विस इंडस्ट्री में काम के लिए तैयार करेगा।
– 20 बड़े टूरिस्ट साइट्स पर १2 हफ्तों का हाडब्रिड ट्रेनिंग कोर्स चलेगा। इससे 0,000 टूरिस्ट गाड़ड्स को अपस्किल किया जाएगा।
– नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनेगा। इससे लोकल रिसर्चर, इतिहासकार और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए जॉब के मौके बनेंगे।
बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए
– बिजनेसवुमन को प्रमोट करने के लिए सेल्फ हेल्प इंटरपेन्योर यानी SHE-मार्ट स्थापित किए जाएंगे। इसमें क्षेत्रीय कायुनिटी की महिला दुकानदारों की रीटेल दुकानें होंगी।
– देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। इससे दूर-दराज इलाकों की छात्राएं लैब और रिसर्च के लिए ज्यादा समय दे सकेंगी जिससे हायर एजुकेशन में भागीदारी बढ़ सके।
– साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स- यानी STEM में महिलाओं को प्रमोट करने के लिए स्पेशल फंड बनाया जाएगा।
इनकम टैक्स में छूट
– इनकम टैक्स स्लैब और रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया। 2025 में 12 लाख तक की आय टैक्स-फ्री की गई थी। नई टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपए बरकरार है।
AI से रोजगार
– “एजुकेशन टू एप्पलॉयमेंट एंड इंटरप्राइजेज’ कमेटी’ बनाई जाएगी। ये कमेटी AI समेत उभरती तकनीकों के रोजगार पर पड़ने वाले असर का आकलन कर सिफारिशें देगी।
– ‘छोटे उद्यमियों (SMEs) की मदद के लिए 10,000 करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा।
बजट 2026-27 में किसानों के लिए
– खेती को आधुनिक बनाने के लिए मल्टीलैंग्वेज AI टूल “भारत विस्तार’ लॉन्च किया जाएगा। ये टूल किसानों को उनकी अपनी भाषा में खेती के तरीकों, मौसम की जानकारी और फसल के स्टॉक का अपडेट देगा।
– नारियल उत्पादन बढ़ाने, चंदन की वैज्ञानिक खेती और पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट, काजू और कोको की खेती के लिए स्पेशल इंसेटिव दिया जाएगा।
– मछली पालन और मार्केटिंग के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का निर्माण किया जाएगा।
– डेयरी और पशुपालन में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के ‘लिए ‘क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी’ योजना शुरू की जाएगी।
– प्रधानमंत्री किसान सामान निधि योजना के तहत मिलने ‘वाली राशि को 6,000 रुपए सालाना बरकरार रखा गया है। इससे 7.8 करोड़ किसानों को लाभ मिलता रहेगा।
बजट 2026-27 में मेडिकल व हेल्थ से संबंधित
– कैंसर की 77 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। हीमोफीलिया जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी सस्ती होंगी।
– देश में 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS खुलेंगे। झारखंड के रांची और असम के तेजपुर में नेशनल मेंटल हेल्थ केयर की शुरुआत होगी।
– ‘बायोफार्मा शक्ति स्कीम’ के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का ऐलान। इसके जरिए भारत को अगले 5 साल में बायोफार्मा हब बनाया जाएगा।
– भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी: 3 नए नेशनल फार्मास्युटिकल एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनेंगे। इनमें एक लाख से ज्यादा हेल्थ वर्कर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।
– भारत को मेडिकल टूरिज्म बनाने के लिए अलग-अलग राज्यों में 5 रीजनल मेडिकल हब बनेंगे। इसके लिए केंद्र, राज्यों को सपोर्ट करेगा।
– देशभर में जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉंमा सेंटर खोलकर अस्पतालों की कैपेसिटी 50% से ज्यादा बढ़ाई जाएगी।
बजट 2026-27 में रेलवे के लिए
– इस साल रेलवे को कुल 2.81 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। पिछले साल यह बजट 2.55 लाख करोड़ रुपए था। यानी रेलवे बजट में करीब 10% ज्यादा।
– देश में 7 नए हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनेंगे। ये कॉरिडोर मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलिगुडी तक बनेंगे।
बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए
– इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इस बार कुल 2.2 लाख करोड़ रुपए का कैपिटल एक्सपेंडिचर तय किया गया है। यानी पिछले साल से करीब एक लाख करोड़ ज्यादा।
– कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी ऐसे खर्च जिससे लॉन्ग टर्म रेवेन्यू जेनरेट होता है। इसका इस्तेमाल सड़क, ओवर ब्रिज, स्कूल और अस्पताल बनाने जैसे खर्च में होता है।
– माल ढोने के लिए देश में 20 नए वाटरवेज बनेंगे। पश्चिम बंगाल के दानकुनी को सूरत से जोड़ने लिए सरकार नया मालवाहक कॉरिडोर बनाएगी।
ग्रीन एनर्जी
– बैटरी बनाने की मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है।
– अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी।
– इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल सस्ते होंगे। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।
खनिज
– रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाया जाएगा केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
– इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले।
– रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मोटर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।
पर्यटन
– 20 टूरिस्ट प्लेस पर 10 हजार गाइड्स ट्रेंड किए जाएंगे 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,हजार गाइड्स को ट्रेंनिंग दी जाएगी।
– इसके लिए पायलट योजना शुरू की जाएगी।
– हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से ऐसे रास्ते बनाए जाएंगे जो ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए आसान हों।
विदेश में पढ़ाई-इलाज
– 2026-27 में विदेश पैसा भेजने (LRS) पर लगने वाले TCS (टैक्स कलेक्टेड एड सोर्स) को कम करने का ऐलान किया है।
– अब विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा भेजे तो TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
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11. केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार केंद्रीय टैक्स में राज्यों का हिस्सा कितना प्रतिशत रखने के 16वें वित्त आयोग की सिफारिश को मंजूरी दी गई है?
According to the Union Budget 2026-27, what percentage of central taxes has been approved as the states’ share, as recommended by the 16th Finance Commission?
a. 21
b. 31
c. 41
d. 50
Answer: c. 41 (केंद्रीय कर जैसे – इनकम टैक्स, कॉर्पोरेट टैक्स आदि, पहले भी इतना ही था और अब भी)
– 16वें वित्त आयोग (FY 2026-27 से FY 2030-31) ने राज्यों का हिस्सा 41% ही रखने की सिफ़ारिश की थी।
– सरकार ने इस सिफ़ारिश को स्वीकार कर लिया है।
– इसीलिए अब भी राज्यों को टैक्स शेयर के रूप में कुल टैक्स का 41% ही मिलेगा — यानी पहले जैसा ही प्रतिशत।
– हालांकि कई राज्यों ने 50% तक बढ़ाने की मांग की थी।
– गर वित्त आयोग व केंद्र सरकार ने संघीय संतुलन, वित्तीय अनुशासन, और लंबी अवधि के राजकोषीय लक्ष्य के मद्देनज़र पुरानी श्रेणी (41%) ही रहने का निर्णय लिया।
नोट
– GST में राज्य और केंद्र में 50% – 50% बंटवारा होता है।
– 50% केंद्र (CGST)
– 50% राज्य (SGST)
– IGST पहले केंद्र के पास जाता है
– बाद में फॉर्मूले के अनुसार राज्यों में बाँटा जाता है
– 41% वाला नियम सिर्फ “केंद्रीय करों (Divisible Pool)” पर लागू होता है, GST पर नहीं




