यह 18 & 19 मार्च 2026 का करेंट अफेयर्स है। सरकारी नौकरी के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए डेली करेंट अफेयर्स के सवाल-जवाब यहां बता रहे हैं।
1. हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026 के अनुसार दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति कौन है?
According to the Hurun Global Rich List 2026, who is the world’s richest person?
a. जेफ बेजोस
b. एलन मस्क
c. लैरी पेज
d. बर्नार्ड अर्नॉल्ट
Answer: b. एलन मस्क
– हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट, दुनिया के सबसे अमीर लोगों की वार्षिक रैंकिंग है।
– इसे हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट जारी करता है। इसमें अरबपतियों (billionaires) की संपत्ति का आकलन किया जाता है।

2026 की रिपोर्ट
– एलन मस्क लगातार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। संपत्ति लगभग $792 अरब (≈ ₹72 लाख करोड़) है। यह उनका 6 साल में 5वीं बार शीर्ष स्थान है।
टॉप 10 अमीर व्यक्ति
– एलन मस्क, SpaceX – Tesla ($792 अरब)
– जेफ बेजोस, अमेजन ($300 अरब)
– लैरी पेज, अल्फाबेट {गूगल} ($270 अरब)
– लैरी एलिसन, ओरेकल ($267 अरब)
– सर्गेई ब्रिन, अल्फाबेट ($247 अरब)
– मार्क जुकरबर्ग, मेटा प्लेटफॉर्म ($234 अरब)
– बर्नार्ड अनॉल्ट, LVMH ($178 अरब)
– वारेन बफेट, बर्कशेयर हथवे ($173 अरब)
– जेनसेन हुआंग, Nvidia ($172 अरब)
– स्टीव बालमर, माइ्क्रोसॉफ्ट ($159 अरब)
भारत से संबंधित तथ्य
– भारत अरबपतियों की संख्या में शीर्ष देशों में शामिल
– मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बने रहे
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2. केंद्र सरकार ने नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के तहत मार्च 2026 में 23 संस्थानों में क्वांटम लैब स्थापित करने की मंजूरी दी। यह मिशन कब शुरू किया गया था?
The Central Government approved the establishment of quantum labs in 23 institutions by March 2026 under the National Quantum Mission (NQM). When was this mission launched?
a. 2020
b. 2021
c. 2023
d. 2024
Answer: c. 2023
– भारत सरकार ने मार्च 2026 में देशभर के 23 शैक्षणिक संस्थानों में क्वांटम लैब स्थापित करने की मंजूरी दे दी।
– यह मंजूरी नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के तहत दी गई है।
– यह निर्णय भारत को उभरती हुई क्वांटम टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
– इन लैब्स का उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन, सेंसिंग जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षित करना है।
– सरकार भविष्य में 100 और संस्थानों में भी ऐसी लैब स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।

नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के बारे में
– यह भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसकी शुरुआत 2023 में की गई।
– कुल लागत: लगभग ₹6000 करोड़
– अवधि: 2023–2031
– लक्ष्य: क्वांटम टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता, रिसर्च और इंडस्ट्री में इनोवेशन, सुरक्षित संचार (Quantum Key Distribution)
– पहले से IITs और IISc में क्वांटम फेब्रिकेशन फैसिलिट (₹720 करोड़) स्थापित की जा रही हैं।
क्या होती है क्वांटम टेक्नोलॉजी?
– क्वांटम टेक्नोलॉजी ऐसी तकनीक है जो atoms (परमाणु) और sub-atomic particles (इलेक्ट्रॉन, फोटॉन) के अजीब व्यवहार का उपयोग करती है।
– मतलब जहाँ सामान्य टेक्नोलॉजी “नॉर्मल दुनिया” के नियमों पर चलती है, वहीं क्वांटम टेक्नोलॉजी “सूक्ष्म (micro world)” के नियमों पर काम करती है।
क्वांटम टेक्नोलॉजी के 3 मुख्य सिद्धांत
– सुपरपोज़िशन: एक कण एक समय में कई अवस्थाओं में रह सकता है। जैसे एक साथ 0 और 1. जबकि सामान्य सामान्य कंप्यूटर में 0 या 1 (Bit) होता है। एक साथ नहीं।
– एंटैंगलमेंट : दो कण ऐसे जुड़ जाते हैं कि एक बदले तो दूसरा तुरंत बदल जाएगा (दूरी मायने नहीं रखती)
– क्वांटम टनलिंग : कण बाधाओं को “पार” कर सकते हैं, जैसे दीवार के आर-पार निकल जाना
इससे क्या फायदा होगा?
– आज के सुपरकंप्यूटर से भी लाखों गुना तेज़
– दवा खोज, AI, मौसम, स्पेस रिसर्च में क्रांति
– बहुत ज्यादा सटीक माप (GPS, रक्षा, मेडिकल में उपयोग)
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3. राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की नई अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया?
Whom did the President appoint as the new Chairperson of the National Commission for Backward Classes (NCBC)?
a. अनुप्रिया पटेल
b. साध्वी निरंजन ज्योति
c. रेणुका सिंह सरूता
d. दर्शना जरदोश
Answer: b. साध्वी निरंजन ज्योति
– केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) का अध्यक्ष नियुक्त किया।
– उनकी नियुक्ति 18 मार्च 2026 को हुई।
– यह पद 2024 से खाली पड़ा था, उससे पहले हंसराज गंगाराम अहीर इसके चेयरमैन थे।
– यह आयोग अनुच्छेद 338B के तहत एक संवैधानिक निकाय है।
– इसके अध्यक्ष की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
– साध्वी निरंजन ज्योति पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी लीडर हैं।

यह आयोग कैसे अस्तित्व में आया
– दरअसल, भारत में पिछड़े वर्गों (OBCs) का मुद्दा मुख्य रूप से
मंडल कमीशन (1979) से उभरा।
– मंडल कमीशन ने OBC को 27% आरक्षण सहित कई सिफारिश की
– 1990 में V.P. सिंह सरकार ने आरक्षण की सिफारिश को लागू किया
– इसके बाद OBC सूची और विवादों के समाधान के लिए एक संस्था की आवश्यकता महसूस हुई
– इसी के परिणामस्वरूप 1993 में NCBC का गठन हुआ (Statutory body)
NCBC (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग)
– स्थापना: 1993 (NCBC Act, 1993)
– संवैधानिक दर्जा: 102वां संविधान संशोधन, 2018
– संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 338B
– यह एक संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है
– मंत्रालय : यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है
– संरचना – अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और तीन सदस्य। सभी की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है।
प्रमुख कार्य
– OBC सूची में शामिल/हटाने पर सलाह देना
– पिछड़े वर्गों के संवैधानिक सुरक्षा उपायों की निगरानी
– शिकायतों की जांच
– सरकार को नीति संबंधी सुझाव देना
– सामाजिक-आर्थिक विकास पर रिपोर्ट देना
शक्तियाँ
– सिविल कोर्ट जैसी शक्तियाँ (जांच के दौरान)
– यह केवल सलाहकारी भूमिका निभा सकती है। सरकार इसकी सलाह मानने के लिए बाध्य नहीं। इससे प्रभाव कम हो जाता है
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4. भारत सरकार ने मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (MTI) का बेस ईयर 2012-13 से बदलकर क्या कर दिया है?
What has the Government of India changed the base year of the Merchandise Trade Index (MTI) to from 2012-13?
a. 2018-19
b. 2020-21
c. 2021-22
d. 2022-23
Answer: d. 2022-23
– भारत सरकार ने मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (MTI) का बेस ईयर 2012-13 से बदलकर 2022-23 कर दिया है।
मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स क्या होता है?
– मर्चेंडाइज ट्रेड का सरल अर्थ है: देशों के बीच “भौतिक वस्तुओं (Goods)” का आयात और निर्यात। इसमें सेवाएं (IT, बैंकिंग, पर्यटन) शामिल नहीं होतीं।
– यह इंडेक्स भारत के निर्यात (Export) और आयात (Import) की कीमतों (Unit Value) और मात्रा में बदलाव को मापता है।
– इसे DGCI&S (वाणिज्य मंत्रालय) तैयार करता है।
– यह देश के बाह्य क्षेत्र (External Sector) की स्थिति समझने में मदद करता है।

बेस ईयर बदलने का मतलब क्या है?
– Base Year = वह साल जिससे तुलना की जाती है (जिसे 100 माना जाता है)
– अब 2022-23 = 100 मानकर आगे के डेटा को मापा जाएगा
– पहले 2012-13 पुराना हो चुका था, इसलिए नया आधार वर्ष जरूरी था।
बदलाव क्यों किया गया?
– सरकार ने यह बदलाव इसलिए किया क्योंकि अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव (Structural Changes) आए हैं
– नए उत्पाद (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग) बढ़े हैं
– ग्लोबल ट्रेड पैटर्न बदल गए हैं
– पुराना बेस ईयर वर्तमान स्थिति को सही तरीके से नहीं दिखा रहा था
क्या-क्या सुधार किए गए?
– नए कमोडिटी (वस्तु) बास्केट जोड़े गए
– वेट (Weight) अपडेट किया गया (अब 2022-23 के ट्रेड डेटा पर आधारित)
– मेथडोलॉजी में सुधार
– विभिन्न प्रकार के इंडेक्स: एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट यूनिट वैल्यू इंडेक्स, क्वांटीटी इंडेक्स (मात्रा सूचकांक) और व्यापार की शर्तें (सकल, शुद्ध, आय)
इसका महत्व क्या है?
– GDP में रियल एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट निकालने में उपयोग
– RBI द्वारा Balance of Payments विश्लेषण में उपयोग
– सरकार को नीति बनाने में मदद
– अर्थव्यवस्था की सही और अपडेट तस्वीर देता है
भारत में प्रमुख सूचकों के नए बेस ईयर
– GDP : नया 2022–23, पुराना 2011–12
– IIP (Index of Industrial Production): नया 2022–23, पुराना 2011–12
– CPI (Consumer Price Index): नया 2024, पुराना 2012
– WPI (Wholesale Price Index): वर्तमान: 2011–12, Revision जारी है (संभावित 2022–23)
– MTI (Merchandise Trade Index): नया 2022–23, पुराना 2012–13
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5. भारत में IIP (Index of Industrial Production) का नया आधार वर्ष क्या है?
What is the new base year for the IIP (Index of Industrial Production) in India?
a. 2011–12
b. 2012–13
c. 2020–21
d. 2022–23
Answer: d. 2022–23
– भारत सरकार ने IIP (औद्योगिक उत्पादन सूचकांक) का बेस ईयर 2012-13 से बदलकर 2022-23 कर दिया है।

IIP क्या है?
– IIP का पूरा नाम औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production) है
– यह देश के औद्योगिक उत्पादन (Industrial Output) को मापता है
– इसे जारी करता है: MOSPI (Ministry of Statistics and Programme Implementation)
IIP के मुख्य सेक्टर
– Mining (खनन)
– Manufacturing (विनिर्माण) (सबसे ज्यादा वेटेज)
– Electricity (बिजली)
Base Year बदलने का कारण
– नई अर्थव्यवस्था में नए उद्योग/उत्पाद शामिल करना
– उत्पादन संरचना में बदलाव
– अधिक सटीक और अपडेटेड डेटा
नोट
– आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण, खनन, बिजली और उपभोक्ता-उन्मुख क्षेत्रों में व्यापक मंदी के कारण जनवरी 2026 में भारत की औद्योगिक गतिविधि तीन महीने के निचले स्तर 4.8% पर आ गई।
– जबकि दिसंबर 2025 में यह 8% था।
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6. राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस कब मनाया जाता है?
When is National Vaccination Day celebrated?
a. 17 मार्च
b. 16 मार्च
c. 15 मार्च
d. 14 मार्च
Answer: b. 16 मार्च
– पूरे देश में टीकाकरण के महत्व को बताने के लिए ये दिवस मनाया जाता है।
– राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पहली बार 16 मार्च 1995 को मनाया गया था।
– वर्ष 1995 में भारत ने पल्स पोलियो कार्यक्रम शुरू किया और ओरल पोलियो वैक्सीन की पहली खुराक दी।
– भारत से पोलियो को जड़ ख़त्म करने का अभियान पल्स पोलियो कैम्पेन के ज़रिए भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था।
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7. वैश्विक पुनर्चक्रण दिवस (Global Recycling Day) कब मनाया जाता है?
When is the Global Recycling Day celebrated?
a. 16 मार्च
b. 17 मार्च
c. 18 मार्च
d. 19 मार्च
Answer: c. 18 मार्च
2026 की थीम
– बर्बादी मत सोचो – अवसर सोचो
– Don’t Think Waste – Think Opportunity
रीसाइक्लिंग क्या है:
– यह मुख्य रूप से उपयोग की गई वस्तुओं को फिर से उपयोग योग्य बनाने या इसे इकोफ्रेंडली तत्वों में तबदीक करने की प्रक्रिया है।
– इसके तहत रीसाइक्लिंग योग्य अपशिष्ट पदार्थों को वापस कच्चे माल में बदल देता है जिसे बनाया जा सकता है।
– कचरे को लैंडफिल से बाहर रखने के लक्ष्य को पूरा करते हुए। नई वस्तुओं या उत्पादों को बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। रीसाइक्लिंग के तीन मुख्य चरण हैं. अपशिष्ट पदार्थों को इकट्ठा करना है. उन्हें नए उत्पादों में बदलना और उन उत्पादों को खरीदना ताकि उन्हें बाद में रीसाइक्लिंग किया जा सके।
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8. भारत के किस नेविगेशन सिस्टम के सैटेलाइट IRNSS-1F की परमाणु घड़ी फेल हो गई, जिससे देसी GPS को संकट का सामना करना पड़ा?
The atomic clock on which satellite of India’s navigation system failed, causing the indigenous GPS to face a crisis? (IRNSS-1F)
a. GPS
b. GLONASS
c. NavIC
d. Galileo
Answer: c. NavIC
– भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली NavIC एक नए तकनीकी संकट का सामना कर रही है।
– 13 मार्च 2026 को IRNSS-1F उपग्रह का परमाणु घड़ी (Atomic Clock) फेल हो गई, जिससे उसकी पोजिशनिंग कैपेसिटी समाप्त हो गई। हालांकि तीन अन्य सैटेलाइट हैं, लेकिन वे सटीक पोजिशनिंग नहीं दे पा रहे हैं।
– हालांकि, यह उपग्रह अभी भी सीमित रूप से वन-वे मैसेजिंग सर्विस प्रदान कर सकता है।

NavIC
– NavIC (Navigation with Indian Constellation), जिसका आधिकारिक नाम IRNSS (Indian Regional Navigation Satellite System) है, भारत का क्षेत्रीय GPS सिस्टम है।
– इसमें कुल 7 उपग्रहों का समूह शामिल है, जो भारत और इसके आसपास लगभग 1500 किमी क्षेत्र को कवर करता है तथा लगभग 10 मीटर की सटीकता प्रदान करता है।
– यह अमेरिकी GPS से अलग है, क्योंकि GPS वैश्विक है, जबकि NavIC भारत-केंद्रित उच्च सटीकता देता है।
कैसे विचार आया
– इस प्रणाली की शुरुआत का विचार 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान आया, जब भारत को GPS डेटा देने से मना कर दिया गया।
– इसके बाद 2006 में सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी और 2013–2016 के बीच उपग्रहों के प्रक्षेपण के बाद 2016 में इसे operational घोषित किया गया।
एटोमिक क्लॉक
– NavIC की कार्यप्रणाली में Atomic Clock सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
– यह घड़ी अत्यंत सटीक समय मापती है, जिसके आधार पर दूरी और लोकेशन की गणना की जाती है।
– यदि समय में मामूली त्रुटि भी हो जाए, तो लोकेशन में सैकड़ों मीटर का अंतर आ सकता है। यही कारण है कि Atomic Clock को नेविगेशन सिस्टम का “दिल” कहा जाता है।
– वर्तमान संकट का मुख्य कारण बार-बार होने वाले Atomic Clock फेलियर, पुराने होते उपग्रह, और समय पर replacement न होना है।
– इससे पहले IRNSS-1A के सभी क्लॉक फेल हो चुके हैं, और अब IRNSS-1F का अंतिम कार्यशील क्लॉक भी बंद हो गया है।
कैसे काम करता है एटॉमिक क्लॉक
– परमाणु घड़ी समय को “मशीन” से नहीं, बल्कि atoms (परमाणु) के vibration (कंपन) से मापता है।
– हर atom एक निश्चित फ्रिक्वेंसी पर vibration करता है
– यह फ्रिक्वेंसी कभी बदलती नहीं (बहुत स्थिर होती है)
क्यों जरूरी
– भारत के लिए NavIC का महत्व अत्यधिक है—चाहे वह मिसाइल गाइडेंस, सैन्य नेविगेशन, या आपदा प्रबंधन हो।
– भविष्य में ISRO स्वदेशी Atomic Clocks और नई NVS सीरीज के उपग्रहों के माध्यम से इस प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
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9. ट्रंप ने किस जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए सहयोगी देशों के साथ-साथ चीन से भी युद्धपोत भेजने की अपील की, जिसे अधिकांश देशों ने अस्वीकार कर दिया?
Which strait did Trump appeal to allied nations—as well as China—to send warships to help reopen, a request that was rejected by most countries?
a. मलक्का जलडमरूमध्य
b. जिब्राल्टर जलडमरूमध्य
c. होर्मुज जलडमरूमध्य
d. बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य
Answer: c. होर्मुज जलडमरूमध्य
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बारे में
– होर्मुज जलडमरूमध्य एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) से जोड़ता है।
– कुल चौड़ाई लगभग 33 किमी है। नौवहन (shipping lane) केवल ~3 किमी प्रति दिशा है।
– होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जिसके माध्यम से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
– दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20–25% यहीं से गुजरता है।
– प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल और LNG टैंकर यहां से गुजरते हैं

अमेरिका ने सहयोग क्यों मांगा
– 2026 में अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान इस मार्ग में बाधा उत्पन्न हो गई, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ा।
– इस स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोपीय देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया तथा चीन से इस जलडमरूमध्य को सुरक्षित और खुला रखने हेतु नौसेना सहयोग मांगा।
– हालांकि, अधिकांश देशों ने इस सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाई। इसके पीछे प्रमुख कारण थे।
सबने क्यों मना कर दिया
– क्षेत्रीय संघर्ष में उलझने का जोखिम
– अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा
– युद्ध के विस्तार की आशंका
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10. वैश्विक नारियल उत्पादन में कितने प्रतिशत योगदान के साथ भारत दुनिया में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है?
With what percentage contribution to global coconut production is India the world’s largest producer of coconuts?
a. 30.37%
b. 25.45%
c. 20.68%
d. 15.85%
Answer: a. 30.37%
– संसद के बजट सत्र के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में इसके बारे में जानकारी दी।
तथ्य
– वैश्विक नारियल उत्पादन में 30.37% के योगदान के साथ भारत दुनिया में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है।
– विश्व स्तर पर, नारियल की खेती लगभग 12,390 हज़ार हेक्टेयर जमीन पर होती है, जिसमें से भारत का हिस्सा लगभग 2,165.20 हजार हेक्टेयर है।
– देश हर साल लगभग 21,373.62 मिलियन (2.13 हजार करोड़) नारियल का उत्पादन करता है।
– इसकी औसत उत्पादकता लगभग 9,871 नारियल प्रति हेक्टेयर है, जो देश के कृषि उत्पादन में इस फसल के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
– लगभग 3 करोड़ लोग, जिनमें लगभग एक करोड़ किसान शामिल हैं, अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं।
‘नारियल संवर्धन योजना’
– भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में ‘नारियल संवर्धन योजना’ की घोषणा की है।
– इस योजना का उद्देश्य देश के प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में नारियल उत्पादन की प्रतिस्पर्धात्मकता को और बढ़ाने के लिए, पुराने और कम उत्पादक पेड़ों की जगह नए पौधे/किस्में लगाकर उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना है।
– यह पहल उच्च-मूल्य वाली कृषि के लिए आवंटित ₹350 करोड़ की बड़ी धनराशि का एक हिस्सा है, जिसमें नारियल, काजू और कोको शामिल हैं।
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11. भारत में फरवरी 2026 में खुदरा महंगाई दर कितनी रही?
What was the retail inflation rate in India in February 2026?
a. 1.25%
b. 1.33%
c. 3.2%
d. 2.75%
Answer: c. 3.2%
– भारत की CPI आधारित खुदरा महंगाई (Retail Inflation) फरवरी 2026 में बढ़कर 3.2% हो गई।
– यह पिछले 10 महीनों का उच्चतम स्तर है।
– जनवरी 2026 में यह दर लगभग 2.7–2.8% के आसपास थी, यानी स्पष्ट वृद्धि दर्ज हुई।
– महंगाई बढ़ी है, लेकिन नियंत्रण में है!
– नए आधार वर्ष पर आधारित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का दूसरा आंकड़ा मार्च 2026 को जारी किया गया।
– कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) का नया आधार वर्ष (बेस ईयर) 2024 है।

वृद्धि के प्रमुख कारण
– खाद्य पदार्थों (Food items) की कीमतों में बढ़ोतरी
– तंबाकू (Tobacco) श्रेणी में महंगाई
खुदरा महंगाई दर की रिपोर्ट कौन जारी करता है?
– NSO (नेशनल स्टैटिस्टकल ऑफिस) {राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय}
– यह Ministry of Statistics and Programme Implementation (सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियांवयन मंत्रालय) के अंतर्गत है।
कैसे तय होती है खुदरा महंगाई दर
– यह कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से तय होता है।
– इसमें खाद्य सामग्री, फल, कपड़े, जूते, घर, ईंधन, बिजली और अन्य की महंगाई की गणना की जाती है।
– एक ग्राहक के तौर पर आप और हम रिटेल मार्केट से सामान खरीदते हैं। इससे जुड़ी कीमतों में हुए बदलाव को दिखाने का काम कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI करता है। हम सामान और सर्विसेज के लिए जो औसत मूल्य चुकाते हैं, CPI उसी को मापता है।
RBI द्वारा तय महंगाई सीमा
– RBI द्वारा निर्धारित महंगाई सीमा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर 4 प्रतिशत है। हालांकि इसमें दो प्रतिशत घट या बढ़ सकता है।
– इस तरह 2 प्रतिशत से कम महंगाई और 6 प्रतिशत से अधिक महंगाई देश के आर्थिक विकास के लिए ठीक नहीं है।
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12. फरवरी 2026 में थोक महंगाई दर कितनी रही?
What was the wholesale inflation rate in February 2026?
a. 0.83%
b. 1.81%
c. 2.13%
d. 2.21%
Answer: c. 2.13%
– भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI – Wholesale Price Index) आधारित महंगाई फरवरी 2026 में 2.13% रही।
– यह पिछले 11 महीनों का उच्चतम स्तर है।
– जनवरी 2026 में यह लगभग 1.8% थी, यानी लगातार वृद्धि।
वृद्धि के कारण
– कच्चे तेल (Crude oil) की कीमतों में वृद्धि, आगे और महंगाई बढ़ने की आशंका
– गैर-खाद्य वस्तुएं (Non-food articles) महंगी
– खाद्य पदार्थों (Food items) की कीमतों में वृद्धि
– यह आगे चलकर यह CPI (Retail inflation) को भी प्रभावित कर सकता है
थोक महंगाई दर की रिपोर्ट किसने जारी की
– Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT)
– यह Ministry of Commerce and Industry के अंतर्गत है।
(नोट – खुदरा महंगाई दर NSO जारी करता है।)
थोक महंगाई दर क्या होती है?
– यह महंगाई दर, थोक मूल्य सूचकांक (WPI – होलसेल प्राइस इंडेक्स) के आधार पर तैयार होती है।
– होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) या थोक मूल्य सूचकांक का मतलब उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है।
– ये कीमतें थोक में किए गए बिजनेस से जुड़ी होती हैं।
(नोट – खुदरा महंगाई दर, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स से तय होता है)



